जानें पाइल्स ऑपरेशन की पूर्ण जानकारी।(Piles Operation-in Hindi)

Overview

पाइल्स ऑपरेशन (Haemorrhoidectomy) को मुख्य रूप से पाइल्स या बवासीर का इलाज करने के लिए किया जाता है।

बवासीर होने की समस्या उन लोगों में जयादा  होती है, जिनकी उम्र अधिक होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अधिक उम्र होने पर व्यक्ति का पाचन तंत्र हो जाता है और वह भोजन को पचा नहीं पाता है। ज्यादातर लोग इस बात से अनजान होते हैं कि किसी भी अन्य बीमारी की तरह पाइल्स का भी इलाज संभव है, जिसे पाइल्स ऑपरेशन के द्वारा किया जा सकता है।

चूंकि, लोगों को पाइल्स ऑपरेशन (Haemorrhoidectomy) की जानकारी नहीं होती है, इसी कारण वे इसका लाभ नहीं उठा पाते हैं, और इसी कारण उन्हें बवासीर की पेरशानियों से जूझना पड़ता है। यदि आप भी ऐसे ही लोगों में शामिल हैं और इस ऑपरेशन के बारे में पर्याप्त जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको इस लेख को अवश्य पढ़ना चाहिए।

पाइल्स ऑपरेशन क्या होता है? (What is Piles Operation-in Hindi)

पाइल्स का ऑपरेशन या बवासीर का ऑपरेशन से तात्पर्य ऐसी सर्जरी है, जिसे बवासीर का इलाज करने के लिए किया जाता है।

ऐसे कुछ लोग होते हैं, जिन्हें अन्य तरीकों से जीवनशैली में बदलाव करना, दवाई लेना, व्यायाम इत्यादि को अपनाने के बाद भी बवासीर या पाइल्स से आराम नहीं मिलता है, ऐसे लोगों के लिए एकमात्र विकल्प पाइल्स का ऑपरेशन (Haemorrhoidectomy) ही बचता है।

पाइल्स ऑपरेशन कितने प्रकार के होते हैं? (Types of Piles Operation-in Hindi)

पाइल्स ऑपरेशन मुख्य रूप से 5 प्रकार के होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  1. रबर बैंड लीगेशन- रबर बैंड लीगेशन (Rubber Band Ligation) से तात्पर्य ऐसी प्रक्रिया से है, जिसे रक्तस्राव या प्रोलैंपशिंग इंटरनल हेमोर्रोइड्स (Prolapsing Internal Hemorrhoids) का इलाज करने के लिए किया जाता है।

    इस प्रक्रिया में गुदे के आस-पास बैंड को बांधा जाता है, जिसे रक्त की आपूर्ति बंद हो जाती है और बवासीर में आराम हो जाता है।

  2. कोएगुलेशन- जब किसी व्यक्ति का बवासीर अपने आरंभिक चरण में होता है, तो उस स्थिति में कोएगुलेशन (Coagulation) सर्जरी को किया जाता है।

    इस प्रक्रिया में बवासीर का इलाज करने के लिए डॉक्टर बिजली के करंट या इन्फ्रारेड लाइट का उपयोग करते हैं।

  3. स्क्लेरोथेरेपी- स्क्लोरथेरेपी (Sclerotherapy) प्रक्रिया में डॉक्टर  केमिकल सॉल्यूशन को आंतरिक रक्तस्राव में इंजेक्ट करता है।

    यह सॉल्यूशन अंग के चारों ओर तंत्रिका अंत को सुन्न करता है, जिससे दर्द भी कम होता है।

  4. हेमरॉयडेक्टमी- हेमरॉयडेक्टमी (Hemorrhoidectomy) सर्जरी को करने का उद्देश्य बवासीर को ठीक करना है।

    इस प्रक्रिया को अस्पताल में किया जाता है, जहां मरीज को स्पाइनल ब्लॉक या सामान्य एनेस्थीसिया दिया जाता है।

  5. हेमोर्रोइड्स स्टैपलिंग- हेमोर्रोइड्स स्टैपलिंग (Hemorrhoid stapling) से तात्पर्य ऐसी प्रक्रिया से है, जिसे आंतरिक बवासीर के बढ़ जाने की स्थिति में किया जाता है। हालांकि, इसे बाह्ररी बावसीर को ठीक करने के लिए नहीं किया जा सकता है।

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पाइल्स ऑपरेशन कब किया जाता है? (Indications for Piles Operation-in Hindi)

डॉक्टर किसी भी व्यक्ति को पाइल्स की सर्जरी कराने की सलाह कुछ विशेष स्थितियों में ही देते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  1. बवासीर से पीड़ित होना- पाइल्स ऑपरेशन को मुख्य रूप से उस व्यक्ति को कराने की सलाह दी जाती है, जो बवासीर या पाइल्स की समस्या से पीड़ित होता है।

  2. गुदे में असहनीय दर्द होना- जब किसी व्यक्ति के गुदे में असहनीय दर्द होता है, तब डॉक्टर उसे पाइल्स ऑपरेशन कराने की सलाह देते हैं।

  3. मलत्याग करने में परेशानी होना- यदि किसी व्यक्ति को मलत्याग करने में परेशानी होती है और उसे इस कार्य को करने के लिए काफी ज़ोर लगाना पड़ता है, तो स्थिति में पाइल्स ऑपरेशन को किया जाता है।

  4. किसी अन्य तरीकों का कारगर साबित न होना- पाइल्स ऑपरेशन या बवासीर के ऑपरेशन को उस स्थिति में भी किया जाता है, जब किसी व्यक्ति को पेट संबंधी अन्य समस्याओं में किसी अन्य इलाज के तरीकों से राहत नहीं मिलती है।

बवासीर ऑपरेशन कैसे होता है? (Procedure of Piles Operation-in Hindi)

पाइल्स ऑपरेशन को काफी सावधानी से किया जाता है, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण स्टेप शामिल होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  • स्टेप 1: व्यक्ति को एनेस्थीसिया देना- पाइल्स ऑपरेशन या बवासीर के ऑपरेशन की शुरूआत व्यक्ति को एनेस्थीसिया देकर होती है।

    व्यक्ति को एनेस्थीसिया इसलिए दिया जाता है, ताकि उस व्यक्ति इस दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और इसके साथ में डॉक्टर इस ऑपरेशन से आराम से कर सकें।

  • स्टेप 2: गुदे के आस-पास कट को लगाना- व्यक्ति को एनेस्थीसिया देने के बाद डॉक्टर उसके गुदे के आस-पास छोटे से कट को लगाते हैं।

    गुदे पर कट को इसलिए लगाया जाता है ताकि इस प्रक्रिया सटीकता से किया जा सके।

  • स्टेप 3: स्टेपलर का उपयोग करना- गुदे पर कट को लगाने के बाद डॉक्टर बवासीर को ठीक करने के लिए स्टेपलर का उपयोग करते हैं।

    स्टेपलर के द्वारा बवासीर को बाहर निकाला जाता है, जिससे व्यक्ति को इस समस्या से आराम मिल सके।

  • स्टेप 4: कट को बंद करना- व्यक्ति के शरीर से बवासीर को बाहर निकालने के बाद डॉक्टर गुदे पर बनाए गए कट को बंद कर देते हैं।

  • स्टेप 5: व्यक्ति को डिस्चार्ज करना- इस प्रक्रिया को करने के बाद व्यक्ति को कुछ देर के लिए सुधार कक्ष में रखा जाता है।

    जैसे ही इस बात की पुष्टि हो जाती है कि अब वह पूरी तरह से ठीक है, डॉक्टर उसे डिस्चार्ज कर देते हैं।

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बवासीर ऑपरेशन की कीमत कितनी होती है? (Cost of Piles Operation-in Hindi)

जब किसी व्यक्ति को यह पता चलता है कि अब उसे पाइल्स ऑपरेशन को कराना है, तो उसके मन में सबसे पहला सवाल इसकी कीमत को लेकर ही आता है।

उस व्यक्ति का इस सवाल को लेकर परेशान होना लाज़मी है क्योंकि इस सर्जरी की कीमत सीधे तौर पर उसकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करती है।

आमतौर पर इस ऑपरेशन को एक महंगी प्रक्रिया समझा जाता है, इसी कारण कई सारे लोग इसे नहीं करा पाता है, लेकिन यदि उन्हें यह पता हो कि पाइल्स का ऑपरेशन का किफायदी प्रक्रिया है, जिसकी औसतन कीमत 48460 हजार से 1,000 लाख होती है, तो शायद उन्हें भी बवासीर की समस्या से निजात मिल जाती।

पाइल्स ऑपरेशन के जोखिम क्या हैं? (Side-Effects of Piles Operation-in Hindi)

हालांकि, पाइल्स ऑपरेशन बवासीर का इलाज करने का अचूक तरीका है, इसके बावजूद किसी भी अन्य प्रक्रिया की तरह पाइल्स ऑपरेशन के भी कुछ जोखिम होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  1. संक्रमण का होना- कई बार पाइल्स ऑपरेशन के बाद संक्रमण का जोखिम हो जाता है।

    हालांकि, ऐसी स्थिति में डॉक्टर मरीज को कुछ दवाईयां देते हैं, ताकि इस संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके।

  2. रक्तस्राव का होना- पाइल्स ऑपरेशन के बाद रक्तस्राव होना आम बात होती है, लेकिन यदि यह अधिक मात्रा में होता है, तो यह गंभीर विषय है।

    इसी कारण डॉक्टर को उस बात का विशेष देना चाहिए और इसके होने पर तुंरत सही कदम उठाने चाहिए।

  3. ब्लड क्लोट्स का होना- कुछ लोगों को पाइल्स सर्जरी के बाद ब्लड क्लोट्स की समस्या भी हो जाती है।

    हालांकि, ऐसा बहुत कम मामलों में होता है फिर भी यह इस सर्जरी का मुख्य जोखिम है।

  4. चोट लगना- अक्सर ऐसा देखा गया है कि कुछ लोगों को पाइल्स सर्जरी के बाद गुदे में चोट लग जाती है।

    हालांकि, यह चोट समय के साथ ठीक हो जाती है, लेकिन यह काफी लंबे समय तक वैसे ही बनी रहती है, तो तुंरत मेडिकल सहायता लेने की जरूरत पड़ सकती है।

  5. सूजन का होना-  कुछ लोगों को पाइल्स ऑपरेशन के बाद गुदे में सूजन हो जाती है।

    ऐसे लोगों को गुदे की सूजन को कम करने के लिए डॉक्टर से संपर्क करने की आवश्यकत पड़ती है।

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पाइल्स ऑपरेशन के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (Prevention after Piles operation-Hindi)

यदि किसी व्यक्ति का हाल ही में बवासीर का ऑपरेशन हुआ है, तो उसे कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि ये उसे जल्दी से ठीक होने में सहायता करती है।

पाइल्स ऑपरेशन के बाद व्यक्ति को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, जो इस प्रकार हैं-

  • उच्च फाइबर युक्त भोजन करना- यदि किसी व्यक्ति का हाल ही में पाइल्स का ऑपरेशन हुआ हो तो उसे अपने भोजन का पूरा ध्यान रखना चाहिए।

    उसे ऐसा भोजन करना चाहिेए, जिसमें उच्च मात्रा में फाइबर युक्त हो क्योंकि यह भोजन उसे जल्दी से ठीक होने में सहायता कर सकता है।

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीना- इस ऑपरेशन के बाद व्यक्ति को एक दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए।

    इससे उसके शरीर में पानी की कमी नहीं होगी और उसे किसी तरह की कमजोरी भी महसूस नहीं होगी।

  • स्टूल स्फॉटनर का उपयोग करना- अक्सर, इसे कराने वाले लोगों को मल त्याग करने में काफी परेशानी होती है। इसे कम करने के लिए डॉक्टर उसे स्टूल स्फॉटनर देते हैं।

    इसलिए उस व्यक्ति को स्टूल स्फॉटनर का प्रयोग करना चाहिए और इसके साथ में मल त्याग करते समय ज्यादा ज़ोर नहीं लगाना चाहिए।

  • भारी व्यायाम न करना- यदि किसी व्यक्ति ने हाल ही में पाइल्स ऑपरेशन या बवासीर के ऑपरेशन को कराया है, तो उसे भारी व्यायाम को नहीं करना चाहिए क्योंकि इसका असर उसके पेट पर पड़ता है।

  • सिट्स बाथ लेना- पाइल्स सर्जरी के बाद व्यक्ति को सिट्स बाथ को लेना चाहिए ताकि उसके शरीर को पानी से बचाया जा सके।

    सिट्स बाथ से तात्पर्य ऐसे स्नान से है, जिसमें व्यक्ति बैठता है और पानी केवल उसके गुदे पर ही पड़ता है।

  • ज्यादा देर तक न बैठना- बवासीर के ऑपरेशन के बाद व्यक्ति को सामान्य गतिविधियों का ध्यान रखना चाहिए और उसे किसी भी जगह पर ज्यादा देर तक नहीं बैठना चाहिए।

  • शौच जाने से न रूकना- यह इस सर्जरी के बाद किए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है।

    यदि किसी व्यक्ति को शौच आता है, तो उसे रोकना नहीं चाहिए क्योंकि उसे ज्यादा देर रोकने से उसके पेट या उसके आस-पास पर बुरा असर पड़ता है।

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि आज कल बहुत सारी समस्याएं फैल रही हैं। उनमें बवासीर या पाइल्स भी शामिल हैं। हालांकि, ज्यादातर लोगों को इसके शुरूआती लक्षणों का पता नहीं चलता है, लेकिन समय बीतने के साथ-साथ यह बीमारी भी बढ़ने लगती है। बवासीर के बढ़ जाने पर जब इलाज का कोई अन्य तरीका काम नहीं आता है, तो उस स्थिति में पाइल्स ऑपरेशन या बवासीर का ऑपरेशन (Piles Operation) ही एकमात्र विकल्प बचता है।

चूंकि, लोगों में पाइल्स ऑपरेशन या बवासीर के ऑपरेशन के प्रति जागरूकता नहीं होती है, इसी कारण वे इसे सही समय पर नहीं करा पाते हैं।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुई होगी क्योंकि हमने इस लेख में बवासीर के ऑपरेशन की आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में किसी व्यक्ति को पाइल्स ऑपरेशन की अधिक जानकारी चाहिए तो वह इसके लिए 08448398633 पर Call करके इसकी मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है।

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