फ्लू और कोरोनावायरस में कितना अंतर है? (flu and coronavirus in Hindi)

वर्तमान समय में कोरोनावायरस को लेकर लोगों में काफी ख़ौफ़ का मज़र है।
यह समस्या ऐसे समय में दुनिया के सामने आई है, जब मौसम भी अपनी करवट बदलता है।
जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि मौसम के बदलने पर फ्लू का खतरा भी बढ़ जाता है।
हालांकि, फ्लू की बीमारी कुछ ही समय में ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह सिरदर्द बन जाता है।
यह स्थिति लोगों के मन में दुविधा उत्पन्न करती है, क्योंकि उनके लिए फ्लू और कोरोनावायरस के बीच का अंतर पता लगाना काफी मुश्किल हो जाता है।
आपके मन में कभी यह सवाल आया होगा कि फ्लू और कोरोनावायरस में क्या अंतर है और इस अंतर को कैसे पहचाने।
आपको इसे लेकर और परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस लेख में हमने इस अंतर को दूर किया है।

फ्लू क्या है? (What is Flu? in Hindi)

फ्लू से तात्पर्य ऐसे संक्रमण से हैं, जो मुख्य रूप से नाक, गले और फेफड़ों को नुकसान पहुँचता है।
फ्लू को मेडिकल भाषा में इन्फ्लूएंजा (influenza) कहा जाता है, जो कुछ समय में अपने-आप ठीक हो जाता है।

कोरोनावायरस क्या है? (Meaning of corona virus in Hindi)

कोरोनावायरस से तात्पर्य ऐसी बीमारी से हैं, जो मुख्य रूप से जीवों और पक्षियों में देखने को मिलती है।
जब यह बीमारी मनुष्यों में फैलती है, जब यह उनके श्वसन तंत्र (respiratory system) को प्रभावित करता है।

फ्लू और कोरोनावायरस में क्या अंतर है? (what is the difference between flu and corona virus? in Hindi)

हालांकि, फ्लू और कोरोनावायरस के लक्षण एक जैसे ही होते हैं, इसलिए किसी भी व्यक्ति के लिए यह समझना काफी मुश्किल हो जाता है कि उसे सामान्य फ्लू है अथवा कोरोनावायरस।
अत: कोई भी व्यक्ति इन 5 तरीके से फ्लू और कोरोनावायरस में अंतर पता लगा सकता है-

  • अधिक समय तक रहना- फ्लू और कोरोनावायरस में मुख्य अंतर इनका अधिक समय तक रहना है।
    जहां एक ओर, फ्लू 4-7 दिनों तक ही रहता है, वहीं कोरोनावायरस अधिक समय तक रह सकता है।
  • समय के साथ गंभीर होना- फ्लू और कोरोनावायरस में दूसरा अंतर इनके लक्षणों का समय के साथ गंभीर रूप लेना है।
    फ्लू के लक्षण कुछ समय के बाद ठीक होने लगते हैं, वहीं कोरोनावायरस के लक्षण समय बीतने के साथ ही गंभीर होने लगते हैं, जिनकी वजह से इससे पीड़ित लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
  • इलाज के किसी भी तरीके से आराम न मिलना- फ्लू मुख्य रूप से घरेलू नुस्खों, दवाई के सेवन, आराम करने इत्यादि से ठीक हो जाता है, लेकिन कोरोनावायरस में ये सभी तरीके असफल साबित हो जाते हैं।
  • सेहत का तेज़ी से बिगड़ना- फ्लू से पीड़ित व्यक्ति 10 दिनों के भीतर ही ठीक हो जाता है, लेकिन कोरोनावायरस से पीड़ित व्यक्ति की सेहत काफी तेज़ी से बिगड़ने लगती है।
  • इमरजेंसी में रखना- फ्लू ऐसे बहुत कम मामले देखने को मिलते हैं, जब इससे पीड़ित लोगों को इमरजेंसी में रखना पड़ता है।
    इसके अलावा, कोरोनावायरस से पीड़ित लोगों का इमरजेंसी या आइसोलेशन वार्ड में रखकर ही इलाज करना पड़ता है।

फ्लू और कोरोनावायरस के साइड-इफेक्ट्स क्या हो सकता है? (Side-effects of flu and corona virus in Hindi)

ऐसा माना जाता है कि यदि किसी बीमारी का इलाज सही समय पर न किया जाए तो वह बीमारी कुछ समय के बाद गंभीर रूप ले सकती है।
यह बात फ्लू और कोरोनावायरस पर भी लागू होती है, जिसका समय रहते इलाज कराना काफी जरूरी होता है।
इसी कारण, यदि फ्लू और कोरोनावायरस का इलाज न कराए जाए तो इससे पीड़ित लोगों को निम्नलिखित साइड-इफेक्ट्स का सामना करना पड़ सकता है-

