गले में खराश: लक्षण, कारण, उपचार इत्यादि (Sore Throat in Hindi)

What is Sore throat? in Hindi

गले में खराश (Sore throat) की समस्या किसी भी व्यक्ति को हो सकती है। आमतौर पर, इसे मौसम के बदलने का संकेत माना जाता है, जो कुछ समय के बाद खुद ही ठीक हो जाती है।
लेकिन, इसके बावजूद कुछ लोगों के लिए गले में खराश काफी तकलीफदेह साबित हो जाती है और उन्हें इससे बार-बार जुझना पड़ता है।

इसी कारण,उन्हें गले की इस समस्या की पूर्ण जानकारी की तलाश रहती है, ताकि वे इससे हमेशा के लिए निजात पा सकें।
हो सकता है आप में से कुछ लोगों को इस बात पर विश्वास न हो कि गले में खराश (Sore throat) को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
इसी कारण, आप इसका कोई कारगर इलाज कराना की कोशिश नहीं करती है, जो कई सारी हेल्थ प्रॉब्लम को न्यौता दे देता है।

क्या आप गले में खराश के बारे में पूरा जानते हैं? यदि हां, तो क्या आप इसे जड़ से खत्म करने का कोई तरीका बता सकते हैं? नहीं, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस लेख को पढ़ने के बाद आप ऐसे ही सवालों के उत्तर बेझिझक दे पाएँगें।

गले में खराश क्या होता है? (What is sore throat? in Hindi)

जब किसी व्यक्ति को निगलने में, पानी पीने के समय, इत्यादि कामों को करते समय गले में दर्द होता है, तो उसे गले में खराश कहा जाता है।
आमतौर पर, गले में खराश को गले का दर्द भी कहा जाता है, तो सर्दी लगने या जुखाम के कारण हो सकता है।
हालांकि, गले में खराश गरारे करने या अन्य तरीके को अपनाने से ठीक हो जाता है, लेकिन जब यह समस्या इन तरीकों से भी ठीक न हो तो यह गंभीर समस्या साबित हो सकती है, जिसकी वजह से कुछ लोगों को बोलने या कुछ खाने में परेशानी हो सकती है।

गले में खराश के प्रकार क्या हो सकते हैं? (Types of sore throat in Hindi)

गले में खराश(Sore throat) मुख्य रूप से 2 प्रकार की हो सकती हैं, जो इस प्रकार हैं-

  • वायरल थ्रोट- जब किसी व्यक्ति को गले में खराश किसी वायरल के कारण होती है, तो उसे वायरल थ्रोट कहा जाता है।
    इस तरह के गले में खराश की शुरूआत सर्दी लगने के साथ होती है, जो कुछ समय के बाद बुखार का रूप ले लेता है।
  • बैक्टीरिया थ्रोट- इसके अलावा, कुछ गले में खराश बैक्टीरिया के संपर्क में आने से होता है।
    ऐसी स्थिति में, एंटिबायोटिक दवाईयां लेना कारगर साबित हो सकता है, जिससे बैक्टीरिया थ्रोट को ठीक किया जा सकता है।

गले में खराश के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Sore throats in Hindi)

Symptoms of sore throat in hindi
Symptoms of sore throat – in Hindi

गले में खराश (Sore throat) ऐसी समस्या है, जिसके काफी साधारण लक्षण होते हैं।
इसी कारण, किसी भी व्यक्ति को इन 5 लक्षणों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि ये गले में खराश के संकेत हो सकते हैं-

  • गले में खिंचाव होना- गले में खराश का प्रमुख लक्षण गले में खिंचाव होना है।
    आमतौर पर, लोग इस पर ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन यह गले में खराश का रूप ले सकती है, जिसकी वजह से उन्हें काफी सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • गले में जलन होना- यदि किसी शख्स को गले में जलन होती है, तो उसे इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह गले में खराश का लक्षण हो सकता है।
  • मुंह के अंदरूनी हिस्से में लाल दब्बे होना- अक्सर, गले में खराश की शुरूआत मुंह के अंदरूनी हिस्से में लाल दब्बे के साथ होती है।
    आमतौर पर, लोग इस मुंह के छाले समझने की गलती करते हैं, लेकिन उन्हें किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले डॉक्टर सलाह ले लेनी चाहिए क्योंकि यह गले में खराश का संकेत हो सकता है।
  • हल्की खांसी होना- कई बार, गले में खराश के लक्षण हल्की खांसी के रूप में भी सामने आते हैं।
    इसी कारण, किसी भी शख्स को हल्की खांसी को गंभीरता से लेना चाहिए और उसकी जांच डॉक्टर से करानी चाहिए।
  • गले की ग्रंथि में सूजन होना- गले में खराश के कुछ मामले सामने आते हैं, जिनमें इसकी शुरूआत गले की ग्रंथि की सूजन के साथ होती है।
    यदि किसी व्यक्ति को गले की ग्रंथि में सूजन की शिकायत है, तो उसे इसका पूरा इलाज कराना चाहिए ताकि उसे गले में खराश की समस्या न हो।

