गुर्दे की पथरी: लक्षण, कारण, उपचार इत्यादि (Kidney Stone in Hindi)

गुर्दे की पथरी (Kidney Stone) की समस्या आज कल बहुत सारे लोगों में देखने को मिल रही है। एक अध्ययन के अनुसार भारत में 15 प्रतिशत लोगों को गुर्दे की पत्थरी की समस्या है और जिनमें से 50 प्रतिशत लोगों में इसका बीमारी का अंत किडनी के खराब होने के साथ होता है।

यह आंकड़े इस समस्या की भयावह स्थिति को बयां करने के लिए पर्याप्त हैं, लेकिन इसके बावजूद यह दुर्भाग्यवपूर्ण है कि अधिकांश लोगों को इस समस्या की पूर्ण जानकारी नहीं होती है।

इसी कारण वे इसका सही इलाज नहीं करा पाते हैं। यदि उन्हें इसकी संपूर्ण जानकारी होती तो शायद वे भी इस बीमारी से निजात पा सकते।

यदि आप भी इस जानकारी से वंचित हैं, तो आपको इस प्रस्तुत लेख को जरूर पढ़ना चाहिए।

Table of Contents

क्या है गुर्दे की पथरी? (Meaning of Kidney Stone in Hindi)

गुर्दे की पथरी को नेफ्रोलिथियासिस (nephrolithiasis) के नाम से भी जाना जाता है, जो खनिजों और लवणों (Salt) से बनी होती है और जिसका निर्माण मुख्य रूप से किडनी में होता है। हैं।

यह समस्या कई कारणों से हो सकती है और इसके काफी समय तक लाइलाज रहने पर यह मूत्र पथ (urinary tract) के उस हिस्से को प्रभावित कर सकती है- जो गुर्दे से मूत्राशय तक आता है।

गुर्दे की पथरी के कितने प्रकार हैं? (Types of Kidney Stone in Hindi)

गुर्दे की पत्थरी मुख्य रूप से 4 प्रकार की होती है, जो निम्नलिखित हैं-

  1. कैल्शियम स्टोन्स- अधिकांश गुर्दे की पथरी कैल्शियम स्टोन ही होती हैं, जो आमतौर पर कैल्शियम ऑक्सालेट (calcium oxalate) के रूप में होती है।

    ऑक्सालेट एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला पदार्थ है, जो भोजन में पाया जाता है और इसके साथ इसका निर्माण लीवर द्वारा प्रतिदिन किया जाता है।

    कुछ फलों और सब्जियों इसके साथ में नट्स और चॉकलेट में भी उच्च मात्रा में ऑक्सलेट होता है।

  2. स्त्रावित स्टोन्स- स्त्रावित स्टोन (Struvite stones) किसी संक्रमण के कारण होते हैं, जो मुख्य रूप से मूत्र पथ (urinary track) में होता है।

    ये स्टोन जल्दी से बढ़ सकते हैं और काफी बड़े भी हो सकते हैं।

  3. यूरिक एसिड स्टोन्स- यह स्टोन उन लोगों में अधिक होते हैं, जो पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन नहीं करते हैं या फिर जो उच्च प्रोटीन वाला भोजन करते हैं।

    यूरिक एसिड स्टोन (Uric Acid Stone) महिला की तुलना उन पुरूषों में अधिक होती है, जिनके मूत्र में एसिड की मात्रा अधिक होती है।

  4. सिस्टिने स्टोन्स- हालांकि, यह किडनी स्टोन का ऐसा प्रकार है, जो काफी कम लोगों में होता है। मुख्य रूप से यह समस्या उन लोगों में होती है, जिन्हें कोई आनुवंशिकी विकार होता है।

    सिस्टिने स्टोन्स (Cystine stones) की स्थिति में सिस्टिने नामक एसिड किडनी से यूरिन में लीक हो जाता है।

गुर्दे की पथरी के लक्षण क्या-क्या होते हैं? (Symptoms of Kidney Stones in Hindi)

गुर्दे की पथरी के अपने कुछ लक्षण होते हैं, जो इस समस्या के होने का संकेत देते हैं।

