कैसे करें खराब किडनी का इलाज? (Kidney Failure – in Hindi)

किडनी खराब (Kidney Failure) की वजह से अधिकांश लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। डीएनए इंडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार हर साल भारत में किडनी खराब के 2 लाख नए मामले दर्ज किए जाते हैं। इस रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि इनमें से केवल 1 प्रतिशत लोगों का ही किडनी ट्रांसप्लांट हो पाता है। ये आंकड़े सच में काफी चौंकाने वाले हैं और इसके साथ में इनसे इस बात का भी पता चलता है कि लोगों में इस किडनी की बीमारी की कितनी कम जानकारी है। ऐसे में यह जरूरी है कि लोगों को किडनी की बीमारी की जानकारी दी जाए, ताकि वे इसके प्रति सर्तक रह सकें और इसका इलाज सही तरीके से करा सकें।

तो आइए, इस लेख के माध्यम से किडनी खराब की आवश्यक जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।

क्या है खराब किडनी? (Meaning of Kidney Failure – in Hindi)

हर व्यक्ति के शरीर में किडनी का जोड़ा होता है, जो मुख्य रूप से पेट के पिछले हिस्से में मौजूद होता है। ये किडनी रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ स्थित होती हैं। किडनी का मुख्य कार्य खून को साफ करना और शरीर से विषाक्त पदार्थ (Toxins) को बाहर निकलना है। लेकिन, जब किडनी इस कार्य कर नहीं पाती है, तो उस स्थिति को किडनी का खराब होना कहा जाता है।

किडनी खराब कितने प्रकार की होती है? (Types of Kidney Failure – in Hindi)

किडनी खराब के मुख्य रूप से 2 प्रकार होते हैं, जो निम्नलिखित हैं-

  1. एक्यूट किडनी- जब किसी व्यक्ति की किडनी में खून का प्रवाह सही तरीके से नहीं होता है तो उस स्थिति को एक्यूट किडनी (Acute Kidney) कहा जाता है।

    एक्यूट किडनी बीमारी का इलाज उसी स्थिति में संभव है, जब रक्त प्रवाह के कम होने का पता लगता है।

  2. क्रोनिक किडनी- किडनी फेलियर का अन्य प्रकार क्रोनिक किडनी है। क्रोनिक किडनी (Chronic Kidney) बीमारी उस स्थिति में होती है, जब किसी व्यक्ति को कोई चोट लगती है और जिसकी वजह से किडनी सही तरीके काम नहीं कर पाती है।

    क्रोनिक किडनी की बीमारी का इलाज केवल किडनी ट्रांसप्लांट के द्वार ही संभव है।

किडनी खराब के लक्षण क्या हैं? (Kidney Failure Symptoms – in Hindi)

किसी भी अन्य बीमारी की भांति किडनी खराब के भी कुछ लक्षण होते हैं, जो इसके शुरू होने का संकेत देते हैं।

अत: यदि किसी व्यक्ति को अपने शरीर में ये 5 लक्षण नज़र आते हैं तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए-

  1. मूत्र का कम मात्रा में होना- यह किडनी के खराब होने का प्रमुख लक्षण है, जिसमें व्यक्ति के मूत्र की मात्रा काफी कम होती है।

    हो सकता है कि यह यूरिन इंफेक्शन का लक्षण लगे, लेकिन किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले डॉक्टर की सलाह ले लेनी चाहिए।

  2. पैरों और एड़ी में सूजन का होना- कई बार ऐसा देखा गया है कुछ लोगों के पैरों और एड़ी में सूजन हो जाती है, लेकिन इसके बावजूद वे डॉक्टर के पास नहीं जानते हैं।

    किसी भी व्यक्ति को ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि यह किडनी के खराब होने का लक्षण हो सकता है।

  3. सांस लेने में तकलीफ होना- यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होती है, तो उसे तुंरत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि यह किडनी खराब का कारण बन सकता है।

  4. सीने में दर्द होना- किडनी खराब का अन्य लक्षण सीने में दर्द होना भी है।

    इस कारण किसी भी शख्स को इसे नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए और इसकी जांच जल्द से जल्द करानाी चाहिए।