गले में खराश के कारण क्या हैं? (What are the Causes of sore throat? in Hindi)

गले में खराश की समस्या कई सारे कारणों से हो सकती है, जिनमें से मुख्य कारण निम्नलिखित हैं-

  • जुखाम होना- गले में खराश का सामान्य कारण जुखाम होना है। अक्सर, लोग जुखाम के लिए कोई इलाज नहीं कराते हैं क्योंकि वे इसे सामान्य समस्या समझते हैं, लेकिन कई बार यह किसी गंभीर समस्या की दस्तक हो सकती है।
    इसी कारण, किसी भी शख्स को जुखाम का इलाज सही तरीके से कराना चाहिए ताकि उसे गले में खराश न हो।
  • फ्लू होना- गले में खराश होने की संभावना उन लोगों में अधिक रहती है, जो किसी तरह के फ्लू से पीड़ित है।
    ऐसे लोगों को फ्लू का पूरा इलाज कराना चाहिए ताकि उसे गले में खराश होने की संभावना कम रहे।
  • इंफेक्शन होना- अक्सर, गले में खराश इंफेक्शन का नतीजा भी हो सकता है। हालांकि, इंफेक्शन का इलाज एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन करके संभव है।
    लेकिन फिर भी लोगों को खुद को किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचाने की कोशिश करनी चाहिए ताकि उनकी सेहत ज्यादा खराब न हो।
  • एलर्जी होना- गले की खराश एलर्जी से पीड़ित लोगों को भी हो सकती है।
    अत: ऐसे लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि उसे कोई गंभीर बीमारी न हो।
  • स्मॉग होना- जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि आज के दौर में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, ऐसे में इससे लोगों को काफी स्वास्थ संबंधी कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
    इनमें गले में खराश भी शामिल है, जो कुछ समय के बाद गंभीर रूप ले सकती है।

What is Sore throat? – Causes, Prevention, Home remedies

गले में खराश का इलाज कैसे किया जा सकता है? (How Sore throat is treated? in Hindi)

गले में खराश (Sore throat) से पीड़ित लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि किसी भी अन्य बीमारी की तरह गले में खराश का भी इलाज संभव है।
इस प्रकार,यदि कोई व्यक्ति गले में खराश से पीड़ित है, तो वे इन 5 तरीकों से इसका इलाज करा सकता है –

  • गरारे करना- गले में खराश का इलाज करने का सबसे आसान तरीका गरारे करना है।
    ऐसे करने से गले की खराश दूर होती है और इससे पीड़ित लोगों को थोड़ी राहत मिलती है।
  • गर्म पानी पीना- गरारे करने के साथ-साथ गले में खराश का इलाज गर्म पानी पीकर भी किया जा सकता है।
  • गले की सिकाई करना- यदि कोई व्यक्ति गले में खराश से पीड़ित है, तो वे इसका इलाज कराने के लिए गले की सिकाई भी कर सकते हैं।
    इससे गले की ग्रंथियो को आराम मिलता है, जिससे गले में खराश की समस्या जल्द-से-जल्दी ठीक हो जाती है। 
  • दवाई लेना- यदि गले में खराश में किसी भी अन्य तरीके से आराम नहीं मिलता है, तो फिर इसमें दवाई भी ली जा सकती है।
    ये दवाई गले में खराश को बढ़ने से रोकती है, जिससे इससे पीड़ित व्यक्ति को काफी आराम मिलता है।

गले में खराश में किन चीज़ों का परहेज करना चाहिए? (What to avoid during sore throat? In Hindi)

गले में खराश (Sore throat) की समस्या उस समय संवेदनशील साबित हो सकती है, जब उसमें किसी तरह की लापरवाही को किया जाता है।
इसी कारण, गले में खराश से पीड़ित व्यक्ति को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए और उसे निम्नलिखित चीज़ों का परहेज करना चाहिए-

