क्या है प्रोस्टेट कैंसर? पूर्ण जानकारी (Prostate Cancer in Hindi)

प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer) पुरूषों को होने वाली प्रमुख समस्या है, जिसे पौरूष ग्रंथि के कैंसर के नाम से भी जाना जाता है।

हिंदूस्तान टाइम्स नामक समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार भारत में फेंफड़ों और मुंह के कैंसर के बाद प्रोस्टेट कैंसर तीसरी ऐसी समस्या है, जो अधिकांश पुरूषों में देखने को मिलती है, यह समस्या लगभग 7 प्रतिशत पुरूषों में देखने को मिल रही है।

इस समस्या पर बात करने से पहले आइए पहले कैंसर के बारे में थोड़ी जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। कैंसर से तात्पर्य उस स्थिति से है, जिसमें किसी व्यक्ति के विशेष अंग में कोशिकाओं का विकास असामान्य तरीके से हो जाता है।

कैंसर मुख्य रूप से कई तरह के होते हैं, जिनमें ब्रेस्ट कैंसर, फेंफड़ों का कैंसर, त्वचा का कैंसर, पित्ताशय का कैंसर इत्यादि प्रमुख हैं।

इस लेख में हम लोग प्रोस्टेट कैंसर के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं, ताकि लोगों में इसकी प्रति जागरूकता फैल सके और वह अपना बेहतर इलाज करा सकें।

क्या है प्रोस्टेट कैंसर? (Meaning of Prostate Cancer in Hindi)

प्रोस्टेट कैंसर से तात्पर्य ऐसे कैंसर से है, जो मुख्य रूप से पौरूष ग्रंथि में उत्पन्न होता है।

प्रोस्टेट पुरूषों में होने वाली एक छोटी सी ग्रंथि होती है, जो पेट के निचले हिस्से में स्थित होती है। यह ग्रंथि तरल प्रदार्थ का निर्माण करती है, जिसे वीर्य (Semen) के नाम से जाना जाता है।

इस वीर्य में ही शुक्राणु (Sperm) मौजूद होता है, जो किसी महिला को गर्भाधरण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जब इस ग्रंथि में कोशिकाओं का विकास असामान्य तरीके से हो जाता है, उसे प्रोस्टेट कैंसर के नाम से जाना जाता है।

आप नीचे दी गई वीडियों को देखकर भी प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer Video) के बारे में जान सकते हैं-

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प्रोस्टेट कैंसर के कितने प्रकार हैं? (Types of Prostate Cancer in Hindi)

प्रोस्टेट कैंसर मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं, जो निम्नलिखित हैं-

  1. एग्रेसिव या तीव्र विकसित होने वाला कैंसर- यह इस कैंसर का सामान्य प्रकार होता है, जो काफी तेज़ी से विकसित होता है और इसके साथ में यह शरीर के अन्य अंगों में भी फैल सकता है।

  2. नॉन एग्रेसिव या धीमी गति से विकसित होने वाला कैंसर- यह प्रोस्टेट कैंसर का अन्य प्रकार है, जो केवल पौरूष ग्रंथि में ही उत्पन्न होता है और सामान्य उपचार के तरीकों से ठीक हो जाता है।

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण क्या होते हैं? (Symptoms of Prostate Cancer in Hindi)

आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि इस कैंसर की शुरूआत का पता नहीं चलता है इसी कारण कई सारे पुरूष इस कैंसर की रोकथाम समय रहते नहीं कर पाते हैं।

लेकिन, ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है कि क्योंकि किसी भी अन्य बीमारी की तरह प्रोस्टेट कैंसर के भी कुछ लक्षण होते हैं, जो इसकी शुरूआत के संकेत देते हैं।

यदि किसी पुरूष को ये 5 लक्षण नज़र आते हैं, तो उसे तुंरत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए-

 

  1. बार-बार मूत्र आना- यह प्रोस्टेट कैंसर का प्रमुख लक्षण होता है, जिसमें पुरूष को बार-बार मूत्र जाना पड़ता है।