  • अन्य बीमारियों के होने की संभावना का बढ़ना- फ्लू और कोरोनावायरस का इलाज सही समय पर न होने पर यह अन्य बीमारियों का कारण बन सकती हैं।
    उदाहरण के लिए- फ्लू साइनस का तो कोरोनावायरस दिल संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है।
  • शारीरिक अंगों का खराब होना- यदि फ्लू और कोरोनावायरस लंबे समय तक लाइलाज रहे तो इनका असर शरीर के अन्य अंगों पर भी पड़ सकता है।
    इनकी वजह से वे खराब हो सकते हैं, जिस स्थिति में इससे पीड़ित लोगों को मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है।
  • शरीर में इंफेक्शन होना- फ्लू और कोरोनावायरस से शरीर में इंफेक्शन होने की संभावना भी बढ़ सकती है।
    हालांकि, इस स्थिति को मेडिकल सहायता से ठीक किया जा सकता है, लेकिन फिर भी लोगों को किसी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
  • सांस का फूलना- अक्सर, फ्लू और कोरोनावायरस से पीड़ित लोग सांस फूलने की शिकायत भी करते हैं।
    इस प्रकार, फ्लू और कोरोनावायरस का अन्य साइड-इफेक्ट सांस का फूलना भी हो सकता है।
  • मौत होना- हालांकि, फ्लू से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं होती है, लेकिन कोरोनावायरस की वजह से काफी सारी लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है।

फ्लू और कोरोनावायरस का इलाज कैसे किया जा सकता है? (How to treat flu and corona virus? in Hindi)

चूंकि, कोरोनावायरस से आए दिनों काफी सारे लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है।
इसी कारण, लोग इस वायरस को लाइलाज बीमारी समझने की गलती करते हैं और वे इसे मौत का दूसरा नाम समझते हैं।
लेकिन,उनका ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है कि भारत समेत दुनियाभर कोरोनावायरस संक्रमित लोगों की तुलना इसे होने वाले मौत का आंकड़ा काफी कम है।
इस प्रकार, यह साबित होता है कि यदि कोरोनावायरस की पहचान समय रहते कर ली जाए तो इससे छुटकारा मिल सकता है।
इसके अलावा, फ्लू की बात की जाए तो इसके इलाज के काफी सारे तरीके हैं, जिनमें से प्रमुख तरीके निम्नलिखित हैं-

  • आराम करना- फ्लू का इलाज करने का सबसे आसान तरीका आराम करना है।
    इस प्रकार, फ्लू से पीड़ित व्यक्ति आराम करके इससे निजात पा सकता है।
  • दर्द निवारक दवाई लेना- चूंकि, फ्लू में पूरे शरीर में दर्द होता है, इसलिए इसके लिए दर्द निवारक दवाई का सेवन किया जा सकता है।
    ये दर्द निवारक दवाईयाँ शारीरिक दर्द को कम करने और इससे पीड़ित शख्स को जल्दी से ठीक होने में सहायता करती हैं।
  • पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीना- फ्लू होने पर मानव-शरीर में पानी की कमी हो जाती है।
    इसी कारण, फ्लू से पीड़ित लोगों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीना चाहिए ताकि उनके शरीर में पानी की कमी दूर हो सके।
  • घरेलू नुस्खे अपनाना- फ्लू से घरेलू नुस्खे को अपनाने से भी आराम मिलता है।
    इस स्थिति में घरेलू नुस्खे को अपनाना भी कारगर उपाय साबित हो सकता है।
  • टीकाकरण कराना- अक्सर, डॉक्टर फ्लू से पीड़ित लोगों को टीकाकरण कराने की सलाह भी देते हैं।
    ये टीका शरीर में फ्लू के बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायता करती हैं।

फ्लू और कोरोनावायरस से बचाव कैसे किया जा सकता है? (How to prevent flu and coronavirus? in Hindi)

आज के दौर में काफी सारी बीमारियाँ  फैल रही हैं, ऐसे में यदि हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) सही न हो तो हम उन बीमारियों की चपेट में आसानी से आ सकते हैं।
यह बात फ्लू और कोरोनावायरस पर भी लागू होती है, जिसके लिए मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता का होना काफी जरूरी होता है।
इसके अलावा, यदि हम इन 5 सावधानियों को बरतें, तो फ्लू और कोरोनावायरस से बचाव कर सकते हैं-