  5. थकान महसूस होना- जब किडनी अपना कार्य सही तरीके से नहीं कर पाती है तो उसका असर शारीरिक क्षमता पर पड़ता है।

    इसी कारण इस स्थिति में व्यक्ति को काफी थकान महसूस होती है।

किडनी खराब क्यों होती है? (Causes of Kidney Failure – in Hindi)

हो सकता है कि कुछ लोगों को किडनी के खराब होने का पता न चले लेकिन यदि कोई व्यक्ति अपने शरीर में होने वाले परिवर्तनों पर ध्यान दे, तो वह इसका इलाज सही समय पर कर सकता है।

इसके अलावा, किडनी मुख्य रूप से निम्नलिखित कारणों से खराब हो सकती है-

  • मधुमेह का होना- किडनी खराब होने का प्रमुख कारण मधुमेह (डायबिटीज) है।

    इसी कारण यह बीमारी मुख्य रूप से ऐसे लोगों में ही होती है, जो मधुमेह से पीड़ित होते हैं।

  • उच्च रक्तचाप का होना- कई बार यह किडनी की बीमारी उन लोगों को भी हो सकती है, जो उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) से पीड़ित होते हैं।

    अत: उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को इसे नियंत्रित करने की कोशिश करते रहनी चाहिए ताकि उन्हें अन्य कोई बीमारी न हो।

  • ल्यूपस बीमारी का होना- किडनी खराब की समस्या ल्यूपस बीमारी की वजह से भी हो सकती है।

    अत: ल्यूपस से पीड़ित व्यक्ति को अपने स्वास्थ का विशेष ध्यान रखना चाहिए और किसी भी तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर से मिलना चाहिए।

  • आनुवांशिक कारण का होना- किडनी खराब की बीमारी ऐसे व्यक्ति में होने की संभावना अधिक रहती है, जिसके परिवार में किसी अन्य व्यक्ति को भी यह समस्या होती है।

    इसी कारण जब भी कोई शख्स किडनी संबंधी समस्या को लेकर किसी डॉक्टर के पास जाता है, तो उस स्थिति में डॉक्टर उसकी फेमली हिस्ट्री का पता लगाने की कोशिश करते हैं।

  • मूत्र मार्ग संक्रमण का होना- यह किडनी की बीमारी ऐसे लोगों को भी हो सकती है, जो मूत्र मार्ग संक्रमण (यूरिन इंफेक्शन) से पीड़ित होते हैं।

    अत: यूरिन इंफेक्शन से पीड़ित व्यक्ति को इसका इलाज सही तरीके से कराना चाहिए ताकि उसे और कोई बीमारी न हो।

खराब किडनी का इलाज कैसे किया जा सकता है? (Treatment of Kidney failure – in Hindi)

यह सवाल हर उस व्यक्ति के लिए मायने रखता है, जो किडनी की बीमारी से पीड़ित होता है।

चूंकि, इस दौरान उसे काफी सारी परेशानियों से गुजरना पड़ता है, इसी कारण उसे ऐसे तरीकों की तलाश रहती है, जिनके माध्यम से वह किडनी की बीमारी का इलाज करा सके।

यदि कोई शख्स किडनी खराब से ग्रस्त है, तो वह उपचार के इन 5 तरीकों से इससे निजात पा सकता है-

  1. ब्लड टेस्ट कराना- कई बार डॉक्टर किडनी खराब का इलाज करने के लिए ब्लड टेस्ट करा सकते हैं।

    ब्लड टेस्ट के माध्यम से डॉक्टर इस बात का पता लगाने की कोशिश करते हैं कि किसी व्यक्ति के खून में इस बीमारी का कितना असर हुआ है।

  2. मूत्र की जांच कराना- किडनी खराब का मूत्र में होने वाले असर का पता लगाना भी इस किडनी की बीमारी का इलाज करने का अन्य तरीका है।

