खर्राटे को कैसे ठीक किया जा सकता है? (Snoring in Hindi)

What is snoring in hindi?

खर्राटे दिन-प्रति-दिन गंभीर समस्या बनती जा रही है।
काफी सारे लोगों को इनकी वजह से शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है क्योंकि उनके आस-पास ये शिकायत करते हैं कि खर्राटे के कारण उनकी नींद खराब होती है।
इसके संदर्भ में, यह बात काफी चौंकाने वाली है कि खर्राटे से पीड़ित व्यक्ति को तब तक इस बात का पता ही नहीं चलता है कि वे इससे पीड़ित है, जब तक कि कोई दूसरा व्यक्ति उन्हें यह न बताए।

लोगों में खर्राटे की जानकारी न होने के कारण वे इसका इलाज नहीं करा पाते हैं।
इसी कारण, उनमें इस समस्या की जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि वे इसका इलाज सही तरीके से करा सकें।
यदि आप या आपकी जान-पहचान में किसी व्यक्ति को खर्राटे की समस्या है, तो उसे इस लेख को ज़रूर पढ़ना चाहिए क्योंकि इसमें हमने इस बीमारी से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी गई है।

खर्राटे क्या है? (What is snoring? in Hindi)

खर्राटे मुख्य रूप से ऐसी ध्वनि है, जो गले में मौजूद टिशू से पास होने पर आती है।
आमतौर पर, ज्यादातर लोगों को खर्राटे की समस्या कभी-न-कभी होती है, जो सामान्य तरीके अपनाने से ठीक हो जाती है,लेकिन कुछ लोगों के लिए पुरानी समस्या बन सकती है।
इसके अलावा, कुछ लोगों के लिए यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

खर्राटे के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of snoring in Hindi)

किसी भी अन्य बीमारी की तरह खर्राटे के भी कुछ लक्षण होते हैं, जो इसकी शुरूआत का संकेत देते हैं।
अत: यदि किसी व्यक्ति को ये 5 लक्षण नज़र आते हैं, तो ये खर्राटे के लक्षण हो सकते हैं-

  • नींद के दौरान सांस का रोकना- खर्राटे होने का प्रमुख लक्षण नींद के दौरान सांस का रोकना है।
    हालांकि, ऐसा काफी समय के लिए होता है इसलिए लोग इस बात को समझ नहीं पाते हैं यह खर्राटे का लक्षण है।
  • दिन में नींद आना- अक्सर,आपने लोगों को दिन में भी सोते हुए देखा होगा।
    ऐसे लोगों की यह आदत बन जाती है, जिसका वे अनुसरण करते रहते हैं।
    इन लोगों को दिन में नींद आने को गंभीरता से लेना चाहिए और इसकी जांच डॉक्टर से करानी चाहिए क्योंकि यह खर्राटे का संकेत हो सकता है।
  • सुबह सिरदर्द होना- यदि किसी शख्स को सुबह सिरदर्द होता है, तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह खर्राटे का लक्षण हो सकता है।
    इसी कारण, इसकी जांच सही तरीके से करानी चाहिए ताकि खर्राटे का इलाज समय रहते शुरू किया जा सके।
  • जगने पर गले में खराश होना- खर्राटे का अन्य लक्षण जगने पर गले में खराश होना है।
    आमतौर पर, लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते है और इसे दूर करने के लिए गर्म पानी से गरारे करते हैं।
    ऐसे लोगों को किसी कदम को उठाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए क्योंकि जगने पर गले में खराश होना खर्राटे का संकेत हो सकता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर का होना- खर्राटे होने की संभावना ऐसे लोगों में अधिक रहती है, जो हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित होते हैं।
    ऐसे लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए और स्वास्थ संबंधी किसी भी तरह की दिक्कत होने पर उसकी सूचना अपने डॉक्टर को देनी चाहिए।

खर्राटे के कारण क्या हैं? (Causes of Snoring in Hindi)

अलग-अलग लोगों को खर्राटे अलग-अलग कारणों से हो सकता है।
ऐसे में किसी भी व्यक्ति के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है।

