आईवीएफ उपचार के असफल होने के ये हैं कारण

आज कल इनफर्लिटी भारत जैसे विकासशील देशों के साथ-साथ विकसित देशों में भी चिंता का विषय बन गया है। विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार दुनिया के चार दंपत्तियों में से एक इस समस्या से पीड़ित है।

इनफर्लिटी को मुख्य रूप से उस कारण के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिसकी वजह से कोई महिला तमाम कोशिशों के बावजूद भी गर्भवती नहीं हो पाती है।

इनफर्लिटी के कौन-कौन से कारण होते हैं? (Reasons of Infertility in Hindi)

पुरूष में इनफर्लिटी कई कारणों से हो सकते हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

  • कम मात्रा में स्पर्म का होना

  • सीमेन में स्पर्म का न होना

  • स्पर्म की सरंचना और गतिशीलता में कमी होना

  • सीमेन में सीमित रूप में स्पर्म के बहाव का होना

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महिलाओं में इनफर्लिटी के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:

  • ओवेरियन की खराबी से अंडों की गुणवत्ता खराब या अंडे उत्पन्न नहीं होते हैं।

  • गर्भाशय में संरचनात्मक असामान्यताएं, जो भ्रूण के आरोपण या वृद्धि को रोकती है।

  • फैलोपियन ट्यूब में रुकावट के कारण स्पर्म अंडो तक पहुंच नहीं पाते हैं या फर्टिलाइज अंडाणु गर्भाशय में नहीं जा पाते हैं।

  • मोटापे के कारण हॉर्मोन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जिनके कारण इनफर्लिटी की समस्या हो सकती है।

  • ध्रूमपान करना

  • इम्यूनोलॉजिकल का होना, जो स्पर्म को ओवेम को फर्टिलाइज करने से रोकता है।

आईवीएफ क्या होता है? (IVF in Hindi)

यदि किसी निसंतान दंपत्ति को सभी तरह के इलाज कराने के बावजूद संतान सुख नहीं मिल पाता है, तो उन्हें असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) के विशेषज्ञ के पास भेजा जाता है।

एआरटी के अंतर्गत इन विर्टो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) नामक तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिसमें स्पर्म और ओवेम को मिलाकर भ्रूण का निर्माण किया जाता है।

इसके बाद एम्ब्रियोलोजिस्ट गर्भाशय के लिए सबसे स्वस्थ एम्ब्रियो का चयन करते हैं।

लेकिन, सभी आईवीएफ प्रक्रिया सफल नहीं होते हैं। प्रत्येक चक्र के साथ इसकी सफलता दर 3 चक्र तक बढ़ जाती है।

अगर किसी दंपत्ति को आईवीएफ के चक्रों के बाद संतान सुख प्राप्त नहीं होता है, तो उस स्थिति को रिकरंट इंप्लांटेशन फेलियर (आरआईएफ) कहा जाता है।

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आईवीएफ के असफल होने के कारण कौन-कौन से होते हैं? (Reasons of Failures of IVF in Hindi)

आईवीएफ की असफलता का कारण आरआईएफ होता है। इसके अलावा आईवीएफ कई अन्य प्रमुख्य कारण भी असफल हो सकता है, जो इस प्रकार हैं-

  • ओवेरियन की क्षमता और अंडे की गुणवत्ता बढ़ती उम्र के साथ काफी कम होना।

  • गर्भाशय में कोई परेशानियां होना, जिसमें शारीरिक विकृतियां, फाइब्रॉएड और पॉलीप्स हो सकती हैं।

  • गर्भाशय का खराब होना।

  • गर्भाशय में रक्त की आपूर्ति में कमी होना, जिसे थ्रोम्बोफिलिया भी कहा जाता है। जिसमें जहां रक्त के थक्के गर्भाशय की रक्त वाहिकाओं को अवरुद्ध करते हैं।

  • ऑटोइम्यून, थायरॉइड ऑटोइम्यूनिटी (Thyroid autoimmunity) और एंटीफॉस्फोलिपिड एंटीबॉडी (Antiphospholipid Syndrome) मुख्य रूप से ल्यूपस एंटिकोआगुलेंट (एलएसी), एंटिकार्डिओलिपिन एंटीबॉडी(Anti Cardiolopin Antibody), और एंटीन्यूक्लियर एंटीबॉडी (Antinuclear Antibody) की उपस्थिति का कारण बनते हैं।

  • शुक्राणुओं की खराब गुणवत्ता का होना।

  • भ्रूण में आनुवंशिक असामान्यताओं का होना।

  • भ्रूण में हैच और प्रत्यारोपण की असमर्थता का होना।

  • आईवीएफ के दौरान दी जाने वाली दवाओं के कारण ओवेरियन हाइपर स्टीमुलेशन सिंड्रोम(ओएचएसएस) का होना।

 

आईवीएफ की सफलता दर को कैसे सुधारा जा सकता हैं? (Techniques to Develop Success Rate of IVF in Hindi)

 

जैसा कि पहले स्पष्ट किया गया है कि कभी-कभी आईवीएफ करागर साबित नहीं होता है, लेकिन इसे सफल करने के लिए कई तरीकों को अपनाया जा सकता है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

  1. इंट्रा साइटोप्लास्मिक मॉर्फोलॉजिकल स्पर्म इंजेक्शन (आई एम एस आई) नामक तकनीक को अपनाना, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले स्पर्मों को चयनित किया जाता है और उन्हें ओवेम में डाला जाता है।

  2. गर्भाशय की समस्याओं का शल्य-चिकित्सा के माध्यम से इलाज करने से एम्ब्रियो के इंप्लांटेशन को रोकता है।

  3. गर्भाशय अस्तर की मोटाई और गुणवत्ता को सुधारने के लिए हॉर्मोन को सही करना।

  4. सिल्डेनाफिल, एस्पिरिन या कम आणविक भार हेपरिन जैसी दवाओं का सेवन करना, ताकि ये गर्भाशय की रक्त आपूर्ति में सुधार करने में मदद कर सकें।

जैसा कि आप यह जानते हैं कि इन दिनों ऐसे बहुत सारे दंपत्ति हैं, जिन्हें संतान सुख नहीं मिल पाता है। उनके लिए आईवीएफ काफी कारगर साबित होता है। इसके बावजूद यह कभी-कभी असफल भी हो जाती है, इसलिए उसके असफल होने के कारणों के बारे में जानना काफी आवश्यक होता है।

हमने इस लेख में उन्हीं कारणों को स्पष्ट करने की कोशिश की है, अत: हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा।

अगर आप या आपकी जान-पहचान में कोई दंपत्ति संतान सुख से वंचित हैं और इसके लिए किसी बेहतर तरीके की तलाश कर रहे हैं तो वह आईवीएफ को अपना सकते हैं।

अगर वह इसके लिए आईवीएफ को कराना चाहता है, लेकिन उसे कराने में वह आर्थिक रूप से असमर्थ है तो वह 91-95558-12112 पर Missed Call करके Letsmd से संपर्क कर सकता है और 0% की ब्याज दर पर मेडिकल लोन लेकर आईवीएफ को करा सकता है।

 

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