कमर दर्द : लक्षण, कारण, उपचार (Back pain in Hindi)

कमर दर्द (पीठ दर्द) (Back Pain) किसी भी व्यक्ति को हो सकता है, जो कुछ समय के बाद स्वयं ही ठीक हो जाता है।
इसी कारण, ज्यादातर लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं, लेकिन कुछ लोगों के लिए कमर दर्द परेशानी बन जाती है और उन्हें इसकी वजह से काफी सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ऐसे में जब किसी व्यक्ति को कमर दर्द हो, तो उसे शुरूआत में ही आवश्यक कदम उठाने चाहिए ताकि यह अधिक न बढ़े।
हालांकि, वे इसके लिए काफी सारे कदम उठाते हैं, लेकिन जब उन्हें किसी भी तरीके से आराम नहीं मिलता है, तब उन्हें अन्य कारगर तरीके की तलाश रहती है।
यदि आप या आपका कोई प्रियजन कमर दर्द से परेशान है तो आपको इस लेख को ज़रुर पढ़ना चाहिए क्योंकि इसमें हमने कमर दर्द(Back Pain) से छुटकारा पाने के कारगर तरीकों की जानकारी दी है।

कमर दर्द क्या है? (What is back pain? In Hindi)

कमर दर्द को पीठ दर्द के नाम से भी जाना जाता है। जब किसी व्यक्ति के पीट के ऊपरी, मध्यम या निचले हिस्से में खिंचाव महसूस होता है, तो उसे कमर दर्द या पीठ दर्द कहा जाता है।
हालांकि, कमर दर्द आराम करने या फिर एक्सराइज़ करने से ठीक हो जाता है, लेकिन यदि किसी व्यक्ति को इन तरीकों से भी आराम न मिले तो फिर इसमें मेडिकल सहायता लेने की जरूरत है।

कमर दर्द (पीठ दर्द) के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of back pain in Hindi)

कमर दर्द होने का संकेत काफी सारी चीज़े देती हैं। अत: किसी भी व्यक्ति को इन 5 चीज़ों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह कमर दर्द(Back Pain) के लक्षण हो सकती हैं-

  • मांसपेशियों में खिंचाव होना- कमर दर्द का प्रमुख लक्षण मांसपेशियों में खिंचाव होना है।
    ऐसी स्थिति में व्यक्ति को कमर में खिंचाव महसूस होता है, जो कुछ समय के बाद दर्द का रूप ले लेता है।
  • चुबन या दर्द का लगातार रहना- यदि किसी व्यक्ति को कमर या पीठ में चुबन या लगातार दर्द महसूस होता है, तो यह कमर दर्द का संकेत साबित हो सकता है।
  • दर्द का पैरों तक पहुँचना- कमर दर्द (पीठ दर्द) ऐसी स्थिति में भी हो सकता है, जब किसी व्यक्ति का कमर दर्द पैरों तक पहुंच जाता है।
    ऐसे लोगों को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और अपना हेल्थचेकअप कराना चाहिए।
  • कमर दर्द का झुकना, उठने, खड़े होने या फिर चलते समय बढ़ना- कमर दर्द (पीठ दर्द) होने की संभावना उन लोगों को भी रहती है, जिन्हें झुकने, उठने, खड़े रहने या फिर चलने इत्यादि में शरीर में दर्द होता है। 
  • लेटने से कमर दर्द में आराम मिलना- मान लीजिए कि आपको पीठ दर्द है, जिसमे लेटने पर आराम मिल जाता है, तो आपको मुख्य रूप से कमर दर्द होता है।

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कमर दर्द (पीठ दर्द) के कारण क्या हो सकते हैं? (Causes of Back pain in Hindi)

कमर दर्द(Back Pain) से काफी सारे लोग पीड़ित है, जिन्हें पीठ दर्द कई सारे कारणों से हो सकता है। कमर दर्द होने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं-

