क्या होता है किडनी डायलिसिस ? जानें इससे जुड़ी आवश्यक जानकारी

​​​​किडनी  शरीर के अद्भुत अंग होते हैं, जो शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों और अतिरिक्त सोडियम, पोटेशियम और फास्फोरस को अन्य चीजों से फ़िल्टर करते हैं। दुर्भाग्यवश ऐसी बहुत सारी बीमारियां होती हैं, जिनकी वजह के किडनी फेल हो जाती हैं।

किडनी डायलेसिस (Kidney Dialysis in Hindi) के द्वारा रक्त से उन विषाक्त पदार्थों को निकाला जाता है, जिन्हें किडनी फ़िल्टर करके बाहर नहीं निकाल पाती हैं।

आपकी उम्र के आधार पर, आपकी किडनी फेल होने के कारण, आपकी किडनी कितनी क्षतिग्रस्त है और अन्य चीजें इत्यादि के आधार पर किडनी के मरीजों की ज़िदगी 10 साल तक बढ़ सकती है।

एक बार जब नेफ्रोलॉजिस्ट द्वारा किसी व्यक्ति को किडनी डायलेसिस कराने की सलाह दी जाती है,तब सर्जन द्वारा एक्सेस साइट बनाई जाती है।

यहां दो खोखले सुइयों को बांहों में लगाया रखा जाता है और फिर उन्हें डाइलिसिस मशीन से जुड़ा जाता है। यह पूरा उपचार सप्ताह में 3 से 4 घंटे तक चलता है।

 


किडनी डायलेसिस क्या होता है? (Meaning of Kidney Dialysis in Hindi)
 

 

किडनी डायलेसिस से तात्पर्य ऐसे उपचार से है, जिसे किडनी के कार्य को करने के लिए किया जाता है।

किडनी डायलेसिस कराने की आवश्यकता तब पड़ती है, जब किडनी के मरीजों की किडनी पूरी तरह से खराब हो जाती हैं।

 


किडनी डायलेसिस कराने के कौन-कौन से कारण होते हैं? (Reasons of Kidney Dialysis in Hindi)
 

 

आपको किडनी डायलेसिस  की आवश्यकता तब पड़ती है, जब आपकी किडनी पूरी तरह से खराब हो जाती है।

आमतौर पर जब आपकी किडनी 85 से 90 प्रतिशत काम करना बंद कर देती है और जीएफआर 15 से कम हो जाता है, तब डॉक्टर आपको किडनी डायलेसिस कराने की सलाह देते हैं।


कि़डनी डायलेसिस को निम्नलिखित कारणों से किया जाता है-


 

  • किडनी का खराब होना

     

  • शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों, तरल पदार्थ का खतरनाक स्तर तक पहुंच जाना

     

  • किडनी को ठीक करने के किसी अन्य तरीके का कारगर साबित न होना

     

  • किडनी ट्रांस्प्लांट करना
     


किडनी डायलेसिस के कितने प्रकार होते हैं? (Types of Kidney Dialysis in Hindi)
 

 

किडनी डायलेसिस के मुख्य रूप से 3 प्रकार होते हैं, जो इस प्रकार हैं-


 

  1. हेमोडायलेसिस- हेमोडायलेसिस, डायलेसिस का सबसे सामान्य प्रकार है।

    हेमोडायलेसिस में रक्त में मौजूद विषाक्त पदार्थ और अतिरिक्त तरल पदार्थ को निकालने के लिए कृत्रिम किडनी का उपयोग किया जाता है।

    रक्त को शरीर से निकाल दिया जाता है और कृत्रिम किडनी के माध्यम से फ़िल्टर किया जाता है। फ़िल्टर्ड रक्त को डायलिसिस मशीन की सहायता से शरीर में वापस लाया जाता है।


     

  2. पेरिटोनियल डायलेसिस- पेरिटोनियल डायलिसिस में आपके पेट में पेरिटोनियल डायलिसिस (पीडी) कैथेटर को प्रत्यारोपित करने के लिए सर्जरी की जाती है।