अत: यदि किसी व्यक्ति को निम्नलिखित लक्षण नज़र आते हैं तो उसे इन्हें गंभीरता से लेना चाहिए और इसकी सूचना डॉक्टर को तुरंत देनी चाहिए-

 

  • मूत्र करते समय दर्द होना- यह पथरी रोग होने का सामान्य लक्षण है, जिसमें व्यक्ति को मूत्र करते समय काफी दर्द होता है।

    इस स्थिति में दर्द मूत्र के समाप्त होने से पहले होता है।

  • बार-बार मूत्र आना- यदि किसी व्यक्ति को बार-बार पेशाब करने जाना पड़ता है, तो उसे किडनी स्टोन हो सकता है।

    अत: व्यक्ति को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और इसकी सूचना डॉक्टर को तुंरत देनी चाहिेए।

  • उल्टी का आना- कई बार ऐसा देखा गया है कि पथरी रोग होने पर व्यक्ति को उल्टी बार-बार होती है।

    हालांकि, उल्टी आने को गंभीरता से नहीं लिया जाता है, लेकिन इस स्थिति में व्यक्ति को इसे गंभीरता से लेना चाहिए ताकि उसे किसी अन्य परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • बुखार का होना- यदि किसी व्यक्ति को बुखार होता है, और वह किसी भी दवाई से ठीक नहीं होता है, तो उसे किसी सूचना डॉक्टर को देनी चाहिए क्योंकि यह किडनी स्टोन का लक्षण हो सकता है।

  • मूत्र का रूक-रूक कर होना- यदि किसी व्यक्ति को मूत्र रूक-रूक के होता है, तो यह गुर्दे की तथरी का लक्षण हो सकती है क्योंकि यह इस समस्या के होने का संकेत देती है।

    इसी कारण किसी भी व्यक्ति को इसे नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए और तुरंत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए।

  • मूत्र में खून का आना- पथरी रोग का अन्य लक्षण मूत्र में खून का आना भी होता है।

    अत: किसी भी व्यक्ति को इस स्थिति में कोई भी कदम बिना डॉक्टर की सलाह से नहीं उठाना चाहिए क्योंकि ऐसा करना उसके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

गुर्दे की पथरी होने के कारण क्या-क्या हैं? (Causes of Kidney Stone in Hindi)

पथरी रोग कई कारणों से हो सकती है, जिसके बारे में हर व्यक्ति को पता होना चाहिए। यह समस्या मुख्य रूप से 5 कारणों से हो सकती हैं, जो इस प्रकार हैं-

 

  1. अधिक मात्रा में प्रोटीन, नमक या ग्लूकोश युक्त डाइट करना- यदि कोई व्यक्ति अधिक मात्रा में प्रोटीन, नमक या ग्लूकोश वाला भोजन करता है, तो उसे गुर्दे की पथरी हो सकती है।

    इसी कारण व्यक्ति को ऐसा भोजन करना चाहिए जिसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, नमक या ग्लूकोश इत्यादि हो।

  2. थायराइड का होना- यदि किसी व्यक्ति को थायराइड है, तो उसे किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है।

    अत: थायराइड से पीड़ित व्यक्ति को इस बात की जांच करनी चाहिए ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि उसे पथरी की समस्या है या नहीं।

  3. वजन का अधिक होना- गुर्दे की पथरी उन लोगों भी हो सकती है, जिनका वजन अधिक होता है।

    इसी कारण व्यक्ति को अपने वजन को नियंत्रण में रखना चाहिए।

  4. बाइपास सर्जरी का कराना- किडनी स्टोन की समस्या उस व्यक्ति को भी हो सकती है, जिसने हाल ही में बाइपास सर्जरी कराई है।

    ऐसा मुख्य रूप से इस सर्जरी के दुष्प्रभाव के कारण होता है।

  5. डिहाइड्रेशन का होना- ऐसा माना जाता है कि शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी का होना काफी जरूरी होता है क्योंकि इससे आवश्यक तत्व मौजूद रहते हैं।

    अत: जो व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीता है, तो उसे पथरी रोग होने की संभावना अधिक रहती है।

गुर्दे की पथरी का इलाज कैसे करें? (Treatments Of Kidney Stone in Hindi)

गुर्दे की पथरी का इलाज कई सारे तरीकों से किया जा सकता है, जिनमें से प्रमुख तरीके निम्नलिखित हैं-