  • कैल्शियम की कमी का होना- कमर दर्द (पीठ दर्द) होने की संभावना मुख्य रूप से ऐसे लोगों में अधिक रहती है, जिनके शरीर में कैल्शियम की कमी होती है।
  • ज्यादातर देर तक बैठकर काम करना- आज के वर्तमान समय में ज्यादातर लोगों को बैठकर काम करना पड़ता है।
    ऐसी स्थिति में ऐसे लोगों को कमर दर्द (पीठ दर्द) होने की संभावना काफी ज्यादा रहती है।
  • अर्थराइटिस से पीड़ित होना- कमर दर्द (पीठ दर्द) ऐसे लोगों को भी हो सकती है, जो अर्थराइटिस से पीड़ित होती हैं।
    ऐसे लोगों को अपना अर्थराइटिस का परीक्षण पूरा कराना चाहिए ताकि उन्हें किसी तरह की गंभीर बीमारी न हो।
  • बैठने की मुद्रा सही न होना- अक्सर,आपने ऐसे लोग देखे होंगे, जिनके बैठने की मुद्रा (position) सही नहीं होती है।
    ऐसे लोगों को कमर दर्द (पीठ दर्द) होने की संभावना काफी अधिक रहती है।
  • एक्सराइज़ न करना- आमतौर पर, ऐसा माना जाता है कि हम सभी को कम-से-कम 15-30 मिनट एक्सराइज़ करनी चाहिए।
    एक्सराइज़ हमारे शरीर को लचीला बनाने में सहायक साबित होती है।
    इसके बावजूद कुछ लोग एक्सराइज़ नहीं करते हैं, जिनके कारण उन्हें कमर दर्द (पीठ दर्द) समेत हेल्थ काफी सारी समस्याएं हो सकती हैं।

कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण कैसे किया जा सकता है? (Diagnosis of back pain in Hindi)

Treatment of back pain in hindi
Treatment of back pain in Hindi

ऐसा माना जाता है कि यदि किसी स्वास्थ समस्या का परीक्षण समय रहते कर ली जाए तो उसका इलाज सही तरीके से किया जा सकता है।

यह बात कमर दर्द(Back Pain) (पीठ दर्द) पर भी लागू होती है, जिसका परीक्षण इन 5 तरीकों से किया जा सकता है-

  • एक्स-रे करना- कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण एक्स-रे के द्वारा किया जा सकता है।
    एक्स-रे में कमर के अंदरूनी हिस्से की जांच की जाती है, ताकि कमर दर्द (पीठ दर्द) के वास्तविक कारण का पता लग सके।
  • सी.टी. स्कैन करना- एक्स-रे के अलावा कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण सी.टी.स्कैन के द्वारा भी किया जा सकता है।
    सी.टी. स्कैन में शरीर के अलग-अलग अंगों की अंदरुनी तस्वीर ली जाती है ताकि कमर दर्द (पीठ दर्द) की स्थिति का पता लगाया जा सके। 
  • ब्लड टेस्ट करना- अक्सर, कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण ब्लड टेस्ट के द्वारा भी किया जाता है।
    ब्लड टेस्ट से मानव-शरीर में कमर दर्द (पीठ दर्द) से होने वाले बदलावों की जांच की जाती है ताकि कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण किया जा सके।
  • बोन स्कैन करना- कई बार, डॉक्टर कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण बोन स्कैन के द्वारा भी करते हैं।
    बोन स्कैन में मानव शरीर की कमर का स्कैन करके कमर दर्द (पीठ दर्द) के सटीक हिस्से का पता लगाया जाता है।
  • मांसपेशियों की जांच करना- कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण मांसपेशियों की जांच करके भी किया जा सकता है।
    चूंकि, कमर दर्द (पीठ दर्द) मांसपेशियों से संबंधित है इसलिए मांसपेशियों की जांच करके इसके कमर दर्द (पीठ दर्द) की वास्तविक स्थिति का पता लग सके।

