एसिडिटी (पेट में जलन) क्या है, कैसे पाएं छुटकारा? (Acidity in Hindi)

एसिडिटी (Acidity) (पेट में जलन) को आम समस्या माना है, जो कुछ घरेलू उपायों को अपनाने से ठीक हो जाती है।
लेकिन,अभी यह स्थिति काफी हद तक बदल चुकी है और एसिडिटी काफी गंभीर समस्या बन गई है।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 1 करोड़ लोग एसिडिटी (पेट में जलन) से पीड़ित हैं।
इस प्रकार, हम सभी को एसिडिटी के बारे में गंभीरता से सोचने की जरूरत है ताकि इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।
हो सकता है कि आप में से एसिडिटी (Acidity) (पेट में जलन) पर लेख लिखना अनुपयोगी लगे, लेकिन अगर आप यदि खुद से यह सवाल करें कि क्या आपको इस पेट की समस्या की पूरी जानकारी है? तो शायद आपको इस लेख की उपयोगियता का एहसास हो पाए।
खैर, यदि आप या आपका कोई प्रियजन एसिडिटी (पेट में जलन) से परेशान रहते हैं, तो आपको इस लेख को अंत तक पढ़ना चाहिए क्योंकि इसमें एसिडिटी (पेट में जलन) और इससे निजात पाने के संभावित तरीकों की जानकारी दी है, जो आप सभी के लिए उपयोगी साबित होंगे।

एसिडिटी (पेट में जलन) क्या है? (what is Acidity? In Hindi)

एसिडिटी (Acidity) (पेट में जलन) से तात्पर्य ऐसी स्थिति से है, जब पेट का एसिड भोजन की नली (food pipe) में आ जाता है।
इसकी वजह से पेट के निचले हिस्से में दर्द होने के साथ-साथ खट्टी डकार भी आती हैं।

एसिडिटी (पेट में जलन) के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Acidity in Hindi)

Symptoms of Acidity in hindi
Symptoms of Acidity in hindi

ऐसा माना जाता है कि स्वास्थ संबंधी किसी भी समस्या के होने से पहले उसके कुछ लक्षण होते हैं, जो उनके शुरू होने का संकेत देते हैं।
यह बात एसिडिटी (Acidity) (पेट में जलन) पर भी लागू होती है और इसके भी मुख्य रूप से ये 5 लक्षण होते हैं, जिन्हें किसी भी व्यक्ति को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए-

  • पेट में सूजन का होना- एसिडिटी (पेट में जलन) का प्रमुख लक्षण पेट में सूजन का होना है।
    ऐसी स्थिति में तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत होती है, जो पेट की सूजन को कम करने में सहायक साबित होती है।
  • खून भरी उल्टी होना- यदि किसी व्यक्ति को खून भरी उल्टी होती है, तो उसे इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह एसिडिटी (Acidity) का लक्षण हो सकता है।
  • निगलने में कठिनाई होना- आमतौर पर, निगलने में होने वाली कठिनाई को गले की खराश से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अक्सर यह एसिडिटी (पेट में जलन) का लक्षण भी हो सकता है।
    अत: निगलने में कठिनाई से पीड़ित होने वाले किसी भी व्यक्ति को बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी नतीजे पर नहीं पहुँचना चाहिए क्योंकि यह उसके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
  • जी मचलाना- एसिडिटी (पेट में जलन) का अन्य लक्षण जी मचलाना भी है।
    हालांकि, लोग इसे पेट संबंधी अन्य बीमारियों जैसी गैस का लक्षण मनाने की गलती करते हैं, जिसके कारण एसिडिटी (Acidity) (पेट में जलन) की समस्या बढ़ सकती है।
  • वजन का कम होना- अक्सर,एसिडिटी (पेट में जलन) के ऐसे मामले देखने को मिलते हैं, जिनमें एसिडिटी (Acidity) का लक्षण वजन के कम करने के साथ होता है।
    इसी कारण, यदि किसी व्यक्ति का वजन का अचानक कम हो रहा है, तो उसे इसकी सूचना डॉक्टर को देनी चाहिए क्योंकि यह एसिडिटी (पेट में जलन) का लक्षण हो सकता है।  