    यदि किसी पुरूष को यह लक्षण नज़र आता है, तो उसे इसकी जानकारी डॉक्टर को तुंरत देनी चाहिए।

  2. मूत्र करते समय खून का आना- यदि किसी पुरूष को मूत्र करते समय उसमें खून आता है, तो उसे इसकी सूचना डॉक्टर को देनी चाहिए और इसका इलाज तुंरत शुरू कराना चाहिए।

  3. शीघ्रपतन का होना- इस कैंसर का अन्य लक्षण शीघ्रपतन भी है, यदि कोई पुरूष इस समस्या से पीड़ित है, तो उसे अपने स्वास्थ की जांच करानी चाहिए क्योंकि यह समस्या प्रोस्टेट कैंसर का संकेत साबित हो सकती है।

  4. पीठ में दर्द का होना- यदि किसी पुरूष को पीठ में दर्द रहने की समस्या रहती है, तो उसे नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि इसकी वजह से उसे यह कैंसर हो सकता है।

  5. मूत्र का रूक-रूक कर होना- कई बार प्रोस्टेट कैंसर की शुरूआत में व्यक्ति को मूत्र सही तरीके से नहीं हो पाता है और वह रूक-रूककर होता है।

    इसी कारण किसी भी पुरूष को इस समस्या को नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए और इसका इलाज तुंरत शुरू कराना चाहिए।

प्रोस्टेट कैंसर के कारण क्या हैं? (Causes of Prostate Cancer in Hindi)

यह सवाल हर पुरूष के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके उत्तर के द्वारा वह इस कैंसर से अपनी रक्षा कर सकता है।

यह कैंसर कई सारे कारणों से हो सकता है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

  • अधिक उम्र का होना- यह कैंसर मुख्य रूप से उम्रदराज पुरूषों में होने की संभावना अधिक रहती है, इसलिए इस उम्र के पुरूषों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए और किसी भी तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

  • फेमिली हिस्ट्री का होना- यदि किसी परिवार में प्रोस्टेट कैंसर के मरीज पहले से मौजूद हैं, तो यह कैंसर उस परिवार के अन्य सदस्यों को भी हो सकता है।

    अत: हर पुरूष को इस बात का पता लगाना चाहिए कि उसके परिवार में किसी और सदस्य को यह बीमारी तो नहीं है।

  • मोटापा का होना- यह समस्या उन पुरूषों को भी हो सकती है, जिनका वजन अधिक होता है।

    इसी कारण हर व्यक्ति को अपने वजन का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि उसे यह कैंसर होने की संभावना न सके।

  • खराब भोजन करना- यदि कोई पुरूष पौष्टिक भोजन नहीं करता है तो उसे प्रोस्टेट कैंसर हो सकता है।

    अत: हर व्यक्ति को अपने खराब भोजन नहीं करना चाहिए और हेल्थी डाइट को अपनाना चाहिए।

  • हार्मोन परिवर्तन का होना– यह कैंसर कई बार हॉर्मोन के असामान्य तरीके से परिवर्तन होने के कारण भी हो जाता है।

    इस स्थिति में हॉर्मोन को नियंत्रित रखने वाली दवाईयां लाभदायक साबित हो सकती हैं।

प्रोस्टेट कैंसर का इलाज कैसे किया जा सकता है? (Prostate Cancer Treatment in Hindi)

संभवत: ज्यादातर पुरूष इस कैंसर को एक लाइलाज समस्या समझते हैं और इसी कारण वे इससे निजात नहीं पा सकते हैं, लेकिन यदि उन्हें यह जानकारी होती कि वे कई सारे तरीकों के द्वारा कैंसर का इलाज करा सकते हैं, तो शायद उनकी ज़िदगी भी बेहतर हो जाती।

 

यदि कोई व्यक्ति पौरूष ग्रंथि के कैंसर से पीड़ित है, तो उसके लिए ये 5 तरीके सहायक साबित हो सकते हैं-

 

  1. देशी इलाज को अपनाना- प्रोस्टेट कैंसर का इलाज देशी तरीके से भी किया जा सकता है।

    इसमें खान-पान में बदलाव करना, आयुर्वेदिक दवाई लेना इत्यादि लाभकारी उपाय साबित हो सकता है।

  2. होम्योपैथिक इलाज कराना- चूंकि, होम्योपैथिक के जोखिम काफी होते हैं, इसी कारण बहुत सारे लोग इसे एक बेहतर विकल्प मानते हैं।

    इस कैंसर के संदर्भ में भी होम्योपैथिक इलाज कराना उपयोगी साबित हो सकता है।

  3. दवाई लेना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि यह कैंसर हार्मोन के असामान्य परिवर्तन के कारण भी होता है।

    अत: इसका उपचार कई सारी दवाईयों के माध्यम से भी किया जा सकता है। ये दवाईयां हार्मोन परिवर्तनों को नियंत्रण में करती हैं।

  4. सर्जरी कराना- जब किसी भी अन्य तरीकों से पौरूष ग्रंथि के कैंसर का उपचार नहीं हो पाता है, तब सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बचती है।

    इस सर्जरी को प्रोस्टेटेक्टमी (Prostatectomy) के नाम से जाना जाता है, जिसमें सर्जिकल तरीके से प्रोस्टेट ग्रंथि को निकाल दिया जाता है।

प्रोस्टेट कैंसर सर्जरी कितनी सफल प्रक्रिया है, यह जानने के लिए प्रोस्टेटेक्टमी वीडियो (Prostatectomy Video) को देखें :

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प्रोस्टेटेक्टमी सर्जरी की कीमत क्या है? (Cost of Prostatectomy Surgery in Hindi)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि इस कैंसर का सर्वोत्तम इलाज सर्जरी है, जब कोई डॉक्टर किसी पुरूष को इस सर्जरी कराने की सलाह देते हैं, तो उस समय उसके मन में यह सवाल जरूर आता है कि प्रोस्टेट कैंसर सर्जरी की कीमत क्या है।

यह सवाल उसके लिए काफी मायने रखता है क्योंकि इसका असर उसकी आर्थिक स्थिरता पर पड़ता है।

हो सकता है कि कुछ पुरूष इस सर्जरी को एक महंगी प्रक्रिया समझें और इसी कारण वे इसे कराने से भी हिचकें, लेकिन यदि उन्हें यह पता हो कि यह एक किफायदी प्रक्रिया है, जिसे कराने के लिए उन्हें मात्र रूपये 5 से 10 लाख खर्च करने की जरूरत है, तो शायद बिना किसी चिंता के इसे करा पाते।

यह भी देखें- प्रोस्टेट कैंसर सर्जरी के सर्वोत्तम अस्पताल/क्लीनिक

प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम क्या-क्या हो सकते हैं? (Complications of Prostate Cancer in Hindi)

ऐसा कहा जाता है कि किसी भी बीमारी को नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह समय के साथ गंभीर रूप ले सकती है, यह बात पौरुष ग्रंथि के कैंसर पर भी लागू होती है इसी कारण किसी भी पुरूष को इसका इलाज समय रहते ही शुरू कराना चाहिए ताकि उसे निम्नलिखित जोखिमों का सामना करना न पड़े-

 

  • शीघ्रपतन का होना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि शीघ्रपतन भी इस कैंसर के होने का प्रमुख कारण होता है।

    यदि प्रोस्टेट कैंसर का इलाज न किया जाए तो यह शीघ्रपतन की समस्या यूंही बनी रह सकती है।

  • मूत्र अनियमिता का होना- प्रोस्टेट कैंसर के लाइलाज रहने पर पुरूष की मूत्र प्रणाली पर विशेष प्रभाव पड़ता है और उसे मूत्र अनियमिता की समस्या से जूझना पड़ सकता है।

  • तनाव का होना- इस कैंसर का असर पुरूष की मानसिक स्वास्थ पर भी पड़ता है और जब उसे इससे निजात नहीं मिलती है, तो वह उसे लेकर चिंतित रहने लगता है।

    प्रोस्टेट कैंसर के कारण बहुत सारे पुरूषों को तनाव की समस्या भी हो सकती है।

  • इस कैंसर का फैलना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि प्रोस्टेट कैंसर दो प्रकार के होते हैं।

