इन 4 टिप्स को अपनाकर मनाएं हेल्दी दिवाली

भारत त्यौहारों का देश है, यहां पर पूरे वर्ष कोई-न-कोई त्यौहार आता ही रहता है।

भारत के सबसे लोकप्रिय त्यौहार में से एक त्यौहार दिवाली है।

भारत में इस त्यौहार की अपनी एक मान्यता है,

इसे मुख्य रूप से भगवान राम के 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटने के शुभ अवसर पर मनाया जाता है।

समय बदलने के साथ इस त्यौहार को मनाने के तरीके में भी बदलाव हुआ है।

पहले के जमाने में इस त्यौहार को केवल दियों और मिठाईयों के साथ ही मनाया जाता था।

लेकिन अब इस त्यौहार पर लोग अधिक मात्रा में पटाखे जलाते हैं।

पटाखों से केवल पर्यावरण पर ही बुरा असर नहीं पड़ता है बल्कि ये सेहत को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

हर साल इस त्यौहार पर किसी-न-किसी तरह की दुर्घटना की खबर आती है।

आप सभी ने दिवाली की अगली सुबह पटाखों के कचरे से भरी हुई गलियों या सड़कों को देखा होगा और इसके साथ में आपको बाहर की हवा में एक अजीब सी घुटन महसूस होती होगी।

ऐसा केवल अधिक मात्रा में पटाखों को जलाने के कारण ही होता है।

जाहिर सी बात है कि आप इस दृश्य को देखकर काफी दुखी होते होंगे और यह सोचते होंगे की ऐसे त्यौहार का क्या फायदा, जो हमारे पर्यावरण के साथ-साथ हमारी ज़िदगियों को भी बर्बाद कर दे।

हमे यह चीज देखकर काफी तकलीफ होती है, जब लोग कुछ पल की खुशी के लिए अपनी सेहत के साथ-साथ अपने आस-पास के लोगों की सेहत को भी खतरे में डाल देते हैं। लेकिन आपको इस त्यौहार पर समझदारी दिखानी चाहिए और निम्नलिखित बातों का पालन करना चाहिए:

  1. मिलावटी मिठाईयों से बचें:

    दिवाली पर मिठाई का खुमार लोगों पर खूब बढ़-चढ़कर बोलता है। सभी लोग अपने रिश्तेदारों को मिठाई से इस त्यौहार की शुभकामनाएं देते हैं।

    इस त्यौहार में मिलावटखोरों का कारोबार भी बढ़ जाता है और वे इस त्यौहार को ऐसे अवसर के रूप में देखते हैं, जिसमें वे अत्याधिक फायदा कमा सके।

    इसके लिए वे मिलावटी मिठाई बाजार में ले आते हैं और ये मिलावटी मिठाई को खाने से हमारे सेहत पर बुरा असर पड़ता है।

    अगर आप इस संकट से बचना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित तरीकों को अपना सकते हैं:

  • दूध या मेवे से बनी हुई मिठाई न खरीदें क्योंकि ये किडनी के मरीजों के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं।

  • अगर आपको शुगर की बीमारी है, तो किसी भी तरह की रंगी-बिरंगी मिठाई न खाएं।

  • अधिक मात्रा में मिठाई न खाएं बल्कि उसका एक टुकड़ा ही खाएं।

2. पटाखों को फोड़कर, पर्यावरण को गैसचैंबर न बनाएं  :

दिवाली के त्यौहार पर धूम-धाम से पटाखें फोड़े जाते हैं और यह सिलसिला रात-भर चलता रहता है।

पटाखों से लोगों को कुछ पल की खुशी तो मिल जाती है लेकिन इसका काफी नुकसान होता है।

यह प्रदूषण के साथ-साथ मरीजोें की संख्या को भी बढ़ाते हैं। इसलिए जितना हो सके पटाखे फोड़ने से बचें।

अगर फिर भी आप पटाखें फोड़ना चाहते हैं तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:

 

  • पटाखें फोडते समय उचित दूरी बनाए रखें।

  • पटाखें हमेशा खुली जगह पर ही फोड़े।

  • ढीले-ढालें कपड़े, साड़ी, फ्रॉक न पहनें।

  • बच्चों को दूर रखें।

  • अस्थमा या एलर्जी के मरीज अपने मुंह पर कपड़ा बांध कर रखें।

  • अपने साथ पानी की बोतल, टूथपेस्ट और बरनोल इत्यादि रखें।

3. खान-पान का ध्यान रखें:
 

दिवाली पर बहुत सारी चीजे बनती हैं और लोग उन्हें बड़े चाव से खाते हैं।

लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि ये सभी चीजे आपको बीमार कर सकती हैं।

ऐसे में आपको अपने स्वास्थ का ध्यान रखना चाहिए, जिसके लिए आप निम्नलिखित काम कर सकते हैं:

  • तली हुई चीजे न खाएं।

  • किसी के घर जाने पर कम मात्रा में चीजे खाएं।

  • जितना हो सके उतना घर की चीजें ही खाएं।

  • रात में हल्का खाना ही खाएं।

  • रात में शराब का सेवन न करें क्योंकि इससे ब्लड शुगर लेवल काफी बढ़ सकता है।

 

4. इको फ्रेंडली गिफ्ट दें:

दिवाली खुशियों का त्यौहार और इस दिन हम अपने रिश्तेदारों को गिफ्ट देकर उनके खुशहाल जीवन की कामना करते हैं।

ऐसे में कोई भी व्यक्ति यह नहीं चाहेगा कि उसके गिफ्ट से किसी व्यक्ति के जीवन में परेशानी आई।

इसलिए आपको भी अपने रिश्तेदारों को इको फ्रेंडली गिफ्ट देने चाहिए,

ताकि वह हमेशा स्वस्थ रहें और आने वाली सभी दिवालियों को अच्छे से मनाएं:

  • डिजाइनर दीये

  • मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति

  • ड्राइ फ्रूड्स

  • फल

 

तो आइए, इस दिवाली हम समझदारी से मनाएं और अपने साथ-साथ अपनों की खुशियों को भी बढ़ाए।

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