क्या है स्किन कैंसर? पूर्ण जानकारी (Skin Cancer in Hindi)

​​​स्किन कैंसर (Skin Cancer) विश्व-स्तर में काफी तेज़ी से फैल रही है और इसके साथ में पिछले कुछ सालों से यह समस्या भारत में भी बहुत सारे लोगों में पाई जा रही है।

इस विषय पर बात करने से पहले आइए कैंसर के बारे में थोड़ा जान लेते हैं।

आमतौर पर, कैंसर को एक बीमारी के रूप में देखा जाता है, लेकिन यह कई सारी बीमारियों का समूह होता है, जो शरीर के किसी विशेष अंग जैसे फेफड़े, लिवर, अग्नाशय (pancreas) इत्यादि में होता है, जिनका उपचार कैंसर सर्जरी के द्वारा बेहतर तरीके से किया जा सकता है।


स्किन कैंसर या त्वचा का कैंसर भी ऐसा ही कैंसर है, जो मुख्य रूप से धूप में अधिक समय तक रहने की स्थिति में होता है।


चूंकि, अधिकांश लोगों को इसकी संपूर्ण जानकारी नहीं होती है, इसी कारण वे इससे निजात नहीं पा पाते हैं।

तो आइए, इस लेख के माध्यम से इस समस्या के बारे में अधिक जानने की कोशिश करते हैं, ताकि लोगों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ सके और वे इसके प्रति सावधान रह सकें।

 

 

स्किन कैंसर क्या होता है? (Skin Cancer Meaning in Hindi)

 

 

स्किन कैंसर से तात्पर्य उस स्थिति से है, जिसमें त्वचा की कोशिकाएं (Skin Cells) असामान्य तरीके से विकसित हो जाती हैं।

आमतौर पर, ऐसा माना जाता है कि यह समस्या मुख्य रूप शरीर के उन्हीं अंगों पर हो सकती है, जो धूप के संपर्क में सीधे तौर पर आते हैं लेकिन ऐसा भी देखा गया है कि यह बीमारी शरीर के उस अंग में भी हो सकती है, जो धूप के संपर्क में काफी कम आता है।

 

 

स्किन कैंसर के प्रकार कितने हैं? (Types of Skin Cancer in Hindi)

 

 

अलग-अलग लोगों में स्किन कैंसर विभिन्न तरह के होते हैं, इसी आधार पर यह मुख्य रूप से 4 प्रकार के होते हैं, जो इस निम्नलिखित हैं-


 

  1. एक्टिनिक करतोसिस- यह स्किन कैंसर का सबसे सामान्य और आरंभिक प्रकार होता है। इसमें त्वचा पर लाल और गुलाबीं रंग के धब्बे पड़ जाते हैं और इससे पीड़ित व्यक्ति को इनसे किसी किस्म की परेशानी नहीं होती है।

    एक्टिनिक करतोसिस (Actinic keratosis) मुख्य रूप से उन लोगों को होती है, जिनका त्वचा सफेद रंग की होती है और इनके साथ में जिनकी उम्र 40 साल से अधिक होती है।


     

  2. बेसल सेल कार्सिनोमा- यह इस कैंसर का सबसे लोकप्रिय प्रकार है, जो लगभग 90 प्रतिशत लोगों में देखने को मिलता है।

    बेसल सेल कार्सिनोमा (Basal cell carcinoma) की शुरूआत धीरे होती है, लेकिन यह समय के साथ विकसित हो सकती है।


     

  3. स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा- यह कैंसर त्वचा की बाहरी स्तर पर उत्पन्न होता है और यह बेस सेल कार्सिनोमा (BCC) से अधिक घातक हो सकता है।

    स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (Squamous cell carcinoma) की स्थिति में त्वचा पर लाल धब्बे हो सकते हैं और उनमें दर्द भी हो सकता है।


     

  4. मेलानोमा- यह त्वचा के कैंसर का सबसे घातक रूप होता है। हालांकि,यह समस्या काफी कम लोगों में देखने को मिलती है, लेकिन यह अधिकांश लोगों की मृत्यु का कारण बनता है।

    मेलानोमा (Melanoma) का उपचार समय रहते करना ही बेहतर होता है अन्यथा इसके लिए सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बचता है।

 

 

स्किन कैंसर के लक्षण क्या होते हैं? (Skin Cancer Symptoms in Hindi)

 

 

किसी भी अन्य बीमारी की तरह स्किन कैंसर के भी कुछ लक्षण होते हैं, जो इस बीमारी की शुरूआत के संकेत देते हैं।

यदि किसी व्यक्ति को निम्नलिखित लक्षण नज़र आते हैं, तो उसे सर्तक हो जाना चाहिेए-


 

  • खुजली का होना- यह इस कैंसर के होने का सबसे सामान्य लक्षण है, जिसमें व्यक्ति को काफी खुजली होती है।

    आमतौर पर, लोग इसे सामान्य समस्या समझते हैं और इसलिए उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।


     

  • लाल दब्बों का पड़ना- यदि किसी व्यक्ति की त्वचा पर लाल दब्बे पड़ जाते हैं, तो उसे इसे नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए और इसकी सूचना तुंरत अपने डॉक्टर को देनी चाहिए।

     

  • त्वचा पर पपड़ी का उभरना- अक्सर, त्वचा पर पपड़ी के जमा होने लगती है।

    इसी कारण इस समस्या के होने पर व्यक्ति को इसकी जांच करानी चाहिए


     

  • अल्सर का होना- कई बार स्किन कैंसर के होने पर अल्सर की समस्या भी हो जाती है।

    अत: यदि किसी भी व्यक्ति को अचानक से अल्सर हो जाता है, उसे इसकी जांच तुंरत करानी चाहिए।


     

  • मस्सों का होना- स्किन कैंसर का अन्य लक्षण त्वचा पर मस्सों का होना भी होता है।

    इसी कारण यदि किसी व्यक्ति के शरीर पर अचानक मस्से हो जाते हैं तो उसे इसकी सूचना अपने डॉक्टर से करानी चाहिए ताकि इसका इलाज समय रहते किया जा सके और स्किन कैंसर होने की संभावना को कम किया जा सके।

 

 

स्किन कैंसर के कारण क्या हैं? (Causes of Skin Cancer in Hindi)

 

 

यह कैंसर कई सारे कारणों से हो सकता है, जिनमें से प्रमुख 4 कारण निम्नलिखित हैं-

 

 

  1. धूप के संपर्क में रहना- स्किन कैंसर मुख्य रूप से उन लोगों में होने की संभावना अधिक रहती है, जो ज्यादा समय धूप में बिताते हैं।

    चूंकि, सूरज की किरणों में अल्ट्रावॉयलेट किरण होती हैं, इसलिए ये त्वचा पर दुष्प्रभाव डालती हैं और त्वचा के कैंसर की संभावना भी बढ़ जाती है।


     

  2. फेमिली हिस्ट्री का होना- कई बार यह कैंसर उस व्यक्ति को भी हो सकती है, जिनके परिवार में किसी अन्य व्यक्ति को स्किन कैंसर होता है।

    इसी कारण ऐसे व्यक्ति को अपने स्वास्थ की जांच करानी चाहिए ताकि यह पुष्टि हो सके कि उसे यह समस्या हो सकती है अथवा नहीं।


     

  3. रेडियोथेरेपी का दुष्प्रभाव का पड़ना- स्किन कैंसर उस स्थिति में भी हो सकती है, जब किसी व्यक्ति के द्वारा की गई रेडियोथेरेपी असफल हो जाती है।

    ऐसे में रेडियोथेरेपी के बाद व्यक्ति को तमाम सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि उसे किसी तरह के जोखिमों का सामना न करना पड़े।


     

  4. शरीर में अधिक मात्रा में मस्सों का होना- यदि किसी व्यक्ति के शरीर में अधिक मात्रा में मस्से हो जाते हैं, तो उसे यह कैंसर होने की संभावना अधिक रहती है।

    अत: ऐसे व्यक्ति को मस्सों को समाप्त करने की कोशिश करनी चाहिए ताकि उसे किसी किस्म की परेशानी न हो।

 


स्किन कैंसर का इलाज कैसे किया जा सकता है? (Skin Cancer Treatments in Hindi)

 

 

यह सवाल उस व्यक्ति के लिए काफी मायने रखता है, जो इस त्वचा के कैंसर से पीड़ित होता है। ऐसे व्यक्ति को सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है ताकि वह इस समस्या से निजात पा सके।

 

यदि कोई व्यक्ति स्किन कैंसर का इलाज कराना चाहता है, तो वह इसके लिए निम्नलिखित तरीकों को अपना सकता है-


 

  • घरेलू नुस्खों को अपनाना- इस कैंसर का इलाज कई घरेलू नुस्खों के द्वारा भी किया जा सकता है।

    इसके लिए सिरके, नारियल तेल और बैकिंग सोडा के पेस्ट को लगाना, विटामिन टी एवं आयोडीन युक्त भोजन करना इत्यादि तरीकों को अपनाया जा सकता है।


     

  • कैंसर रहित क्रीम को लगाना- कुछ डॉक्टर स्किन कैंसर के इलाज के लिए कैंसर रहित क्रीम लगाने की सलाह देते हैं।

    इसमें यह क्रीम लाभदायक साबित हो सकती है।


     

  • कीमोथेरेपी कराना- इस कैंसर का इलाज कीमोथेरेपी के द्वारा भी संभव होता है।

    इस सर्जरी के द्वारा कैंसर के टिशू को नष्ट किया जाता है।


     

  • बायोप्सी कराना- कई बार स्किन कैंसर का बायोप्सी सर्जरी के द्वारा भी किया जाता है।

    बायोप्सी सर्जरी के माध्यम से इस बात का पता लगाया जाता है, कि यह कैंसर किस हद तक बढ़ गया है।


     

  • एक्सकिशनल  सर्जरी कराना- स्किन कैंसर के उपचार में एक्सकिशनल सर्जरी (excisional surgery) भी उपयोगी साबित हो सकती है।

    इस सर्जरी के माध्यम से त्वचा के कैंसरयुक्त अंग को काट दिया जाता है और उसकी जगह पर सेहतमंद त्वचा के हिस्से को लगा जाता है।


     

  • मोहस सर्जरी कराना- यह सर्जरी भी त्वचा के कैंसर के उपचार का अन्य तरीका होता है।

    मोहस सर्जरी (Mohs Surgery) के द्वारा त्वचा के स्तर को एक-एक कर निकाला जाता है और प्रत्येक कार्य को माइक्रोस्कोप की निगरानी में किया जाता है।

 

 

स्किन कैंसर के इलाज की कीमत कितनी होती है? (Skin Cancer Treatment Cost in Hindi)

 

 

जब बात स्किन कैंसर का इलाज कराने की आती है, तो इसके लिए सर्वोत्तम जगह दिल्ली-NCR ही होती है। भारत की राजधानी होने के कारण यहां पर इसके लिए सर्वोत्तम अस्पताल/क्लीनिक मौजूद हैं।

इनमें कोई भी व्यक्ति अपना इलाज आसानी से करा सकता है क्योंकि इसके लिए उसे मात्र 10 हजार से 2.5 लाख रूपये खर्च करने की जरूरत पड़ती है।

 

 

स्किन कैंसर के जोखिम क्या-क्या हो सकते हैं? (Skin Cancer Complications in Hindi)

 

 

चूंकि, लोगों के मन में कैंसर को लेकर काफी डर रहता है, इसी कारण वे इसका इलाज नहीं करा पाते हैं। ऐसा किसी भी व्यक्ति के लिए करना नुकसानदायक साबित हो सकता है और इसके परिणामस्वरूप उसे कुछ गंभीर परेशानियों से भी गुजरना पड़ सकता है।


 

यदि स्किन कैंसर का इलाज सही समय पर न कराया जाए, तो यह बीमारी घातक रूप ले सकती है, और इसके निम्नलिखित 5 जोखिम हो सकते हैं-


 

  1. स्किन कैंसर का फिर से होना- यदि इस कैंसर का इलाज समय रहते न किया जाए तो यह फिर से हो सकता है और उस स्थिति में इसका उपचार केवल सर्जरी के माध्यम से ही किया जा सकता है।

    इसी कारण इसका इलाज समय रहते कराना ही बेहतर होता है।


     

  2. इस कैंसर का शरीर के अन्य अंगों में फैलना- कई बार ऐसा भी देखा गया है कि त्वचा का कैंसर कुछ समय के बाद शरीर के अन्य अंगों में फैल जाता है।

    ऐसी स्थिति में व्यक्ति को मेडिकल सहायता की आवश्यकता पड़ती है।


     

  3. सर्जरी वाली जगह से बालों का गिरना- अक्सर, सर्जरी के बाद व्यक्ति के शरीर के उस अंग के बाल झड़ जाते हैं, जहां पर सर्जरी को किया गया था।

    हालांकि, इस स्थिति में हेयर ट्रांसप्लांट एक उपयोगी उपाय साबित हो सकता है।


     

