कैसे पाएं दांत दर्द से छुटकारा? (Toothache in Hindi)

Toothache in hindi

Overview Toothache

दंत दर्द (Teeth Pain) किसी भी व्यक्ति को हो सकता है और इसकी वजह से उसे कई सारी परेशानियां जैसे भोजन करने में तकलीफ का होना, बोल न पाना इत्यादि हो सकती हैं।

द हिंदू नामक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 50 प्रतिशत लोग गंभीर दंत दर्द से पीड़ित हैं इसमें यह भी लिखा गया है कि लगभग 77 प्रतिशत लोग Dentist के पास नहीं जाते हैं क्योंकि वे घरेलू नुस्खों को प्रथामिकता देते हैं। इसी कारण भारत में यह समस्या काफी तेज़ी से फैल रही है और इसके लिए लंबे समय तक लाइलाज रहने पर इसका इलाज केवल दंत सर्जरी के माध्यम से ही संभव होता है।

आमतौर पर, सर्जरी का नाम सुनते हैं कि लोगों के हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगते हैं और इससे बचने की कोशिश करते हैं क्योंकि उनकी नज़र में कोई भी सर्जरी काफी दर्दनाक होती है, लेकिन हर सर्जरी ऐसी नहीं होती है।

खैर, लोगों के इस डर को निकालने का सर्वोत्तम तरीका उन्हें सर्जरी की पूर्ण जानकारी देना है। इस दृष्टि से आइए, इस लेख के माध्यम से दंत दर्द और इसकी सर्जरी की जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं ताकि लोग इसका लाभ उठा सके।

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क्या है दंत दर्द? (What is Toothache in Hindi)

दंत दर्द को तूठाचे (Toothache) या दांतों का दर्द इत्यादि के नामों  से भी जाना जाता है, जिसका तात्पर्य ऐसे दर्द से है, जो या तो किसी दांतों की बीमारी के या फिर अन्य कारणों जैसे अनियमित रूप से सोने, खाने, गतिविधियां इत्यादि की वजह से होता है।

हालांकि, यह दर्द दांत की दवाई के माध्यम से ठीक हो सकता है, लेकिन इसके लंबे समय तक रहने पर कई सारी परेशानियों का कारण बन सकता है।

दंत दर्द के लक्षण क्या हैं? (Toothache Symptoms in Hindi)

किसी भी अन्य बीमारी की तरह दंत दर्द के भी कुछ लक्षण होते हैं, जो उसके शुरू होने का संकेत देते हैं।

अत: किसी व्यक्ति को ये 5 लक्षण नज़र आते हैं तो उसके अपने दांतों की जांच तुरंत करानी चाहिए-

  1. दांतों में लगातार या रूक-रूक कर दर्द होना- यह दंत दर्द का प्रमुख लक्षण होता है, जिसमें व्यक्ति के दांतों में लगातार या रूक-रूक कर दर्द होता है।

    इस स्थिति में दंत चिकित्सक से मिलना ही बेहतर उपाय होता है।

  2. दांतों पर सूजन का होना- यदि किसी व्यक्ति के दांतों में सूजन हो जाती है, तो उसे इसकी सूचना अपने दंत चिकित्सक को देनी चाहिए।

    दांतों की सूजन को समय रहते ठीक करना चाहिए क्योंकि यह गंभीर रूप ले सकती है।

  3. बुखार या सिरदर्द का होना- अक्सर, ऐसा देखा गया है कि दांतों में दर्द होने पर व्यक्ति को बुखार या सिरदर्द हो जाता है।

    हालांकि, इन समस्याओं को दवाईयों के द्वारा ठीक किया जा सकता है।

  4. किसी भी चीज के स्वाद का पता न चलना- यदि किसी शख्स को किसी चीज का स्वाद अचानक से आना बंद हो जाता है, तो यह दंत दर्द का कारण बन सकता है।

  5. किसी चीज को निगलने में तकलीफ होना- दंत दर्द होने पर लोगों को खाने को निगलने पर परेशानी होने लगती है।

    अत: इसकी जांच डॉक्टर से तुंरत करानी चाहिए।

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दंत दर्द के कारण क्या हैं? (Causes of Toothache-in Hindi)

दांतों में दर्द कई सारे कारणों से हो सकता है, ऐसे में यदि किसी शख्स को उन कारणों की जानकारी हो तो वह इस दांत दर्द की रोकथाम कर सकता है।

दंत दर्द निम्नलिखित कारणों से हो सकता है:

  • दांत की सड़न का होना- दांतों का दर्द कई बार दांतों की सड़न की वजह से भी हो सकता है।

    अत: सभी लोगों को दांतों की जांच नियमित रूप से करानी चाहिए।

  • दांत में चोट का लगना- यदि किसी व्यक्ति के दांतों पर चोट लग जाती है, तो इसकी वजह से उसके दांतों में दर्द हो सकता है।

    इसी कारण दंत चोट का इलाज तुरंत कराना चाहिए।

  • दांतों को पिसना- दंत दर्द होने की संभावना उस व्यक्ति में दर्द रहती है, जो अपने दांतों को पिसता रहता है, इसकी वजह से उसके दांत कमजोर हो जाते हैं। अत: किसी भी शख्स को अपने दांतों को पिसना नहीं चाहिए।

  • दांतों को गलत तरीके से साफ करना- आपने अक्सर यह देखा होगा कि कुछ लोग दांतों की सफाई गलत तरीके से करते हैं, इसकी वजह से उनके दांत कमजोर हो जाते हैं। इसी कारण सभी लोग को सही तरीके से ब्रश करनी चाहिए ताकि उनके दांतों की मजबूती बने रहे।

  • ठंडी, मीठी, गर्म चीजों को अधिक मात्रा में खाना- यदि कोई व्यक्ति अलग-अलग स्वाद की चीजों का सेवन करता है, तो इसके असर उसके दांतों पर बुरा पड़ता है।

    अत: सभी लोगों को यह ध्यान रखना चाहिए कि वह एक समय अलग-अलग चीजों का न सेवन करें बल्कि उन्हें थोड़ी-थोड़ी देर में करें।

दंत दर्द का इलाज कैसे किया जा सकता है? (How Toothache is treated-in Hindi)

यह सवाल हर उस व्यक्ति के लिए मायने रखता है, जो दांत के असहनीय दर्द से परेशान रहता है।

चूंकि, इस दौरान उसे काफी सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसी कारण उसे ऐसे तरीकों की तलाश रहती है, जिसके माध्यम से वह दंत दर्द से निजात पा सके।

यदि कोई व्यक्ति दांतों के दर्द से परेशान है, तो वह इन 5 तरीकों से इस दर्द का इलाज करा सकता है-

  1. घरेलू नुस्खों को अपनाना- किसी भी अन्य समस्या की भांति दंत दर्द के इलाज में भी घरेलू नुस्खों को अपनाया जा सकता है।

    दांत के दर्द से पीड़ित व्यक्ति नमक के पानी का कूल्ला, लहसुन को पीसकर उस दर्द वाले दांत पर लगाना इत्यादि तरीकों को अपनाकर इस दर्द से निजात पा सकता है।

  2. दांत की दवाई लेना- कई बार, दंत दर्द में दांत की दवाई लेने से भी आराम हो जाता है।

    अत: इसमें दांत की दवाई लेना भी बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

  3. दंत जांच कराना- यदि किसी व्यक्ति को दांत में दर्द है, तो वह उसे अपने दांत जांच करानी चाहिए।

    इस जांच के माध्यम से इस बात की पुष्टि होती है कि यह दर्द कितना है।

  4. जैल लगाना- दंत दर्द का इलाज जैल के माध्यम से भी किया जा सकता है।

    यह जैल दांत के दर्द को कम करता है और व्यक्ति को इससे आराम मिलता है।

  5. दांतों की सर्जरी कराना- जब दांत के दर्द से पीड़ित व्यक्ति को किसी भी अन्य तरीके से आराम नहीं मिलता है, जब डॉक्टर उसे दांतों की सर्जरी कराने की सलाह देते हैं।

    दांतों की सर्जरी से तात्पर्य ऐसी प्रक्रिया से है, जिसमें दांत, मसूड़ों और जबड़ों का इलाज सर्जिकल तरीके से किया जाता है।

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दांतों की सर्जरी को कैसे किया जाता है? (Procedure of Dental Surgery in Hindi)

दांतों की सर्जरी को किसी क्लीनिक या अस्पताल में किया जा सकता है। इसमें कुछ स्टेप शामिल होते है,जो इस प्रकार हैं-

  • स्टेप 1: दांतों की जांच करना- इस सर्जरी को करने से पहले डेंटिस्ट दांतों की जांच करते हैं, ताकि यह पता लग सके कि दांत का दर्द कितना बढ़ चुका है और इसकी वजह से दांत कितना खराब हो चुका है।

  • स्टेप 2: दांतों में एनेस्थीसिया देना- दांतों की जांच करने के बाद डेंटिस्ट दांतों में एनेस्थीसिया को लगाते हैं, ताकि वे इस प्रक्रिया को सही कर सके और इसके साथ में इसे कराने वाले व्यक्ति को इस दौरान किसी तरह का दर्द महसूस न हो।

  • स्टेप 3: खराब दांत को निकालना- दांतों में एनेस्थीसिया देने के बाद इस प्रक्रिया की शुरूआत सही मायने में होती है।
    इस दौरान डेंटिस्ट विशेष उपकरण से खराब दांत को निकाल देते हैं।

  • स्टेप 4: कृत्रिम दांत को लगाना- खराब दांत को निकालने के बाद उसकी जगह पर कृत्रिम दांत को लगाया जाता है।

  • स्टेप 5: सुधार कक्ष में ले जाना- व्यक्ति को कृत्रिम दांत लगाने के साथ ही यह प्रक्रिया समाप्त हो जाती है और उसके बाद व्यक्ति को सुधार कक्ष (Recovery Room) में ले जाया जाता है।

    सुधार कक्ष में व्यक्ति की सेहत को मॉनिटर किया जाता है और इस बात को सुनिश्चित किया जाता है कि दांतों की सर्जरी के बाद व्यक्ति स्वस्थ है।

दांतों की सर्जरी की कीमत कितनी है? (Cost of Dental Surgery in Hindi)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि दंत दर्द के उपचार का सर्वोत्तम तरीका दांतों की सर्जरी है। ऐसे में जब भी कोई डॉक्टर दंत दर्द से पीड़ित किसी व्यक्ति को दांतों की सर्जरी करानी की सलाह देते हैं, तो उस समय में उस व्यक्ति के मन में सबसे सवाल इस सर्जरी की कीमत को लेकर आता है।

अत: वह यह जानना चाहता/चाहती है कि इस सर्जरी की कीमत क्या है क्योंकि इसका असर उसकी आर्थिक स्थिरता पर पड़ता है। हो सकता है कि अधिकांश लोग इसे एक महंगी प्रक्रिया समझे और इसी कारण वे इसे न करा पाते हो।

यदि उन्हें यह पता चले कि यह एक किफायती प्रक्रिया है, जिसकी कीमत मात्र 14 से 25 हजार प्रति दांत अर्थात् 4 लाख से 8 लाख होती है, तो शायद वह दांतों के दर्द से निजात पा सकें।

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दांतों की सर्जरी के जोखिम क्या हो सकते हैं? (Risks of Dental Surgery-in Hindi)

निश्चित रूप से दांतों की सर्जरी एक लाभदायक सर्जरी है, जिसके माध्यम से दांतों के दर्द को ठीक किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद किसी भी अन्य प्रक्रिया की भांति दांतों की सर्जरी के भी कुछ जोखिम होते हैं, जिनकी जानकारी लेना महत्वपूर्ण है।

यदि किसी व्यक्ति ने हाल ही में दांतों की सर्जरी कराई है या फिर भविष्य में कराने की योजना बना रहा है, तो उसे निम्नलिखित जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है-

  • दांतों में सूजन का होना- दांतों की सर्जरी के बाद थोड़ी सूजन होना सामान्य चीज है लेकिन कुछ लोगों में यह सूजन अधिक हो सकती है।

    हालांकि, इस स्थिति को सामान्य दवाईयों के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है।

  • दांतों में रक्तस्राव का होना- अक्सर, ऐसा देखा गया है कि कुछ लोगों को दांतों की सर्जरी के बाद काफी रक्तस्राव होता है।

    इस स्थिति को जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी काबू में करना चाहिए वरना इसकी वजह से मानवशरीर में खून की कमी हो सकती है।

  • ऑस्टियोमायलिटिस का होना- डेंटल सर्जरी के बाद कुछ लोगों को ऑस्टियोमायलिटिस (Osteomyelitis) की समस्या भी हो सकती है, जिसे आम भाषा में हड्डियों का संक्रमण कहा जाता है। ऐसी स्थिति में अन्य मेडिकल सहायता लेने की जरूरत पड़ सकती है।

  • एलेवोलिटिस का होना- इस सर्जरी के बाद एलेवोलिटिस (alveolitics) की समस्या भी हो सकती है, इसे ड्राई सॉकेट के नाम से भी जाना जाता है।

  • जबड़ों का घिसना- कई बार दांतों की सर्जरी का व्यक्ति के जबड़ों पर बुरा असर पड़ता है।

    इसकी वजह से जबड़े घिस जाते हैं और उस स्थिति में व्यक्ति को डेंटिस्ट से मिलने की जरूरत पड़ सकती है।

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दंत दर्द की रोकथाम कैसे की जा सकती है? (Toothache prevention in Hindi)

हालांकि, दांतों का दर्द किसी भी व्यक्ति के लिए दर्दनाक अनुभव होता है, जिसमें उसे सामान्य कार्यों को भी करने में तकलीफ होती है।

लेकिन, इसके बावजूद यह राहत की बात है कि यदि कोई व्यक्ति इन 5 बातों का पालन करें तो दंत दर्द की रोकथाम कर सकता है-

  1. पौष्टिक भोजन करना- भोजन का हमारी सेहत पर सीधा असर पड़ता है, यह बात दांतों के संदर्भ पर भी सही प्रतीत होती है।

    अत: सभी लोगों को ऐसा ही भोजन करना चाहिए, जो दांतों के लिए ठीक हो।

  2. दांतों की सफाई सही तरीके से करना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि दंत दर्द दांतों की सही तरीके से सफाई न करने की वजह से होता है।

    इसी कारण हर व्यक्ति को दांतों को ब्रश सही तरीके से करना चाहिए ताकि इससे दांतों पर बुरा असर न पड़े।

  3. माउथवॉश का इस्तेमाल करना- किसी भी व्यक्ति के लिए अपने मुंह को साफ रखना संभव नहीं होता है।

    इसी कारण उसे माउथवॉश का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि इसकी सहायता से उसके मुंह में किसी तरह से बैक्टीरिया या वायरस उत्पन्न न हो सकें।

  4. नशीले पदार्थों का सेवन न करना- किसी भी व्यक्ति के लिए नशीले पदार्थ का सेवन करना नुकसानदायक साबित होता है और इसकी वजह से उसकी जान खतरे पर पड़ सकती है। अत: सभी लोगों को नशीले पदार्थों से परहेज करना चाहिए।

  5. दांतों की जांच नियमित रूप से कराना- यह सबसे महत्वपूर्ण चीज है कि जिसका पालन सभी लोगों को करना चाहिए।

    जब भी किसी व्यक्ति को दांतों में परेशानी होती है, तो उसेे इसकी चर्चा अपने डॉक्टर से करनी चाहिए। इसके साथ में यदि किसी व्यक्ति ने हाल ही दांतों की सर्जरी कराई है, तो उसे तब तक डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए जब तक कि डॉक्टर उसे पूरी तरह से सेहतमंद घोषित न कर दें।

आम दिनचर्या में ऐसी बहुत सारी समस्याएं होती हैं, जिनका सामना अधिकांश लोगों को करना पड़ता है। इनमें दंत दर्द (Toothache) भी शामिल है, जो मुख्य रूप से ठंडा या गर्म भोजन करने या फिर अधिक मात्रा में मीठी चीजें खाने की वजह होती है।

हालांकि, लोग इससे निजात पाने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं, लेकिन जब उन्हें किसी भी तरीकों से आराम नहीं मिलता है, तब डॉक्टर उन्हें दंत सर्जरी (Dental Surgery) करानी की सलाह देते हैं।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें दांतों के दर्द की संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है।

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