  • देशी इलाज करना- गुर्दे की पथरी का इलाज कई देशी इलाज के द्वारा भी किया जा सकता है।

    इस स्थिति में भरपूर पानी पीना और उसके साथ में बार-बार पेशाब जाने से किडनी स्टोन स्वयं निकल जाती है।

  • घरेलू नुस्खे अपनाना- देशी इलाज के साथ-साथ पथरी का उपचार कुछ घरेलू नुस्खों के द्वारा भी किया जा सकता है।

    इसमें नींबू का रस और ऑलिव ऑयल का सेवन किया जा सकता है और इसके साथ में सेब के सिरका का भी सेवन करना उपयोगी साबित हो सकता है।

  • दवाई लेना- कई बार किडनी स्टोन के उपचार में दवाई लेना भी सहायक साबित हो सकता है।

    ये दवाईयां शरीर में पथरी को बढ़ने से रोकती हैं, ताकि इसका इलाज बेहतर तरीके से किया जा सके।

  • थैरेपी करना- गुर्दे की पथरी में थैरेपी लेना भी लाभदायक तरीका साबित हो सकता है क्योंकि इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है।

    इसके बावजूद लोग थैरेपी को नहीं कराते हैं क्योंकि उन्हें इसकी पूर्ण जानकारी नहीं होती है।

  • सर्जरी कराना- जब पथरी रोग का उपचार किसी भी तरीके से नहीं हो पाता है, तब डॉक्टर सर्जरी करानी की सलाह देते हैं।

    इस स्थिति किडनी स्टोन रिमूवल सर्जरी (Kidney Stone Removal Stone) सबसे कारगर सर्जरी होती है।

    इस प्रक्रिया में सर्जिकल तरीके से किडनी स्टोन को निकाला जाता है।

 

किडनी स्टोन रिमूवल सर्जरी के बारे में अधिक जानने के लिए कृपया किडनी स्टोन रिमूवल की वीडियो (Kidney Stone Removal Video) को देखें :

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गुर्दे की पथरी के ऑपरेशन की कीमत क्या है? (Cost of Kidney Surgery in Hindi)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि जब पथरी रोग का उपचार किसी अन्य तरीके से नहीं होता है, तब डॉक्टर ऑपरेशन का पथरी हटाने की सर्जरी कराने की सलाह देते हैं।

हालांकि, यह पथरी रोग का सर्वोत्तम तरीका होता है, लेकिन इसके बावजूद बहुत सारे लोग इसे कराने से हिचकते हैं क्योंकि वे इसे एक महंगी प्रक्रिया समझते हैं।

यदि उन्हें यह पता होता है कि पथरी हटाने की सर्जरी एक किफायदी प्रक्रिया है, जिसकी कीमत मात्र 20 हजार से 1 लाख होती है, तो वे भी इस समस्या से छुटकारा पा सकते।

यह भी देखें- किडनी स्टोन रिमूवल के सर्वोत्त्म अस्पताल/क्लीनीक

गुर्दे की पथरी के जोखिम क्या हो सकते हैं? (Risks of Kidney Stone in Hindi)

यदि पथरी रोग का इलाज सही समय पर न किया जाए, तो यह घातक रूप ले सकती है और इसके कई सारे जोखिम हो सकते हैं, जिनमें से प्रमुख 5 इस प्रकार हैं-

 

  1. मूत्रवाहिनी (ureters) का ब्लॉक होना- यदि गुर्दे की पथरी का इलाज समय रहते न किया जाए तो स्थिति बद-से-बदतर हो सकती है।

    इसके परिणामस्वरूर मूत्रवाहिनी ब्लॉक हो सकती है, जिसकी वजह से किसी भी व्यक्ति के लिए मूत्र करना कष्टदायक हो सकता है।

  2. संक्रमण की संभावना का बढ़ना- मूत्रवाहिनी के ब्लॉक के अलावा कई बार गुप्त अंगों में संक्रमण होने की संभावना बढ़ सकती है।

    ऐसी स्थिति में मेडिकल सहायता लेना ही बेहतर उपाय साबित हो सकता है।

  3. गुर्दे में खिंचाव का होना- पथरी रोग के लाइलाज रहने पर किडनी की स्थिति खराब हो सकती है और उसमें खिंचाव हो सकता है।

    इस स्थिति में व्यक्ति के गुर्दे में दर्द होता है और उसे इसे कम करने के लिए दर्द-निवारक दवाईयों की जरूरत पड़ सकती है।

  4. किडनी का खराब होना- यदि किसी व्यक्ति की किडनी स्टोन काफी समय तक लाइलाज रहती है, तो कुछ समय के बाद उसकी किडनी खराब भी हो सकती है।

    हालांकि, इस स्थिति में उसे किडनी उपचार के अन्य तरीकों जैसे किडनी डायलेसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है।

  5. मूत्रवाहिनी में चोट का लगना- किडनी स्टोन का सही समय पर उपचार न होने की स्थिति में इसका बुरा असर मूत्रवाहिनी पर पड़ सकता है।

    कई बार मूत्रवाहिनी में चोट भी लग सकती है, और उस स्थिति में व्यक्ति को मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है।

गुर्दे की पत्थरी का रोकथाम कैसे किया जा सकता है? (Preventions of Kidney Stone in Hindi)

हालांकि, पथरी रोग किसी भी उम्र (20 से 50) के व्यक्ति को हो सकता है और इस दौरान व्यक्ति बहुत सारे जोखिमों का भी सामना करना पड़ सकता है।

इसके बावजूद राहत की बात यह है कि किसी भी अन्य बीमारी की तरह गुर्दे की पथरी की भी रोकथाम की जा सकती है।

यदि कोई व्यक्ति निम्नलिखित बातों का पालन करता है, तो वह किडनी स्टोन से अपनी रक्षा कर सकता है-

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि गुर्दे की पथरी मुख्य रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने के कारण होती है।

    अत: इसकी रोकथाम के लिए व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में पानी (अर्थात् 8-10 गिलास प्रतिदिन) पीना चाहिए।

  • फ्रूट जूस पीना- यदि किसी व्यक्ति के लिए पानी पीना संभव नहीं है, तो वह इसकी जगह पर फ्रूट जूस भी पी सकता है, क्योंकि यह जूस उसके शरीर में तरलता को बनाए रखते हैं।

  • कम नमक वाला भोजन करना- गुर्दे की पत्थरी अधिक मात्रा में नमक वाला भोजन करने से भी होती है।

    अत: व्यक्ति को कम नमक वाला भोजन करना चाहिए ताकि उसमें यह समस्या होने की संभावना न रहे।

  • कैल्शियम से भरपूर आहार करना- यदि कोई व्यक्ति किडनी स्टोन की रोकथाम करना चाहिए तो उसे ऐसा भोजन करना चाहिए, जो कैल्शियम से भरपूर हो।

    ऐसा करना उसके लिए लाभदायक साबित होता है क्योंकि उसके शरीर में मौजूद कैल्शियम उसकी इस समस्या से लड़ने में सहायता करेगा।

  • विटामिन सी वाले सप्लीमेंट से परहेज करना- यदि किसी व्यक्ति को गुर्दे की पथरी की रोकथाम करना है तो उसे विटामिन सी वाले सप्लीमेंट का सेवन नहीं करना चाहिए।

    किडनी स्टोन से पीड़ित व्यक्ति के लिए ये सप्लीमेंट नुकसानदायक साबित हो सकते हैं क्योंकि यह पथरी रोग की संभावना को बढ़ा सकते हैं।

 

आज के दौर में बहुत सारी समस्याएं फैल रही हैं, उनमें किडनी स्टोन या गुर्दे की पथरी (Kidney Stone) की समस्या भी शामिल हैं।

यह समस्या मुख्य रूप से उन लोगों में अधिक होती है, जिनकी उम्र 20 से 50 साल के बीच होती है। इसी कारण लोगों के बीच यह चर्चा विषय बन गई है।

वे किडनी स्टोन से बारे में अधिक-से-अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, ताकि वे स्वयं की रक्षा इस समस्या से कर सकें।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन की संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति किडनी संबंधी किसी समस्या और उसके संभावित उपचार के तरीकों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह इसके लिए 95558-12112 पर Call करके इसके मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है।

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