क्या आप लिवर ट्रांसप्लांट कराना चाहते हैं? तो यह लेख जरूर पढ़ें

​​​​​लिवर मानव शरीर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, यह मुख्य रूप से प्रोटीन के साथ-साथ विषहरण (डिटाक्सिफिकैशन) का भी निर्माण करता है।

जब लिवर किसी कारणवश इस कार्य को नहीं कर पाता है, तो इससे सेहत खराब हो जाती है और इस स्थिति में लिवर ट्रांसप्लांट (Liver Transplant in Hindi) करना आवश्यक पड़ जाता है।

लिवर की कार्यप्रणाली को किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मशीन या डिवाइस के द्वारा ठीक नहीं किया जा सकता है। इस स्थिति में केवल जीवत व्यक्ति का लिवर ही कारगर साबित होता है।

चूंकि, बहुत सारे लोगों को लिवर ट्रांसप्लांट डोनर  की संपूर्ण जानकारी नहीं होती है, इसलिए वे इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाते हैं।

यदि आप भी इस जानकारी से वंचित हैं तो आपको इस प्रस्तुत को जरूर पढ़ना चाहिए क्योंकि हमने इस लेख में लिवर ट्रांसप्लाटं  की संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है।

Table of Contents

लिवर ट्रांसप्लांट डोनर क्या होता है? (Liver Transplant Donor in Hindi)

 

लिवर ट्रांसप्लांट डोनर  में लिविंग डोनर  से लीवर के एक हिस्से को एक प्राप्तकर्ता में ट्रांसप्लांट किया जाता है, जिसका लिवर सही से काम नहीं करता है।

डोनर के लिवर को ट्रांसप्लांट करने के बांद लिवर का बचा हुआ अंग फिर से बन जाता है और वह व्यक्ति इस सर्जरी के बाद कुछ महीनों के भीतर ही सेहतमंद हो जाता है।

इसी दौरान प्रत्यारोपित लिवर (डोनेट लिवर) का हिस्सा विकसित हो जाता है और वह व्यक्ति के शरीर के अनुकूल कार्य करने लगता है।

लिवर ट्रांसप्लांट डोनर कौन बन सकता है? (Criteria to become Liver Transplant Donor in Hindi)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि लिवर  मानव शरीर का महत्वपूर्ण अंग होता है। यह व्यक्ति को सेहतमंद रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

लिवर  के खराब हो जाने पर किसी भी व्यक्ति के लिए जीवन जीना कठिन बन जाता है। इस प्रकार लिवर की प्रत्यारोपण सर्जरी  करने से पहले डॉक्टर काफी सारी सावधानियां बरतते हैं।

वे लिवर को ट्रांसप्लांट  करने की अनुमित केवल उसी व्यक्ति को देते हैं, जिसमें ये 6 चीजें होती हैं-

  • वह शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हो।
  • उसकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच में हो।
  • उसका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 35 से कम हो।
  • उसका ब्लड ग्रुप प्राप्तकर्ता के ब्लड ग्रुप के सामान हो।
  • उसे शरीर के किसी अंग से संबंधित बीमारी (जैसे ह्रदय की बीमारी, किडनी की बीमारी इत्यादि) न हो।
  • उसे निम्नलिखित बीमारियां न हो-

कैंसर

एचआईवी/एड्स

हेपिटाइटिस

संक्रमण

इत्यादि

क्या होता है लिवर ट्रांसप्लांट ? (Liver Transplant in Hindi)

लिवर ट्रांसप्लांट  से तात्पर्य ऐसी सर्जिकल प्रक्रिया से है, जिसमें खराब लिवर (लिवर फेलियर) को हटाकर  उसकी जगह पर लीवर या मृतक डोनर  से स्वस्थ लिवर को लगाया जाता है।

आपका लिवर आपके शरीर का सबसे बड़ा आंतरिक अंग होता है, जो अति महत्वपूर्ण कार्यों को करता है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

  • रक्त से बैक्टीरिया और विषाक्त पदार्थों को निकालना

  • संक्रमण को रोकना और प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं को विनियमित करना

  • पित्त (bile) का उत्पादन करना, जो शरीर को वसा, कोलेस्ट्रॉल और वसा  में घुलनशील विटामिन को अवशोषित करने में मदद करता है।

  • प्रोटीन बनाना, जो रक्त के थक्को  को ठीक करने में सहायक होता है।

आमतौर पर लिवर ट्रांसप्लांट  को उन लोगों के लिए एक बेहतर उपचार विकल्प समझा जाता है, जो लिवर की बीमारी के अंतिम चरण पर पहुंच जाते हैं।

लिवर की प्रत्यारोपण सर्जरी की प्रतीक्षा करने वाले लोगों की संख्या, उपलब्ध मृतक-दाता लिवर की संख्या से बहुत अधिक है।

मानव का लिवर इस अंग को हटाने के कुछ ही समय बाद अपने सामान्य आकार में आ जाता है।

यह जीवित-दाता यकृत प्रत्यारोपण (लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट) को मृतक-दाता लिवर प्राप्त करने के लिए एक विकल्प बनाता है।

लिवर ट्रांसप्लांट कराने की सलाह किन लोगों को दी जाती है? (Indications of Liver Transplant in Hindi)

लिवर ट्रांसप्लांट कराने की सलाह मुख्य रूप से उन लोगों को दी जाती है, जिनका लिवर खराब हो जाता है और उसे किसी अन्य उपचार के तरीकों से नहीं किया जा सकता है।

लिवर ट्रांसप्लांट  उन लोगों के लिए कारगर साबित होता है, जो लिवर कैंसर से पीड़ित होते हैं।

जब लिवर कुछ हफ्तों खराब होता है, तो उस स्थिति को अक्यूट लिवर फेलियर (फुलमिनेंट हेपेटिक विफलता) कहा जाता है और इसके परिणामस्वरूरप लिवर में जख्म भी हो सकता है।

हालांकि, इस समस्या का समाधान लिवर ट्रांसप्लांट  के द्वारा किया जा सकता है।

इसके अलावा लिवर ट्रांसप्लांट  का उपयोग क्रानिक लिवर फेलियर को ठीक करने के लिए भी किया जाता है।

यह समस्या कई महीनों या सालों तक रह सकती है।

क्रॉनिक लिवर फेलियर की समस्या कई कारणों से हो सकती है। लेकिन इसमें सबसे आम कारण लीवर सिरोसिस होता है।

सिरोसिस से तात्पर्य उस प्रक्रिया है, जिसमें निशान ऊतक (स्कार टिशू) सामान्य यकृत ऊतक  की जगह लेते हैं और लिवर की कार्य-प्रणाली को बाधित करते हैं।

आमतौर पर सिरोसिस का समाधान करने के लिए लिवर सर्जरी   कराने की सलाह दी जाती है।

लिवर के खराब होने के कुछ मुख्य कारण होते हैं, जिनकी वजह से लिवर ट्रांसप्लांट  कराने की आवश्यकता पड़ती है, ये कारण इस प्रकार हैं-

  • हेपिटाइटिस बी और सी

 

  • अधिक मात्रा में शराब का सेवन करना

  • नॉनएल्कोहॉलिक फैटी लिवर की बीमरी का होना

  • लिवर को प्रभावित करने वाली अनुवांशिक बीमारी (हेमोक्रोमैटोसिस और विल्सन रोग सहित)

ऐसे रोग जो पित्त नलिकाओं (यकृत से पित्त को बाहर ले जाने वाली नलियों) को प्रभावित करते हैं, जैसे कि प्राथमिक पित्त सिरोसिस, प्राथमिक स्केलेरोजिंग चोलेंजाइटिस और पित्त आंत्रशोथ।

बच्चों में यकृत प्रत्यारोपण (लिवर ट्रांसप्लांट) कराने का सबसे आम कारण पित्त की थैली में परेशानी का होना होता है।

लिवर ट्रांसप्लांट  के द्वारा ऐसे कैंसरों को भी ठीक किया जा सकता है, जो लिवर में होते हैं।

लिवर ट्रांसप्लांट को कैसे किया जाता है? (Procedure of Liver Transplant in Hindi)

लिवर ट्रांसप्लांट ऑपरेशन की शुरूआत में व्यक्ति को एनेस्थीसिया दिया जाता है, ताकि उसे इस दौरान किसी तरह का दर्द महसूस न हो।

