स्ट्रेस लेना किन बीमारियों की वजह है? (Diseases caused by stress-in Hindi)

Diseases caused by stress

स्ट्रेस इस आधुनिक युग की देन है, जिससे लगभग हर व्यक्ति पीड़ित है। जहां, कुछ लोग इसे आसानी से निपट लेते हैं, वहीं दूसरी ओर, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इसका सामना नहीं कर पाते हैं और इसका असर उनकी हेल्थ पर पड़ता है।
इस प्रकार से, स्ट्रेस ज्यादातर लोगों के बीमार होने का प्रमुख कारण है, लेकिन बहुत सारे लोग इस बात से अनजान रहते हैं कि अगर वे जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं तो यह उन्हें हार्ट पेशेंट या शुगर पेशेंट बना सकता है।
अगर आप भी स्ट्रेस से होने वाली बीमारियों के बारे में नहीं जानते हैं तो आपको इस लेख  को जरूर पढ़ना चाहिए क्योंकि इसमें हमने इन बीमारियों और उनके इलाज के संभावित तरीकों की जानकारी दी है।
तो आइए, इस लेख को शुरू करते हैं। 

स्ट्रेस क्या है? (What is Stress?-in Hindi)

स्ट्रेस किसी बात को होने वाली टेंशन है। यह बात किसी भी चीज़ जैसे घर, व्यक्ति, ऑफिस, स्कूल इत्यादि से जुड़ी हुई हो सकती है।
जब आपको कोई चैलेंज या डिमांड लेती है, तो उस स्थिति में आपके शरीर द्वारा देने वाला रिएक्शन ही स्ट्रेस कहलाता है।
अक्सर, स्ट्रेस हमारे लिए पॉज़िटिव साबित हो सकता है क्योंकि यह हमें किसी काम को तय समय-सीमा में करने के लिए प्रेरित करता है, लेकिन जब यह काफी बढ़ जाता है तब यह किसी भी व्यक्ति के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

स्ट्रेस क्यों होता है? (Causes of Stress-in Hindi)

स्ट्रेस का शिकार कोई भी व्यक्ति हो सकता है और यह किसी भी कारण  से हो सकती है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

  • फैमली प्रॉब्लम का होना- ऐसा माना जाता है कि बच्चों पर पारिवारिक माहौल का काफी असर पड़ता है।
    यह बात बिल्कुल सही है लेकिन यह चीज केवल बच्चों ही नहीं बल्कि बड़ों पर भी लागू होती है क्योंकि जब किसी व्यक्ति के फैमली में प्रॉब्लम होती है तो उसका असर उसके साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों पर भी पड़ता है।

  • बिजी सचेडूले (Busy schedule) का होना- आपने ज्यादातर लोगों से यह सुना होगा कि- “भाई, टाइम नहीं है।” ऐसा उनके बिजी सचेडूले का रिजल्ट है।
    हम सभी अपनी ज़िदगी में काफी बिजी रहते हैं और उसका असर अपनी मानसिक क्षमता पर भी पड़ता है और इस तरह से यह स्ट्रेस का कारण भी बन जाता है।

  • परिवार में किसी सदस्य की मौत होना- हम अपने प्ररिजनों से बेहद प्यार करते हैं और यही कामना करते हैं कि वे हमेशा हमारे साथ रहें।
    लेकिन, ऐसा मुमिकन नहीं है क्योंकि प्रकृति का सबसे बड़ा सच यही है कि जिस व्यक्ति का जन्म हुआ है, उसकी मौत भी है।
    इस तरह, जब परिवार में किसी सदस्य की मौत हो जाती है, तो इस दुख से उभरना काफी मुश्किल हो जाता है और वे इसे लेकर स्ट्रेस लेते हैं।

  • गर्भवती होना- हर महिला के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पल वह होता है, जब वह मां बनती है।
    हालांकि, वे इसका इंतजार करती हैं, लेकिन जब प्रेग्नेंसी का पल आता है तो इसे लेकर स्ट्रेस लेने लगती है।

  • भविष्य की चिंता करना- हम सभी यह चाहते हैं  कि हमारा भविष्य अच्छा हो, जिसमें हमारे पास सभी जरूरी सुविधाएं जैसे घर, अच्छी इनकम इत्यादि हो।
    यह सब हासिल करने के लिए हम दिन-रात मेहनत करते हैं और कई बार इसे लेकर स्ट्रेस लेने भी लगते हैं।
    भविष्य के लिए थोड़ा स्ट्रेस लेना अच्छी बात है क्योंकि यह हमें मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित करती है, लेकिन जब यह हद से ज्यादा हो जाती है, तो यह हमारी हेल्थ को नुकसान पहुंचाती है।

  • खुद में शंका करना या आत्मविश्वास की कमी का होना- अगर किसी व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी होती है, तो वह छोटी-छोटी चीज़ों की स्ट्रेस लेने लगता है।
    ऐसे लोगों का इलाज मेडिकल सांइस की बजाय साइकॉलोजी के द्वारा संभव है।

स्ट्रेस से कौन-सी बीमारियां हो सकती हैं? (Diseases caused by stress-Hindi)

जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस लेना किसी भी व्यक्ति के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

अगर कोई व्यक्ति ओवर  स्ट्रेस लेता है तो उसे ये 9 बीमारियां हो सकती हैं-

  1. हार्ट डिजीज़ का होना- स्ट्रेस का असर व्यक्ति की मानसिक सेहत के साथ-साथ शारीरिक सेहत पर भी पड़ता है।
    ज्यादा स्ट्रेस लेने वाले लोग हार्ट डिज़ीज का शिकार बन सकते हैं क्योंकि स्ट्रेस हार्ट अटैक होने की संभावना को बढ़ा देता है।

  2. वजन का बढ़ना- सभी लोगों का अपने स्ट्रेस को कम करने के अलग-अलग तरीके होते हैं। जहां एक ओर, कुछ लोग स्ट्रेस को कम करने के लिए गाना सुनने या डांस करने जैसी चीज़ों को करते हैं, वहीं दूसरी ओर, कुछ लोग स्ट्रेस को कम करने के लिए अपनी पसंद का खाना करते हैं।
    जब कोई व्यक्ति ओवर इटिंग करता है तो इसका असर उसके वजन पर पड़ता है और काफी तेज़ी से बढ़ना शुरू कर देता है।
    भारत में ज्यादातर लोगों के मोटे होने का प्रमुख कारण स्ट्रेस भी है।
    हालांकि, वे बेरियाट्रिक सर्जरी का सहारा लेकर वजन को कम कर सकते हैं, लेकिन लोगों में इस सर्जरी की अधिक जानकारी न होने के कारण वे इसका लाभ नहीं उठा पाते हैं।

  3. सिरदर्द होना- कुछ लोगों को स्ट्रेस की वजह से सिरदर्द भी हो सकता है।
    इसी कारण उन्हें सिरदर्द को कम करने के लिए नींद लेने की जरूरत पड़ती है।

  4. डिप्रेशन का शिकार होना- जब कोई शख्स स्ट्रेस को सहन नहीं कर पाता है, तो वह डिप्रेशन का शिकार बन सकता है
    इस स्थिति में उसे मनोवैज्ञानिक की सहायता लेनी पड़ सकती है।

  5. अस्थमा का होना- अक्सर, ऐसा देखा गया है कि स्ट्रेस की वजह से कुछ लोगों को अस्थमा की समस्या हो जाती है।
    अगर इस समस्या पर समय रहते ध्यान दिया जाए तो इससे समाधान किया जा सकता है।

  6. हाई ब्लड प्रेशर का होना- कई बार, स्ट्रेस हाई ब्लड प्रेशर का कारण भी बन जाता है।
    इस स्थिति में लोगों को मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है।

  7. एक्जिमा का होना- कुछ लोगों को स्ट्रेस की वजह से स्कीन प्रॉब्लम भी हो सकती है।
    अक्सर, ऐसा भी देखा गया है कि ज्यादा स्ट्रेस लेने वाले लोग एक्जिमा का शिकार बन जाते हैं।

  8. पाचन संबंधी समस्याएं होना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि स्ट्रेस होने पर लोग जरूरत से ज्यादा खाना खाने लगते हैं।
    इसकी वजह से उन्हें पाचन संबंधी समस्याएं हो जाती हैं, जिसके लिए उन्हें पेट साफ रखने वाली दवाईयां या चूरन इत्यादि लेना पड़ते हैं।

  9. डायबिटीज होने की संभावना का बढ़ना- डायबिटीज के ऐसे बहुत सारे मामले देखने को मिलते हैं, जिनमें डायबिटीज होने का प्रमुख कारण स्ट्रेस होता है।

आज के दौर में, हम सभी लोगों को स्ट्रेस का सामना करना पड़ता है। चाहे हमारी पर्सनल लाइफ हो या फिर प्रोफेशल लाइफ, इन दोनों में ही स्ट्रेस किसी न किसी रूप में  मौजूद है।
ऐसे में किसी भी व्यक्ति के लिए स्ट्रेस से बचना मुश्किल बन जाता है।
लेकिन, इन सबके बावजूद अगर हम थोड़े विवेक का इस्तेमाल करें तो स्ट्रेस से बच सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति के लिए ऐसा करना मुमकिन नहीं है, तो उसे अपने किसी करीबी दोस्त या विशेषज्ञों से बात करनी चाहिए ताकि उन्हें स्ट्रेस का समाधान मिल सके।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि इस लेख को पढ़कर लोगों में अपनी हेल्थ के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे अपने स्ट्रेस को मैनेज कर पाएंगें।

सबसे अधिक पूछे जाने वाले सवाल (FAQ’S)

  • क्या स्ट्रेस इन्फेक्शन का कारण बन सकता है?
    हां,जी बिल्कुल स्ट्रेस की असर व्यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) पर भी पड़ता है और इसकी वजह से उसके शरीर में वाइट ब्लड सेल भी बढ़ सकते हैं।
    इस तरह से यह शरीर में इन्फेक्शन का कारण बन जाता है।

  • स्ट्रेस के बढ़ने संकेत कौन-कौन से हैं?
    जब कोई शख्स स्ट्रेस में होता है, तो ऐसे बहुत सारे संकेत मिलते हैं, जो इसके होने की पुष्टि करते हैं।
    उदाहरण के लिए- स्ट्रेस की वजह से लोग गुसैल हो जाते हैं या फिर उनका किसी भी काम में मन नहीं लगता है।

  • भावनात्मक रूप से मजबूत कैसे बनें?
    स्ट्रेस होने की संभावना उन लोगों में अधिक रहती हैं, जो भावनात्मक रूप से कमजोर होते हैं।
    ऐसी स्थिति में सभी लोगों को यह कोशिश करनी चाहिए कि वे चीज़ों को सही तरीके से परखे और उसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचे।

  • क्या स्ट्रेस पर्सनालिटी को बदल सकता है?
    जी हां, स्ट्रेस लोगों की पर्सनालिटी को बदल देता है।
    ज्यादा स्ट्रेस वाला व्यक्ति काफी शांत रहता है और उसे किसी भी रोमांचक कामों को करने में आनंद नहीं मिलता है।

  • स्ट्रेस से छुटकारा कैसे पाया जा सकता है?
    स्ट्रेस से छुटाकारा पाने के बहुत सारे तरीके हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-
    – दोस्तों से बात करना
    – योगा या एक्सराइज़ करना
    – समस्या को लिखना
    – हंसना
    – इत्यादि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *