जानें! कैसे कराएं घुटनों का ऑपरेशन? (Knee Replacement-in Hindi)

Knee replacement surgery Hindi

​​​घुटनों का ऑपरेशन को नी प्लेसमेंट सर्जरी (Knee Replacement) के नाम से भी जाना जाता है, जिसे उस स्थिति में किया जाता है, जब कोई व्यक्ति घुटनों के दर्द से काफी परेशान रहता है और स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि उसे चलने या फिर बैठने में भी काफी परेशानी होने लगती है।
घुटनों में दर्द की समस्या काफी तेज़ी से फैल रही है, जो पुरूषों के साथ-साथ महिलाओं में भी देखने को मिलती है।

इंडिया टुडे की वेबसाइट पर रिपोर्ट के अनुसार भारत में 60 से 65 उम्र तक 99 प्रतिशत लोगों के घुटने खराब हो जाते हैं और उन्हें इसका इलाज कराने के लिए ऑपरेशन का सहारा लेना पड़ता है। घुटनों का दर्द मुख्य रूप से कई कारणों जैसे अधिक वजन होना, शरीर में कैल्शियम की कमी होना, हड्डियों का कमजोर होना इत्यादि के कारण होता है।

इसी कारण यह चर्चा का विषय बन गया है और लोग इसके समाधान के तरीके की तलाश में रहते हैं। चूंकि, लोगों को नी प्लेसमेंट या घुटना का ऑपरेशन की अधिक जानकारी नहीं होती है, इसी कारण वे अपनाने से छिचकते हैं। क्या आप भी इसकी जानकारी से वंचित हैं, तो इस लेख को अवश्य पढ़ें।

Table of Contents

क्या है घुटनों का ऑपरेशन? (What is Knee Replacement Surgery?-Hindi)

घुटनों का ऑपरेशन या घुटना प्रत्यारोण सर्जरी को आर्थोप्लास्टी भी कहा जाता है। इसमें खराब घुटने को कृत्रिम जोड़ (Artificial Joint) से बदला जाता है।

यह जोड़ मुख्य रूप से मिश्र धातु (Metal Alloys), उच्च ग्रेड प्लास्टिक (High Grade Plastics) और पॉलिमर (Polymer) से बना होता है, जो व्यक्ति को सामान्य रूप से चलने या अन्य गतिविधियों को करने में सहायता प्रदान करता है।

घुटनों का ऑपरेशन कराने की सलाह कब दी जाती है? (When Knee Replacement Surgery is advised)

किसी भी व्यक्ति को डॉक्टर घुटनों का ऑपरेशन कराने की सलाह निम्नलिखित स्थितियों में ही देते हैं-

  1. घुटनों में दर्द होना- इस ऑपरेशन को कराने की सलाह उस व्यक्ति को दी जाती है, जिसके घुटनों में अधिक दर्द होता है।
  2. घुटनों में सूजन होना- जब घुटनों पर सूजन हो जाती है, तब उसे ठीक करने के लिए ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ती है।
  3. घुटनों के ग्रीस का खत्म होना- अक्सर ऐसा देखा गया है कि कुछ लोगों के घुटनों का ग्रीस खत्म हो जाता है, जिसके कारण उन्हें घुटनों को मोड़ने में तकलीफ होती है। ऐसी स्थिति में उन्हें ऑपरेशन कराने की सलाह दी जाती है।
  4. चलने या बैठने में तकलीफ होना- जब व्यक्ति को घुटने के दर्द के कारण चलने या बैठने में दिक्कत होती है, तो उसके लिए ऑपरेशन ही एकमात्र विकल्प बचता है।
  5. अन्य किसी तरीके का कारगर न होना- जब घुटनों की समस्या का समाधान किसी अन्य तरीके से नहीं होता है, तब ऑपरेशन लाभकारी तरीका साबित होता है।

घुटनों के ऑपरेशन कितने प्रकार के कितने होते हैं? (Types of Knee Replacement Surgery-Hindi)

नी रिप्लेसमेंट मुख्य रूप से 3 प्रकार के होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  1. टोटल नी रिप्लेसमेंट-  यह नी रिप्लेसमेंट का सामान्य प्रकार है, जिसमें दोनों घुटनों या फिर एक पूरे घुटने का इलाज किया जाता है।
  2. पार्शियल नी रिप्लेसमेंट- जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि इस प्रक्रिया घुटने के एक हिस्से का इलाज किया जाता है।
  3. रिविज़न नी रिप्लेसमेंट- जब एक घुटने के ऑपरेशन के बाद उसे कुछ समय के बाद फिर से किया जाता है, तो उस स्थिति को रिविज़न नी रिप्लेसमेंट के नाम से जाना जाता है।

घुटने के ऑपरेशन से पहले कौन-कौन से कार्य किए जाते हैं? (Pre-Procedure of Knee Replacement Surgery-Hindi)

इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले आवश्यक तैयारी की जाती है ताकि इसे सफलतापूर्वक किया जा सके।

इसकी तैयारी के रूप में कुछ कार्यों को किया जाता है, जो इस प्रकार हैं-

  • मेडिकल हिस्ट्री को लेना- घुटने के ऑपरेशन को करने से पहले व्यक्ति के मेडिकल हिस्ट्री को देखा जाता है, जिससे घुटने के दर्द के वास्तविक कारण का पता लगाया जाता है।
  • शारीरिक जांच करना- इसके बाद व्यक्ति की शारीरिक जांच की जाती है, जिसमें उसका एक्स-रे, ब्लड टेस्ट करते हैं।
  • खाना-पीना को बंद करना- डॉक्टर घुटने के ऑपरेशन को शुरू करने से 8 घंटे पहले खाने-पीने को बंद करने की सलाह देते हैं।
  • व्यायाम करना- इस ऑपरेशन से पहले डॉक्टर कुछ व्यायाम भी कराते हैं ताकि व्यक्ति को इसके अनुकूल किया जा सके।

घुटने के ऑपरेशन को कैसे किया जाता है? (Procedure of Knee Replacement Surgery-Hindi)

घुटनों के ऑपरेशन को करने में कुल 1 से 2 घंटे का समय लगता है। जिसे अस्पताल/क्लीनिक में किया जाता है।

इस पूरी प्रक्रिया में कुछ स्टेप शामिल होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  • स्टेप 1: व्यक्ति की बांह में एंट्रावेनिय्स लाइन (intravenous line) को लगाना- घुटने के ऑपरेशन की शुरूआत व्यक्ति की बांह में एंट्रावेनिय्स लाइन (Intravenous Line) को लगाने के साथ होता है। इसके माध्यम से व्यक्ति को दवाई दी जाती है ताकि उसे इस प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
  • स्टेप 2: त्वचा को शैव करना- इसके बाद घुटने की त्वचा को शैव किया जाता है, ताकि इस सर्जरी को किया जा सके।
  • स्टेप 3: व्यक्ति को एनेस्थीसिया देना- त्वचा को शैव करने के बाद व्यक्ति को एनेस्थीसिया दिया जाता है। एनेस्थीसिया उस व्यक्ति को इस दौरान किसी भी तरह के दर्द से बचाता है।
  • स्टेप 4: घुटने के सामने वाले हिस्से पर कट लगाना- व्यक्ति को एनेस्थीसिया देने के बाद डॉक्टर घुटने के सामने वाले हिस्से पर कट लगाते हैं।
  • स्टेप 5: जोड़ें के प्रस्तावित अंग को बाहर निकालना- घुटने पर कट लगाने के बाद जोड़ों के प्रस्तावित अंग को बाहर निकाला जाता है।
  • स्टेप 6: कृत्रिम जोड़ (Artificial Joint) को इंप्लांट करना- घुटने के प्रस्तावित अंग को बाहर निकालने के बाद उसकी जगह पर कृत्रिम जोड़ को इंप्लांट किया जाता है।

घुटने के ऑपरेशन के बाद कौन-कौन से कार्य किए जाते हैं? (Post- Procedure of Knee Replacement Surgery-Hindi)

इस ऑपरेशन के बाद कुछ महत्वपूर्ण कार्यों को किया जाता है, जो इस प्रकार हैं-

  1. सुधार कक्ष में ले जाना- इस ऑपरेशन के बाद व्यक्ति को सुधार कक्ष (Recovery Room) में ले जाया जाता है।
  2. स्वास्थ को मॉनिटर करना- सुधार कक्ष में ले जाने के बाद व्यक्ति के स्वास्थ को मॉनिटर किया जाता है, जिसमें इस बात का पता लगाया जाता है कि वह इस प्रक्रिया के बाद ठीक है।
  3. दर्द-निवारक दवाई देना- इस ऑपरेशन के बाद व्यक्ति को दर्द हो सकता है, ऐसी स्थिति में डॉक्टर उसे दर्द निवारक दवाई देते हैं।
  4. हाथ-पैर को धीरे-धीरे हिलाना- व्यक्ति को दर्द निवारक दवाई देने के साथ-साथ उसे हल्के व्यायाम जैसे हाथ-पैरों को धीरे-धीरे हिलाना भी कराया जाता है। यह व्यायाम उसके ठीक होने में सहायक होते हैं।

दिल्ली-NCR में घुटने के ऑपरेशन की लागत कितनी होती है? (Cost of Knee Replacement Surgery in Delhi NCR)