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एसिडिटी (पेट में जलन) के कारण क्या हैं? (What causes Acidity in Hindi)

एसिडिटी (Acidity) की समस्या किसी भी व्यक्ति को हो सकती है, जिसके कई सारे कारण हो सकते हैं।
यदि एसिडिटी (पेट में जलन) के प्रमुख कारणों की बात की जाए तो वे निम्नलिखित हैं-

  • मसालेदार भोजन करना- एसिडिटी (पेट में जलन) की समस्या ऐसे लोगों को होने की संभावना अधिक रहती है, जो अधिक मात्रा में मसालेदार भोजन करता है।
  • सही समय पर भोजन न करना- आजकल के दौर में, हम सभी इतने व्यस्त रहते हैं, जिसकी वजह से हमारे लिए सही समय पर भोजन नहीं कर पाते हैं।
    इसी कारण, पेट संबंधी बीमारियाँ हो जाती हैं, जिनमें एसिडिटी (पेट में जलन) भी शामिल है।
  • तनाव लेना- किसी भी व्यक्ति के लिए तनाव लेना नुकसानदायक साबित हो जाता है क्योंकि यह एसिडिटी (पेट में जलन) का लक्षण हो सकता है।
  • अधिक मात्रा में शराब पीना- एसिडिटी (Acidity) (पेट में जलन) की समस्या ऐसे लोगों को भी हो सकती है, जो अधिक मात्रा में शराब पीते हैं।
  • भोजन में अधिक मात्रा में नमक का सेवन करना- हम सभी को भोजन में सभी तत्वों को पर्याप्त मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन यदि कोई व्यक्ति अपने भोजन में अधिक मात्रा में नमक का सेवन करते हैं, तो उनमें काफी सारी बीमारियाँ होने की संभावना बढ़ जाती हैं। 

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एसिडिटी (पेट में जलन) का परीक्षण कैसे किया जा सकता है? (Diagnosis of Acidity in Hindi)

ऐसा माना जाता है कि यदि किसी बीमारी का परीक्षण समय रहते कर लिया जाए तो उसका इलाज आसान बन जाता है।
ऐसा एसिडिटी (पेट में जलन) की स्थिति में भी देखने को मिलता है।
अत: यदि कोई व्यक्ति एसिडिटी (Acidity) से पीड़ित है, तो वह इन 4 तरीकों को अपनाकर एसिडिटी (पेट में जलन) का परीक्षण कर सकता है-

  • एक्स-रे करना- एसिडिटी (पेट में जलन) का परीक्षण एक्स-रे के द्वारा किया जा सकता है।
    एक्स-रे में पेट की अंदरूनी हिस्से की जांच की जाती है, जिसके आधार पर ही एसिडिटी (पेट में जलन) का इलाज किया जा सकता है।
  • एंडोस्कोपी कराना- एक्स-रे के अलावा एसिडिटी (पेट में जलन) का परीक्षण एंडोस्कोपी के द्वारा भी किया जा सकता है।
  • पी.एच टेस्ट करना- अक्सर,डॉक्टर एसिडिटी (पेट में जलन) का परीक्षण पी.एच. टेस्ट के द्वारा भी करते हैं।
  • बेरियम स्वालो कराना- आधुनिक युग में मेडिकल साइंस में एसिडिटी के काफी सारे तरीके विकसित हो गया है।
    इनमें बेरियम स्वालो भी शामिल है, जो एसिडिटी (Acidity) (पेट में जलन) का परीक्षण करने में सहायता करता है।

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एसिडिटी का इलाज कैसे किया जा सकता है? (Treatment of Acidity in Hindi)

जितना आवश्यक एसिडिटी (पेट में जलन) का परीक्षण है, उतना ही आवश्यक एसिडिटी का इलाज की जानकारी होना भी है।
एसिडिटी (पेट में जलन) से पीड़ित ज्यादातर लोग एसिडिटी के लिए काफी सारे तरीकों को अपनाते हैं, जो उन्हें पेट की बीमारी से निजात पाने दिलाने में कारगर साबित नहीं हो पाते हैं।
अत: एसिडिटी (Acidity) का इलाज निम्नलिखित तरीकों से ही संभव है, जिनका लाभ एसिडिटी (पेट में जलन) से पीड़ित लोगों को मिला है-

