क्या है मुंह का कैंसर, कैसे करें उपचार? (Oral Cancer in Hindi)

मुंह का कैंसर (Oral Cancer) के मरीज़ों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। टाइम्स नाउ की हालिया रिपोर्ट के अनुसार भारत में वर्ष 2018 में इस कैंसर के लगभग 11.5 लाख नए मामले दर्ज किए गए हैं।

ये आंकड़ें इस कैंसर की गंभीरता को बयां करने के लिए काफी हैं। इसके बावजूद यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोगों में इस कैंसर के प्रति जागरूकता की कमी है और इसी कारण वे इसका शिकार आसानी से हो जाते हैं।

इसी कारण यह जरूरी है कि लोगों को मुंह के कैंसर की जानकारी दी जाए ताकि वे इससे अपनी रक्षा कर सकें और इसके अलावा यदि यह समस्या किसी व्यक्ति को हो जाए तो वह इसका सटीक इलाज करा सके।

तो आइए, इस लेख के माध्यम से ओरल कैंसर के बारे में जानने की कोशिश करते हैं।

 

 

क्या है मुंह का कैंसर? (Meaning of Oral Cancer in Hindi)

 

 

मुंह के कैंसर से तात्पर्य ऐसे कैंसर से हैं, जो मुख्य रूप से मुंह या कैंसर के टिशू में उत्पन्न होता है इसके अलावा यह कैंसर होंठ, मसूड़े, जीभ इत्यादी में भी हो सकता है।

यदि इसका इलाज समय पर न किया जाए तो यह घातक रूप ले सकता है और उस स्थिति में कैंसर सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बचता है।

 

 

मुंह का कैंसर के शुरूआती लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Oral Cancer in Hindi)

 

 

किसी भी अन्य समस्या की तरह मुंह का कैंसर से भी कुछ शुरूआती लक्षण होते हैं, जो इसके होने का संकेत देते हैं।



यदि किसी व्यक्ति को ये 5 लक्षण नज़र आते हैं, तो उसे इन्हें नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए-


 

  1. मुंहे का छालों का लंबे समय तक रहना- मुंह में छाले की समस्या हर व्यक्ति को होती है, जो कुछ समय के बाद स्वयं ही ठीक हो जाती है।

    लेकिन, कुछ लोगों में यह समस्या लंबे समय तक रह सकती है, ऐसे लोगों को अपने स्वास्थ की जांच अच्छे से करानी क्योंकि यह मुंह के कैंसर का कारण बन सकती है।


     

  2. मुंह में खाल का होना- कभी-कभी ऐसा देखा गया है कि कुछ लोगों के मुंह में खाल का छोटा सा टुकड़ा बन जाता है, जिसकी वजह से उसे बोलने में भी परेशानी होती है।

    अत: यदि किसी व्यक्ति के मुंह में छोटी सी खाल बन जाती है, तो उसे इसकी जांच तुंरत करानी चाहिए।


     

  3. निगलने में तकलीफ का होना- मुंह का कैंसर उस स्थिति में भी हो सकता है , जब किसी व्यक्ति को निगलने में तकलीफ होने लगती है और यह समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती रहती है।

    अत: इससे पीड़ित व्यक्ति को किसी भी तरह के कदम को उठाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।


     

  4. गले में सूजन का होना- मुंह का कैंसर उस व्यक्ति को भी हो सकता है, जिसके गले में सूजन हो जाती है।

    अधिकांश लोग इस स्थिति में घरेलू नुस्खों को अपनाते हैं, लेकिन हर बार यह तरीका लाभदायक साबित नहीं होता है क्योंकि इसकी वजह से यह परेशानी बढ़ भी सकती है।


     

  5. अचानक वजन का कम होना- यदि किसी व्यक्ति का वजन अचानक से कम हो जाता है, तो उसे इसकी सूचना अपने डॉक्टर को जरूर देनी चाहिए और इसकी जांच करानी चाहिए क्योंकि मुंह का कैंसर का लक्षण हो सकता है।

 


मुंह का कैंसर कैसे होता है ? (Causes of Oral Cancer in Hindi)

 

 

यह मुख का कैंसर कई सारे कारणों से हो सकता है, इसी कारण यदि किसी व्यक्ति को उन कारणों की जानकारी हो, तो वह इस कैंसर से अपनी रक्षा कर सकता है।

 

 

मुंह का कैंसर होने के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं-

 

 

  • तंबाकू का सेवन करना- इस कैंसर के होने की संभावना उन लोगों में अधिक होती है, जो तंबाकू का सेवन करते हैं।

    इसके साथ में यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से सिगरेट, सिगार इत्यादि पीता है, तो उसे भी मुंह का कैंसर हो सकता है।


     

  • शराब की आदात का होना- यदि कोई व्यक्ति अधिक मात्रा में शराब का सेवन करता है, तो उसे यह कैंसर हो सकता है।

    इसी कारण किसी भी व्यक्ति को शराब का सेवन नहीं करना चाहिए और यदि वह ऐसा करता है तो वह उसे सीमित रूप में शराब पीनी चाहिए।


     

  • कमजोर रोग- प्रतिरोधक क्षमता का होना- मुंह का कैंसर उस व्यक्ति को भी हो सकता है, जिसकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।

    रोग-प्रतिरोध क्षमता (immune system) से तात्पर्य उस क्षमता से है, जिसकी सहायता से व्यक्ति का शरीर किसी रोग का सामना बेहतर तरीके से कर पाता है और वह जल्दी से ठीक होता है।

    इसके विपरीत जिस व्यक्ति की यह क्षमता कमजोर होती है, तो वह थोड़े-थोड़े समय में बीमार पड़ जाता है।


     

  • अपौष्टिक भोजन को करना- अपौष्टिक भोजन भी इस कैंसर की संभावना को बढ़ा सकता है।

    अत: हर व्यक्ति को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए और हेल्थी डाइट को ही अपनाना चाहिए।

    उस व्यक्ति को फल, सब्जियों, नट्स, फल के रस इत्यादि का सेवन करना चाहिए और इसके साथ में उसे जंग-फूड, तेलयुक्त भोजन, डिब्बेबंद इत्यादि भोजन को नहीं करना चाहिए क्योंकि इस तरह का भोजन उस व्यक्ति को बीमार कर सकता है।


     

  • ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) का होना- यह कैंसर उस व्यक्ति को भी हो सकता है, जो ह्यूमन पेपिलोमा वायरस के संपर्क में होता है।

    इसी कारण डॉक्टर इस बात का पता लगाते हैं कि किसी व्यक्ति के शरीर में यह वायरस तो नहीं है।

 

 

मुंह के कैंसर का इलाज कैसे करें ? (Oral Cancer Treatments in Hindi)

 

 

यह सवाल हर उस व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है, जो या तो मुख के कैंसर से पीड़ित है अथवा जिसमें मुंह का कैंसर हो सकता है।

यह काफी दुख की बात है कि ज्यादातर लोगों को इस कैंसर के उपचार के संभावित तरीकों की जानकारी नहीं होती है, इसी कारण वे इससे निजात नहीं पा पाते हैं और जिसके कारण उनकी मृत्यु भी हो जाती है।


यदि किसी व्यक्ति को मुंह का कैंसर है, तो वह इसका उपचार इन 5 तरीकों से कर सकता है-


 

  1. दवाई लेना- किसी भी अन्य बीमारी की तरह मुंह का कैंसर भी कुछ दवाईयों के सेवन से ठीक हो सकता है।

    ये दवाईयां शरीर में इस कैंसर की गति को रोक देती हैं, जिससे यह कैंसर शरीर के अन्य अंगों में फैलता नहीं है।


     

  2. रेडिएशन थेरेपी लेना- कई बार डॉक्टर मुंह के कैंसर का उपचार रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therepy) के माध्यम से करते हैं।

    इस थेरेपी के माध्यम से शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है।


     

  3. बायोप्सी सर्जरी कराना- मुंह का कैंसर कई बार बायोप्सी सर्जरी के द्वारा भी ठीक हो जाता है।

    इस सर्जरी में शरीर में कैंसरयुक्त टिशू को अलग किया जाता है और उस प्रकार इस बीमारी का इलाज किया जाता है।


     

  4. कीमोथेरेपी कराना- कई बार डॉक्टर मुंह के कैंसर का इलाज करने के लिए कीमोथेरपी को अपनाते हैं।

    इस प्रक्रिया में कैंसर को नष्ट करके व्यक्ति को ठीक किया जाता है।

    इस तरीके का इस्तेमाल लगभग कैंसर के प्रत्येक प्रकार जैसे ब्रेस्ट इंप्लांट, फेफड़ों के कैंसर, ब्रेन ट्यूमर इत्यादि का इलाज करने के लिए किया जाता है।


     

  5. कैंसर सर्जरी कराना- जब मुख की इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति को उपचार के किसी अन्य तरीकों से आराम नहीं मिलता है, तब उस स्थिति में कैंसर सर्जरी कराने की सलाह दी जाती है।

    इसमें ट्यूमर एवं उसके आस-पास के टिशू को सर्जिकल तरीके से निकाला जाता है।

 

 

कैंसर सर्जरी की कीमत कितनी है? (Cost of Cancer Surgery in Hindi)

 

 

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कैंसर सर्जरी के द्वारा मुंह के कैंसर का इलाज आसानी से किया जा सकता है।

ऐसे में जब कोई डॉक्टर किसी व्यक्ति को इस सर्जरी को कराने की सलाह देेते हैं, तो उसके मन में सवाल जरूर आता है कि इसकी कीमत कितनी है।

उसका इस सवाल को लेकर परेशान होना स्वाभाविक है क्योंकि इसका सीधा असर उसकी आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।

हो सकता है कि कई सारे लोग कैंसर सर्जरी को एक मंहगी प्रक्रिया समझें और इसी कारण वे न करा पाएं, लेकिन यदि उन्हें पता हो कि यह एक किफायदी प्रक्रिया है, जिसे वह मात्र 3.5 लाख के खर्च पर करा सकता है, तो शायद वे इसे बिना किसी चिंता से करा पाए।

 

 

मुंह के कैंसर के जोखिम क्या हो सकते हैं? (Complications of Mouth Cancer in Hindi)

 

 

ऐसा माना जाता है कि किसी भी बीमारी को नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए और उसका इलाज समय रहते ही करा लेना चाहिए।

यह बात मुंह के कैंसर पर भी लागू होती है, अत: ओरल कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को इसका इलाज सही समय पर कराना चाहिए अन्यथा मुंह का कैंसर घातक रूप ले सकता है और इससे पीड़ित व्यक्ति को निम्नलिखित परेशानियां हो सकती हैं-


 

  • निगलने में परेशानी का बढ़ना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि मुंह का कैंसर के प्रमुख लक्षण में से एक निगलते समय परेशानी का होना भी है।

    ऐसे में यदि इसका इलाज सही समय पर न कराया जाए, तो यह समस्या बढ़ सकती है।

    यदि कोई व्यक्ति किसी तरह के भोजन को चबाता है, तो वह उसे निगल नहीं पाता है क्योंकि इस प्रकार उसे परेशानी का सामना करना पड़ता है।


     

  • आवाज़ का चले जाना- चूंकि, यह कैंसर मुंह के आस-पास के अंगों में होता है।

    अत: इसके लाइलाज रहने पर स्थिति बद-से-बदतर हो सकती है और इसकी वजह से व्यक्ति की आवाज़ भी चली जाती है।

    अन्य शब्दों में, व्यक्ति को किसी भी शब्द को बोलने में पेरशानी होती है और धीरे-धीरे यह समस्या काफी बढ़ जाती है।


     

  • भावनात्मक प्रभाव का पड़ना- मुंह का कैंसर व्यक्ति के शारीरिक के साथ-साथ भावनात्मक क्षमता को भी प्रभावित करता है।

    चूंकि, इस दौरान व्यक्ति को काफी मुशिकलों का सामना करना पड़ता है कि इसी कारण वह काफी तनावग्रस्त रहने लगता है।


     

  • जान से हाथ धोना- इस कैंसर के काफी समय तक लाइलाज रहने का परिणाम यह होता है कि इसकी वजह से व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाती है।

    इस प्रकार यह व्यक्ति के मौत का कारण बन जाता है, इसलिए समझदारी इसी में है कि समय रहते इस कैंसर का इलाज करा लिया जाए क्योंकि व्यक्ति की जान काफी अनमोल होती है और उसे किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहिए।

 


मुंह के कैंसर की रोकथाम कैसे करें? (Mouth Cancer Preventions in Hindi)

 

 

हालांकि, इस कैंसर के होने पर व्यक्ति को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन यदि वह कुछ विशेष सावधानियों को अपनाए तो वह मुंह के कैंसर की रोकथाम कर सकता है।
 


मुंह के कैंसर की रोकथाम इन 5 तरीकों से की जा सकती है-

 

 

  1. दांतों को नियमित रूप से ब्रश करना- हर व्यक्ति को अपने मुंह एवं दांतों का विशेष ध्यान रखना चाहिए और उसे हर दिन कम-से-कम 2 बार दांतों को ब्रश करना चाहिए।

    ऐसा करने से मुंह में ऐसे किसी कीटाणु पैदा नहीं होते हैं, जिसकी वजह से व्यक्ति को किसी तरह से परेशानी आए।


     

  2. ध्रूमपान न करना- ऐसा माना जाता है कि ध्रूमपान सेहत के लिए नुकसानदायक होता है।

    यह बात मुंह के कैंसर पर भी लागू होती है और इसी कारण व्यक्ति को ध्रूमपान नहीं करना चाहिए।


     

  3. तंबाकू का सेवन न करना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि मुंह का कैंसर मुख्य रूप से तंबाकू का अधिक मात्रा में सेवन करने के कारण होता है।

    अत: किसी भी व्यक्ति को तंबाकू नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह उसकी सेहत पर बुरा असर डाल सकता है।


     

  4. धूप में अधिक समय तक न रहना- मुंह का कैंसर कई बार धूप के संपर्क में अधिक समय तक रहने की वजह से भी हो जाता है।

    ऐसी कारण व्यक्ति को धूप में जाते समय सभी प्रकार की सुविधाओं को अपनाना चाहिए और यह कोशिश करनी चाहिए कि धूप उसके शरीर को ज्यादा नुकसान न पहुंचाए।


     

  5. मुंह की जांच कराना- इस कैंसर का संबंध मुंह से है, और ऐसे में यदि कोई व्यक्ति अपने मुंह का पूरा ख्याल नहीं करता है तो वह मुंह के कैंसर का शिकार बन सकता है।

    अत: यदि कोई व्यक्ति इस कैंसर से अपनी रक्षा करना चाहता है तो उसे नियमित समय में अपने मुंह की जांच करानी चाहिए।

 



जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि मुंह का कैंसर (Oral Cancer) उन लोगों में अधिक देखने को मिलता है, जो नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। इसके साथ में मुख की यह समस्या लोगों की मौत का भी कारण बनता जा रहा है।

हालांकि, इसे रोकने के लिए सरकार द्वारा तमाम कोशिशे की जाती हैं, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोग ओरल कैंसर इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं।


ऐसे में यह जरूरी है कि लोग इसके प्रति किसी तरह की लापरवाही न बरतें और इसका सही इलाज कराएं।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें मुंह के कैंसर (Mouth Cancer) की पूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है।

 

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति कैंसर या उसके इलाज के संभावित तरीकों की जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह इसके लिए 95558-12112 पर Call करके यह जानकारी प्राप्त कर सकता है।