Causes of snoring in hindi
Causes of snoring in hindi

इसके बावजूद, खर्राटे मुख्य रूप से निम्नलिखित तरीके से हो सकता है-

  • शराब का अधिक मात्रा में सेवन करना- खर्राटे होने का प्रमुख कारण शराब का अधिक मात्रा में सेवन करना है।
    ऐसा करने से नाक, गले और दिमाग पर बुरा असर होता है और खर्राटे जैसी बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • नाक संबंधी समस्या होना- खर्राटे होने की संभावना नाक संबंधी समस्या से पीड़ित लोगों में भी देखने को मिलता है।
    ऐसे लोगों को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए ताकि उन्हें खर्राटे जैसी कोई गंभीर बीमारी न हो।
  • पर्याप्त मात्रा में नींद न लेना- यदि कोई व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेता है, तो उसे खर्राटे हो सकते हैं।
    इसी कारण, सभी लोगों को पर्याप्त मात्रा में नींद लेनी की सलाह दी जाती है।
  • गलत तरीके से सोना- सभी लोगों का सोने का तरीका अलग-अलग होता है।
    एक ओर, कुछ लोग सीधे सोते हैं, तो वही दूसरी ओर कुछ लोग टेढ़े-मेढ़े तरीके से सोते हैं।
    इसी कारण, उनके सोने का कारण उन्हें खर्राटे जैसी बीमारी का शिकार बना सकता है।
  • अधिक वजन का होना अक्सर, खर्राटे के ऐसे मामले देखने को मिलते हैं, जिनमें इसकी शुरूआत अधिक वजन के साथ होती है।

खर्राटे का परीक्षण/ पहचान कैसे की जाती है? (Diagnosis of snoring in Hindi)

आमतौर पर,खर्राटे की पहचान करना किसी भी व्यक्ति के लिए काफी मुश्किल होता है क्योंकि यह समस्या मुख्य रूप से सोने पर ही उभरती है।
इसके बावजूद, किसी भी अन्य बीमारी की तरह खर्राटे का भी परीक्षण किया जा सकता है, जिससे इसका इलाज करना आसान हो जाता है।
इस प्रकार, यदि किसी व्यक्ति की खर्राटे होने की शंका है, तो वह इन 5 तरीके से इसे दूर कर सकता है-

  • मेडिकल हिस्ट्री की जांच करना- खर्राटे का पता लगाने का सबसे पहला तरीका मेडिकल हिस्ट्री की जांच करना है।
    डॉक्टर ऐसा करके इस बात का पता लगाते हैं कि कहीं व्यक्ति पहले कोई बीमारी तो नहीं थी।
  • एक्स-रे करना- मेडिकल हिस्ट्री की जांच करने के अलावा, खर्राटे की पहचान एक्स-रे के द्वारा भी किया जाता है।
    एक्स-रे से नाक, गले इत्यादि अंगों की अंदरूनी तस्वीर ली जाती है।
  • सोने की प्रक्रिया की जांच करना- अक्सर, डॉक्टर खर्राटे की पहचान करने के लिए सोने की प्रक्रिया की जांच भी करते हैं, ताकि इस बात का पता चल सके कि कोई व्यक्ति के सोने का तरीका कैसा है।
  • ब्लड टेस्ट कराना- कई बार, खर्राटे का परीक्षण करने के लिए ब्लड टेस्ट भी किया जाता है।
    ब्लड टेस्ट के द्वारा ब्लड में खर्राटे के कणों का पता लगाया जाता है ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि किसी व्यक्ति को खर्राटे की बीमारी है अथवा नहीं।
  • सी. टी, स्कैन कराना- खर्राटे की पहचान सी.टी स्कैन से भी की जा सकती है।
    सी.टी. स्कैन में शरीर के अंदरूनी तस्वीर ली जाती है और खर्राटे की स्थिति का पता लगाया जाता है।

खर्राटे का इलाज कैसे किया जा सकता है? (Treatment of snoring in Hindi)

Treatment of snoring in Hindi
Treatment of snoring in Hindi

जैसे ही खर्राटे का परीक्षण हो जाता है, वैसे ही इसका इलाज कराना भी आसान बन जाता है। इस प्रकार, यदि किसी शख्स के खर्राटे से पीड़ित होने की पुष्टि होती है, तो वह निम्नलिखित तरीके से इससे छुटकारा पा सकता है-

