Sperm Freezing in Hindi! जानें इसकी संपूर्ण जानकारी

आज के दौर में स्वास्थ संबंधी बहुत सारी समस्याएं फैल रही हैं। उन्हीं में एक समस्या बच्चा न होने की समस्या भी है। इसे मेडिकल भाषा में इनफर्टिलिटी या बांझपन की समस्या के नाम से भी जाना जाता है।

आमतौर पर, बांझपन की समस्या को मुख्य रूप से महिला से जोड़कर ही देखा जाता है, लेकिन सत्य यह है कि यह समस्या पुरूष और महिला दोनों को हो सकती है।

सौभाग्यवश ऐसे बहुत सारे तरीके मौजूद हैं, जिनके माध्यम से संतान सुख को प्राप्त किया जा सकता है।

इन्हीं तरीकों में से एक स्पर्म फ्रीजिग भी शामिल हैं। चूंकि, ज्यादातर लोगों को स्पर्म फ्रीजिंग की पूर्ण जानकारी नहीं होती है, इसलिए वे इसे अपनाने से हिचकते हैं।

यदि आप भी स्पर्म फ्रीजिंग के बारे में जानना चाहते हैं, तो आपको इस लेख को अवश्य पढ़ना चाहिए।

 

 

स्पर्म फ्रीजिंग क्या है? (What is Sperm Freezing in Hindi)
 


स्पर्म फ्रीजिग से तात्पर्य ऐसी प्रक्रिया से है, जिसमें स्पर्म को जमा करके रखा जाता है ताकि उसके उपयोग जरूरत पढ़ने पर किया जा सके।


 

 

स्पर्म फ्रीजिंग को कराने के कौन-कौन से कारण होते हैं? (Indications of Sperm Freezing in Hindi)
 

 

स्पर्म फ्रीजिंग को निम्नलिखित कारणों से कराया जा सकता हैं-


 

  • अधिक उम्र होना- जिस व्यक्ति (पुरूष/महिला) की उम्र अधिक होती है और वह मां-बाप बनना चाहते हैं तो वह स्पर्म फ्रीजिंग की सहायता ले सकते हैं।

     

  • स्पर्म की गुणवत्ता एवं संख्या का पता लगाना- कई बार स्पर्म फ्रीजिंग को स्पर्म की गुणवत्ता एवं उसकी संख्या का पता लगाने के लिए भी किया जाता है।

     

  • किसी बीमारी का होना- जिस व्यक्ति को कोई बीमारी होती है जैसे कम शुक्राणु (स्पर्म) गिनती होने से पुरूष बांझपन की समस्या हो, तो उसके लिए भी स्पर्म फ्रीजिंग सबसे कारगर उपाय साबित हो सकता है।

     

  • समलैंगिक दंपत्ति का होना- स्पर्म फ्रीजिंग के माध्यम से समलैंगिक दंपत्ति भी संतान सुख प्राप्त कर सकता है।

 

 

स्पर्म फ्रीजिंग को कैसे किया जाता है? (Procedure of Sperm Freezing in Hindi)

 

 

स्पर्म फ्रीजिंग में कई सारे स्टेप शामिल होेते हैं, जो इस प्रकार हैं-


 

  • स्टेप 1: ब्लड टेस्ट करना- स्पर्म फ्रीजिंग की शरूआत पुरूष के ब्लड टेस्ट के साथ होती है। ब्लड टेस्ट के माध्यम से इस बात की पुष्टि की जाती है कि उस पुरूष का स्पर्म फ्रीज किया जा सकता है।

     

  • स्टेप 2: स्पर्म को क्लेक्ट करना- पुरूष का ब्लड टेस्ट करने के बाद स्पर्म को क्लेक्ट किया जाता है।

     

  • स्टेप 3: स्पर्म और मेडिकेटेड सॉल्यूशन को मिलाना- स्पर्म को क्लेक्ट करने के बाद उसे मेडिकेटेड सॉल्यूशन के साथ मिलाया जाता है।

     

  • स्टेप 4: स्पर्म को 3-4 जार में रखना- स्पर्म को मेडिकेटेज सॉल्यूशन के साथ मिलाने के बाद उसे 3-4 जार में स्टोर करके रखा जाता है।

     

  • स्टेप 5: तापमान को -198 तक लाना- स्पर्म को फ्रीज करने के लिए उसके तापमान को -198 तक लाया जाता है।

 

 

दिल्ली-NCR में स्पर्म फ्रीजिंग की कितनी लागत होती है? (Cost of Sperm Frezzing in Hindi)

 

 

जब स्पर्म फ्रीजिंग कराने की बात आती है, तो इसके लिए भारत में दिल्ली से बेहतर और कोई जगह हो नहीं सकती।


 

भारत की राजधानी होने के कारण, दिल्ली में स्पर्म फ्रीजिंग के लिए सबसे अच्छे अस्पताल और डॉक्टर मौजूद हैं।


 

जब कोई पुरूष स्पर्म फ्रीजिंग कराने का निर्णय लेता है, तो उसके मन में सबसे पहला प्रश्न इसकी लागत को लेकर आता है।

 

तो आइए, जानते हैं कि दिल्ली-NCR में स्पर्म फ्रीजिंग की कितनी लागत होती है? औसतन रूप से स्पर्म फ्रीजिंग की लागत 15 हजार से 1 लाख होती है।

 

स्पर्म फ्रीजिंग की लागत कई तरह के तत्वों पर निर्भर करती है, जो इस प्रकार हैं-

 

 

  • पुरूष का स्वास्थ- डॉक्टर स्पर्म फ्रीजिंग कराने की अनुमति केवल उसी पुरूष को देते हैं, जो पूरी तरह से स्वस्थ होता है।

     

  • क्लीनिक या अस्पताल- स्पर्म फ्रीजिंग की लागत क्लीनिक या अस्पताल पर भी काफी निर्भर करती है।

     

  • जगह- स्पर्म फ्रीजिंग की लागत इसे कराने वाली जगह पर भी निर्भर करती है।

     

  • स्पर्म फ्रीजिंग का तरीका- स्पर्म फ्रीजिंग की लागत इसे करने के तरीके पर काफी हद तक निर्भर करती है।

 

 

स्पर्म फ्रिजिंग के कौन-कौन से लाभ होते हैं? (Benefits of Sperm Freezing in Hindi)

 

 

स्पर्म फ्रीजिंग एक लाभदायक प्रक्रिया है, जिसके बहुत सारे लाभ होते हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-


 

  1. प्रभावशाली होना- स्पर्म फ्रीजिंग का लाभ यह है कि यह एक एक प्रभावशाली प्रक्रिया है, जो निसंतान दंपत्तियों के लिए काफी सफल साबित होती है।

     

  2. संतान सुख प्राप्त करना- स्पर्म फ्रीजिंग का अन्य लाभ यह है कि यह संतान सुख प्राप्ति का अनोखा तरीका है।

     

  3. स्पर्म का भविष्य में उपयोग कर पाना- स्पर्म फ्रीजिंग में स्टोर किए गए स्पर्म का उपयोग भविष्य में किया जा सकता है।

     

  4. पैसा कमाना- स्पर्म फ्रीजिंग के माध्यम से पुरूष पैसा भी कमा सकता है।

 

 

स्पर्म फ्रीजिंग के कौन-कौन से नुकसान होते हैं? (Side-Effects of Sperm Freezing in Hindi)

 

 

किसी भी अन्य प्रक्रिया की भांति स्पर्म फ्रीजिंग के भी अपने कुछ जोखिम होेते हैं, जिनके बारे में जानना महत्वपूर्ण होता है।


स्पर्म फ्रीजिंग के प्रमुख जोखिम इस प्रकार हैं-


 

  1. जीवन-शैली में बदलाव होना- स्पर्म फ्रीजिंग के व्यक्ति की जीवन-शैली में काफी बदलाव होता है।

     

  2. शुक्राणु की गुणवत्ता को बनाए रखना-  स्पर्म डोनेट करने वाले पुरूष के लिए अपने शुक्राणु की गुणवत्ता को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है।

     

  3. संक्रमण होना- कई बार ऐसा देखा गया है कि स्पर्म डोनेशन के दौरान व्यक्ति को संक्रमण भी हो जाता है।

     

  4. सेहत पर असर पड़ना- स्पर्म फ्रीजिंग का सेहत पर भी गहरा असर होता है।



 

इस लेख में हमने स्पर्म फ्रीजिंग से जुड़ी आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है, तो इससे आप समझ ही गए होंगें कि आज के समय स्पर्म फ्रीजिंग किस तरह से उन दंपत्तियों के लिए जो इनफर्टिलिटी की समस्या से जूझ रहे हैं या जो अधिक उम्र में संतान सुख की उम्मीद रखते हैं के लिए बेहतर इलाज के रूप उभर रहा है।

आज कल स्पर्म फ्रीजिंग की प्रक्रिया को आर्मी के सैनिक भी अपना रहे हैं, जिसकी वजह से यह चर्चा का विषय बन गया है और लोगों को इसके लाभ और महत्व की जानकारी मिल रही है।

अगर आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति स्पर्म फ्रीजिंग के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह 95558-12112 पर Call करके इसकी मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है।