क्या है हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी? (Hip Replacement Surgery in Hindi)

हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी (Hip Replacement Surgery) उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो कूल्हे की समस्या से परेशान रहते हैं।

यह सामान्य चीज है कि उम्र के बढ़ने के साथ-साथ मानव-शरीर काफी कमजोर हो जाता है और उसमें कई सारी परेशानियां भी होने लगती हैं।

इनमें कूल्हे से संबंधित कई सारी समस्याएं जैसे कूल्हे की हड्डी में दर्द का होना, कूल्हे की हड्डी का टूटना, कूल्हे की हड्डी का खराब होना इत्यादि का भी खतरा बढ़ जाती है। ऐसे में इन समस्याओं का समाधान के लिए बेहतर विकल्प की जरूरत पड़ती है।

 

ऐसी स्थिति में हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी एक लाभकारी तरीका साबित होती है, जिसके माध्यम से कूल्हे के जोड़ को सेहतमंद जोड़ से बदलकर व्यक्ति को नई ज़िदगी प्रदान की जाती है।

चूंकि, लोगों को इस सर्जरी की अधिक जानकारी नहीं होती है, इसी कारण वे इसका लाभ नहीं उठा पाते हैं।

यदि आप भी इस जानकारी से वंचित हैं, तो आपको इस लेख को जरूर पढ़ना चाहिए।

 

 

क्या है हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी? (Hip Replacement Surgery in Hindi)

 

 

हिप रिप्लेसमेंट से तात्पर्य ऐसी सर्जरी से है, जिसमें एक क्षतिग्रस्त कूल्हे की हड्डी को कृत्रिम हड्डी (इसे प्रोस्थेसिस के नाम से जाना जाता है) से बदल दिया जाता है।

 

हालांकि, इस सर्जरी को किसी भी उम्र के वयस्कों के लिए सही माना जा सकता है, लेकिन इसका उपयोग  ज्यादातर 60 और 80 की उम्र के बीच के लोगों पर किए जाता है।

 

इस आधुनिक कृत्रिम अंग को कम से कम 15 साल तक चलने के लिए डिज़ाइन किया जाता है। इसके वजह से अधिकांश लोगों को चलते समय कूल्हे के दर्द में कमी और सुधार महसूस होता है।

 

 

हिप रिप्लेसमेंट के कितने प्रकार हैं? (Types of Hip Replacement in Hindi)
 

 

हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी मुख्य रूप से 4 प्रकार की होती है, जो निम्नलिखित हैं-

 

 

  1. पार्शियल हिप रिप्लेसमेंट- पार्शियल रिप्लेसमेंट सर्जरी (Partial Hip Replacement) से तात्पर्य ऐसी सर्जरी है, जिसमें कूल्हे के जोड़ की कटोरियों को निकालना और उसे नई कटोरी से बदला जाता है।

    इस सर्जरी को मुख्य रूप से उस स्थिति में किया जाता है, जब कूल्हे पर चोट लग जाती है और इसमें सोकेट को बदला नहीं जाता है।


     

  2. टोटल हिप रिप्लेसमेंट- जिस सर्जरी में कूल्हे के जोड़ों को कृत्रिम अंग से बदला जाता है, उसे टोटल हिप रिप्लेसमेंट (Total Hip Replacement) के नाम से जाना जाता है।

    इस सर्जरी को मुख्य रूप से उस स्थिति में किया जाता है कूल्हे की हड्डी का जोड़ या तो खराब हो जाता है या फिर उसमें असहनीय दर्द रहता है।


     

  3. यूनिलेटरल टोटल हिप रिप्लेसमेंट- इस सर्जरी को करने का प्रमुख उद्देश्य कूल्हे के दर्द को कम करना और चलने की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है।

    जब किसी व्यक्ति को किसी अन्य तरीकों से आराम नहीं मिलता है, तब डॉक्टर उसे यूनिलेटरल टोटल हिप रिप्लेसमेंट (Unilateral Total Hip Replacement) करानी की सलाह देेते हैं।


     

  4. रिविज़न हिप रिप्लेसमेंट- रिविज़न हिप रिप्लेसमेंट (Revision Hip Replacement) सर्जरी से तात्पर्य ऐसी सर्जरी है, जिसे घिसे हुए कूल्हे को ठीक करने के लिए किया जाता है।

    इस सर्जरी को कूल्हे संबंधी अन्य समस्याओं जैसे कूल्हें के संक्रमण, कूल्हे की चोट इत्यादि की संभावना को भी कम करने के लिए किया जाता है।

 

 

आप हिप रिप्लेसमेंट के प्रकारों की जानकारी नीच दी गई हीप रिप्लेसमेंट के प्रकार की वीडियों (Hip Replacement Video) को देखकर भी प्राप्त कर सकते हैं : 


