हाई अटैक से बचाने में करागर हैं ये 5 उपाय (Heart attack in Hindi)

Heart attack in hindi

हार्ट अटैक की वजह से बहुत सारे लोगों को अपनी ज़िदगी से हाथ धोना पड़ता है।
‘द हिंदू’ नामक समाचार पत्र में छपी रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल 15 प्रतिशत लोगों की मौत हार्ट अटैक की वजह से हो जाती है।
यह आंकडे इस बीमारी की भयावह स्थिति को बयां करने के लिए काफी हैं, लेकिन फिर भी यह काफी दुर्भाग्य की बात है कि बहुत सारे लोग इसकी पूरी जानकारी से अनजान हैं।

अगर आप भी ऐसे ही लोगों में शामिल हैं, तो आपको इस लेख को पूरा पढ़ना चाहिए क्योंकि इसमें हार्ट अटैक से जुड़ी आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

क्या है हार्ट अटैक? (What is heart attack?- in Hindi)

हार्ट अटैक से तात्पर्य दिल में खून की आपूर्ति न होने पर दिल की मांसपेशियों का खराब होना है।
हालांकिं, हार्ट अटैक का इलाज सही समय पर कदम उठाने के साथ संभव है, लेकिन यदि इससे पीड़ित व्यक्ति को समय रहते अस्पताल न पहुंचाया जाए तो यह उसकी मौत का कारण भी बन सकता है।
आमतौर पर, यह खून की आपूर्ति ब्लड क्लोंट्स से दिल की मांसेपिशियों की धमनियों में ब्लॉकेज के कारण होती है।
जब दिल की मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं, तो इससे व्यक्ति को सीने में दर्द होने लगता है।

हार्ट अटैक के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of heart attack in Hindi)

किसी भी अन्य बीमारी की तरह हार्ट अटैक के भी कुछ लक्षण होते हैं, जो इसके संकेत होते हैं।
यदि किसी व्यक्ति को ये 6 संकेत नज़र आते हैं, तो उसे तुरंत सावधान हो जाना चाहिए और आवश्यक कदम उठाना चाहिए-

  1. छाती या कंधे में दर्द होना, जो गर्दन, जबड़े या कमर तक बढ़ सकता है- यह हार्ट अटैक का प्रमुख लक्षण है, जिसमें व्यक्ति को शरीर के कुछ अंगों जैसे छाती, कंधे इत्यादि में तेज़ दर्द होता है।
    कुछ समय के बाद यह दर्द शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है और व्यक्ति को तुरंत मेडिकल हेल्प की जरूरत पड़ती है।
  2. उल्टी, अपच, गैस या पेट दर्द होना- कई बार, कुछ लोगों को हार्ट अटैक होने पर उल्टी, अपच, गैस या पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
    पहली नज़र में ये सामान्य चीज़े लग सकती हैं और इसी कारण बहुत सारे लोग इनका इलाज नहीं कराते हैं, लेकिन उनका ऐसा करना उनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
  3. सांस लेने में तकलीफ होना- यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ महसूस होती है, तो उसे इसकी जानकारी अपने डॉक्टर को देनी चाहिए क्योंकि यह दिल के दौरे का संकेत हो सकता है।
  4. पसीने आना- अक्सर, दिल के दौरे की शुरूआत पसीने के साथ होती है।
    अत: इसी स्तर पर सही इलाज देना सही तरीका साबित हो सकता है।
  5. भूख लगना- दिल के दौरे का अन्य लक्षण भूख न लगना भी है।
    आमतौर पर, लोग इसकी सटीक वजह से नहीं जान पाते हैं और इसी कारण, वे हार्ट अटैक के शिकार बन जाते हैं।
  6. हल्का सिरदर्द या चक्कर आना- हल्का सिरदर्द होना या चक्कर आना भी हार्ट अटैक का संकेत साबित हो सकता है।
    अत: समझदारी इसी में है कि कोई भी व्यक्ति इसे नज़रअदाज़ न करे और इसका इलाज जल्द से जल्द कराए।

हार्ट अटैक के साइड-इफेक्ट्स कौन-कौन से हो सकते हैं? (side-effects of heart attack- in Hindi)

दिल के दौरे का असर अलग-अलग लोगों पर अलग-अलग पड़ सकता है।
जहां एक ओर, कुछ लोग दिल के दौरे से होने वाले नुकसान से आसानी से उबर जाते हैं, वहीं दूसरी ओर, कुछ लोगों के लिए हार्ट अटैक काफी सारी परेशानियों का कारण बन सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को दिल के दौरा पड़ जाता है, तो उसे निम्नलिखित साइड-इफेक्ट्स का सामना करना पड़ सकता है-

  • दिल की धड़कनों का सही गति से चलना– दिल के दौरे से पीड़ित व्यक्ति को दिल की धड़कनों से असामान्य गति से चलने की परेशानी से गुजरना पड़ता है।
    इसकी वजह से उसे बहुत जल्दी थकान हो जाती है।
  • एनजाइना की बीमारी का होना- हार्ट अटैक के होने पर एनजाइन के होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
    इसी कारण, यदि किसी व्यक्ति को सीने के दर्द की शिकायत रहती है, तो उसे इसकी तुरंत जांच करानी चाहिए ताकि वह इससे छुटकारा पा सके।
  • शरीर के अंगों का खराब होना- दिल के दौरे का असर केवल दिल पर न होकर उसके शरीर के अन्य अंगों जैसे कंधे. पैर, गर्दन, जबड़े इत्यादि पर भी पड़ता है।
    अत: हार्ट अटैक इन अंगों के खराब होने का कारण बन सकता है।
  • हार्ट ब्लॉकेज होना- अक्सर, ऐसा देखा गया है कि हार्ट अटैक होने पर लोगों का हार्ट ब्लॉक हो जाता है।
    हालांकि, इसका इलाज कोरोनरी एंजियोग्राफी के द्वारा संभव है, लेकिन, फिर भी ऐसे लोगों किसी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
  • मौत होना- हार्ट अटैक का सबसे बड़ा साइड-इफेक्ट्स होना है।
    विश्वभर में हर साल बहुत सारे लोगों की मौत दिल के दौरे के पड़ने के कारण हो जाती है।

हार्ट अटैक से बचाव कौन-से हैं? (Precautions of heart attack- in Hindi)

हालांकि, दिल का दौरा पड़ना किसी भी व्यक्ति को खतरनाक साबित हो सकता है।
लेकिन, इसके बावजूद राहत की बात यह है कि कोई भी व्यक्ति इन 5 उपायों को अपनाकर इससे बचाव कर सकता है-

  1. एक्सराइज़ करना– हार्ट अटैक से बचाव करने में एकसराइज़ करना बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
    यह शरीर की मांसपेशियों को मज़बूत करने और प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी पावर) को बेहतर करने में सहायक साबित हो सकती है।
  2. हेल्थी डाइट अपनाना- ऐसा माना जाता है कि हमारे खान-पान का हमारे शरीर पर सीधा असर पड़ता है।
    यह बात हार्ट अटैक के संबंध में भी लागू होती है।
    इसी कारण, यदि कोई व्यक्ति दिल के दौरे से अपना बचाव करना चाहता है तो उसे अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए और केवल हेल्थ डाइट की अपनाना चाहिए।
    उसकी डाइट पर कम कोलेस्ट्रॉल वाला भोजन, बिना तला हुआ भोजन, हरी सब्जी एवं फल इत्यादि शामिल होने चाहिए।
  3. स्मोकिंग या शराब का सेवन न करना- स्मोकिंग या शराब का सेवन करने वाले लोगों में दिल के दौरे के पड़ने की संभावना काफी हद तक बढ़ने की संभावना रहती है।
    अत: उन्हें इन नशीली चीज़ों से परहेज़ रखना चाहिए ताकि उनकी ज़िदगी खतरे में न पड़े और वे खुशहाल ज़िदगी जी पाएं।
  4. संतुलित वजन को बनाए रखनाजिन लोगों का वजन अधिक होता है, उन्हें कई सारी बीमारियां जैसे डायबिटीज, रक्तचाप, दिल की बीमारी इत्यादि होने की संभावना रहती हैं।
    इसी कारण, सभी लोगों को अपने वजन पर विशेष ध्यान रखना चाहिए और उसे किसी भी स्थिति में बढ़ने से रोकना चाहिए।
  5. हेल्थ चेकअप करना- यह सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है, जिसका पालन सभी लोगों को करना चाहिए।
    यदि हम लोग अपना समय-समय पर हेल्थचेकअप कराएं, तो यह हमें हेल्थी रखने में मदद करते हैं।
    यदि हार्ट अटैक के संदर्भ में बात की जाए, तो इससे बचाव करने के लिए समय-समय पर हेल्थचेकअप करना चाहिए ताकि उसे यह पता चले कि उसे कोई बीमारी नहीं है।
    पहले से मौजूद बीमारी का पता लगाने के साथ-साथ हेल्थचेकअप किसी गंभीर बीमारी के संभावित लक्षणों का पता लगाने में सहायता करता है और उसका समय रहते इलाज कराने में भी प्रेरित करता है।

पहले के ज़माने में ऐसी बहुत सारी बीमारियां थी, जिनका कोई इलाज संभव नहीं था और यह बहुत सारे लोगों की मौत का कारण बन जाती थी।
लेकिन, अब समय काफी बदल चुका है और ज्यादातर बीमारियों का इलाज संभव है।
यदि दिल के दौरे की बात की जाए, तो थोड़ी सावधानी बरतकर इससे छुटकारा पाया जा सकता है।
इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा और आप इस लेख में दी गई जानकारी के आधार पर अपनी और अपने प्रियजनों की रक्षा कर सकेगें।

बार-बार पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

 Q1. हार्ट अटैक कितने समय तक रह सकता है?
Ans- आमतौर पर, हार्ट अटैक 10-15 मिनट तक रहता है, लेकिन यदि इस पर तुरंत काबू न पाए जाए, तो यह व्यक्ति की मौत का कारण भी बन सकता है।

Q2. हार्ट अटैक के कितने समय तक सीने में दर्द रह सकता है?
Ans- हार्ट अटैक का सबसे ज्यादा असर सीने पर पड़ता है। इस दौरान व्यक्ति को तेज़ सीने में दर्द होता है, जो कुछ समय के बाद गंभीर रूप ले सकता है।
सीने का दर्द मुख्य रूप से 15 मिनट या उससे अधिक समय तक रह सकता है, जो कई बार एनजाइना का कारण भी बन जाता है।

Q3. पहली बार दिल का दौरा पड़ने के कितने समय तक व्यक्ति ज़िदा रह सकता है?
Ans- पहली बार दिल का दौरा पड़ने पर, ज्यादातर लोग काफी लंबे समय तक ज़िदा रह जाते हैं।
हालांकि, 45 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों में 20 प्रतिशत लोगों को अगले 5 सालों में दिल का दौरा पड़ जाता है।

Q4. क्या बिना मेडिकल सहायता के हार्ट अटैक को काबू में किया जा सकता है?
Ans- चूंकि, हार्ट अटैक कभी भी पड़ सकता है, ऐसे में लोगों के लिए हार्ट अटैक से पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल में ले जाना कई बार असंभव साबित हो जाता है। अत: उन्हें मेडिकल सहायता की बजाय खुद ही कदम उठाने चाहिए ताकि इससे पीड़ित व्यक्ति को जल्द-से-जल्द ठीक किया जा सके।

Q5. मीनी हार्ट अटैक में कैसा महसूस होता है?
Ans- मीनी हार्ट अटैक में दबाव, ऐंठन, बैचेनी महसूस होती है।
इसके अलावा मीनी हार्ट के दौरान शरीर के ऊपरी हिस्सों जैसे कंधे, कमर, पीठ, जबड़े, पेट इत्यादि में भी बैचेनी महसूस होती है।

Q6. माइनर हार्ट अटैक क्या है?
Ans- जब हार्ट अटैक के लक्षण नज़र नहीं आते हैं और लोगों को यह पता नहीं चलता है कि उन्हें कब हार्ट अटैक आ गया, ऐसे हार्ट अटैक को माइनर हार्ट अटैक कहा जाता है।

Q7. क्या हार्ट अटैक में दर्द होता है?
Ans- जी हां, हार्ट अटैक में दर्द होता है। आमतौर पर, हार्ट अटैक की शुरूआत सीने में दर्द के साथ होती है, जो कुछ समय के बाद शरीर के अन्य हिस्सों जैसे कंधे, हाथ, गर्दन इत्यादि में फैल सकता है।

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