कमर दर्द (पीठ दर्द) का इलाज क्या है? (Treatments of Back pain in Hindi)

Exercise to relieve back pain
Exercise to relieve back pain

आमतौर पर, कमर दर्द(Back Pain) से लोगों को अधिक परेशानी नहीं होती है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह अन्य गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। अत: समझदारी इसी में है कि कमर दर्द का जल्द-से-जल्द इलाज शुरू करा लिया जाए ताकि इसकी वजह से लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।

इस प्रकार, यदि कोई व्यक्ति कमर दर्द (पीठ दर्द) से पीड़ित है, तो उसे निम्नलिखित तरीकों से कमर दर्द का इलाज कराना चाहिए-

  • एक्सराइज़ करना- कमर दर्द का इलाज करने का सबसे आसान तरीका एकसराइज़ करना है।
    एक्सराइज़ कमर दर्द (पीठ दर्द) को ठीक होने में सहायता करती है।
  • फीजियोथेरेपी कराना- एक्सराइज़ करने के अलावा कमर दर्द (पीठ दर्द) का इलाज करने में फीजियोथेरेपी बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
    अत: कमर दर्द (पीठ दर्द) से पीड़ित है, तो वह फिजियोथेरेपी करवाकर कमर दर्द (पीठ दर्द) का इलाज करा सकता है।
  • दवाई खाना- अक्सर, कमर दर्द (पीठ दर्द) का इलाज करने के लिए दवाई भी खाई जा सकती है।
    ये दवाइयां दर्द-निवारक होती हैं, जो कमर दर्द (पीठ दर्द) को कम करने में सहायता करती हैं।
  • बर्फ के टुकड़े का इस्तेमाल करना- कई बार, कमर दर्द (पीठ दर्द) का इलाज बर्फ के टुकड़े का इस्तेमाल करके भी किया जा सकता है।
    बर्फ का टुकड़ा कमर दर्द (पीठ दर्द) को काफी हद तक कम करता है, जिससे कमर दर्द (पीठ दर्द) को काफी आराम मिलता है।
  • सर्जरी कराना- कमर दर्द (पीठ दर्द) के काफी समय तक लाइलाज रहने पर यह गंभीर रूप ले लेता है।
    कमर दर्द (पीठ दर्द) का असर व्यक्ति की रीढ़ की हड्डी पर पड़ जाता है, जिस स्थिति में स्पाइनल सर्जरी (रीढ़ की हड्डी) कराना ही एकमात्र विकल्प बचता है।

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कमर दर्द (पीठ दर्द) के जोखिम और जटिलताएँ क्या हैं? (Risks and complications of Back pain in Hindi)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि कमर दर्द(Back Pain) (पीठ दर्द) किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। इसके बावजूद, कमर दर्द (पीठ दर्द) ऐसे लोगों को होने की संभावना होती है, जो मुख्य रूप से 5 स्थितियों से पीड़ित हैं-

  • अधिक उम्र का होना- ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति की उम्र बढ़ने के साथ-साथ उसका शरीर भी कमजोर होने लगता है।
    ऐसी स्थिति में उसे स्वास्थ संबंधी काफी सारी समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती है।
    इनमें कमर दर्द (पीठ दर्द) की शामिल है, जो ज्यादातर अधिक उम्र (50 या उससे अधिक) वाले लोगों में देखने को मिलता है।
  • अधिक एक्सराइज़ न करना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि सभी लोगों के लिए एक्सराइज़ करना कितना लाभदायक होता है।
    इसी कारण, कमर दर्द (पीठ दर्द) ऐसे लोगों में देखने को मिलता है, जो एक्सराइज़ नहीं करते हैं।
  • गर्भवती (प्रेग्नेंट) होना- यदि कोई महिला गर्भवती है, तो उसे कमर दर्द (पीठ दर्द) हो सकता है।
    ऐसी महिलाओं को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी तरह परेशानी होनी पर डॉक्टर को सूचित करना चाहिए।    
  • वजन का अधिक होना- कमर दर्द (पीठ दर्द) ऐसे लोगों को भी हो सकता है, जिनका वजन अधिक होता है। 
  • धूम्रपान करना- कमर दर्द (पीठ दर्द) के ऐसे मामले देखने को भी मिले हैं, जिनमें कमर दर्द (पीठ दर्द) धूम्रपान करने वाले लोगों को भी हो जाता है।

कमर दर्द (पीठ दर्द) में किन चीज़ों का परहेज करें? (What to avoid during Back Pain? in Hindi)

कमर दर्द(Back Pain) के दौरान लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि कमर दर्द में किसी भी तरह की लापरवाही बरतना उनके लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है।

इस प्रकार, यदि किसी व्यक्ति को कमर दर्द (पीठ दर्द) से परेशान है, तो उसे निम्नलिखित चीज़ों का परहेज करना चाहिए-

  • ज्यादा देर तक एक ही जगह पर न बैठना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि कमर दर्द (पीठ दर्द) ज्यादा देर तक एक जगह पर बैठे रहने के कारण से भी हो सकता है।
    इसी कारण, किसी भी व्यक्ति को ऐसा नहीं करना चाहिए बल्कि कुछ समय के बाद चलते रहना चाहिए।
  • स्मोकिंग न करना- कमर दर्द (पीठ दर्द) अधिक धूम्रपान करने की वजह से भी हो सकता है।
    अत: किसी भी शख्स को स्मोकिंग नहीं करना चाहिए ताकि उसे हेल्थी संबंधी कोई समस्या न हो।
  • वजन को कंट्रोल रखना- हम सभी को अपने शरीर पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि हमारा शरीर ही खुशहाल ज़िदगी को सुनिश्चित करता है।
    इसी कड़ी में हम सभी को अपने वजन को कंट्रोल रखना चाहिए क्योंकि अधिक वजह काफी सारी बीमारियों को न्यौता देता है।
  • सही तरीके से सोना- कमर दर्द (पीठ दर्द) होने का कारण सही तरीके से न सोना भी होता है।
    इसी कारण, सभी लोगों को सही तरीके से सोना चाहिए ताकि उन्हें कमर दर्द (पीठ दर्द) न हो सके।
  • ठंडी चीज़े न खाना- यदि किसी व्यक्ति को कमर दर्द (पीठ दर्द) है, तो उसे अपने खान-पान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसे लोगों को ठंडी चीज़ों का परहेज करना चाहिए।

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कमर दर्द (पीठ दर्द) में क्या खाना चाहिए? (What to eat during Back Pain? in Hindi)

अक्सर, कमर दर्द (Back Pain) (पीठ दर्द) से परेशान लोगों के मन में यह सवाल आता है कि कमर दर्द में क्या खाना चाहिए।
वे इस सवाल को लेकर काफी परेशान रहते हैं, जिसका उत्तर पाने के लिए वे हर मुमकिन कोशिश करते हैं। 

अत: यदि कोई व्यक्ति कमर दर्द (पीठ दर्द) से पीड़ित है, तो उसे इन 5 तरह का भोजन ही खाना चाहिए-

  • गोभी खाना- कमर दर्द (पीठ दर्द)(Back Pain) के दौरान व्यक्ति को गोभी खानी चाहिए।
    गोभी उसके शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) को बढ़ाती है, जिससे कमर दर्द (पीठ दर्द) जल्दी ठीक होता है।
  • खाने में जेतून तेल को शामिल करना- यदि किसी व्यक्ति को कमर दर्द (पीठ दर्द) से पीड़ित है, तो उसे अपने खाने में जेतून तेल को शामिल करना चाहिए।
  • दूध या दही खाना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया जाता है कि कमर दर्द (पीठ दर्द) कैल्शियम की कमी के कारण हो सकता है।
    इसी कारण, कमर दर्द (पीठ दर्द) से पीड़ित लोगों को दूध या दही जैसी कैल्शियम से भरपूर चीज़े खानी चाहिए।
  • अदरक का सेवन करना- कमर दर्द (पीठ दर्द) से आराम पाने के लिए अदरक का सेवन करना लाभदायक साबित होता है।
  • हल्दी का अधिक-से-अधिक सेवन करना- कमर दर्द (पीठ दर्द) को कम करने के लिए हल्दी वाला दूध भी किया जा सकता है।
    इस तरह के दूध पीना कमर दर्द (पीठ दर्द) को काफी हद तक कम कर सकता है।

आज के दौर में, काफी सारी हेल्थ प्रॉब्लम फैल रही हैं। इनमें कमर दर्द (पीठ दर्द) भी शामिल है, जिससे हम सभी को जूझना पड़ता है।
अलग-अलग लोगों को कमर दर्द (Back Pain) (पीठ दर्द) अलग-अलग कारणों से हो सकती है, इसलिए इसका इलाज भी अलग-अलग लोगों के लिए एक सामान्य नहीं होते हैं।
अत: कमर दर्द (पीठ दर्द) होने पर किसी भी कदम को उठाने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर ले लेनी चाहिए ताकि किसी भी व्यक्ति को कमर दर्द (पीठ दर्द) की वजह से गंभीर समस्या का सामना न करना पड़े।
इस प्रकार, हमें उम्मीद है कि आपको इस लेख को पढ़कर कमर दर्द (पीठ दर्द) से जुड़ी आवश्यक जानकारी मिली होगी, जो आपके लिए उपयोगी साबित होगी।

सबसे अधिक पूछे जाने वाले सवाल

 Q1. महिलाओं में कमर दर्द होने का क्या कारण है?
Ans- महिलाओं में कमर दर्द का कारण प्रेग्नेंसी, कमर संबंधी बीमारी होना इत्यादि बन सकते हैं।

Q2. कमर के निचले हिस्से में होने वाले दर्द से कैसे आराम मिल सकता है?
Ans- सही तरीके से बैठना, गतिविधियों में सही मुद्रा को बनाए रखना, एक्सराइज़ करना इत्यादि को करके कमर के निचले हिस्से में होने वाले दर्द से आराम किया जा सकता है।

Q3. इस बात का कैसे पता लगाएँ कि कमर दर्द गंभीर रूप ले चुका है?
Ans- कमर दर्द के गंभीर रूप के संकेत आराम करने पर कमर दर्द में आराम न मिलना, कमर दर्द का पैरों तक पहुँचना, एक या दोनो पैरों का सुन्न होना इत्यादि हो सकते हैं।

Q4. कमर की मांसपेशियों को कैसे आराम दे?
Ans- घुटने को मोड़कर नीचे लेट जाना, कोर मांसपेशियों को मजबूत करना ताकि फ्लोर पर सीधे लेटना इत्यादि करके कमर की मांसपेशियों को आराम दिलाया जा सकता है।

Q5. कमर दर्द में कौन-सी एक्सराइज़ की जा सकती हैं?
Ans- हालांकि, कमर दर्द में एक्सराइज़ करने को लाभदायक माना जाता है, लेकिन कुछ स्थिति में ऐसा करना नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। इसी कारण, यदि किसी व्यक्ति को ज्यादा कमर दर्द है, तो उसे एक्सराइज़ करने की बजाय आराम करना चाहिए ताकि कमर दर्द में आराम मिल सके।

Q6. कमर दर्द में किस तरह से सोना चाहिए?
Ans- कमर दर्द होने पर सीधा होना, पैरों के बीच में तकिया रखना इत्यादि की सहायता से ही सोना चाहिए।

Q7. क्या कमर दर्द में तैराकी करना फायदेमंद होता है?
Ans-  कमर दर्द में तैराकी करना काफी फायदेमंद होता है, जो कमर दर्द को ठीक करने कर सकता है।

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