 

 

 

हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की आवश्यकता कब पड़ती है? (Indications of Hip Replacement in Hindi)

 

 

इस सर्जरी की आवश्यकता मुख्य रूप से उस स्थिति में पड़ती है, जब कूल्हे की हड्डी खराब या नष्ट हो जाती है और इसकी वजह से व्यक्ति को चलने या फिर बैठने पर भी दर्द होता है।
 


इसके अलावा हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी को उन लोगों को भी कराने की सलाह दी जाती है, जो निम्नलिखित समस्याओं से पी़ड़ित होते हैं-

 

 

  • रहूमटॉइड आर्थराइटिस का होना- यदि किसी व्यक्ति के कूल्हे में सूजन हो जाती है, तो उसे ठीक करने के लिए हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी को किया जाता है।

    इसे मेडिकल भाषा में रहूमटॉइट आर्थराइटिस (rheumatoid arthritis) के नाम से जाना जाता है, जो शुरूआत में शरीर के छोटे से हिस्से में होती है, लेकिन समय बीतने के साथ यह अन्य अंगों जैसे हाथ, पैर, उंगली इत्यादि में फैल जाती है।


     

  • ट्रॉमेटिक आर्थराइटिस का होना- इस सर्जरी को ट्रॉमेटिक आर्थराइटिस (traumatic arthritis) नामक बीमारी का इलाज करने के लिए भी किया जाता है।

    यह बीमारी मुख्य रूप से चोट लगने पर होती है और इस वजह से कूल्हे खराब हो जाते हैं।


     

  • ऑस्टिओ आर्थराइटिस का होना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि कूल्हे की कुछ बीमारियां उम्र बढ़ने के साथ ही होती है।

    ऑस्टिओ आर्थराइटिस (osteoarthritis) भी ऐसी ही एक बीमारी है, जो केवल अधेड़ उम्र के लोगों को ही होती है। इसका बीमारी का इलाज हिप रिप्लेसमेंट के द्वारा ही संभव है।


     

  • कूल्हे में असहनीय दर्द का होना- जब किसी व्यक्ति को कूल्हे में असहनीय दर्द होता है और उसे किसी अन्य तरीके से आराम नहीं मिलता है, तो उस स्थिति में डॉक्टर उसे हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी कराने की सलाह देते हैं।

 


हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी को कैसे किया जाता है? (Procedure of Hip Replacement Surgery in Hindi)

 

 

इस पूरी सर्जरी को करने में मात्र 1 से 3 घंटों का समय लगता है। इस सर्जरी को करने से पहले व्यक्ति के कुछ टेस्ट करते हैं, जिसमें इस बात का पता लगाया जाता है कि वह इस सर्जरी के लिए पूरी तरह से तैयार है।



हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी में कई सारे महत्वपूर्ण स्टेप शामिल होते हैं, जो निम्नलिखित हैं-

 

 

  • स्टेप 1: एनेस्थीसिया देना- इस सर्जरी की शुरूआत में व्यक्ति को एनेस्थीसिया दिया जाता है ताकि उसे इस पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी तरह का दर्द महसूस न हो।

     



     

  • स्टेप 2: कूल्हे के सामने या बगल में कट को बनाना- व्यक्ति को एनेस्थीसिया देने के बाद डॉक्टर कूल्हे के सामने या बगल में कट को बनाते हैं।

     

  • स्टेप 3: क्षतिग्रस्त कूल्हे की हड्डी को निकालना- कूल्हे में कट को लगाने के बाद डॉक्टर कूल्हे की उस हड्डी को निकाल देते हैं, जो सही से कार्य नहीं कर पाती है।

     

  • स्टेप 4:  कृत्रिम अंग को लगाना- क्षतिग्रस्त कूल्हे को निकालने के बाद उसकी जगह पर कृत्रिम अंग को लगाया जाता है।

    यह कृत्रिम अंग मुख्य रूप से मेटल का बना होता है, जो कूल्हे के दर्द को कम करने के साथ-साथ उसकी कार्यक्षमता को भी बढ़ाता है।


     

  • स्टेप 5: कट को बंद करना- कूल्हे में कृत्रिम अंग को लगाने के बाद वहां पर लगाए गए कट को बंद कर दिया जाता है।

    इसके साथ ही यह प्रक्रिया समाप्त हो जाती है और इसके बाद व्यक्ति को सुधार कक्ष (Recovery Room) में ले जाया जाता है, जहां पर उसकी सेहत को मॉनिटर किया जाता है।

 


हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की कीमत कितनी है? (Cost of Hip Replacement in Hindi)

 

 

जब भी डॉक्टर किसी व्यक्ति को हिप का ऑपरेशन कराने की सलाह देते हैं, तो उस व्यक्ति के मन में सबसे पहला प्रश्न यही आता है कि इस सर्जरी या ऑपरेशन की कीमत कितनी होगी। कहीं इसकी वजह से उसे कोई आर्थिक संकट से तो नहीं गुजरना पड़ेगा।

संभवत: लोगों को यह एक महंगी प्रक्रिया लगती होगी और इसे कारण वे कराने से हिचकते होंगे लेकिन उनका ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है क्योंकि यह एक किफायदी प्रक्रिया है, जिसका खर्च मात्र 1.75 से 2.75 लाख ही होता है।

 

 

इस सर्जरी की कीमत मुख्य रूप से कई तत्वों पर निर्भर करती है, इनमें से प्रमुख  तत्व निम्नलिखित हैं-

 

 

  1. हिप रिप्लेसमेंट का प्रकार- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि हिम रिप्लेसमेंट कई तरह के होते हैं।

    इसी कारण इसकी कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि कौन से हिप रिप्लेसमेंट को किया जाना है।


     

  2. अस्पताल- हिप रिप्लसमेंट की कीमत काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि इसे कौन-से अस्पताल में कराना है।

    अत: किसी भी व्यक्ति को इस सर्जरी को कराने से पहले अस्पताल का चयन काफी सोच-समझकर करना चाहिए।

    यह भी देखें- हिप रिप्लेसमेंट के सर्वोत्तम अस्पताल/क्लीनिक


     

  3. कूल्हे की समस्या- कूल्हे की समस्या कई तरह की होती हैं, इसी कारण कूल्हे के ऑपरेशन की कीमत इसे कराने के कारण भी निर्भर करती है।

     

  4. सर्जन का अनुभव- सर्जन का अनुभव भी हिप रिप्लेसमेंट की कीमत को प्रभावित करता है।

    इसी कारण किसी भी व्यक्ति को इस सर्जरी को कराने से पहले सर्जन के अनुभव की जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए।


     

  5. व्यक्ति के स्वास्थ की स्थिति- हिप ऑपरेशन की कीमत व्यक्ति के स्वास्थ की स्थिति पर भी काफी हद तक निर्भर करती है।

 

 

हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की सफलता दर कितनी है? (Sucess Rate of Hip Replacement in Hindi)

 


हिप रिप्लेसमेंट की सफलता दर काफी अधिक है, इसकी वजह से लगभग 95 प्रतिशत लोगों को कूल्हे के दर्द से निजात मिल जाती है।

हिप रिप्लेसमेंट की सफलता दर 10 साल तक 90 से 95 प्रतिशत तो वहीं 20 साल तक 80 से 85 प्रतिशत है।

 

 

हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के लाभ क्या हैं? (Benefits of Hip Replacement in Hindi)

 

 

यह अच्छी बात है कि अधिकांश लोग इस सर्जरी को करा रहे हैं और अपनी ज़िदगी को खुशियों से भर रहे हैं।
 


हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी को कराने के कुछ मुख्य लाभ होते हैं, जो इस प्रकार हैं-
 

 

  • चलने में दर्द का न होना- हिप रिप्लेसमेंट को कराने से उस दर्द में आराम मिलता है, जो पहले चलते समय होता था।

     

  • दिल संबंधी बीमारियों के जोखिमों को कम करना- यह सर्जरी ह्रदय रोगों की संभावना को भी कम कर देती है।
    अत: इसे कराने से व्यक्ति का दिल भी बेहतर तरीके से काम करने लगता है।


     

  • लंबे समय तक सक्रिया रहना- यदि कोई व्यक्ति को समय रहते हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी को करा लेता है तो इससे वह शारीरिक रूप से स्वस्थ हो जाता है।

    इस सर्जरी को कराने का अन्य लाभ यह भी है कि इसके द्वारा व्यक्ति लंबे समय तक सक्रिय रह पाता है।


     

  • सामान्य गतिविधियों को कर पाना- जब कूल्हे की समस्या काफी बढ़ जाती है कि व्यक्ति को सामान्य कार्यों जैसे चलना, बैठना इत्यादि को भी नहीं कर पाता है।

    ऐसे में उस वयक्ति के लिए हिप रिप्लसमेंट काफी लाभदायक साबित होता है और इसकी वजह वह इन कार्यों को बेहतर तरीकों से कर पाता है।


     

  • कूल्हे की हड्डियों की कार्यक्षमता में सुधार करना- चूंकि, हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी में क्षतिग्रस्त कूल्हे की हड्डी को ठीक किया जाता है, तो इस प्रकार यह कूल्हे की हड्डियों की कार्यक्षमता में सुधार करता है।

 

 

हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के जोखिम क्या हो सकते हैं? (Side- Effects of Hip Replacement Surgery in Hindi)

 

 

निश्चित रूप से हिप रिप्लेसमेंट कूल्हे की समस्या को ठीक करने का सर्वोत्तम तरीका है, इसके बावजूद किसी भी अन्य सर्जरी की तरह इसके भी अपने कुछ जोखिम होते हैं, जिनकी जानकारी पाना महत्वपूर्ण है।

 

यदि किसी व्यक्ति ने हाल ही कूल्हे का ऑपरेशन कराया है या फिर वह भविष्य में इसे कराने वाला है, तो उसे इन 5 जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है-

 

 

  1. संक्रमण का होना- इस सर्जरी के बाद कुछ लोगों को संक्रमण की समस्या हो जाती है। हालांकि, इसे एंटिबॉटिक दवाई के सेवन के द्वारा नियंत्रण में किया जा सकता है।

     

  2. ब्लड क्लोट्स का पड़ना- अक्सर ऐसा भी देखा गया है कि हिप रिप्लेसमेंट के बाद ब्लड क्लोट्स हो जाता है।

    इस स्थिति में व्यक्ति को मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ती है।


     

  3. डायबिटीज का बढ़ना- यदि कोई ऐसा व्यक्ति इस सर्जरी को कराता है, जो डायबिटीज से पीड़ित है, तो हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद उसकी डायबिटीज बढ़ सकती है।

     

  4. रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना- हिप रिप्लेसमेंट का असर व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी पड़ता है।

    इस सर्जरी के बाद इसमें कमी आ सकती है, जिसे बढ़ाने के लिए कुछ दवाईयों का सेवन करने की जरूरत पड़ सकती है।


     

  5. कूल्हे की हड्डी का टूटना- हालांकि, हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी को कूल्हे की टूटी हुई हड्डी को ठीक करने के लिए किया जाता है, लेकिन कई बार यह समस्या इस सर्जरी के बाद भी वैसी ही बनी रह जाती है।

 


हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (Preventions of Hip Replacement Surgery in Hindi)

 

 

संभवत: इस सर्जरी के कुछ जोखिम हो सकते हैं, लेकिन यदि कोई व्यक्ति कुछ सावधानी बरते तो वह इनकी संभावना को कम कर सकता है।


यदि किसी व्यक्ति ने हाल ही में हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी को कराया है, तो उसे निम्नलिखित सावधानियों को बरतना चाहिए-


 

  • बैसाखी के सहारे चलना- कूल्हे के ऑपरेशन के बाद व्यक्ति को अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखना चाहिए और उसे चलते समय बैसाखी का उपयोग करना चाहिए।

     

  • दवाई लेना- चूंकि, इस सर्जरी के बाद थोड़ा दर्द हो सकता है, तो उसे कम करने के लिए व्यक्ति को दर्द-निवारकर दवाईयों का सेवन करना चाहिए ताकि उसका यह दर्द ठीक हो सके।

     

  • फीजियोथेरेपी लेना- डॉक्टर हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद व्यक्ति को फीजियोथेरेपी लेने की सलाह देते हैं।

    यह थेरेपी उसे जल्दी से ठीक होने में सहायता करती है।


     

  • व्यायाम करना- किसी भी व्यक्ति के लिए हिप रिप्लेसमेंट के बाद व्यायाम करना लाभदायक तरीका साबित हो सकता है।
    व्यायाम के द्वार व्यक्ति की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और इसके साथ में यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ता है।


     

  • नियमित रूप से चेकअपन कराना- यदि किसी व्यक्ति ने हाल ही में हिप रिप्लेसमेंट कराया है, तो उसे अपने स्वास्थ की नियमित रूप से जांच करानी चाहिए ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि वह पूरी तरह से स्वस्थ है।

 

 


आज के दौर में कमजोर हड्डियों की समस्या काफी फैल रही है। आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि यह समस्या केवल उन्हीं लोगों को होती हैं, जो अधिक उम्र के होते हैं, लेकिन ये आज कल युवाओं में भी देखने को मिल रही हैं।

कूल्हे की हड्डी की परेशानी भी ऐसी ही हड्डी की समस्या है, जिसका उपचार ऑपरेशन या सर्जरी के माध्यम से ही संभव है।

हालांकि, इस स्थिति में हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी (Hip Replacement Surgery) कराना सबसे सही विकल्प साबित हो सकता है, लेकिन लोगों में इसके प्रति जागरूकता न होने के कारण वे समय रहते इसका लाभ नहीं उठा पाते हैं।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि आप या आपकी जाना-पहचान में कोई व्यक्ति हड्डी की किसी समस्या और उसके उपचार के संभावित तरीकों की अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह इसके लिए 95558-12112 पर Call करके उसका मुफ्त परामर्श प्राप्त कर सकता है।