  • घरेलू नुस्खे अपनाना- एसिडिटी (पेट में जलन) का इलाज करने का सबसे आसान तरीके घरेलू नुस्खे हैं।
  • पेट की सिकाई करना- अक्सर, एसिडिटी (Acidity) का इलाज पेट की सिकाई करके भी किया जा सकता है।
  • दवाई लेना- कई बार डॉक्टर एसिडिटी (पेट में जलन) का इलाज करने के लिए दवाई देते हैं।
    ये दवाईयां एसिडिटी (Acidity) को कम करने में सहायक साबित होती हैं।
  • एम.आर.आई टेस्ट कराना- एसिडिटी (पेट में जलन) का इलाज एम.आर.आई टेस्ट द्वारा भी किया जा सकता है।
  • सर्जरी कराना- जब एसिडिटी (पेट में जलन) से पीड़ित लोगों को किसी भी तरीके से आराम नहीं मिलता है, तब डॉक्टर उन्हें सर्जरी कराने की सलाह देते हैं।
    ऐसी स्थिति में, जी.ई.आर. डी सर्जरी सबसे कारगर साबित होती है, जो एसिडिटी (Acidity) को जड़ से खत्म कर देती है।

एसिडिटी (पेट में जलन) में परहेज़ क्या करना चाहिए? (What to avoid during Acidity? In Hindi)

Causes of Acidity
Symptoms of Acidity

एसिडिटी (Acidity) (पेट में जलन) का संबंध असामान्य भोजन से है, इसलिए एसिडिटी (Acidity) से पीड़ित लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि ताकि उनकी सेहत अधिक खराब न हो।
इस प्रकार, एसिडिटी में लोगों को मुख्य रूप से इन 5 चीज़ों का परहेज़ करना चाहिए-

  • जरूरत से ज्यादा भोजन न करना- एसिडिटी (पेट में जलन) मुख्य रूप से अधिक मात्रा में भोजन करने (ओवर इटिंग) की वजह से होती है।
    इसी कारण, यदि कोई व्यक्ति एसिडिटी से पीड़ित है, तो उसे पर्याप्त मात्रा में भोजन ही करना चाहिए ताकि उसके पेट पर दबाव न पड़े और एसिडिटी (पेट में जलन) की समस्या जल्दी से ठीक हो सके।
  • वजन को नियंत्रण में रखना- हम सभी को अपने वजन पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि जितना नुकसानदायक वजन का बढ़ना है, उतना ही नुकसानदायक वजन का कम होना भी होता है। अत: एसिडिटी (पेट में जलन) के दौरान लोगों को वजन को नियंत्रण में रखना चाहिए।
  • नशीले पदार्थों का सेवन न करना- ऐसा माना जाता है कि किसी भी व्यक्ति को नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह उन्हें बीमार कर सकता है।
    यह बात एसिडिटी पर भी लागू होती है इसलिए एसिडिटी (पेट में जलन) से पीड़ित लोगों को शराब जैसी नशीले पदार्थों का परहेज़ करना चाहिए।
  • फास्ट फूड का परहेज़ करना- सभी डॉक्टर एसिडिटी (Acidity) (पेट में जलन) के दौरान फास्ट फूड का परहेज़ करने की सलाह देते हैं क्योंकि यह एसिडिटी की समस्या घातक बना सकती है।
    अत: एसिडिटी (पेट में जलन) से पीड़ित लोगों को इस चीज़ का विशेष ध्यान रखना चाहिए और फास्ट फूड के सेवन से बचना चाहिए।
  • टमाटर या खट्टे फल न खाना- एसिडिटी (Acidity) (पेट में जलन) में टमाटर या खट्टे फलों का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह एसिडिटी से पीड़ित लोगों की सेहत को खराब कर सकते हैं।

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एसिडिटी (पेट में जलन) में क्या खाना चाहिए? (what to eat during Acidity? In Hindi)

एसिडिटी (पेट में जलन) में खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है क्योंकि इसका सेहत पर सीधा असर पड़ता है।
इसी कारण, यदि किसी व्यक्ति को एसिटिडी है, तो उसे ऊपर दी गई चीज़ों का परहेज़ करना चाहिए और केवल निम्नलिखित चीज़ों का ही सेवन करना चाहिए-

  • हरी सब्ज़ियाँ खाना- एसिडिटी के दौरान हरी सब्जियों का सेवन लाभदायक साबित हो सकता है।
    इसी कारण, यदि किसी व्यक्ति को एसिडिटी (Acidity) (पेट में जलन) की समस्या है, तो उसे अधिक मात्रा में हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
  • केला खाना- यदि एसिडिटी कोई व्यक्ति केला का सेवन करता है, तो उसे एसिडिटी (पेट में जलन) से जल्दी राहत मिल सकती है।
  • आलू खाना- अक्सर,एसिडिटी (पेट में जलन) में आलू खान भी लाभदायक साबित हो सकता है।
    मगर, इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि आलू उबला हुआ हो न कि तला हुआ क्योंकि तला हुआ आलू एसिडिटी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
  • मछली का सेवन करना- एसिडिटी (पेट में जलन) में मछली का सेवन भी किया जा सकता है।
  • ब्रेड खाना- कई बार, एसिडिटी (पेट में जलन) के दौरान ब्रेड का सेवन भी किया जा सकता है।

आज के दौर में, अनहेल्थी फूड के कारण लोगों को पेट संबंधी काफी सारी बीमारियों से पीड़ित होना पड़ता है।
इनमें एसिडिटी (पेट में जलन) भी शामिल है, जिसकी वजह से लोगों को काफी सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

हालांकि, एसिडिटी (Acidity) (पेट में जलन) की समस्या कुछ समय के बाद स्वयं ही ठीक हो जाती है, लेकिन यदि यह काफी समय तक रहे तो यह किसी भी व्यक्ति की नाक में दम कर सकती है।
अत:लोगों में एसिडिटी (पेट में जलन) की जागरूकता को बढ़ाना चाहिए ताकि वे एसिडिटी (पेट में जलन) का सही तरीके से इलाज करवाकर इससे निजात पा सकें।
इस प्रकार, हमें उम्मीद है कि इस लेख में दी गई जानकारी आप सभी के लिए उपयोगी साबित हुआ होगी जिसका लाभ आपके साथ-साथ आपके प्रियजनों को भी मिलेगा।

सबसे अधिक पूछे जाने वाले सवाल (FAQ’S)

Q. 1 – एसिडिटी का इलाज कैसे किया जा सकता है?
Ans –
खाने के बाद नीम की पत्तियों में पानी में उबाले और उस पानी को पिए।

Q. 2 – एसिडिटी का कारण क्या है?
Ans – पेट का खराब रहना,अधिक मात्रा में भोजन करना या फिर खाने के तुरंत बाद लैटना इत्यादि एसिडिटी के कारण बन सकते हैं।

Q. 3 – एसिडिटी में क्या खाना चाहिए?
Ans – एसिडिटी होने पर केला, दही, हरी सब्जियों इत्यादि का सेवन किया जा सकता है।

Q. 4 – एसडिटी में क्या चावल खाना सही है?
Ans – जी नहीं, एसिडिटी में चावल खाना सही नहीं है क्योंकि यह एसिडिटी की समस्या को बढ़ा सकता है।

Q. 5 – एसिडिटी क्या खाना से होती है?
Ans – यदि कोई व्यक्ति अधिक मात्रा में चीनी या मीठी, डेयरी के कुछ उत्पाद, मछली या माँस इत्यादि खाता है तो उसे एसिडिटी होने की संभावना बढ़ सकती है।

Q. 6 – एसिडिटी को कैसे रोका जा सकता है?
Ans – एंटीबायोटिक दवाइयां लेना, संतुलित वजन बनाए रखना, शराब न पीना, धूम्रपान न करना इत्यादि ऐसे तरीके हैं, जिनसे एसिडिटी को रोका जा सकता है।

Q. 7 – एसिडिटी में क्या पीना चाहिए?
Ans – अनानास या सेब का रस पीना एसिडिटी में फायदेमंद साबित हो सकता है

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