  • मसालेदार भोजन न करना- गले में खराश लोगों को अपने भोजन का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
    ऐसे लोगों को मसालेदार भोजन का परहेज करना चाहिए क्योंकि यह उनकी सेहत को खराब कर सकता है।
  • खट्टे फल न खाना- मसालेदार भोजन के अलावा खट्टे फल भी नहीं खाने चाहिए।
    ऐसे फल गले में खटास को बढ़ाते हैं, जिसकी वजह से लोगों को काफी तकलीफ़ होती है। 
  • ब्रैड न खाना- गले में खराश होने पर ब्रैड भी नहीं खाने चाहिए क्योंकि ये कुरकुरे होते हैं, जिन्हें निगलने में परेशानी होती है।
    इसके अलावा, ब्रैड गले में खराश को बढ़ा भी सकते हैं इसलिए जितना हो सके ब्रैड के सेवन से बचना चाहिए।
  • बिस्किट का सेवन न करना- ब्रैड के अलावा बिस्किट का सेवन भी नहीं करना चाहिए।
    ऐसे में गले में खराश से पीड़ित लोगों को बिस्किट या ब्रैड का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह उनकी गले में खराश को बढ़ा सकते हैं।  
  • शराब न पीना- यदि गले में खराश से पीड़ित लोगों को शराब पीना का शौक है, तो उन्हें कुछ समय के लिए शराब नहीं पीनी चाहिए।
    शराब गले में खराश को गंभीर स्तर तक पहुंचा सकती है, जिसकी वजह से गले में खराश से पीड़ित लोगों की सेहत खराब हो सकती है। 

गले में खराश में किस तरह का भोजन करना चाहिए? (What to eat during sore throat? In Hindi)

जितना यह जानना कि गले में खराश में परहेज युक्त चीज़ों के बारे में जानना जरूरी है उतना ही यह भी जानना जरूरी है कि गले में खराश में किस तरह का भोजन करना सही है।

गले में खराश से पीड़ित लोगों को कुछ भी खाने या पीने में परेशानी होती है, ऐसे में उन्हें सही खान-पान की जानकारी होना काफी जरूरी बन जाता है।
अत: यदि किसी व्यक्ति को गले में खराश है, तो यह इन 5 तरह के भोजन का सेवन कर सकता है-

  • गर्म या अच्छे से पक्का हुआ पास्ता खाना- गले में खराश से पीड़ित व्यक्ति को गर्म या अच्छे से पक्का हुआ भोजन ही करना चाहिए।
  • दलिया खाना- आमतौर पर, गले में खराश होने पर हल्का भोजन ही करना चाहिए। इस स्थिति में दलिया, किचड़ी इत्यादि करना लाभदायक साबित हो सकता है।
  • मैश्ड पटेटो खाना- गले में खराश से पीड़ित लोग मैश्ड पटेटो भी खा सकते हैं।
    इस प्रकार, वे खिचड़ी या दलिया के स्थान पर मैश्ड पटेटो खाकर इस बीमारी से जल्दी से ठीक हो सकते हैं।
  • दूध पीना- खिचड़ी, दलिया, मैश्ड पटेटो के अलावा गले में खराश से पीड़ित व्यक्ति दूध भी पी सकता है।
    दूध गर्म होने के साथ-साथ निगलने में भी आसान होता है, जो गले में खराश को जल्दी ठीक करता है।
  • पॉप्सिकल खाना- गले में खराश में पॉप्सिकल भी लाभदायक साबित हो सकता है।
    अत: गले में खराश से पीड़ित लोग पॉप्सिकल खाकर गले में खराश से राहत पा सकते हैं।

मौसम का बदलना सामान्य चीज़ है। इसका असर प्रकृति के साथ-साथ लोगों पर भी पड़ता है। मौसम बदलने पर लोगों में बीमारियों के होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।
इनमें गले में खराश भी शामिल है, जिसकी शुरूआत गले में दर्द के साथ होती है और कुछ समय के बाद यह गंभीर समस्या बन जाती है।

इसी कारण, समझदारी इसी में है कि शुरूआत में ही गले में खराश का इलाज कर लिया जाए ताकि इसका लोगों की सेहत पर बुरा असर न पड़े।

आमतौर पर, लोग गले में खराश (Sore throat) को गंभीरता नहीं लेते हैं और इसी कारण वे आसानी से गले में खराश का शिकार बन जाते हैं।
अत: यह जरूरी है कि लोगों को गले में खराश के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए, ताकि उनके मन में गले में खराश से जुड़ी कोई ग़लतफ़हमी न रहे।
इस प्रकार, हमें उम्मीद है कि यह लेख लोगों की गले में खराश से जुड़ी सभी तरह की गलतफहमियों को दूर करने में सहायक साबित होगा।

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