    अत: इसका समय पर इलाज न होने की स्थिति में यह शरीर के अन्य अंगों में भी फैल सकता है।

  • यौनिक इच्छा में कमी का होना- कई बार ऐसा भी देखा गया है कि प्रोस्टेट कैंसर के लाइलाज रहने पर कुछ लोगों की यौनिक इच्छा प्रभावित होती है।

    इसके परिणामस्वरूप उनकी यौनिक इच्छा कम हो जाती है।

प्रोस्टेट कैंसर की रोकथाम कैसे की जा सकती है? (Preventions of Prostate Cancer in Hindi)

निश्चित रूप से यह कैंसर अधिकांश पुरूषों में देखने को मिलता है। उन्हें इस दौरान बहुत सारी परेशानियों से भी गुजरना पड़ता है लेकिन इन सभी के बावजूद यदि प्रत्येक पुरूष कुछ सावधानियों को अपनाए, तो वह इस कैंसर के होने की संभावनाओं को काफी हद तक कम कर सकता है।

प्रोस्टेट कैंसर की रोकथाम इन 5 तरीकों के द्वारा संभव है-

  1. पौष्टिक आहार करना- इस कैंसर के होने का प्रमुख कारण पौष्टिक आहार न खाना होता है, इसी कारण किसी भी व्यक्ति को अपने आहार के साथ लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और उसे केवल पौष्टिक आहार ही करना चाहिए।

  2. व्यायाम करना- किसी भी बीमारी की रोकथाम में व्यायाम को महत्वपूर्ण कार्य समझता जाता है क्योंकि यह व्यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

    यह बात प्रोस्टेट कैंसर के संदर्भ में भी लागू होती है और इसी कारण प्रत्येक पुरूष को व्यायाम कररना चाहिए ताकि उसे यह कैंसर न हो पाए।

  3. डॉक्टर से बात करना- यदि किसी पुरूष को अपने शरीर में प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण नज़र आते हैं तो उसे बिना देरी किए इसकी सूचना अपने डॉक्टर को देनी चाहिए।

    इस कैंसर से पीड़ित पुरूष को किसी चीज की शर्म नहीं करनी चाहिए और उसे इसके बारे में अपने डॉक्टर से खूलकर बात करनी चाहिए।

  4. सामान्य वजन को बनाए रखना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि यह कैंसर अधिक वजन वाले पुरूषों को भी हो सकता है।

    इसी कारण अधिक वजन वाले पुरूषों को अपने वजन को कम करने की कोशिश करनी चाहिए और यदि उन्हीं किसी भी तरीके से आराम नहीं मिलता है तो उस स्थिति में वे बेरियाट्रिक सर्जरी भी करा सकते हैं।

  5. धू्म्रपान न करना- ध्रूमपान को सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन समझा जाता है क्योंकि इससे शरीर खोखला हो जाता है और इसके साथ में यह मनुष्य की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी प्रभावित करता है।

    अत: किसी भी पुरूष को ध्रूमपान नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे उसे प्रोस्टेट कैंसर की संभावना बढ़ सकती है।

यह कैंसर कितना तेज़ी से फैल रहा है, इसका अदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि हर साल 11 जून को विश्व प्रोस्टेट कैंसर दिवस (World Prostate Cancer Day) के रूप में मनाया जाता है।

ऐसा करने का प्रमुख उद्देश्य पुरूषों में प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer) के प्रति जागरूकता को फैलाना है, ताकि वे इस कैंसर से अपनी रक्षा कर सकें।

इन सभी प्रयासों के बावजूद यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब भी ऐसे बहुत सारे पुरूष हैं, जिन्हें इस कैंसर के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं है और इसी कारण वे इसकी चपेट में आ जाते हैं।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें प्रोस्टेट कैंसर से संबंधित आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति पुरूष स्वास्थ संबंधी समस्याओं और उनके उपचार के संभावित तरीकों के बारे में अधिक जानकारी जानना चाहता है तो वह इसके लिए 95558-12112 पर Call करके यह जानकारी प्राप्त कर सकता है।

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