क्या और कैसे  होता है टेस्ट ट्यूब बेबी - Test Tube Baby In Hindi!

आज कल ऐसा देखा गया है कि टेस्ट ट्यूब बेबी उन दंपत्तियों के लिए वरदान साबित होता है, जो संतान सुख से वंचित हैं, क्योंकि उन्हें इसके द्वारा संतान सुख की प्राप्ति होती है।

इसके बावजूद कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो टेस्ट ट्यूब बेबी को अपनाने से हिचकते हैं, क्योंकि उन्हें  टेस्ट ट्यूब बेबी की पूर्ण जानकारी नहीं होती है।

अगर आप भी टेस्ट ट्यूब बेबी के बारे में जानना चाहते हैं तो इस लेख को अवश्य पढ़ें क्योंकि इसमें हमने टेस्ट ट्यूब बेबी की जानकारी देने की कोशिश की है।

 

टेस्ट ट्यूब बेबी क्या है? (What is Test Tube Baby in Hindi)
 

टेस्ट ट्यूब बेबी शब्द का अर्थ इन-विर्टो फर्टिलाइजेशन तकनीक से जन्मे बच्चा पैदा करने से है।

आप नीचे दी गई वीडियो को देखकर टेस्ट ट्यूब बेबी (Test Tube Baby Video) के बारे में विस्तार से जान सकते हैं-



 

 

टेस्ट ट्यूब बेबी किन्हें कराना चाहिए? (Indications of Test Tube Baby in Hindi)
 

जब कोई महिला इनफर्टिलिटी की समस्या से पीड़ित होती है, तो डॉक्टर उन्हें इन विर्टो- फर्टिलाइजेशन की तकनीक से टेस्ट ट्यूब बेबी के द्वारा बच्चा पैदा करने की सलाह देते हैं।


महिलाओं में इनफर्टिलिटी समस्या निम्नलिखित कारणों से हो सकती है-

 

  • फैलोपियन ट्यूब खराब होना- यह टेस्ट ट्यूब बेबी को कराने का प्रमुख कारण है, जिसे उस महिला पर किया जाता है, जिनकी फैलोपियन ट्यूब खराब हो जाती है।

    हर महिला के लिए फैलोपियन काफी महत्वपूर्ण अंग होता है, जो उसके गर्भधारण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    लेकिन, यदि यह ट्यूब किसी कारणवश खराब हो जाए तो उस स्थिति में उस महिला को मां बनने के लिए मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ती है।

     

  • ओवुलेशन में समस्या होना- यदि किसी महिला के ओवुलेशन में समस्या होती है, तो उसका समाधान टेस्ट ट्यूब बेबी के द्वारा संभव है।

     

  • अंदरूनी गर्भाशय में परेशानी होना- महिलाओं को स्वास्थ संबंधी कई सारी समस्याएं होती हैं, जिनमें गर्भाशय के अंदरूनी हिस्से का खराब होना है।

    हालांकि, इसका इलाज डी एंड सी नामक तकनीक से किया जा सकता है, लेकिन फिर भी यह समस्या किसी भी महिला के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।


     

  • बच्चेदानी में रसौली होना- अक्सर, महिलाओं को बच्चेदानी में रसौली की समस्या हो जाती है।

    इस समस्या को महिला को असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता है और इसके साथ में यदि इसका समाधान सही समय पर न किया जाए तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।

     

  • पुरूष बांझपन से पीड़ित होना- कई बार टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक का उपयोग मेल इनफर्लिटी की समस्या का निवारण करने के लिए भी किया जाता है।

     जब किसी पुरूष के शरीर में पर्याप्त मात्रा में शुक्राणु (स्पर्म) नहीं बन पाते हैं, तो उसे मेडिकल भाषा में  
    मेल इनफर्लिटी कहा जाता है। 

    ऐसी स्थिति में डॉक्टर उन्हें टेस्ट ट्यूब बेबी की तकनीक का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।


 

टेस्ट ट्यूब बेबी कैसे होता है? (Procedure of Test Tube Baby in Hindi)
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टेस्ट ट्यूब  बेबी की प्रक्रिया काफी महत्वपूर्ण होता है, जिसमें निम्नलिखित स्टेप शामिल होते हैं-

 

  • मासिक धर्म चक्र को रोकना- टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया की शुरूआत में महिला को इंजेक्शन देकर उसके मासिक धर्म चक्र को रोका जाता है।
     

  • गर्भाशय को उत्तेजित करना- इसके बाद गर्भाशय को फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन (एफ.एस.एच) के द्वारा उत्तेजित किया जाता है, ताकि उसमें अधिक संख्या में एग बन सकें।

    विशेषज्ञ शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के द्वारा अंडाणुओं को एकत्रित करते हैंं, जिसे फॉलिकल एस्पिरेशन कहते हैं।

     

  • भ्रूण का निर्माण करना- इन अंडाणुओं को एकत्रित करके इन्हें पेट्री डिश में पुरूष के स्पर्म के साथ मिलाते हैं और इन्हें एक नियंत्रित तापमान के अंतर्गत संभालकर रखते हैं ताकि इनसे भ्रूण का निर्माण हो सके।
     

  • फर्टिलाइज अंडाणु को स्टोर करना-  फर्टिलाइज अंडाणु लगभग 48 घंटों तक स्टोर किए जाते हैं , ताकि वे ऐसे भ्रूण बन सकें, जिसमें 6 से 8 कोशिकाएं (सेल) हों।

    इस दौरान, महिला को प्रोजेस्टेरोन हार्मोन दवाई देकर उसके गर्भाशय को भ्रूण अनुकूल बनाया जाता है।

     

  • भ्रूण ट्रांसफर करना-  इसके बाद विशेषज्ञ उपयुक्त भ्रूण को प्लास्टिक कैथेटर का उपयोग करके गर्भाशय में ट्रांसफर करते हैं।

    आमतौर पर वे एक समय पर एक ही भ्रूण ट्रांसफर करते हैं।

     

  • गर्भावस्था टेस्ट करना- इस प्रक्रिया के पश्चात् टेस्ट ट्यूब बेबी के लिए एक गर्भावस्था टेस्ट किया जाता है ताकि यह पुष्टि हो सके कि महिला संतान सुख की परेशान से निजात पा सकेगी या नहीं।


टेस्ट ट्यूब बेबी का कितना खर्चा होता है? (Cost of Test Tube Baby in Hindi)

 

जब बात टेस्ट ट्यूब बेबी कराने की बात आती है, तो इसके लिए दिल्ली-NCR से बेहतर और कोई जगह हो नहीं सकती है।

भारत की राजधानी होने के कारण दिल्ली-NCR में टेस्ट ट्यूब बेबी के बेहतरीन अस्पताल/क्लीनिक मौजूद हैं।

दिल्ली-NCR में टेस्ट ट्यूब बेबी कराने की औसतन लागत 1 लाख से 1.5 लाख होती है।

 

टेस्ट ट्यूब बेबी का खर्चा कई सारे तत्वों पर निर्भर करता है, जिनमें से  कुछ इस प्रकार हैं-


 

  • अस्पताल/क्लीनिक

     

  • व्यक्ति के स्वास्थ की स्थिति

     

  • इलाज का तरीका

     

  • जगह

 

 

टेस्ट ट्यूब बेबी के लिए सर्वोत्तम अस्पताल/क्लीनिक कौन-कौन से हैं? (Hospitals/Clinics of Test Tube Baby in Hindi)

 

टेस्ट ट्यूब बेबी के खर्चे के बारे में जानना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही यह भी जानना महत्वपूर्ण है कि टेस्ट ट्यूब बेबी के लिए कौन से अस्पताल/क्लीनिक सही हैं?