ट्रांसप्लांट सर्जन व्यक्ति के लिवर तक पहुंचने के लिए उसके पेट पर एक लंबा चीरा लगाता है।

उस चीरे का स्थान और आकार मुख्य रूप से सर्जन के दृष्टिकोण और उस व्यक्ति की शारीरिक रचना पर निर्भर करता है।

इसके बाद सर्जन उस व्यक्ति की रक्त आपूर्ति और पित्त नलिकाओं को काट देते हैं और खराब लिवर को हटा देते हैं।

फिर सर्जन डोनर लीवर को व्यक्ति के शरीर में लगा देते हैं और रक्त वाहिकाओं और पित्त नलिकाओं को फिर से जोड़ देते हैं।

इस पूरी सर्जरी में 12 घंटे का समय भी लग सकता है, जो मुख्य से व्यक्ति के स्वास्थ की स्थिति पर निर्भर करता है।

एक बार जब नए लिवर को लगा दिया जाता है, तब सर्जन उस सर्जिकल चीरे को बंद करने के लिए टांके और स्टेपल का उपयोग करता है।

लिवर ट्रांसप्लांट ऑपरेशन  के अंत में व्यक्ति को रिकवरी रूम ले जाया जाता है और वहां पर उसके स्वास्थ को मॉनिटर किया जाता है।

लिवर ट्रांसप्लांट डोनर कितने प्रकार के होते हैं? (Types of Liver Transplant Donor in Hindi)

लिवर ट्रांसप्लांट  डोनर मुख्य रूप से 4 प्रकार के होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  1. डायरेक्टिड लिवर ट्रांसप्लांट डोनर- ज्यादातर लोग उस व्यक्ति को अपने लिवर का अंग डोनेट करते हैं, जिन्हें वे जानते हैं। वह व्यक्ति उनका दोस्त या रिश्तेदार हो सकता है।

    इसके अलावा वे निम्नलिखित लोगों को अपना लिवर डोनेट कर सकते हैं-

 

सौतेली बहन या सौतेला भाई

चाची या चाचा/ मामा या मामी

भतीजा या भांजा

आप निम्नलिखित लोगों को भी अपना लिवर डोनेट कर सकते हैं:

पति या पत्नी

सास या ससुर

दोस्त

साथ काम करने वाला (सहकर्मी)

  1. डायरेक्टि लिवर ट्रासंप्लांट डोनर- ऐसे बहुत कम लोग होते हैं, जो उस व्यक्ति को अपने लिवर के अंग को डोनेट करते हैं, जिन्हें वे नहीं जानते हैं।

    वे ऐसा केवल जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के लिए करते हैं। उन लोगों के लिवर को उस व्यक्ति को डोनेट किया जाता है, जो राष्ट्रीय अंग दान प्रतीक्षा सूची में शामिल होता है।

    इसके लिए डोनर को उस व्यक्ति से मिलने की आवश्यकता नहीं होती है, जिसे उसके लिवर को लगाया जाना है। लेकिन कई बार डोनर और प्राप्तकर्ता मिलने का निर्णय भी लेते हैं।

  1. पेयर्ड लिवर ट्रांसप्लांट डोनर- यह आपके लिए उस स्थिति में विकल्प हो सकता है, जब आप अपने जान-पहचान वाले व्यक्ति को तो लिवर को डोनेट करना चाहते हैं, लेकिन आप उस व्यक्ति के लिए सही डोनर साबित नहीं होते हैं।

    ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति के लिए उचित डोनर को ढूंढा जाता है और फिर उसके लिवर को आपके परिवार के व्यक्ति में लगाया जाता है।

  2. डोमिनो लिवर ट्रांसप्लांट डोनर- डोमिनो लिवर ट्रांसप्लांट डोनर को उस स्थिति में किया जाता है, जब किसी मृत व्यक्ति के लिवर को जरूरतमंद व्यक्ति के लिवर से बदला जाता है।

दिल्ली-NCR में लिवर ट्रांसप्लांट की कितनी लागत होती है? (Cost of Liver Transplant in Hindi)

लिवर ट्रांसप्लांट  की लागत मुख्य रूप से विभिन्न तत्वों पर निर्भर करती है। उन तत्वों में मुख्य रूप से अस्पताल ,लैब टेस्ट, सर्जन, दवाईयां इत्यादि शामिल हैं।

लिवर ट्रांसप्लांट  की औसतन लागत 1.5 लाख से 2.5 लाख होती है, लेकिन आप इंटरनेट पर दिल्ली-NCR के सर्वोत्तम अस्पतालों की तलाश कर सकते हैं और वहां पर लिवर ट्रांसप्लांट  करा सकते हैं।

लिवर ट्रांसप्लांट के क्या जोखिम होते हैं? (Side-Effects of Liver Transplant in Hindi)

लिवर ट्रांसप्लांट  एक काफी बड़ा ऑपरेशन होता है, जिसके कुछ गंभीर जोखिम हो सकते हैं, ये जोखिम मुख्य तौर पर इस प्रक्रिया के दौरान, या इसके कुछ समय के बाद यहां तक कि कई सालों के बाद देखने को मिल सकते हैं।

लिवर ट्रांसप्लांट (Liver Transplant in Hindi)  के कुछ मुख्य जोखिम इस प्रकार हैं-

  • आपके शरीर का नए लिवर के अनुकूल न हो पाना।
  • नए लिवर का सही तरह से कार्य न करना।
  • आपके पित्त नलिकाओं में एक रुकावट या रिसाव का होना।
  • इम्यूनोसप्रेसेन्ट दवा के साइड इफेक्ट्स जैसे संक्रमण और किडनी की समस्याएं इत्यादि का होना।
  • रक्तस्राव होना।
  • रक्त का जमाव होना
  • डोनेट किए गए लिवर का खराब होना
  • संक्रमण

सफल लिवर ट्रांसप्लांट के लिए कैसा डाइट चार्ट होना चाहिए? (Liver Transplant Diet Charts in Hindi)

 

  • प्रति दिन कम-कम से पांच तरह के फलों और सब्जियों का सेवन करें।

  • उबले मांस, अंडे और मछ्ली को खाना

  • हॉल-ग्रेन की ब्रेड और अनाज को खाना

  • हर रोज पर्याप्त मात्रा में फाइबर को खाना

  • कम वसा वाले दूध या कम वसा वाले अन्य डेयरी उत्पादों इत्यादि का सेवन करना, ताकि आपके शरीर में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम बना रहे।

  • कम मात्रा में नमक और वसा वाले भोजन का सेवन करना।

  • पर्याप्त मात्रा में फल के जूस का सेवन करें।

  • अत्याधिक मात्रा में पानी पीएं।

किसी भी व्यक्ति के लिए लिवर ट्रांसप्लांट के बाद सेहतमंद रहना काफी महत्वपूर्ण होता है, इसके लिए उसे कुछ खास तरह के खाना से परहेज करना चाहिए, जो इस प्रकार है-

 

  • शराब का सेवन न करें।

  • जलायुक्त रहने के लिए प्रति दिन पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ का सेवन करें।

  • अंगूर या अंगूर के रस का सेवन न करें क्योंकि यह आपके लिवर के लिए घातक हो सकता है।

  • अधिक मिर्च वाले खाने से परहेज करें।

  • तले- भुने खाना न खाएं।

  • मसालेदार खाना न खाएं।

 

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि आज कल लिवर की बीमारी काफी फैल रही है, जो लगभग हर उम्र के व्यक्ति में देखने को मिल रही है।

लिवर की बीमारी कई कारणोें जैसे बाहर का भोजन करना, नशीले पदार्थ का सेवन करना इत्यादि के कारण होती है।

यदि समय रहते लिवर की बीमारी का समाधान नहीं किया जाए, तो स्थिति काफी बदतर हो सकती है।

ऐसी स्थिति में लिवर ट्रांसप्लांट (Liver Transplant in Hindi) की एकमात्र ही विकल्प बचता है। चूंकि, ज्यादातर लोगों को लिवर ट्रांसप्लांट की अधिक जानकारी नहीं होती है, इसलिए वे इसे कराने से हिचकते हैं।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इस लेख में लिवर ट्रांसप्लांट  की संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति लिवर ट्रांसप्लांट  के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह 95558-12112 पर Call करके मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है।

 

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