जानें लिवर ट्रांसप्लांट डोनर की संपूर्ण जानकारी (Liver Transplant Donor in Hindi)

जितेंद्र एक कामकाजी युवा है, जिसे ध्रूमपान करने की आदात है। वह दिन में 3-4 से सिगरेट पीता है। यह सिलसिला काफी दिनों तक चलता रहा है और समय के साथ जितेंद्र की सेहत काफी खराब हो गई है।

जब वह डॉक्टर के पास गया है तो डॉक्टर ने उसे बताया कि उसके फेफडे पूरी तरह से खराब हो गए हैं और अब उसके लिए लिवर ट्रांसप्लाट ही एकमात्र विकल्प बचा है।

डॉक्टर ने उसे बताया है कि उसे लिवर ट्रांसप्लांट डोनर की तलाश करनी होगी, जिससे वे सेहतमंद लिवर ले सके।

 


लिवर ट्रांसप्लांट डोनर क्या होता है? (Liver Transplant Donor in Hindi)
 

 

लिवर ट्रांसप्लांट डोनर (Liver Donor in Hindi) में लिविंग डोनर से लीवर के एक हिस्से को एक प्राप्तकर्ता में ट्रांसप्लांट किया जाता है, जिसका लिवर सही से काम नहीं करता है।

 

डोनर के लिवर को ट्रांसप्लांट करने के बांद लिवर का बचा हुआ अंग फिर से बन जाता है और वह व्यक्ति इस सर्जरी के बाद कुछ महीनों के भीतर ही सेहतमंद हो जाता है।
 

इसी दौरान प्रत्यारोपित लिवर का हिस्सा विकसित हो जाता है और वह व्यक्ति के शरीर के अनुकूल कार्य करने लगता है।
 

 

लिवर ट्रांसप्लांट डोनर की विशेषता क्या होती है? (Criteria to become Liver Transplant Donor in Hindi)

 

 

लिवर के खराब हो जाने पर किसी भी व्यक्ति के लिए जीवन जीना कठिन बन जाता है। इस प्रकार लिवर को ट्रांसप्लांट  करने से पहले डॉक्टर काफी सारी सावधानियां बरतते हैं।


वे लिवर को ट्रांसप्लांट  करने की अनुमित केवल उसी व्यक्ति को देते हैं, जिसमें ये 6 चीजें होती हैं-


 

  1. वह शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हो।

     

  2. उसकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच में हो।

     

  3. उसका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 35 से कम हो।

     

  4. उसका ब्लड ग्रुप प्राप्तकर्ता के ब्लड ग्रुप के सामान हो।

     

  5. उसे शरीर के किसी अंग से संबंधित बीमारी (जैसे ह्रदय की बीमारी, किडनी की बीमारी इत्यादि) न हो।

     

  6. उसे निम्नलिखित बीमारियां न हो-

    कैंसर

    एचआईवी/एड्स

    हेपिटाइटिस

    संक्रमण

    इत्यादि

 


लिवर ट्रांसप्लांट डोनर कितने प्रकार के होते हैं? (Types of Liver Transplant Donor in Hindi)
 

 

लिवर ‘ट्रांसप्लांट डोनर मुख्य रूप से 4 प्रकार के होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

 

  1. डायरेक्टिड लिवर ट्रांसप्लांट डोनर- ज्यादातर लोग उस व्यक्ति को अपने लिवर का अंग डोनेट करते हैं, जिन्हें वे जानते हैं। वह व्यक्ति उनका दोस्त या रिश्तेदार हो सकता है।

    इसके अलावा वे निम्नलिखित लोगों को अपना लिवर डोनेट कर सकते हैं-

    सौतेली बहन या सौतेला भाई

    चाची या चाचा/ मामा या मामी

    भतीजा या भांजा

     

 

आप निम्नलिखित लोगों को भी अपना लिवर डोनेट कर सकते हैं:
 

पति या पत्नी
 

सास या ससुर
 

दोस्त
 

साथ काम करने वाला (सहकर्मी)


 

  1. डायरेक्टि लिवर ट्रासंप्लांट डोनर- ऐसे बहुत कम लोग होते हैं, जो उस व्यक्ति को अपने लिवर के अंग को डोनेट करते हैं, जिन्हें वे नहीं जानते हैं।

    वे ऐसा केवल जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के लिए करते हैं। उन लोगों के लिवर को उस व्यक्ति को डोनेट किया जाता है, जो राष्ट्रीय अंग दान प्रतीक्षा सूची में शामिल होता है।

    इसके लिए डोनर को उस व्यक्ति से मिलने की आवश्यकता नहीं होती है, जिसे उसके लिवर को लगाया जाना है। लेकिन कई बार डोनर और प्राप्तकर्ता मिलने का निर्णय भी लेते हैं।


     

  2. पेयर्ड लिवर ट्रांसप्लांट डोनर- यह आपके लिए उस स्थिति में विकल्प हो सकता है, जब आप अपने जान-पहचान वाले व्यक्ति को तो लिवर को डोनेट करना चाहते हैं, लेकिन आप उस व्यक्ति के लिए सही डोनर साबित नहीं होते हैं।

    ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति के लिए उचित डोनर को ढूंढा जाता है और फिर उसके लिवर को आपके परिवार के व्यक्ति में लगाया जाता है।


     

  3. डोमिनो लिवर ट्रांसप्लांट डोनर- डोमिनो लिवर ट्रांसप्लांट डोनर को उस स्थिति में किया जाता है, जब किसी मृत व्यक्ति के लिवर को जरूरतमंद व्यक्ति के लिवर से बदला जाता है।

 

 

लिवर को डोनेट करने के कौन-कौन से लाभ होते हैं? (Benefits of Liver Donor in Hindi)
 

 

लिवर को डोनेट करने के मुख्य रूप से 5 लाभ होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

     

  1. लिवर का फिर से विकसित हो जाना- लिवर को डोनेट करने का सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह होता है कि जो व्यक्ति अपने लिवर के कुछ हिस्से को डोनेट करता है, उसका वह हिस्सा कुछ समय के बाद फिर से विकसित हो जाता है।

     

  2. जीवित दाता (लिविंग डोनर) से लिवर को आराम से प्राप्त करना- ऐसा माना जाता है कि मृत दाता की तुलना में जीवित दाता (लिविंग डोनर) से लिवर को प्राप्त करना अधिक आसान होता है।

     

  3. प्रक्रिया पर नियंत्रण कर पाना- यदि आपको यह पता हो कि लिवर को किसी जीवित दाता (लिविंग डोनर) के द्वारा डोनेट किया जाना है, तो इस प्रक्रिया को समय रहते और जल्दी कराया जा सकता है।

     

  4. डोनर का बीमा होना- लिवर को डोनेट करने से पहले डोनर का बीमा करना अनिवार्य शर्त होती है, इस प्रकार यह डोनर की सुरक्षा को सुनिश्चित करता है।

     

  5. नया जीवन प्रदान करना- लिवर को डोनेट करके किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान किया जाता है।

 

 

लिवर को डोनेट करने के कौन-कौन से जोखिम होते हैं? (Side-Effects of Liver Donation in Hindi)
 

 

हालांकि, लिवर को डोनेट करना काफी लाभकारी होता है, लेकिन इसके कुछ जोखिम भी होते हैं, जिनमें से 5 इस प्रकार हैं-


 

  1. अत्याधिक रक्तस्राव होना- ऐसा कई मामलों में देखा जाता है कि कुछ लोगों को इस सर्जरी के दौरान या बाद में अत्याधिक रक्तस्राव होता है।

     

  2. संक्रमण होना- कुछ लोगों को लिवर को डोनेट करने के बाद संक्रमण हो सकता है।

     

  3. कई बीमारियों का होना- कुछ लोगों को लिवर डोनेट के बाद कुछ बीमारियां जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हाई कोलेस्ट्रॉल इत्यादि हो सकती हैं।

     

  4. सर्जरी के बाद कमजोरी महसूस होना- लिवर को डोनेट के बाद अधिक कमजोरी महसूस होती है।

     

  5. अधिक दर्द होना- हालांकि, लिवर को डोनेट के बाद दर्द समय के साथ ठीक हो जाता है, लेकिन कई बार यह दर्द काफी लंबे समय तक रह सकता है।


 

लिवर को डोनेट करने के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (Precautions of Liver Donation in Hindi)
 

 

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि लिवर को मुख्य रूप से जीवित दाता (लिविंग डोनट) और मृत डोनर से लिया गया है।

यदि कोई व्यक्ति अपने लिवर के कुछ अंग को डोनेट करना चाहता है तो उसे इन 5 बातों का ध्यान आवश्यक रखना चाहिए-


 

  1. शारीरिक व्यायाम न करना

     

  2. पोषण युक्त भोजन करना

     

  3. वजनदार सामान न उठाना

     

  4. गाड़ी न चलना

     

  5. डॉक्टर के संपर्क में रहना




जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि आज कल मेडिकल साइंस ने काफी तरक्की कर ली है। इसी कारणवश मेडिकल सांइस के पास लगभग सभी तरह की समस्या का समाधान है।

लिवर की बीमारी ऐसी ही एक समस्या है, जिससे भारत में हर दूसरा व्यक्ति पीड़ित है। हालांकि, लोग इसका समाधान के लिए कई तरह के तरीकों जैसे दवाई लेना, व्यायाम करना, खान-पान में बदलाव करना इत्यादि को अपनाते हैं।

लेकिन जब इन तरीकों का असर उसकी सेहत पर नहीं पड़ता है तब डॉक्टर उसे नए लिवर को लेने की सलाह देते हैं। जिसे मेडिकल भाषा में लिवर ट्रांसप्लांटेशन कहा जाता है।

हालांकि, बहुत सारे लोग लिवर डोनर बनना चाहते हैं, लेकिन वे इस प्रक्रिया की अधूरी जानकारी के कारण इस पुण्य कार्य को नहीं कर पाते हैं।

यदि उन्हें लिवर ट्रांसप्लांटेशन से संबंधित संपूर्ण जानकारी हो तो शायद बहुत सारे जरूरतमंद लोगों को नई ज़िदगी का वरदान दे सकें।

इस दृष्टि से हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना लाभदायक साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें लिवर डोनर (Liver Donor in Hindi) से संबंधित आवश्यक जानकारी दी है।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति लिवर डोनर से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह इसके लिए 95558-12112 पर Call करके मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है।

अगर वह लिवर ट्रांसप्लांट करने के लिए किसी तरह की फाइनेंस सहायता चाहता है तो वह Letsmd से 0% की ब्याज दर पर मेडिकल लोन ले सकता है।