  • साफ-सफाई का ध्यान देना- फ्लू और कोरोनावायरस से बचाव करने में साफ-सफाई का ध्यान रखना सहायक उपाय साबित हो सकता है।
    इसी कारण, लोगों को अपने हाथों को अच्छी तरह से धोना चाहिए ताकि उन्हें फ्लू और कोरोनावायरस जैसी बीमारियाँ न हो।
  • पौष्टिक भोजन करना- यदि कोई व्यक्ति अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देता है और केवल पौष्टिक भोजन ही करता है तो उसे फ्लू और कोरोनावायरस होने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।
  • छिंकते या खांसते समय रूमाल का इस्तेमाल करना- चूंकि, फ्लू और कोरोनावायरस का संबंध बैक्टीरिया या वायरस से हैं, इसलिए लोगों को छिंकते या खांसते समय रूमाल का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि उन्हें ये बीमारियाँ न हो।
  • नशीले पदार्थों का सेवन न करना- किसी भी व्यक्ति के लिए नशीले पदार्थ का सेवन नुकसानदायक साबित हो सकता है क्योंकि इसका असर उसकी सेहत पर काफी बुरा पड़ता है।
    इसी कारण, लोगों को नशीले पदार्थों जैसे शराब या धूम्रपान का सेवन नहीं करना चाहिए ताकि उन्हें फ्लू और कोरोनावायरस जैसी बीमारी होने की संभावना काफी कम करे।
  • समय-समय पर हेल्थचेकअप कराना- सभी लोगों के लिए सबसे जरूरी चीज़ समय-समय पर हेल्थचेकअप कराना है
    यह बात फ्लू और कोरोनावायरस पर भी लागू होती है क्योंकि ऐसा करने से वे इन बीमारियों से अपनी रक्षा कर सकते हैं।

निश्चित रूप से, फ्लू और कोरोनावायरस की बीमारी किसी भी व्यक्ति को हो सकती है।
ऐसे में हमें ऐसा सोचना कि ये हमें नहीं हो सकती केवल गलतफहमी है, जिससे जल्दी बाहर निकलना हमारे लिए सही होगा।
खैर, इसके अलावा, यदि हमें फ्लू और कोरोनावायरस की पूरी जानकारी हो तो हमें इनका आसानी से सामना कर सकते हैं।
इस प्रकार,हमें उम्मीद है कि इस लेख को पढ़ने के बाद आपके मन में फ्लू और कोरोनावायरस का अंतर दूर हो गया होगा और अब आप अपने और अपने प्रियजनों की रक्षा इन दोनों बीमारियों से कर पाएँगें।

सबसे अधिक पूछे जाने वाले सवाल (FAQ’S)

Q1. क्या सर्दी-जुखाम कोरोनावायरस का कारण बन सकता है?

Ans- आमतौर पर, लोगों को यह गलतफहमी हो सकती है, कि यदि उन्हें सर्दी-जुखाम है, तो वे कोरोनावायरस से शिकार बन सकते हैं।
लेकिन, उनका ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है क्योंकि सर्दी-जुखाम और कोरोनावायरस दोनों बिल्कुल अलग-अलग बीमारियां जिनका एक दूसरे की वजह बनने की संभावना काफी कम रहती है।

Q2. फ्लू और कोरोनावायरस होने की संभावना किन लोगों में अधिक रहती है?

Ans- फ्लू और कोरोनवायरस किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है।
इसके अलावा, ये बीमारियाँ कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता, अन्य बीमारी से पीड़ित, नशीले पदार्थों का सेवन करना इत्यादि लोगों को हो सकती हैं।

Q3. क्या फ्लू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है?

Ans- जी हां, फ्लू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।
इसी कारण, डॉक्टर फ्लू से पीड़ित लोगों को रूमाल का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं ताकि यह दूसरे लोगों को न हो।

Q4. क्या फ्लू और कोरोनावायरस का इलाज किया जा सकता है?
Ans- जी हां, फ्लू और कोरोनावायरस का इलाज किया जा सकता है।
हालांकि, लोगों के मन में कोरोनावायरस को मौत का दूसरा नाम समझने की गलतफहमी है लेकिन उनका ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है क्योंकि इसका इलाज संभव है।

Q5. क्या फ्लू और कोरोनावायरस में दवाई ले सकते हैं?

Ans- फ्लू और कोरोनावायरस से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना दवाई नहीं लेनी चाहिए क्योंकि ऐसा करना उनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

Q6. क्या फ्लू और कोरोनावायरस से किसी व्यक्ति की मौत हो सकती है?

Ans- हालांकि, अभी तक फ्लू से किसी व्यक्ति की मौत का मामला आज तक सामने नहीं आया है इसलिए इससे व्यक्ति की मौत होने की बात को स्वीकार करना थोड़ा मुश्किल है।
इसके विपरीत, कोरोनावायरस का इलाज लंबे समय तक न होने पर यह किसी भी व्यक्ति की मौत की वजह बन सकता है।

Q7. फ्लू और कोरोनावायरस में क्या घरेलू नुस्खे कारगर साबित होते हैं?

Ans- जी हां, फ्लू और कोरोनावायरस में घरेलू नुस्खे को अपनाया जा सकता है।
ये घरेलू नुस्खे इन बीमारियों को ठीक करने में सहायक साबित हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *