कान का दर्द: लक्षण, कारण, इलाज इत्यादि (Ear Pain in Hindi)

कान का दर्द (Ear Pain) सभी लोगों को कभी-न-कभी परेशान करता ही है। अधिकांश लोग इसे एक आम समस्या समझते हैं और इसी कारण वे इसका समाधान सामान्य घरेलू नुस्खों के द्वारा ही करना चाहते हैं।

लेकिन, उनका ऐसा रवैया नुकसानदायक साबित हो सकता है क्योंकि यह एक गंभीर समस्या बनती जा रही है और इससे लगभग 7.6 प्रतिशत लोग प्रभावित हैं।

इसके साथ में चूंकि, अधिकांश लोग इसका इलाज सही समय पर नहीं कराते हैं, इसी कारण वे बेहरेपन का शिकार भी हो जाते हैं।

ऐसे में यह जरूरी है कि लोगों को कान के दर्द की संपूर्ण जानकारी दी जाए ताकि वे इससे अपने रक्षा कर सकें और इसका इलाज सही तरीके से करा सकें।

इसी गंभीरता को देखते हुए आइए, इस लेख के माध्यम से इस कान की समस्या की जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।

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क्या है कान का दर्द? (Ear Pain in Hindi)

कान के दर्द को एअरचे (Earache) के नाम से भी जाना जाता है। इसका तात्पर्य ऐसे दर्द से है, जिसकी शुरूआत कान से होती है, लेकिन कुछ समय के बाद यह कान का दर्द बढ़ जाता है और इसकी वजह से टेम्पोरोमैंडिबुलर संयुक्त सिंड्रोम से गले तक में सूजन हो सकती है।

ऐसी स्थिति में व्यक्ति को मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है और यदि किसी कारणवश यह सहायता समय रहते नहीं मिल पाती है, तो फिर इससे व्यक्ति अपनी सुनने की क्षमता भी खो सकता है।

कान के दर्द के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Ear Pain in Hindi)

किसी भी अन्य बीमारी की तरह कान के दर्द के भी अपने कुछ लक्षण होते हैं, जो इसकी शुरू होने का संकेत देते हैं।

अत: यदि किसी व्यक्ति को ये 5 लक्षण नज़र आते हैं, तो उसे सर्तक हो जाना चाहिए क्योंकि ये गंभीर बीमारी की वजह बन सकते हैं-

  1. कान में तेज़ दर्द होना- यह कान के दर्द का प्रमुख लक्षण है, जिसमें व्यक्ति के कान में तेज़ दर्द होता है।

    इसकी वजह से वह कुछ समय के लिए बेसुध भी हो जाता है और इसके लिए उसे आराम करने की जरूरत पड़ती है।

  2. कान में भारीपन महसूस होना- अक्सर, ऐसा भी देखा गया है कि कुछ लोगों को कान में भारीपन महसूस होता है, जिसकी वजह से उन्हें काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता है।

  3. जी मचलाना- आमतौर पर, जी मचलाने को गंभीरता से नहीं लिया जाता है और इसके साथ में ऐसा भी माना जाता है कि यह समस्या कुछ समय के बाद स्वयं ही ठीक हो जाएगी।

    लेकिन, कुछ मामलों जैसे कान के दर्द में जी मचलाना गंभीर समस्या का कारण बन सकता है।

  4. कम सुनाई देना- जब किसी शख्स को कान का दर्द काफी लंबे समय तक रहता है, तो इसकी असर उसकी श्रवण शक्ति अर्थात् सुनने की क्षमता पर पड़ता है तो उसे धीरे-धीरे कम सुनाई देना की परेशानी हो जाती है।

    अत: यदि कोई व्यक्ति ऐसी समस्या से पीड़ित है तो उसे इसकी सूचना अपने डॉक्टर को तुरंत देनी पड़ती है।

  5. कान से तरल पदार्थ का निकलना- कभी-कभी ऐसा भी देखा गया है कि कान की समस्या के होने पर कुछ लोगों का कान बेहने लगता है और उन्हें ऐसा महसूस होता है कि उनके कान से कोई तरल पदार्थ निकल रहा है।

कान का दर्द क्यों होता है? (Causes of Ear Pain in Hindi)

ऐसा माना जाता है कि कोई भी बीमारी कुछ कारणोें से होती है, यदि किसी व्यक्ति को उन कारणों की जानकारी हो, तो वह इस कान की बीमारी को बढ़ने से रोक सकता है।

यह बात कान के दर्द पर भी लागू होती है और इस कारण कोई भी शख्स निम्नलिखित कारणों की पहचान करके कान के दर्द की रोकथाम कर सकता है-

  • कान में मैल का जमना- ऐसा कहा जाता है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने शरीर का विशेष ध्यान रखना चाहिए और उसके सभी अंगों का साफ-सुथरा करना चाहिए, यह बात कान पर भी लागू होती है।

    इसी प्रकार यदि कोई व्यक्ति अपने कान की सफाई समय-समय पर नहीं करता है, तो इसकी वजह से उसके कान में मैल जमा हो सकता है, जो कई सारी समस्याओं का कारण बन सकता है।

  • कान में फुंसी का होना- अक्सर, कान का दर्द कान में फुंसी होने की वजह से भी हो सकता है।

    अत: यदि किसी व्यक्ति के कान में फुंसी है, तो उसे इसकी इलाज तुंरत कराना चाहिए क्योंकि यह गंभीर समस्या का कारण बन सकती है।

  • कान में शैंपू या पानी का गिरना- जब किसी शख्स के कान में शैंपू या पानी गिर जाता है, तो इसकी वजह से उसे कान में दर्द हो सकता है।

    हालांकि, यह परेशानी कुछ समय के बाद स्वयं ही ठीक हो जाती है, लेकिन यदि यह काफी लंबे समय तक रहे तो यह कान के पर्दे के फेटने का कारण बन सकती है।

  • साइनस के संक्रमण का होना- कान का दर्द उन लोगों को भी हो सकती है, जो साइनस से पीड़ित होते हैं।

    इसी कारण ऐसे लोगों को अपने स्वास्थ का विशेष ध्यान रखना चाहिए और किसी भी तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

  • गले में खराश का होना- कान का दर्द उस स्थिति में भी हो सकता है, जब किसी व्यक्ति के गले में खराश होती है।

    सामान्य रूप से ऐसा जुखाम भी वजह से होता है, लेकिन कई बार यह कान के दर्द का कारण बन सकता है।

  • कान के पर्दे में समस्या का होना- यदि किसी व्यक्ति को कान के पर्दे संबंधी कोई समस्या जैसे कान के पर्दे में छेद का होना, कान के पर्दे में सूजन का होना इत्यादि है, तो उसे कान के दर्द के होने की संभावना अधिक रहती है।

    अत: किसी भी व्यक्ति को कान के पर्दे की समस्या का इलाज सही तरीके से कराना चाहिए।

कान का दर्द कैसे ठीक करें? (Ear Pain Treatments in Hindi)

यह सवाल ऐसे सभी लोगों के लिए मायने रखता है, जो कान के दर्द से पीड़ित होता है।

कान के दर्द से ग्रस्त व्यक्ति को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, ऐसी स्थिति में उसे ऐसे तरीकों की तलाश रहती है, जिनके माध्यम से वह इस कान की समस्या से निजात पा सके।

यदि कोई शख्स कान के दर्द से परेशान है, तो वह उपचार के इन 5 तरीकों से इस कान की समस्या से निजात पा सकता है-

  1. घेरलू नुस्खों को अपनाना- कान के दर्द से निजात पाने का सबसे आसान तरीका घरेलू नुस्खों को अपनाना है।

    कान के दर्द से पीड़ित शख्स जेतून के तेल का उपयोग करने कान की समस्या से निजात पा सकता है।

  2. आयुर्वेदिक इलाज करना- वर्तमान समय में आयुर्वेदिक इलाज का उपयोग अधिकांश लोगों द्वारा किया जा रहा है क्योंकि इसे किसी भी बीमारी से निजात पाने का सबसे सही तरीका माना जाता है।

    अत: कान के दर्द का भी इलाज आयुर्वेदिक तरीके से किया जा सकता है।

  3. कान में दवाई डालना- सामान्य रूप से, कान के दर्द से निजात इयर ड्राप के माध्यम से किया जा सकता है।

    इसी कारण इयर ड्राप या कान में डालने वाली दवाई के माध्यम से भी कान के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है।

  4. एंटीबायोटिक दवाई लेना- कई बार, ऐसा पाया गया है कि अधिकांश लोगों को कान का दर्द किसी तरह के संक्रमण की वजह से होता है।

    अत: यदि कोई व्यक्ति एंटीबायोटिक दवाई का सेवन करे, तो वह कान के दर्द की संभावना को कम कर सकता है।

  5. सर्जरी कराना- यदि किसी शख्स में कान का दर्द, कान के पर्दे की समस्या की वजह से होता है, तो उस स्थिति में डॉक्टर सर्जरी का सहारा लेते हैं।

    इस स्थिति में टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी को किया जाता है, जिसमें कान के पर्दे को ठीक किया जाता है।

आप नीचे दी गई टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी की वीडियो (Tympanplasty Surgery) को देखकर टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी की अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं-

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टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी की कीमत कितनी है? (Tympanoplasty Surgery Cost in Hindi)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि कान संबंधी समस्याओं के उपचार का सर्वोत्तम तरीका टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी है।

जब भी कोई डॉक्टर किसी व्यक्ति को टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी कराने की सलाह देते हैं, तो उस स्थिति में उस शख्स के मन में यह सवाल जरूर आता है कि इस कान की सर्जरी की कीमत कितनी है।

उसके लिए यह सवाल काफी मायने रखता है क्योंकि इसका असर उसकी आर्थिक स्थिरता पर पड़ता है। हो सकता है कि ज्यादातर लोग इस कान की सर्जरी को एक मंहगी प्रक्रिया समझते हो और इसी कारण वे इसका लाभ न उठा पाते हो।

लेकिन यदि उन्हें यह पता चले कि टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी एक किफायती प्रक्रिया है, जिसकी कीमत केवल 13 से 65 हजार होती है, तो शायद वे भी कान की समस्या से निजात पा पाता।

यह भी देखें- टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी के सर्वोत्तम अस्पताल/क्लीनिक

टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी के जोखिम क्या हो सकते हैं? (Complications of Tympanoplasty in Hindi)

हालांकि, टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी एक लाभकारी सर्जरी है, जो कान की समस्याओं का निदान करने में सहायक साबित होती है, लेकिन इसके बावजूद किसी भी अन्य प्रक्रिया की भांति इस कान की सर्जरी के भी कुछ जोखिम होते हैं, जिनकी जानकारी होना महत्वपूर्ण होता है।

यदि किसी शख्स ने हाल ही में टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी को कराया है अथवा भविष्य में कराने की योजना बना रहा है, तो उसे निम्नलिखित जोखिमों का सामना करना पड़ता है-

  • कान की नलिका का सिकुड़ना- कई बार ऐसा देखा गया है कि इस कान की सर्जरी को कराने के बाद कान की नलिका सिकुड़ जाती है और उस स्थिति में अन्य सर्जरी की जरूरत पड़ती है।

  • कान के पर्दे में छेद का होना- हालांकि, टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी को कान के पर्दे की समस्या को ठीक करने के लिए किया जाता है, लेकिन कई बार यह समस्या यूंही बनी रह सकती है।

    इस कारण मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है।

  • चेहरे की मांसपेशियों का खराब होना- चूंकि, यह सर्जरी कान से संबंधित है, ऐसी स्थिति में इसके खराब होने का असर पूरे चेहर पर पड़ सकती है।

    इसी कारण चेहरे की मांसपेशियां खराब हो सकती है, जिसकी वजह से व्यक्ति को किसी भी चीज का स्वाद पता नहीं चलता है।

  • कान के पर्दे के पीछे त्वचा का उभरना- कई बार ऐसा देखा गया है कि इस कान की सर्जरी के असफल होने पर इसे कराने वाले व्यक्ति के कान के पर्दे के पीछे त्वचा का विकास असामान्य तरीके से हो जाती है।

    इस समस्या को मेडिकल भाषा में चोलएस्टेटमा (Cholesteatoma) कहा जाता है।

  • सुनने की शक्ति का खोना- यह कान की सर्जरी का सबसे गंभीर जोखिम है, जिसमें व्यक्ति अपने सुनने की शक्ति खो देता है और उस स्थिति में उसे अपना सारा जीवन ऐसे ही बीताना पड़ता है।

कान की सर्जरी के बाद कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए? (Precautions After Tympanoplasty in Hindi)

हालांकि, इस कान की सर्जरी के जोखिम हो सकते हैं, लेकिन इन जोखिमों को कुछ सावधानियों को बरतकर कम किया जा सकता है।

अत: यदि किसी व्यक्ति ने हाल ही में टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी को कराया है, तो उसे इन 5 सावधानियों को जरूर बरतना चाहिए क्योंकि यह उस व्यक्ति के ठीक होने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं-

 

  1. रूई में कान में डालना- टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी के बाद डॉक्टर एक रूई देते हैं, जिसका इस्तेमाल शख्स को 5 से 7 दिनों तक करना चाहिए ताकि उसके कान पर किसी तरह का दबाव न पड़े।

  2. इयर ड्रॉप का इस्तेमाल करना- इस कान की सर्जरी के बाद व्यक्ति को अपने कान को सीधे तौर पर छुना नहीं चाहिए क्योंकि ऐसा करना उसके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

    इसकी जगह पर उसे इयर ड्राप का इस्तेमाल करना चाहिए।

  3. तैराकी न करना- यदि टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी को ऐसे किसी व्यक्ति पर किया गया है, जो पहले तैराकी (Swimming) करता था, तो उसे कान की सर्जरी के बाद इसे नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे उसके कान में पानी जा सकता है।

  4. भीड़भाड वाले इलाके में न जाना- इस कान की सर्जरी को कराने के बाद किसी भी शख्स को भीड़भाड वाले इलाके में जाने से बचना चाहिए क्योंकि वहां पर ध्वनि काफी ज्यादा होती है, जिसका बुरा असर उसकी सुनने की क्षमता पर पड़ सकता है।

  5. डॉक्टर के संपर्क में रहना- यदि किसी व्यक्ति ने हाल ही में टैंपॉनप्लास्टी सर्जरी को कराया है, तो उसे डॉक्टर से संपर्क में तब तक रहना चाहिए जब तक कि डॉक्टर पूरी तरह से सेहतमंद घोषित न कर दें।

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि वर्तमान समय में कान की समस्या काफी तेज़ी से फैल रही हैं।

इस बात का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हर साल 3 मार्च को विश्व श्रवण दिवस (World Hearing Day) के रूप में मनाया जाता है।

ऐसा करने का प्रमुख उद्देश्य लोगों में कान की समस्या के प्रति जागरूकता को बढ़ाना है ताकि वे उनसे अपनी रक्षा कर सकें।

लेकिन, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन सबके बावजूद लोगों में कान की समस्याओं की जानकारी की कमी है और इसी कारण अधिकांश लोग कान की किसी-न-किसी समस्या का शिकार आसानी से हो जाते हैं।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें कान के दर्द (Ear Pain) की जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति कान की किसी भी समस्या और उसके उपचार के संभावित तरीकों की जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह इसके लिए 95558-12112 पर Call करके उसकी मुफ्त सलाह ले सकता है।

 

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