    इसी कारण किडनी खराब का इलाज यूरिन टेस्ट के द्वारा भी किया जाता है।

  3. एमआरआई या सीटी स्कैन कराना- किडनी की बेहतर तस्वीर प्राप्त करने के लिए अक्सर एमआरआई या सीटी स्कैन को भी किया जाता है।

    इन टेस्टों से डॉक्टर किडनी में मौजूद ब्लॉकेज को देखने और उसके बाद बेहतर इलाज करने में समर्थ हो पाते हैं।

  4. किडनी डायलिसिस कराना- खराब किडनी का इलाज कई बार किडनी डायलिसिस के द्वारा भी किया जाता है।

    इस प्रक्रिया में किडनी की सफाई की जाती है और उनकी कार्यक्षमता को भी सुधारा जाता है।

  5. किडनी ट्रांसप्लांट कराना- जब किडनी की बीमारी का इलाज किसी भी अन्य तरीके से नहीं हो पाता है, उस स्थिति में डॉक्टर किडनी ट्रांसप्लांट कराने की सलाह देते हैं।

    किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया में खराब किडनी को सेहतमंद किडनी से बदला जाता है।

किडनी ट्रांसप्लांट की कीमत कितनी है? (Cost of Kidney Transplant – in Hindi)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि किडनी खराब का इलाज किडनी ट्रांसप्लांट के द्वारा सर्वोत्तम तरीके से किया जाता है।

ऐसे में लोगों के मन में किडनी ट्रांसप्लांट की कीमत को लेकर काफी शंकाए रहती हैं। संभवत: कुछ लोगों को यह प्रत्यारोपण की प्रक्रिया काफी महंगी प्रतीत हो और इसी कारण वे इसे कराने से हिचकते हो, लेकिन यदि उन्हें यह पता हो कि किडनी ट्रांसप्लांट एक किफायती प्रक्रिया है, जिसकी कीमत मात्र 2 से 3 लाख होती है, तो शायद वे भी किडनी की बीमारी से निजात पा सकें।

यह भी देखें- किडनी ट्रांस्पलांट के लिए सर्वोत्तम अस्पताल/क्लीनिक

खराब किडनी के जोखिम क्या हो सकते हैं? (Complications of Kidney Failure – in Hindi)

ऐसा माना जाता है कि किसी भी व्यक्ति को छोटी नहीं समझना चाहिए क्योंकि वह कभी-भी गंभीर रूप ले सकती है और उसकी वजह से व्यक्ति की जान भी खतरे में पड़ सकती है।

यह बात किडनी खराब के मामले में भी सही प्रतीत होती है क्योंकि इसकी वजह से लोगों को निम्नलिखित जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है-

  • एनीमिया का होना- यदि किडनी खराब का इलाज नहीं करा जाता है, तो इसकी वजह से एनीमिया हो सकता है।

    एनीमिया को आम भाषा में खून की कमी कहा जाता है, जिसका उपचार ब्लड डोनेशन के माध्यम से किया जाता है।

  • ह्रदय रोग का होना- कई बार ऐसा भी देखा गया है कि यदि किडनी की बीमारी का इलाज कुछ समय तक नहीं किया जाता है, तो इसकी वजह से ह्रदय रोग हो सकता है।

    हालांकि, इस स्थिति को ओपन हार्ट सर्जरी या कोरोनरी एंजियोग्राफी के द्वारा ठीक किया जा सकता है।

  • उच्च पोटेशियम का होना- किडनी खराब के लंबे समय तक बने रहने पर शरीर में उच्च पोटेशियम की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

    इस स्थिति में व्यक्ति को मेडिकल सहायता लेने की जरूरत पड़ सकती है।

  • तरल पदार्थ का बनना- अक्सर, ऐसा भी होता है कि इस किडनी की बीमारी होने पर किडनी में तरल पदार्थ बन सकते हैं।

    इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति को डॉक्टर किडनी डायलिसिस कराने की सलाह देते हैं।

  • उपचार के अन्य तरीकों की जरूरत पड़ना- जब किसी व्यक्ति को यह पता नहीं चलता है कि उसकी किडनी खराब हो चुकी है, तो उसके लिए उपचार का कोई भी तरीका लाभदायक साबित नहीं होता है।