जब बात घुटनों को बदलवाने या नी रिप्लेसमेंट की आती है, तो इसके लिए दिल्ली -NCR से सही जगह और कोई हो नहीं सकती है क्योंकि यहां पर नी रिप्लेसमेंट के सर्वोत्तम अस्पताल या क्लीनिक शामिल हैं।

यदि इसकी लागत की बात की जाए तो इसकी औसतन लागत मुख्य रूप से 20,000 से 40,000 तक होती है।

घुटने के ऑपरेशन की लागत कई सारे तत्वों पर निर्भर करती है, जो इस प्रकार हैं-

  • अस्पताल- इस ऑपरेशन की लागत इस बात पर काफी हद तक निर्भर करती है कि इसे किस अस्पताल में कराया जा रहा है।
  • जगह- इस ऑपरेशन की लागत इसे कराए जाने वाली जगह पर भी निर्भर करती है। इसलिए इसे कराने की जगह का चयन काफी सोच-समझकर किया जाना चाहिए।
  • इलाज का प्रकार- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि घुटने के ऑपरेशन कई तरह के होते हैं इसलिए इन पर भी इसकी लागत निर्भर करती है।
  • व्यक्ति के स्वास्थ की स्थिति- व्यक्ति के स्वास्थ की स्थिति भी घुटने के ऑपरेशन की लागत को प्रभावित करती है।
  • सर्जन का अनुभव- इस ऑपरेशन की लागत इसे करने वाले सर्जन के अनुभव पर भी निर्भर करती है।

घुटने के ऑपरेशन के सर्वोत्तम अस्पताल कौन-कौन से हैं? (Best Hospitals of Knee Replacement Surgery)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि घुटने के ऑपरेशन को कराने से उपयुक्त जगह दिल्ली-NCR ही है। ऐसे में लोगों के मन में इसके अस्पतालों को लेकर शंका का होना स्वाभाविक है।

इसी को देखते हुए हम यहां पर कुछ सर्वोत्तम अस्पतालों/क्लीनिकों की सूची दे रहे हैं, जहां पर घुटने की प्रत्यारोपण सर्जरी को कराया जा सकता है-

  1. फोर्टिस अस्पताल- यह एक जान-माना अस्पताल है, जिसके दिल्ली-NCR में कई सारी शाखाएं मौजूद हैं। इनमें नी रिप्लेसमेंट को भी कराया जा सकता है।

  2. अपोलो अस्पताल- आज-कल बहुत सारे लोगों ने अपने इलाज के लिए अपोलो अस्पताल को अपनाया है। अत: आप भी यहां पर नी रिपेल्समेंट को करा सकते हैं।

  3. रॉकलैंड अस्पताल- रॉकलैंड अस्पताल की काफी सारी शाखाएं दिल्ली-NCR में मौजूद हैं। इनमें घुटने को बदलने का इलाज काफी प्रभावी ढंग से किया जाता है।

  4. आई.बी.एस अस्पताल- हालांकि, ज्यादातर लोगों को आई.बी.एस अस्पतालों की अधिक जानकारी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद नी रिप्लेसमेंट के लिए यह एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

  5. विनायक अस्पताल- नोएडा में स्थित यह एक मल्टी-स्पेशलिस्ट अस्पताल है, जहां पर अनुभवी डॉक्टरों द्वारा नी रिप्लेसमेंट को किया जाता है।

नोट: ये सभी अस्पताल Letsmd के पैनल में शामिल हैं।

घुटने के ऑपरेशन के जोखिम कौन-कौन से होते हैं? (Side-Effects of Knee Replacement Surgery)

हालांकि, घुटने का ऑपरेशन एक लाभदायक प्रक्रिया है, जिसके बावजूद किसी भी अन्य ऑपरेशन की भांति इसके भी कुछ जोखिम होते हैं, जिसके बारे में जानना महत्वपूर्ण होता है।
घुटने के ऑपरेशन के मुख्य रूप से 7 जोखिम होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  1. संक्रमण होना- घुटने के ऑपरेशन के बाद घुटने में संक्रमण हो सकता है।

  2. नसों का खराब होना- कुछ लोगों में इसके बाद घुटने की नसें खराब हो जाती हैं।

  3. बुखार होना- कई बार इसके बाद लोगों को बुखार हो जाता है, हालांकि यह एक सामान्य चीज हैं, जो कुछ समय के बाद ठीक हो जाती है, लेकिन जब बुखार अधिक (100) हो जाता है, तो यह गंभीर समस्या होती है।

  4. सर्जरी वाली जगह से रिसाव होना- कई बार सर्जरी वाली जगह से रिसाव हो जाता है, ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

  5. घुटने का लाल पड़ना- घुटने के ऑपरेशन के बाद कुछ लोगों में घुटने लाल पड़ जाते हैं।

  6. घुटने पर सूजन होना- अक्सर लोग नी रिप्लेसमेंट के बाद घुटने पर सूजन होने की शिकायत करते हैं। हालांकि, ऐसी स्थिति में घुटने को गर्म पानी से सेंकना बेहतर विकल्प साबित हो सकता है, लेकिन किसी भी कदम को उठाने से पहले डॉक्टर की सलाह ले लेनी चाहिए।

  7. घुटने में दर्द होना- घुटने को बदलने की सर्जरी के बाद भी कुछ लोगों को घुटने के दर्द की शिकायत रहती है।

घुटने के ऑपरेशन के बाद पूरी तरह से ठीक होने में कितना समय लगता है? (Recovery Time of Knee Replacement Surgery)

इस ऑपरेशन को कराने वाले व्यक्ति के मन में यह सवाल आता है, कि उसे पूरी तरह से ठीक होने में कितना समय लगेगा। वह इसका उत्तर जानने के लिए काफी उत्सुक रहता है।

आमतौर पर इस ऑपरेशन के 2 हफ्तों के बाद व्यक्ति की सेहत में सुधार हो जाता है, लेकिन व्यक्ति को पूरी तरह से ठीक होने में कितना समय लगेगा, यह बात मुख्य रूप से कई सारे तत्वों पर निर्भर करती है, जो इस प्रकार हैं-

  • कृत्रिम जोड़ (Artifical Joint)-  घुटने के ऑपरेशन के बाद कृत्रिम जोड़ (Artifical Joint) की लाइफलाइन व्यक्ति की सेहत को प्रभावित करती है। यदि यह अच्छी किस्म है तो व्यक्ति बेहतर तरीके से अपने जीवन को जी सकता है, वरना उसे इस ऑपरेशन को फिर से कराने की जरूरत पड़ सकती है।
  • व्यक्ति के स्वास्थ- व्यक्ति के स्वास्थ की स्थिति इस बात को निर्धारित करती है कि वह कितनी जल्दी ठीक होगा।
  • वजन- किसी भी व्यक्ति का वजन उसके ठीक होने को प्रभावित करता है। यदि किसी व्यक्ति का वजन अधिक है तो उसका इंप्लांट जल्दी खराब हो सकता है, वहीं दूसरी ओर जिस व्यक्ति का वजन सामान्य होता है, तो उसका इंप्लांट बेहतर तरीके से काम करता है।
  • सावधानी- घुटने के ऑपरेशन के बाद व्यक्ति द्वारा अपनाई गई सावधानी इस बात को निर्धारित करती है कि उसके कितनी जल्दी आराम होगा और वह कब अपनी दिनचर्या के कार्यों को कर पाएगा।

घुटने के ऑपरेशन के बाद कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए? (Precautions after Knee Replacement Surgery-Hindi)

हालांकि, इस ऑपरेशन के कुछ जोखिम होते हैं, लेकिन इन जोखिमों को निम्नलिखित सावधानियों को बरतकर कम किया जा सकता है-

  1. किसी भी तरह के संक्रमण से बचना- इस ऑपरेशन के बाद व्यक्ति को किसी भी तरह के संक्रमण से बचना चाहिए और यदि उसे किसी तरह की परेशानी होती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
  2. गतिविधियों को ध्यानपूर्वक करना- घुटने के ऑपरेशन के बाद व्यक्ति को गतिविधियों को काफी ध्यानपूर्वक करना चाहिए और कोई भी ऐसी गतिविधि को नहीं करना चाहिए, जिसका असर उसके घुटनों पर पड़े।
  3. फिजियोथेरेपी करना- इस सर्जरी के बाद डॉक्टर के द्वारा बताई गई फिजियोथेरेपी का पालन व्यक्ति को तब तक करना चाहिए जब तक डॉक्टर उसे वह पूरी तरह से सेहतमंद घोषित न कर दें।
  4. डॉक्टर के संपर्क में रहना- इस ऑपरेशन के बाद व्यक्ति को डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए ताकि किसी भी तरह की परेशानी होने पर वह उनसे संपर्क करके उस समस्या का समाधान किया जा सके।

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि बढ़ती उम्र के साथ व्यक्ति को कई सारी बीमारियां का खतरा भी बढ़ जाता है। उनमें घुटने (Knee) से संबंधित समस्याएं जैसे घुटनों का दर्द भी शामिल है। जब इसका समाधान समय रहते न किया जाए तो यह स्थिति काफी दर्दनाक हो सकती है। अत: समझदारी इसी में है कि समय रहते इसका इलाज कराया जाए ताकि किसी भी व्यक्ति को शारीरिक तकलीफ के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना से भी गुजरना न पड़े।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इस लेख में घुटने के ऑपरेशन या नी रिप्लेसमेंट (Knee Replacement) से संबंधित आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *