क्या है ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी? जाने इसकी संपूर्ण जानकारी

​​​​ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी दिल के रोगियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि यह उन्हें नई ज़िदगी प्रदान करती है। हर साल 29 सितंबर को विश्व ह्रदय दिवस में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को ह्रदय रोग की पूर्ण जानकारी देना है।

हालांकि, ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी (Heart Transplant) को बहुत सारे लोगों ने अपनाया है, लेकिन ऐसे कुछ लोग भी हैं, जिन्हें ह्दय प्रत्यारोपण सर्जरी की पूर्ण जानकारी नहीं है, इसी कारण वे इस सर्जरी को कराने से हिचकते हैं।

यदि आप भी ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी के बारे में नहीं जानते हैं तो आपको इस लेख को जरूर पढ़ना चाहिए।

क्या है ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी ? (Heart Transplant Surgery-in Hindi)

ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी से तात्पर्य ऐसी प्रक्रिया से है, जिसमें नए दिल को उस व्यक्ति के दिल से बदला जाता है, जिसका दिल किसी कारणवश खराब हो जाता है।

अन्य शब्दों में, ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी से तात्पर्य ऐसी सर्जिकल सर्जरी से है, जिसे उस व्यक्ति पर किया जाता है, जो दिल के खराब होने की अंतिम स्थिति पर होता है और उसे दिल की किसी अन्य सर्जरी जैसे कोरोनरी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और बाईपास सर्जरी से आराम नहीं मिलता है।

ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी को किन कारणों से किया जाता है? (Indications for Heart Transplant Surgery in Hindi)

ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी एक लाभदायक सर्जरी है, जिसे मुख्य रूप से इन 4 कारणों से किया जाता है-

  1. हृदय की मांसपेशियों का कमजोर होना- ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी को मुख्य रूप से उस स्थिति में किया जाता है, जब दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।

  2. कोरोनरी ह्रदय रोग (Coronary Heart Disease)- जिस व्यक्ति को कोरोनरी ह्रदय रोग की समस्या होती है, डॉक्टर उसे ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी कराने की सलाह देते हैं।

  3. दिल का खराब होना- जब किसी व्यक्ति का दिल खराब (Heart Failure) होने की करागर पर होता है, तो उस स्थिति में ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी एक बेहतर विकल्प होता है।

  4. ह्रदय का जन्मजात विकार होना- ऐसा कई बार देखा गया है कि कुछ लोगों में जन्मजात ह्रदय संबंधी विकार होते हैं, ऐसे लोगों को डॉक्टर ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी कराने की सलाह देते हैं।

ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी को कैसे किया जाता है? (Procedure of Heart Transplant Surgery-in Hindi)

ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी को करने में कुछ घंटे का समय लगता है, जिसे सामान्य ऑपरेशन थिएटर में किया जाता है।

इस सर्जरी में निम्नलिखित स्टेप शामिल होते हैं-

  • स्टेप 1: व्यक्ति को एनेस्थीसिया देना- ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी की शुरूआत व्यक्ति को एनेस्थीसिया देने के साथ होती है।

  • स्टेप 2: हॉर्ट-लंग बाईपास मशीन का उपयोग करना- इसके बाद हॉर्ट-लंग बाईपास सर्जरी का उपयोग किया जाता है।

    यह मशीन मुख्य रूप से वेंटिलेटर से जुड़ी होती है, जो व्यक्ति को सचेत रखती है।

  • स्टेप 3: छाती के बीच में कट लगाना- डॉक्टर व्यक्ति की छाती के बीच में कट लगाते हैं, ताकि उसके दिल को निकाला जा सके।

  • स्टेप 4: व्यक्ति के दिल को निकालना- व्यक्ति की छाती पर कट लगाने के बाद डॉक्टर उसके दिल को निकाल देते हैं।

  • स्टेप 5: नए दिल को लगाना- व्यक्ति के दिल को निकालने के बाद उसकी जगह पर स्वस्थ दिल को लगाया जाता है।

दिल्ली-NCR में ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी की लागत (Cost of Heart Transplant Surgery in Delhi NCR)

जब बात ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी कराने की आती है, तो इसके लिए दिल्ली-NCR के बेहतर और जगह हो ही नहीं सकती है। भारत की राजधानी होने के कारण यहां पर दिल्ली-NCR में ह्रदय प्रत्यारोपण के लिए सर्वोत्तम अस्पताल मौजूद हैं। ज्यादातर लोग इस सर्जरी को एक महंगी प्रक्रिया समझते हैं, लेकिन सत्य यह है कि यह एक किफायदी प्रक्रिया है, जिसकी औसतन लागत 7 लाख से 50 लाख होती है।

इस सर्जरी की यह लागत मुख्य रूप से कई सारे तत्वों पर निर्भर करती है, जो इस प्रकार हैं-

  • अस्पताल- ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी की लागत इस बात पर काफी हद तक निर्भर करती है, कि उसे किस अस्पताल में कराया जा रहा है।
  • डॉक्टर का अनुभव- इस सर्जरी की लागत डॉक्टर के अनुभव पर काफी हद तक निर्भर करती है।
  • जगह- ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी को कराने से पहले इस बात का अच्छी तरह से चयन करना चाहिए कि इसे किस जगह पर कराना है।
  • व्यक्ति के स्वास्थ की स्थिति- ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी की लागत काफी हद तक व्यक्ति के स्वास्थ की स्थिति पर भी निर्भर करती है।

ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी दिल्ली-NCR के किन अस्पतालों में कराई जा सकती है? (Hospitals for Heart Transplant Surgery in Hindi)

इस सर्जरी की लागत जानने के साथ-साथ यह जानना भी महत्वपूर्ण होता है, इसे किन अस्पतालों में कराना चाहिए, तो इसके लिए हम यहां पर कुछ सर्वोत्तम अस्तपालों की सूची दे रहे हैं, जहां पर ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी को कराया जा सकता है-

  1. मेदांता अस्पताल- यह एक जाना-माना अस्पताल है, जो गुरूग्राम में स्थित है। यहां पर अत्याधुनिक तरीका से ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी को किया जाता है।

  2. मैक्स अस्पताल- यह काफी लोकप्रिय अस्पताल है, जिसकी दिल्ली-NCR में कई सारी शाखाएं मौजूद हैं।

  3. फोर्टिस अस्पताल- कई सारे लोगों ने अपनी सर्जरी के लिए फोर्टिस को चुना है। आप भी यहां पर ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी को करा सकते हैं।

  4. जेपी अस्पताल- जे पी अस्पताल का नाम हर व्यक्ति की जबान पर है क्योंकि यहां पर काफी अनुभवी डॉक्टर मौजूद हैं।

  5. बद्रा अस्पताल- यह दिल्ली के राजेंद्र प्लेस में स्थिति काफी लोकप्रिय अस्पताल है। यहां पर काफी बेहतर तरीके से ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी को किया जाता है।

ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी के लाभ (Benefits of Heart Transplant Surgery)

ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी के इन 4 लाभों के कारण लोग इसे अपनाते हैं-

  1. नया जीवन देना- ह्रदय प्रत्यारोपण का प्रमुख लाभ यह है कि इसके माध्यम से बहुत सारे ह्रदय रोगियों को नया जीवन मिला है।

  2. सफल प्रक्रिया होना- ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी एक सफल प्रक्रिया है, यह इस बात से पता चलता है कि इसकी सफलता दर लगभग 88 प्रतिशत है।

  3. ह्रदय की अन्य बीमारियों के लक्षण को रोकना- इस सर्जरी को कराने से ह्रदय की अन्य बीमारियों के लक्षण को रोक दिया जाता है।

  4. अन्य सर्जरी की संभावना को कम करना- चूंकि, ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी की सफलता दर काफी अच्छी है, तो इसे कराने के बाद अन्य सर्जरी की जरूरत नही पड़ती है।

ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी के जोखिम (Side-Effects of Heart Transplant Surgery)

हालांकि, ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी ने बहुत सारे लोगों को नई ज़िदगी दी है, लेकिन इसके कुछ जोखिम भी होते हैं, जिनके बारे में जानना काफी महत्वपूर्ण है।

  • रक्तस्राव होना- कई बार ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी के बाद अधिक रक्तस्राव (Bleeding) हो जाता है।

  • संक्रमण होना- कुछ लोगों में संक्रमण भी हो जाता है।

  • खून के थक्के होना- अक्सर लोगों में ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी के बाद खून के थक्के की समस्या भी हो जाती है।

  • डोनर दिल का खराब होना- ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी के बाद कुछ लोगों में डोनर दिल प्रतिकूल साबित होता है।

  • मौत होना- यह ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी का अन्य जोखिम है, जो काफी कम बार होता है।

ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी में कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए? (Precautions of Heart Transplant Surgery)

इस सर्जरी के बाद यदि इन सावधानियों को बरता जाए, तो इसके जोखिमों को कम किया जा सकता है-

  1. व्यायाम करना- किसी भी व्यक्ति के लिए इस सर्जरी के बाद व्यायाम करना, उसके जल्दी से ठीक होने में सहायक साबित होता है।

  2. पौष्टिक भोजन करना- ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी के बाद पौष्टिक भोजन करना चाहिए।

  3. समय पर दवाई लेना- अगर किसी व्यक्ति ने हाल ही में इस सर्जरी को कराया है तो उसे अपनी दवाईयों को समय पर लेना चाहिए।

  4. डॉक्टर के संपर्क में रहना– यदि आपने हाल ही ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी को कराया है, तो आपको तब तक डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए, जब तक डॉक्टर आपको सेहतमंद घोषित न कर दें।

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि आज के दौर में दिल से संबंधित कई सारी समस्याएं फैल रही हैं। ये समस्याएं मुख्य रूप से हर उम्र के लोगों में देखने को मिलती हैं। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान न किया जाए तो स्थिति बद-से-बदतर हो सकती है और ऐसी स्थिति में एकमात्र सर्जरी ही बचती है।

ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी भी इन्हीं सर्जरियों में से एक है, जिसकी सलाह उस स्थिति में देते हैं, जब किसी व्यक्ति को किसी अन्य तरीके से आराम नहीं मिलता है। चूंकि, लोगों को ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी को लेकर बहुत सारी शंकाएं होती हैं, इसी कारण वे इसे कराने से हिचकते हैं। यदि उन्हें इस सर्जरी की संपूर्ण जानकारी हो तो वे भी शायद इस सर्जरी का लाभ उठा सकें।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इस लेख में ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी की पूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि आप या आपकी पहचान में कोई व्यक्ति ह्रदय प्रत्यारोपण सर्जरी के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह इसके लिए +91-8448398633 पर Call करके इसकी मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है।

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