  4. लार ग्रंथि का खराब होना- चूंकि, यह कैंसर गर्दन के आस-पास भी हो सकता है, इसी कारण इसकी वजह से लार ग्रंथि पर भी बुरा असर पड़ सकता है और वह खराब हो सकती है।

     

  5. मृत्यु हो जाना- यदि यह कैंसर लाइलाज रह जाता है, तो यह व्यक्ति के मृत्यु का भी कारण बन सकता है।

    अत: समझदारी इसी में है कि इसका इलाज सही समय पर और सर्वोत्तम तरीके से करना ही बेहतर उपाय होता है।

 

 

स्किन कैंसर की रोकथाम कैसे की जा सकती है? (Preventions of Skin Cancer in Hindi)

 


संभवत: यह कैंसर अधिकांश लोगों में देखने को मिल रहा है और उन्हें इसकी वजह से काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद ऐसे कुछ तरीके मौजूद हैं, जिनके द्वारा इसे रोका जा सकता है।

 

यदि कोई व्यक्ति स्किन कैंसर की संभावना को रोकना चाहता है, तो वह कुछ महत्वपूर्ण तरीकों को अपना सकता है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-


 

  • दिन में धूप में न जाना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि त्वचा के लिए सूरज की किरण हानिकारक होती है।

    इसी कारण किसी भी व्यक्ति को दिन में धूप के संपर्क में नहीं आना चाहिए क्योंकि उस दौरान धूप ज्यादा होती है और इसकी सीधा असर त्वचा पर पड़ता है।


     

  • सन्सक्रीम का इस्तेमाल करना- त्वचा पर किसी भी तरह का नुकसान न हो, इसके लिए बेहतर यही है कि घर से बाहर जाते समय सन्सक्रीम का इस्तेमाल किया जाए।

    सन्सक्रीम धूप के प्रकोप को कम करने में सहायक होती है, जिससे त्वचा पर किसी तरह का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है।


     

  • अच्छी तरह कपड़े पहनना- यदि किसी व्यक्ति को दिन में घर जाने की जरूरत है, तो उसे ऐसे कपड़े पहनने चाहिए, जो उसे धूप से बचा सकें।

    ऐसा करके वह त्वचा संबंधी बीमारियों से बच सकता है और इसके साथ में उसकी त्वचा का रंग भी ठीक बना रहता है।


     

  • धूप के चश्में पहनाना- किसी भी व्यक्ति के लिए धूप के चश्में का इस्तेमाल करना लाभदायक साबित हो सकता है।

    इस चश्में को पहनने से वह न सिर्फ अपनी आंखों की रक्षा कर सकता है अपितु अपनी त्वचा में किसी तरह के खतरों की संभावना को कम कर सकता है।


     

  • लिप बाम लगाना- यह कैंसर मुख्य रूप से होठ जैसे शरीर के ऊपरी हिस्सों में होता है।

    इसी कारण व्यक्ति को इनका विशेष ध्यान रखना चाहिए और घर से बाहर जाते समय लिप बाम का उपयोग करना चाहिए।


     

  • त्वचा की जांच कराना- स्किन कैंसर से बचने का सबसे महत्वपूर्ण और प्रमुख तरीका अपने त्वचा का समय-समय पर जांच कराना है।

    ऐसा करके व्यक्ति इस बात को लेकर सेचत रह सकता है कि कहीं उसे त्वचा का कैंसर होने वाला तो नहीं और यदि उसे यह पता चलता है कि उसे यह बीमारी हो सकती है तो उस स्थिति में समय रहते इसका इलाज शुरू करा सकता है।


 

 

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि जब भी हम घर से बाहर जाते हैं, तो उस समय हमारे शरीर के कुछ प्रमुख अंग जैसे आंख, नाक, होंठ इत्यादि धूप के संपर्क में आते हैं।

इसी कारण स्किन कैंसर (Skin Cancer) मुख्य रूप से इन्हीं अंगों में होते हैं और इनका उपचार करने के लिए लोगों को मेडिकल सहायता की जरूरत होती है।

 

इसके बावजूद यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अधिकांश लोगों में त्वचा के कैंसर की अधिक जानकारी नहीं है इसलिए वे इससे निजात नहीं पा पाते हैं।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें स्किन कैंसर की आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में किसी व्यक्ति को त्वचा संबंधित किसी समस्याओं और उनके उपचार के संभावित तरीकों की अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह इसके लिए 95558-12112 पर Call करके उसकी मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है।