इस सवाल के उत्तर के रूप में हम आपको टेस्ट ट्यूब बेबी के लिए सर्वोत्तम अस्पतालों/क्लीनिकों की सूची दी है-

 

  1. Indira IVF- यह इन दिनों अपनी बेहतरीन सेवाओं के लिए काफी लोकप्रिय हो रहा है।

    इसकी दिल्ली में कई शाखाएं मौजूद हैं।


     

  2. Medicover- बहुत सारे निंसतान दंपत्तियों ने टेस्ट ट्यूब बेबी के लिए इस क्लीनिक का रूख किया है।

     

  3. Little Angel IVF- आप टेस्ट ट्यूब बेबी के लिए इस क्लीनिक में जा सकते हैं।

     

  4. Life Care- यहां पर आधुनिक तरीके से टेस्ट ट्यूब बेबी की प्रक्रिया को किया जाता है।


 

नोट: ये सभी अस्तपाल/क्लीनिक Letsmd के पैनल में शामिल हैं।
 

 

टेस्ट ट्यूब बेबी की सफलता दर कितनी होती है? (Sucess Rate of Test Tube Baby in Hindi)
 

ज्यादातर लोगों के मन में यह सवाल अक्सर आता है कि टेस्ट ट्यूब बेबी कराना कितना सफल होगा? इसी सवाल को लेकर वे परेशान रहते हैं।

लेकिन अगर उन्हें यह पता हो कि टेस्ट ट्यूब बेबी की सफलता दर 45 से 50 प्रतिशत होती है, तो शायद वे भी टेस्ट ट्यूब बेबी के द्वारा संतान सुख प्राप्त कर लेतें।

 

टेस्ट ट्यूब बेबी के जोखिम कौन-कौन से होते हैं? (Side-Effects of Test Tube baby in Hindi)


हालांकि, टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया से बहुत सारे लोगों को लाभ पहुंचा है, लेकिन किसी भी अन्य सर्जरी की तरह टेस्ट ट्यूब बेबी के भी कुछ जोखिम होते हैं, जिनके बारे में जानना महत्वपूर्ण है।


टेस्ट ट्यूब बेबी के मुख्य रूप से 5 जोखिम होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

 

  1. तरल पदार्थ का निकलना- यह टेस्ट ट्यूब बेबी का सबसे आम जोखिम है, जिससे ज्यादातर महिलाएं पीड़ित होती हैं।
     

  2. हल्की ऐंठन होना- कुछ महिलाओं में टेस्ट ट्यूब बेबी की प्रक्रिया के बाद हल्की ऐंठन होने की समस्या देखने को मिलती है।
     

  3. सूजन होना- कई बार इस प्रक्रिया के बाद शरीर के कुछ अंगों पर सूजन हो जाती है।
     

  4. ब्रेस्ट का ढीला पड़ना- यह टेस्ट ट्यूब बेबी का अन्य जोखिम है, जो कुछ महिलाओं में देखने को मिलती है।
     

  5. कब्ज होना- कुछ महिलाओं को टेस्ट ट्यूब बेबी की प्रक्रिया के बाद कब्ज की समस्या हो जाती है।

     

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि ऐसे कुछ दंपत्ति हैं, जिन्हें संतान सुख प्राप्त नहीं हो पाता है और उनके लिए यह सबसे बड़ा दुख होता है।

हालांकि, वे इससे प्राप्त करने के लिए सभी तरीकों जैसे दवाई लेना, पूजा पाठ  करना, व्रत रखना इत्यादि को अपनाते हैं, लेकिन जब उन्हें किसी भी तरह के तरीकों से आराम नहीं मिलता है, तो उस स्थिति में हताश हो जाते हैं।

 

लेकिन, यदि उन्हें टेस्ट ट्यूब बेबी (Test Tube Baby) की जानकारी होती, तो शायद उनकी ज़िदगी भी खुशियों से भर जाती।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए  इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें टेस्ट ट्यूब बेबी के बारे में जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति स्वास्थ संबंधी किसी समस्या और उसके इलाज के संभावित तरीकों  की जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह इसके लिए 95558-12112 पर Call करके उसकी मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है।