  • जीवन-शैली में बदलाव करना- खर्राटे का इलाज करने का सबसे आसान तरीका जीवन-शैली में बदलाव करना है।
    चूंकि, खर्राटे मुख्य रूप से अधिक वजन, शराब का सेवन करने, सोने के गलत तरीके इत्यादि की वजह से होता है, इसलिए लोगों को इसे ठीक करने के लिए इन सभी आदतों को बदलना चाहिए ताकि खर्राटे की समस्या दूर हो सके।
  • दवाई लेना- जीवन-शैली में बदलाव करने के अलावा खर्राटे का इलाज दवाई के द्वारा भी संभव है। ये दवाई व्यक्ति के नाक और गले की कार्य क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ खर्राटे को ठीक करती हैं।
  • लेज़र थेरेपी कराना- चूंकि, खर्राटे की बीमारी नाक संबंधी समस्याओं की वजह से भी होती है। इसी कारण, इसे दूर करने के लिए लेज़र थेरेपी का सहारा भी लिया जा सकता है।
  • मास्क का इस्तेमाल करना- अक्सर, डॉक्टर खर्राटे से पीड़ित लोगों को मास्क देते हैं, जो सोते समय उन्हें राहत देते हुए खर्राटे को होने से रोकता है।
  • नाक की सर्जरी कराना जब खर्राटे से पीड़ित लोगों को किसी भी तरीके से आराम नहीं मिलता है, तब डॉक्टर उन्हें नाक की सर्जरी कराने की सलाह देते हैं। इस सर्जरी की कराने की मुख्य रूप से ऐसी स्थिति में दी जाती है, जब खर्राटे अपनी चरम सीमा तक पहुंच जाते हैं।

खर्राटे के जोखिम क्या हो सकता है? (Side-effects of snoring in Hindi)

ऐसा माना जाता है कि यदि किसी बीमारी का इलाज समय रहते न हो तो वह घातक रूप ले सकती है।
यह बात खर्राटे पर भी लागू होती है, जिनके काफी खतरनाक जोखिम देखने को मिलते हैं।
अत: यदि कोई व्यक्ति खर्राटे का इलाज नहीं करता है, तो उसे मुख्य रूप से इन 5 जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है-

  • सोने में तकलीफ़ होना- खर्राटे का प्रमुख जोखिम सोने में तकलीफ़ होना है।
  • ध्यान केंद्रित करना में परेशानी होना- खर्राटे के काफी लंबे समय तक लाइलाज रहने पर इसका असर शरीर के अन्य अंगों पर भी पड़ता है। इसी कारण, इससे पीड़ित लोग ध्यान केंद्रित में परेशानी होने की शिकायत करते हैं।
  • रिश्तों में खटास होना- खर्राटे का असर से पीड़ित लोगों के साथ-साथ उनके साथ रहने वाले लोगों पर भी पड़ता है। कई बार, उनके बीच में खर्राटे की वजह से लड़ाई भी होती है। इस प्रकार, खर्राटे का अन्य जोखिम रिश्तों में खटास होना भी है
  • दिल संबंधी बीमारी होना- खर्राटे का इलाज सही समय पर न होने के कारण यह दिल संबंधी बीमारियों समेत काफी सारी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन जाता है।
  • स्ट्रोक का होना- खर्राटे का अन्य जोखिम स्ट्रोक के खतरे का बढ़ना है। इस बीमारी से पीड़ित लोगों में स्ट्रोक का खतरा काफी अधिक रहता है, जिसकी वजह से उन्हें सतर्क रहने की जरूरत होती है।

खर्राटे की रोकथाम कैसे की जा सकती है? (Precautions of snoring in Hindi)

हालांकि, कुछ लोगों के लिए खर्राटे काफी गंभीर समस्या बन जाती है।
इसके बावजूद, उनके लिए राहत की बात यह है कि वे कुछ सावधानियों को बरतकर खर्राटे की रोकथाम कर सकते हैं।

 

इस प्रकार, यदि कोई शख्स निम्नलिखित बातों का ध्यान रखे तो वे खर्राटे की रोकथाम कर सकते हैं-

  • रात में सही समय पर सोना- अक्सर, आपने यह सुना होगा कि लोग सही समय पर सोने और सही समय पर जगने की सलाह देते हैं।
    इस बात के काफी मायने है क्योंकि यह लोगों को बीमारी होने से रोकती है। यह बात खर्राटे पर भी लागू होती है, जिसकी रोकथाम सही पर सोने से भी होती है।
  • सोने से बिल्कुल पहले कुछ न खाना- यदि कोई व्यक्ति सही समय पर भोजन करता है, तो वह काफी सारी बीमारियों से बच सकता है।
    अत: खर्राटे की रोकथाम सोने से बिल्कुल पहले कुछ न खाने से भी हो सकती है।
  • नाक में डालने वाली दवाई का सेवन करना- नाक की किसी समस्या से पीड़ित लोगों को नाक की दवाई का सेवन करना चाहिए क्योंकि यह उनकी खर्राटे जैसी बीमारी होने से बचाती है।
  • वजन को कंट्रोल करना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि खर्राटे की बीमारी अधिक वजन की वजह से भी होती है।
    इसी कारण, खर्राटे की रोकथाम करने के लिए लोगों को अपने वजन पर विशेष ध्यान देना चाहिए और उसे कंट्रोल करने की कोशिश करनी चाहिए।
  • योगा करना- आमतौर पर, योगा करने को काफी अच्छा माना जाता है क्योंकि यह लोगों को सेहतमंद रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
    यह बात खर्राटे पर भी लागू होती है, इसलिए खर्राटे की रोकथाम में योगा किया जा सकता है।

हालांकि, खर्रेाटे कुछ समय के बाद गंभीर रूप ले सकती है, जिसकी वजह से इससे पीड़ित लोगों को जानलेवा बीमारियाँ भी हो सकती है।
इसके बावजूद, यदि लोगों में खर्राटे को लेकर जागरूकता हो, तो वे इसका सही तरीके से इलाज करा सकते हैं।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि इसमें हमने खर्राटे से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी है, जो आपके और आपके प्रियजनों के लिए उपयोगी साबित होगी।

सबसे अधिक पूछे जाने वाले सवाल (FAQ’S)

Q1.क्या खर्राटे से छुटकारा पाया जा सकता है?
Ans- जी हां, खर्राटे से छुटकारा पाया जा सकता है।
इसके लिए वजन को कंट्रोल करना, सही तरीके से सोना, धूम्रपान या शराब का सेवन न करना, पर्याप्त मात्रा में  नींद लेना कारगर उपाय साबित हो सकते हैं।

Q2. सोते समय खर्राटे होने के क्या कारण हैं?
Ans- खर्राटे की समस्या मुख्य रूप से गले में हवा के टिशू में फंसने की वजह से होती है।
खर्राटे सोने के तरीके, सोने के स्तर, दवाई के सेवन, शराब के सेवन इत्यादि से प्रभावित होते हैं। 

Q3. महिलाओं में खर्राटे होने की क्या वजह है?
Ans- खर्राटे किसी भी व्यक्ति (पुरूष और महिला दोनों) को हो सकता है।
महिलाओं में यह समस्या मुख्य रूप से गर्भावस्था, थायराइड, एलर्जी, मोटापा इत्यादि कारणों से हो सकती है।

Q4. क्या खर्राटे होना आम चीज़ है?
Ans- हालांकि, सोते समय मुंह से धीमी आवाज़ आम समस्या है, लेकिन खर्राटे के संदर्भ में यह बात गलत साबित होती है क्योंकि यह कुछ समय के बाद काफी सारी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।

Q5. क्या खर्राटे खराब सेहत का संकेत है?
Ans- खर्राटे का कभी-कभी आम चीज़ है, लेकिन जब  बार-बार होती है, तो यह खराब सेहत का संकेत बन जाता है।

Q6.क्या तनाव से खर्राटे हो सकते हैं?
Ans- तनाव का असर गले की मांसपेशियों पर भी पड़ता है, जिसके कारण खर्राटे होने की संभावना बढ़ जाती है।
इस प्रकार, तनाव कुछ हद तक खर्राटे का कारण बन सकता है।

Q7. क्या दुबले पतले लोगों को खर्राटे हो सकते हैं?
Ans- जी हां, अधिक वजन के साथ-साथ कम वजन वाले लोगों में भी खर्राटे की समस्या हो सकती है।

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