    ऐसी स्थिति में डॉक्टर उसे किसी अन्य तरीकों जैसे किडनी ट्रांसप्लांट या हार्ट ट्रांस्प्लांट कराने की सलाह दे सकते हैं।

किडनी खराब की रोकथाम कैसे करें? (How to Prevent Kidney Failure in Hindi)

हालांकि, किडनी खराब से अधिकांश लोग पीड़ित हैं और उनमें से ऐसे लोगों की तादात काफी कम है, जो इससे ठीक हो पाते हैं।

इसके बावजूद, राहत की बात यह है कि यदि कोई व्यक्ति कुछ महत्वपूर्ण चीजों का ध्यान रखें, तो वे किडनी खराब की रोकथाम कर सकते हैं।

यदि कोई व्यक्ति इस किडनी की बीमारी की संभावना को कम करना चाहता है तो उसे इन 5 बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए-

  1. दवाई लेना- यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ संबंधी कोई समस्या है, तो उसका इलाज सही तरीके से कराना चाहिए।

    ऐसा करके वह अपनी किडनी को सेहतमंद रख सकता है और किडनी संबंधी अन्य समस्याओं की संभावनाओं को भी कम कर सकता है।

  2. नशीले पदार्थ का सेवन न करना- ऐसा माना जाता है कि किसी भी तरह के नशीले पदार्थों का व्यक्ति के स्वास्थ पर बुरा असर पड़ता है, क्योंकि उनकी वजह से कई सारी बीमारियों के होने की संभावना बढ़ जाती है।

    अत: सभी लोगों को नशीले पदार्थ के सेवन से दूर रहना चाहिए और अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

  3. सेहतमंद दिनचर्या का पालन करना- हमारी दिनचर्या का हमारे स्वास्थ पर सीधा असर पड़ता है, तो कई बार यह स्वास्थ संबंधी परेशानियों का कारण भी बनता है।

    इसी कारण सभी लोगों को सेहतमंद दिनचर्या का पालना करना चाहिए जिसमें उसे पौष्टिक भोजन, व्यायाम इत्यादि को करना चाहिए।

  4. पर्याप्त मात्रा में पानी पीना- अक्सर, आपने यह सुना होगा कि यदि किसी शख्स के शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो उसे कई बीमारी हो सकती है।

    अत: सभी लोगों को पर्याप्त मात्रा (अर्थात् 8-10 गिलास प्रतिदिन) में पानी पीना चाहिए ताकि उन्हें कोई बीमारी न हो।

  5. डॉक्टर के संपर्क में रहना- यह सबसे महत्वपूर्ण कार्य है, जिसका पालन सभी लोगों को करना चाहिए।

    यदि किसी व्यक्ति का किडनी का इलाज चल रहा है, तो उसे डॉक्टर के संपर्क में तब तक रहना चाहिए, जब तक वे उसे पूरी तरह से सेहतमंद घोषित न कर दें।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि वर्तमान समय में स्वास्थ संबंधी कई सारी बीमारियां फैल रही हैं। इनमें किडनी खराब (Kidney Failure) की समस्या भी शामिल है, जो मुख्य रूप से असंतुलित दिनचर्या के कारण होती है।

यदि आपको हमारी बातों पर भरोसा नहीं हो रहा है, तो हम आपको यह बताना चाहते हैं कि हर साल 12 मार्च को विश्व किडनी दिवस (World Kidney Day) के रूप में मनाया जाता है ताकि लोगों में किडनी की बीमारी की जागरूकता बढ़ सके।

लेकिन, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब भी लोगों को किडनी की बीमारी और उसके उपचार के सही तरीकों की जानकारी नहीं है और इसी कारण इसके मरीजों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें किडनी खराब की जानकारी देने की कोशिश की है।

इसके अलावा, यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति स्वास्थ संबंधी किसी बीमारी और उसके उपचार के संभावित तरीकों की जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह इसके लिए +91-8448398633 पर Call करके उसकी मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है।

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