ये हैं मधुमेह के 3 प्रकार

मधुमेह (डायबेटिज) से तात्पर्य ऐसी बीमारी है, जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन उत्पन्न नहीं कर पाता है या फिर उत्पन्न किए गए इंसुलिन का सही रूप में उपयोग नहीं कर पाता है अथवा जब ये दोनों स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं।

जब कभी भी इन स्थितियों में से कोई एक स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसमें शरीर खून से शुगर को सैल तक नहीं पहुंचा नहीं पाता है। यह उच्च रक्त शुगर का कारण बनता है।

 

आपके रक्त में शर्करा के रूप में मौजूद ग्लूकोज आपके शरीर की ऊर्जा के प्रमुख स्रोतों में से एक होता है।

इंसुलिन की कमी या इंसुलिन के प्रतिरोध के कारण आपके रक्त में शर्करा का निर्माण होता है। इससे कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

चूंकि, अधिकांश लोगों को मधुमेह (डायबेटिज) की पूर्ण जानकारी नहीं होती है, इसलिए वे इसका उपयुक्त इलाज नहीं करा पाते हैं।

यदि आप भी मधुमेह (डायबेटिज) के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको इस लेख को पूरा पढ़ना चाहिए।


 

मधुमेह के कितने प्रकार होते हैं? (Types of Diabetes in Hindi)

 


मधुमेह (डायबेटिज) के मुख्य रूप से 3 प्रकार होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

 

 

1. टाइप 1 डायबेटिज- टाइप 1 डायबेटिज के कारण आपके रक्त में ग्लूकोज (शर्करा) का स्तर बहुत अधिक हो जाता है।

 

ऐसा तब होता है, जब आपका शरीर इंसुलिन नामक एक हार्मोन का पर्याप्त मात्रा में उत्पादन नहीं कर पाता है।

 

आपको अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए इंसुलिन के दैनिक इंजेक्शन की आवश्यकता पड़ती है।

 

हालांकि, टाइप 1 मधुमेह को कंट्रोल करने में समय लग सकता है, लेकिन आप अभी भी उन सभी चीजों को कर सकते हैं, जो आपको पसंद हैं।

 

2. टाइप 2 डायबेटिज-  टाइप 2 डायबेटिज की शुरूआत इंसुलिन के प्रतिरोध के साथ होती है। इसका अर्थ है कि आपका शरीर इंसुलिन का कुशलता से उपयोग नहीं कर पा रहा है।

यह आपके पैंक्रियाज को तब तक अधिक इंसुलिन का उत्पादन करने के लिए उत्तेजित करता है, जब तक कि यह क्रियाशील नहीं रहता है।

इस स्थिति में इंसुलिन का उत्पादन काफी कम हो जाता है, जिससे उच्च रक्त शर्करा होता है।

 

 

3.गेस्टेशनल डायबेटिज - गेस्टेशनल डायबेटिज से तात्पर्य ऐसे उच्च रक्त शर्करा (हाई ब्लड शुगर) है, जो गर्भावस्था के दौरान विकसित होता है।

आमतौर पर यह समस्या बच्चे के जन्म के बाद ठीक हो जाती है।

हालांकि, यह गर्भावस्था के किसी भी चरण में हो सकती है, लेकिन यह समस्या आमतौर पर गर्भावस्था की दूसरी छमाही में अधिक होती है।





जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि आज कल बहुत सारी बीमारी फैल रही हैं, उनमें मधुमेह (डायबेटिज) भी शामिल है।

मधुमेह (डायबेटिज) की समस्या बुर्जुगों के साथ-साथ युवाओं में भी देखने को मिल रही है।

हालांकि, वे इस समस्या का समाधान करने के लिए कई तरह के उपाय अपनाते हैं, लेकिन जब उन्हें किसी भी उपाय से कोई लाभ नहीं मिलता है, तब उनके लिए चिकित्सक सहायता ही एकमात्र विकल्प बचता है।

अगर आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति मधुमेह (डायबेटिज) से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है, तो वह इसके लिए 95558-12112 पर Call करके इसके बारे में मुफ्त परामर्श ले सकता है और इसके साथ में यदि वे मेडिकल खर्चों को उठाने में आर्थिक रूप से असमर्थ हैं तो वह इसके लिए Letsmd से आसान ब्याज दर पर मेडिकल लोन ले सकता है।