मेडिकल लोन: प्रक्रिया, लाभ, जोखिम इत्यादि (Medical loan in Hindi)

Medical loan in hindi

मेडिकल लोन (medical loan) को आवश्यक चीज़ माना जाता है, जो किसी भी व्यक्ति के मेडिकल खर्चों को कम कर उसे किसी भी बीमारी का इलाज कराने में सहायता करता है।
इसी कारण, ज्यादातर लोग इसे समय रहते खरीद लेते हैं और जब मेडिकल बिल का भुगतान करने का बात आती है, तो उनमें अक्सर पछताना पड़ता है।
अब, आपके मन में यह सवाल ज़रूर आया होगा कि जब मेडिकल लोन मेडिकल खर्चों को कम करता है, तो लोगों को इसे लेने पर पछताना क्यों पड़ता है? आपके मन में यह सवाल आना स्वाभाविक है क्योंकि आए दिन ऐसे मामले देखने को मिलते हैं, जब मेडिकल लोन के साइड इफेक्ट्स बाद में सामने आते हैं।

अत: किसी भी व्यक्ति को मेडिकल लोन को लेने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए ताकि उसे बाद भी किसी तरह का अफसोस न हो।

यदि आप भी मेडिकल लोन से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको इस लेख को ज़रूर पढ़ना चाहिए।

मेडिकल लोन क्या है? (what is medical loan? In Hindi)

जब कोई व्यक्ति अपना इलाज कराने जाता है, तो वह जिस माध्यम से अपने मेडिकल बिलों को चुकाता है, उसे मेडिकल लोन कहा जाता है।
आमतौर पर, मेडिकल लोन पर्सनल लोन का हिस्सा होता है, जिसका इस्तेमाल मेडिकल संबंधी कई सारे खर्चों जैसे दवाई, अस्पताल में भर्ती होना, एंबुलेंस इत्यादि के बिलों को चुकाने के लिए किया जाता है।

मेडिकल लोन किन लोगों को मिल सकता है? (eligibility of medical loan in Hindi)

मेडिकल लोन देने से पहले अलग-अलग बैंकों, संस्थानों, कंपनियों इत्यादि के अपने-अपने नियम होते हैं।
अत: किसी भी व्यक्ति को मेडिकल लोन का आवेदन करने से पहले उन नियमों को अच्छी तरह से पढ़ लेना चाहिए ताकि उसकी लोन आवेदन अस्वीकार न हो।
सामान्य रूप से मेडिकल लोन ऐसे व्यक्ति को मिल सकता है, जो इन 5 शर्तों पर खरा उतरता है-

  • उम्र का 21 से अधिक होना- मेडिकल लोन पाने की सबसे पहली शर्त 21 से अधिक होना है।
    अत: यदि किसी व्यक्ति को मेडिकल लोन लेना है तो उसका 21 साल से अधिक होना चाहिए।
  • पता का प्रमाण होना- उम्र के अलावा मेडिकल लोन लेने के लिए पता का प्रमाण (address proof) होना भी काफी महत्वपूर्ण है।
    यदि कोई व्यक्ति किराए गए घर में रहता है तो उस स्थिति में उसे रेंट एग्रीमेंट देना होता है ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि वह कानूनी तरीके से वहां रहता है।
  • वेतन प्रमाण पत्र होना (यदि किसी संस्थान में काम करते हैं)- यदि कोई कामकाजी शख्स मेडिकल लोन के लिए आवेदन करना चाहता है तो उसे अपना कम से कम 3 महीनों का वेतन प्रमाण पत्र (salary slip) देना होता है।
    उसकी सैलरी स्लिप से इंशोरेंस कंपनी इस बात की पुष्टि करती हैं कि उसकी इतनी आय है कि ऋण राशि को चुका सकेगा।
  • अच्छा सिबिल स्कोर होना- किसी भी तरह के लोन को लेने में सिबिल स्कोर काफी अहम भूमिका निभाता है, जो लोन लेने वाले व्यक्ति की देय योग्यता (Payable qualification) को अभिव्यक्त करता है।
    यह चीज मेडिकल लोन में भी लागू होती है, जिसका ध्यान मेडिकल लोन लेने से पहले सभी लोगों को रखना चाहिए।
  • आवश्यक दस्तावेज़ों का होना- मेडिकल लोन मुख्य रूप से ऐसे ही व्यक्ति को दिया जाता है, जिसके पास आवश्यक दस्तावेज़ जैसे पेन कार्ड,आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट (पिछले 6 महीने का) इत्यादि होते हैं।

मेडिकल लोन की प्रक्रिया क्या है? (Procedure of medical loan in Hindi)

आमतौर पर,लोग मेडिकल लोन लेने को सिरदर्द मानते हैं, जिसके कारण वे इसे लेने से बचते हैं। लेकिन, यह सच नहीं है क्योंकि कोई व्यक्ति मेडिकल लोन कुछ आसान स्टेप को पूरा करके प्राप्त कर सकता है, जो इस प्रकार हैं-

  • आवेदन पत्र को भरना- मेडिकल लोन के लिए आवेदन करने का सबसे पहला कदम आवेदन पत्र (application form) को भरना है।
    इस आवेदन पत्र में मेडिकल लोन लेने वाले शख्स को अपनी व्यैक्तिक (personal) और व्यावसायिक (professional) जानकारी देनी होती है।
  • आवश्यक दस्तावेज़ों को जमा करना- आवेदन पत्र को भरने के बाद मेडिकल लोन के इच्छुक व्यक्ति को आवश्यक दस्तावेज़ जमा या अपलोड करने होते हैं।
  • कंफर्म कॉल का जवाब देना- आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने के साथ ही मेडिकल लोन का आवेदन पत्र जमा हो जाता है और फिर कंपनी की तरफ से मेडिकल लोन लेने वाले व्यक्ति को कॉल की जाती है।
    इस कॉल को करने का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की जानकारी को कंफर्म करना है ताकि इस बात की पुष्टि की जाए कि आवेदन पत्र में दर्ज की गई सभी जानकारी सही हैं।
  • पैसों का अस्पताल के खाते में आना- कंफर्म कॉल के बाद लोन की राशि को अस्पताल के खाते में जमा कर दिया जाता है।
  • मेडिकल बिल का भुगतान करना- जैसे ही लोन का पैसा अस्पताल के खाते में आ जाता है, वैसे ही बीमारी का इलाज कराने अस्पताल में आए व्यक्ति का मेडिकल बिल चुक जाता है।

मेडिकल लोन के लाभ क्या हैं? (Benefits of Medical loan in Hindi)

Benefits if medical loan
Benefits if medical loan

यकीनन रूप से बहुत सारे लोग मेडिकल लोन को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि इसके काफी सारे लाभ होते हैं, जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं-

  • मेडिकल बिलों का भुगतान करना- जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि मेडिकल लोन का इस्तेमाल मेडिकल बिलों का भुगतान करने के लिए किया जाता है।
    इस प्रकार, यह महंगे मेडिकल बिलों को चुकाने का आसान तरीका है।
  • पैसों की कमी न होना- अक्सर, जब हम लोग अस्पताल में किसी बीमारी का इलाज कराने जाते हैं, तो हमारा मेडिकल बिल काफी महँगा आ जाता है।
    इसके कारण, हमें पैसों की कमी से गुजरना पड़ता है, लेकिन इस कमी को मेडिकल लोन के द्वारा दूर किया जा सकता है और मेडिकल बिल को आसानी से चुकाया जा सकता है।
  • ब्याज दर का कम होना- हालांकि, ज्यादातर बीमा कंपनियां अधिक ब्याज पर मेडिकल लोन देते हैं।
    मगर, LetsMD मानक फाइनेंस कंपनी अपने ग्राहकों को 0% की ब्याज दर पर मेडिकल लोन देती है।
  • ऑनलाइन प्रोसेस का होना- जब से ऑनलाइन का ज़माना आया है, तब से लोगों के लिए मेडिकल लोन काफी आसान काम हो गया है।
  • तुरंत पैसों का मिलना- मेडिकल लोन प्रक्रिया का ऑनलाइन होने के कारण लोगों को तुरंत पैसा मिल जाता है, जिसकी वजह से वे कम समय में ही अपना मेडिकल बिल चुका सकते हैं।

मेडिकल लोन के जोखिम क्या हो सकते हैं? (Risks of medical loan in Hindi)

हालांकि, मेडिकल लोन का लाभ काफी सारे लोगों को मिला है, लेकिन इसके बावजूद किसी भी व्यक्ति के लिए मेडिकल लोन लेने से पहले इसके संभावित जोखिम की जानकारी प्राप्त कर लेना चाहिए ताकि उसे भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस प्रकार, यदि कोई व्यक्ति मेडिकल लोन लेता है, तो उसे मुख्य रूप से इन 4 जोखिम का सामना करना पड़ सकता है-

  • सभी बीमारियों का पॉलिसी में शामिल न होना- हालांकि, मेडिकल लोन का इस्तेमाल मेडिकल बिल का भुगतान करने के लिए किया जाता है।
    लेकिन, कुछ मेडिकल पॉलिसी ऐसी भी होती हैं, जिनमें कुछ गंभीर बीमारियाँ जैसे कैंसर या सर्जरी इत्यादि का खर्च शामिल नहीं होता है।
    ऐसी स्थिति में लोगों को अपनी जेब से ऐसी बीमारियों का मेडिकल बिल चुकाना होता है। लेकिन, LetsMD से मेडिकल लोन में लोगों को ऐसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है क्योंकि इसमें सभी बीमारियों, सर्जरी, ऑपरेशन इत्यादि के मेडिकल बिल शामिल हैं, जिसकी वजह से इसे कराने वाले लोगों को अपनी जेब से पैसे देने की जरूरत नहीं है।
  • वेटिंग पीरियड (प्रतीक्षा अवधि) का अधिक होना- हालांकि, बहुत सारे लोग मेडिकल लोन अपने मेडिकल खर्चों को कम करने के लिए लेकिन कई बार उन्हें मेडिकल लोन के लिए काफी इंतज़ार करना पड़ता है।
    ऐसा उनके अधिक वेटिंग पीरियड होने के कारण होता है।
    लेकिन, LetsMD में वेटिंग पीरियड की परेशानी नहीं होती है क्योंकि यदि कोई व्यक्ति LetsMD में मेडिकल लोन का आवेदन करता है, तो उसे पैसा मात्र 5 मिनट में ही मिल जाता है, जिसकी वजह से वह अपने मेडिकल बिल को तुरंत चुका सकता है।
  • पुर्नभुगतान अवधि का कम होना- ज्यादातर बीमा कंपनियां लोगों को मेडिकल लोन वापस लौटाने के लिए काफी कम समय देती हैं, जिसकी वजह से कुछ लोगों के लिए उस पैसों को लौटाने में परेशानी होती है।
    लेकिन, LetsMD अपने ग्राहकों को मेडिकल लोन के पैसे को लौटाने के लिए पर्याप्त समय (24 महीनों तक) देता है, ताकि वे इस अवधि में ऋण राशि चुका सकें।
    इसके अलावा, यदि कोई शख्स 24 महीनों से पहले भी ऋण राशि लौटा देता है, तो उस स्थिति में LetsMD उस पर अतिरिक्त जुर्माना (extra charge) नहीं लगाती है।
  • अस्पताल के सभी बिलों का पॉलिसी में शामिल न होना- आमतौर पर, मेडिकल लोन को बीमारियों के मेडिकल बिलों को चुकाने के माध्यम के रूप में देखा जाता है।
    इसकी वजह से, लोगों को अस्पताल के बिल जैसे भर्ती, खाना, एंबुलेंस इत्यादि का भुगतान अपनी जेब से करना पड़ता है।
    इसकी वजह से उन्हीं आर्थिक बोझ (economic burden) से जुझना पड़ता है, लेकिन LetsMD से मेडिकल लोन में ये सभी बिल शामिल होते हैं, जिसकी वजह से लोगों मेडिकल लोन से इन बिलों को भी चुका सकते हैं।

वर्तमान समय में काफी सारी बीमारियाँ फैल रही हैं, जिनका इलाज कराना किसी भी व्यक्ति के लिए काफी मुश्किल हो जाता है।
ऐसा बीमारी के मेडिकल बिलों के कारण होता है, जिसे चुकाना सभी लोगों (विशेष रूप से मध्यम वर्ग) के लिए आसान नहीं होता है।

ऐसी स्थिति में उसे ऐसे किसी मध्यम की जरूरत होती है, जिसके माध्यम से वह इन बिलों को चुका सके।
उसी माध्यम के रूप में मेडिकल बिल कार्य करता है मगर कई बार यही माध्यम लोगों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
इसी कारण, सभी लोगों के लिए मेडिकल लोन की पूर्ण जानकारी प्राप्त करना महत्वपूर्ण बन जाता है।
इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपको इस लेख को पढ़कर मेडिकल लोन से जुड़ी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी।

सबसे अधिक पूछे जाने वाले सवाल (FAQ’S)

Q1. मेडिकल लोन के लिए कैसे Apply किया जा सकता है?
Ans- मेडिकल लोन के लिए Apply कराना काफी आसान है, इसके लिए LetsMD की वेबसाइट पर जाएं,वहां आवेदन पत्र को भरे और फिर मेडिकल लोन पाएं।

Q2. सर्जरी के लिए मेडिकल लोन कैसे लिया जा सकता है?
Ans- यदि किसी व्यक्ति को सर्जरी के लिए मेडिकल लोन चाहिए, तो वह इसके लिए LetsMD के संपर्क करके सर्जरी को आसानी से करा सकता है।

Q4. मेडिकल लोन प्राप्त करने के लिए कौन-से आवश्यक दस्तावेज़ होने चाहिए?
Ans- LetsMD से मेडिकल लोन लेने के लिए पेन कार्ड,आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट (पिछले 6 महीने का) होना अनिवार्य है।

Q5. क्या मैं सर्जरी के लिए मेडिकल लोन ले सकता हूं?
Ans- जी हां, आप LetsMD से किसी भी तरह की सर्जरी के लिए मेडिकल लोन ले सकते हैं।

Q6. मेडिकल लोन मिलने में कितना समय लगता है?
Ans- मेडिकल लोन आवेदन की सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के तकरीबन 2 घंटे बाद मेडिकल लोन अस्पताल के खाते में चला जाता है, जिसका लाभ मेडिकल लोन का आवेदन करने वाले व्यक्ति को मिलता है।

Q7. मेडिकल लोन के क्या जोखिम हो सकते हैं?
Ans- हालांकि, मेडिकल लोन मेडिकल खर्चों को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है, लेकिन इसके बावजूद इसके कुछ जोखिम भी होते हैं, जिनकी जानकारी मेडिकल लोन के लिए आवेदन करने वाले लोगों को होनी चाहिए।
इनमें पुर्नभुगतान (पैसा लौटाना) की अवधि का कम होना, अस्पताल के सभी बिलों का पॉलिसी में शामिल न होना इत्यादि शामिल हैं।

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