प्रसव (डिलीवरी) के प्रकारों के लाभ और जोखिम से जुड़ी आवश्यक जानकारी

आज कल बहुत सारी गर्भवती महिलाएं बच्चे को जन्म देने के लिए आधुनिक प्रकारों को अपना रही हैं, जिससे उन्हें और उनके होने वाले बच्चे को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

इसके विपरीत कुछ ऐसी भी कुछ महिलाएं हैं, जिन्हें प्रसव (डिलीवरी) से संबंधित पूर्ण जानकारी नहीं है इसलिए वे सही तरीके को अपना नहीं पाती हैं।

अगर आप भी प्रसव (डिलीवरी) की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहती हैं, तो इस लेख को अवश्य पढ़ना चाहिए।

आमतौर पर, प्रसव (डिलीवरी) के 4 प्रकार होते हैं, जिन्हें  वेजिनल, सीजेरियन सेक्शन (सी-सेक्शन), वैक्यूम एक्सट्रैक्शन और फोरसेप्स के नामों से जाना जाता है।

इन 4 के कुछ अपने लाभ और जोखिम हैं, जो इस प्रकार हैं।


 

1. वेजिनल डिलीवरी- यह प्रसव का सबसे साधारण तरीका है।


इसके निम्नलिखत लाभ होते हैं-


 

  • महिला का अस्पताल में कम समय तक रहना

     

  • बच्चे के जन्म के बाद कम दर्द होना

     

  • महिला की सेहत में जल्दी-से सुधार होना


    वेजिनल प्रसव के कुछ जोखिम भी होते हैं, जो इस प्रकार हैं-


 

  • इसके लगभग 2 घंटों तक महिला की सेहत में कोई सुधार नज़र नहीं आना।

     

  • महिला को काफी थकान का महसूस होना।

     

  • बच्चे की स्थित में कुछ परेशानी का होना।



    2.सीजेरियन सेक्शन - सीजेरियन सेक्शन से तात्पर्य ऐसी प्रक्रिया से है, जिसमें मां के पेट और गर्भाशय में सर्जिकल चीरे के माध्यम से बच्चे का जन्म होता है।


    सीजेरियन सेक्शन के अपने लाभ होते हैं, जो इस प्रकार हैं-


     

  • मां और बच्चे की जान बचाने का सर्वेश्रेष्ठ तरीका

     

  • किसी प्रकार का दर्द न होना


    सीजेरियन सेक्शन के कुछ जोखिम भी होते हैं,जो इस प्रकार हैं-


     

  • रक्तस्राव होना

     

  • गर्भाशय में संक्रमण होना

     

  • गर्भपात का खतरा होना


    3.वैक्यूम एक्सट्रैक्शन डिलीवरी - जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि इस प्रक्रिया में वैक्यूम का उपयोग किया जाता है, जिसकी सहायता से बच्चे को मां की गर्भ नली से बाहर निकाला जाता है।


    वैक्यूम एक्सट्रैक्शन डिलीवरी के निम्नलिखित लाभ होते हैं-


     

  • एक वेंटहाउस में वैक्यूम की तुलना में योनि के फटने की संभावना का कम होना।

     

  • तमाम जटिलताओं के साथ में बच्चे के प्रसव को संभव करना।

     

  • सी-सेक्शन से बेहतर विकल्प


    इसके कुछ जोखिम भी होते हैं, जो इस प्रकार हैं-


     

  • एनेस्थेसिया की आवश्यकता का पड़ना।

     

  • वैक्यूम से बच्चे के सिर पर चोट लगना।

     

  • बच्चे की रेटिना में चोट लगने की संभावना।

 
 

4. फोरसेप्स डिलीवरी- वैक्यूम एकस्ट्रैक्शन की तरह, फोरसेप्स डिलीवरी भी एक प्रकार की ऑपरेटिव प्राकृतिक डिलीवरी है, जिसमें योनि नलिका से बच्चे को खींचने के लिए एक विशेष फोरसेप्स का उपयोग किया जाता है।


फोरसेप्स डिलीवरी के निम्नलिखित लाभ होते हैं-


 

  • कम समय में प्रसव (डिलावरी) करना

     

  • वैक्यूम की तुलना में अधिक सफल होना

     

  • एनेस्थेसिया का उपयोग करना



फोरसेप्स डिलीवरी के कुछ जोखिम भी होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

 

  • दिमाग में रक्तस्राव होना

     

  • बच्चे के सिर और त्वचा पर चोट के निशान पड़ना।

     

  • योनि को नुकसान पहुंचना।

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जैसा कि हम सभी यह जानते है कि प्रत्येक गर्भवती महिला की यह इच्छा होती है कि जन्म लेने वाला बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हो।


इसके लिए वह हर संभव करती है, इसके बावजूद उसे इस बात की जानकारी नहीं होती है कि उसके बच्चे का जन्म कई तरीकों से संभंव है, इसी कारणवश वह सर्वोत्तम तरीके को अपना नहीं पाती है।


हमने इस लेख में डिलीवरी के प्रकारों और उनके संभावित लाभ और जोखिमों से संबंधित आवश्यक जानकारी दी है। अत: हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा।


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