    उपचार के दौरान, एक विशेष द्रव जिसे डायलेट कहा जाता है, पेरिटोनियम में प्रवाहित होता है। डायलीसेट अपशिष्ट को अवशोषित करता है।

    एक बार जब डायलिसेट रक्तप्रवाह से बाहर निकल जाता है, तो इसे आपके पेट से निकाल दिया जाता है।


     

  3. कंटिन्यूस रिनवल रिप्लेसमेंट थेरेपी (सी.आर.आर.टी)- इस थेरेपी का उपयोग मुख्य रूप से उन लोगों के लिए किया जाता है, जिनकी किडनी पूरी तरह से खराब हो चकी होती है।

    एक मशीन ट्यूबिंग के माध्यम से रक्त को पार किया जाता है।

    एक फ़िल्टर तब अपशिष्ट उत्पादों और पानी को हटा देता है। प्रतिस्थापन तरल पदार्थ (रिप्लेसमेंट फ्लूड) के साथ, रक्त शरीर में वापस आ जाता है।

 


दिल्ली-NCR में किडनी डायलेसिस का खर्चा कितना होता है? (Cost of Kidney Dialysis in Hindi)


 

जब किसी व्यक्ति का किडनी की बीमारी का इलाज शुरू होता है, तो डॉक्टर उसे किडनी डायेलिस कराने की सलाह देते हैं।

ऐसी स्थिति में उसके मन में दिल्ली-NCR में किडनी डायलेसिस  के खर्चे को लेकर काफी शंकाए होती हैं।

ये शंकाएं उसे किडनी डायलेसिस कराने से रोकती हैं, लेकिन यदि उन्हें यह पता हो कि किडनी डायलेसिस एक किफायदी प्रक्रिया है, जिसकी औसतन लागत 12,000 से 15,000 तक या 18 हजार से 20 हजार प्रति माह होती है।

 

 

किडनी डायलेसिस कराने के सर्वोत्तम अस्पताल कौन-से हैं? (Hospitals of Kidney Dialysis in Hindi)
 

 

जितना यह जानना महत्वपूर्ण है कि किडनी डायलेसिस का खर्चा कितना होता है, उतना ही यह भी जानना महत्वपूर्ण है कि किडनी डायलेसिस के लिए सही अस्तपाल कौन से हैं।

किडनी डायलेसिस कराने के सर्वोत्तम अस्पताल निम्नलिखित हैं-


 

  1. Sir Ganga Ram Hospital

     

  2. Max Hospital

     

  3. Jeepy Hospital

     

  4. Batra Hospital

 


किडनी डायलेसिस के कौन-कौन से लाभ होते हैं? (Benefits of Kidney Dialysis in Hindi)
 

 

किडनी डायलेसिस के निम्नलिखित लाभ होते हैं-

 

  • किडनी को ठीक करने का कारगर तरीका- किडनी डायलेसिस की आवश्यकता उस स्थिति में पड़ती है, जब किडनी पूरी तरह से खराब हो जाती है।

    इस प्रकार किडनी डायलेसिस से किडनी को ठीक करने का प्रयास किया जाता है।


     

  • हफ्ते में 3 से 4 बार किया जाना- किडनी डायलेसिस को हफ्ते में 3 से 4 बार किया जाता है, इस कारण इससे व्यक्ति के ठीक होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

     

  • कम समय लगना-  आमतौर पर किडनी डायलेसिस को करने में 4 घंटे का समय ही लगता है।

    इस प्रकार इससे व्यक्ति और सर्जन दोनों के समय की बचत होती है।


     

  • घर में किया जाना- किडनी डायलेसिस का एक लाभ यह भी होता है कि इसे किसी क्लीनिक/अस्पताल के साथ-साथ घर पर भी किया जा सकता है।

 

 

किडनी डायलेसिस के नुकसान कौन-कौन होते हैं? ( Kidney Dialysis Side-Effects in Hindi)
 

 

हालांकि, किडनी डायलेसिस के बहुत सारे लाभ होते हैं, लेकिन डायलेसिस के नुकसान भी होते हैं, जिनमें से मुख्य 4 नुकसान इस प्रकार हैं-


 

  1. ब्लड प्रेशर का कम होना- किडनी डायलेसिस से कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर कम भी हो जाता है।

     

  2. मांसपेशियों में ऐंठन पड़ना- कई बार किडनी डायलेसिस से मांसपेशियों में ऐंठन होने की समस्या भी देखने को मिलती है।

     

  3. त्वचा में खुजली होना- यह किडनी डायलेसिस का सामान्य जोखिम है।

    हालांकि, यह समस्या समय के साथ ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ लोगों में यह काफी लंबे समय तक भी रह सकती है।


     

  4. जोड़ो में दर्द होना-  किडनी डायलेसिस के बाद कुछ लोगों के जोड़ों में दर्द भी हो जाता है।

 


किडनी डायलेसिस के बाद क्या खाना चाहिए? (Food to Eat after Kidney Dialysis in Hindi)
 

 

यदि आपका हाल ही में किडनी डायलेसिस हुआ है तो आपको अपने खान-पान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।


आपको निम्नलिखित तरह का भोजन करना चाहिए-


 

  1. प्रोटीन युक्त भोजन करना- किडनी डायलेसिस के बाद प्रोटीन युक्त भोजन जैसे मछ्ली, अंडे, दाल इत्यादि का सेवन करना चाहिए।

     

  2. पर्याप्त मात्रा में पानी पीना- किडनी डायलेसिस के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी पीना लाभदायक होता है।

     

  3. पत्तेदार सब्जी खाना- अक्सर, डॉक्टर किडनी डायलेसिस कराने वाले व्यक्ति को पत्तेदार सब्जी जैसे पत्तागोभी खाने की सलाह देते हैं।

     

  4. फल खाना- किडनी डायलेसिस के बाद फल जैसे सेब अवश्य खाना चाहिए।

     

  5. सलाद खाना- किडनी डायलेसिस के बाद व्यक्ति को सलाद को अपने डाइट में शामिल करना चाहिए।

 

 

किडनी डायलेसिस के बाद क्या नहीं खाना चाहिए? (Food to avoid after Kidney Dialysis in Hindi)
 

 

किडनी डायलेसिस के बाद निम्नलिखित तरह के भोजन को नहीं खाना चाहिए, क्योंकि यह आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं-


 

  1. ब्राउन चावल- किडनी डायलेसिस के बाद ब्राउन चावल खाने से बचना चाहिए क्योंकि यह किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

     

  2. केला- किडनी डायलेसिस के बाद केला नहीं खाना चाहिए।

     

  3. संतरा- किडनी डायलेसिस के बाद संतरे या इसके जूस का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसका घातक परिणाम हो सकता है।

     

  4. डेयरी उत्पाद- किडनी डायलेसिस के बाद पनीर, दही, मक्खन इत्यादि डेयरी उत्पादों से परहेज करना चाहिए।

     

  5. डिब्बा बंद खाना- किडनी डायलेसिस के बाद डिब्बा बंद भोजन नहीं करना चाहिए।



 
जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि कि़डनी डायलेसिस (Kidney Dialysis in Hindi)  कराने की सलाह किडनी का इलाज करने के लिए दी जाती है।

उस समय उस व्यक्ति के मन में इस प्रश्न का आना स्वाभाविक होता है कि किडनी डायलेसिस के द्वारा किडनी का इलाज को कैसे किया जाता है।

इसी प्रश्न का उत्तर प्राप्त करने के लिए वह हर संभव कोशिश करता है लेकिन इसके बावजूद उसे इसका उचित उत्तर नहीं मिल पाता है।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें किडनी डायलेसिस से संबंधित आवश्यक जानकारी दी है।

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