क्या है कोरोनरी आर्टरी डिजीज?(Coronary Artery Disease in Hindi)

कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary Artery Disease) के मरीजों की तादात दिन-प्रति-दिन बढ़ती जा रही  है।

लाइवमिंट (Livemint) की वेबसाइट में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 2.1 मिलियन लोग की मौत  ह्रदय रोग (Heart Disease) की वजह से हो जाती है।

हार्ट डिजीज में शामिल कोरोनरी धमनी की बीमारी अधिकांश लोगों  में देखने को मिलती है।

लेकिन, चूंकि ज्यादातर लोगों को इस बीमारी की पूरी जानकारी नहीं होती है, इसी कारण वे इसका सही इलाज नहीं करा पाते हैं।

अत: यदि उन्हें कोरोनरी धमनी की बीमारी और उसके इलाज के सही तरीकों की जानकारी होती तो शायद वे भी बेहतर ज़िदगी जी पातें।

क्या आप भी कोरोनरी धमनी रोग के बारे में सही तरीके से नहीं जानते हैं तो इसके लिए आपको इस लेख को जरूर पढ़ना चाहिए क्योंकि इसमें हमने कोरोनरी आर्टरी डिजीज से संबंधित आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

Table of Contents

क्या है कोरोनरी आर्टरी डिजीज? (Meaning of Coronary Artery Disease in Hindi)

कोरोनरी आर्टरी डिजीज से तात्पर्य ऐसी बीमारी से है, जिसमें दिल तक खून नहीं पहुंच पाता है, ऐसा मुख्य रूप से ह्रदय तक खून पहुंचाने वाली धमनी में ब्लॉकेज या खराब के कारणवश होता है।

हालांकि, इसका इलाज संभव है, लेकिन यदि इलाज संभव सही समय पर न किया जाए तो वह किसी भी व्यक्ति (पुरूष और महिला दोनों) की मौत का कारण बन सकती है।

कोरोनरी आर्टरी डिजीज के लक्षण क्या हैं? (Coronary Artery Disease Symptoms in Hindi)

किसी भी अन्य बीमारी की तरह कोरोनरी आर्टरी डिजीज के भी अपने कुछ लक्षण होते हैं, जो उसके शुरू होने के संकेत देते हैं।

अंत: किसी भी व्यक्ति को इन 5 लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से तुंरत करना चाहिए और अपना इलाज कराना चाहिए-

  1. सीने में दर्द होना- यह कोरोनरी आर्टरी डिजीज का प्रमुख लक्षण है, जिसमें व्यक्ति को सीने में दर्द  की शिकायत रहती है।

    आमतौर पर, सीने के दर्द को नज़रअदाज़ कर दिया जाता है, लेकिन कई बार यह एनजाइना का कारण भी बन सकता है।

  2. कंधों में दर्द होना- अक्सर, ऐसा भी देखा गया है कि कुछ लोगों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज  की शुरूआत कंधे के दर्द के साथ होती है।

    यदि कंधे के दर्द को जल्द से जल्द ठीक न किया जाए तो दिल के दौरे (Heart Attack) का कारण बन सकता है।

  3. सांस फूलना- कोरोनरी धमनी की बीमारी सांस फूलने की वजह से भी हो सकती है।

    अक्सर, इसे थकान का कारण समझा जाता है, लेकिन ऐसा सोचना खतरनाक हो सकता है क्योंकि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है।

  4. कमजोरी महसूस होना- हो सकता है कि कमजोरी महसूस होने को ज्यादातर लोग कोरोनरी धमनी रोग का लक्षण न मानें क्योंकि उनकी नज़र में यह एक सामान्य चीज होती है, जो पूरे दिन काम करने का परिणाम होता है।

    लेकिन, कोरोनरी आर्टरी डिजीज के ऐसे कई सारे मामले देखने को मिलते हैं जिनमें इस बीमारी की शुरूआत कमजोरी होने पर होती है।

    इस प्रकार, किसी भी व्यक्ति को यदि शारीरिक कमजोरी महसूस हो तो उसे इसे नज़रअदाज़ न करते हुए इसकी सूचना अपने डॉक्टर को देनी चाहिए ताकि उसे किसी तरह की गंभीर बीमारी न हो।

  5. खाने का न पचना- कोरोनरी आर्टरी डिजीज का अन्य लक्षण खाने का न पचना और पेट का खराब रहना भी है।

    आमतौर पर, खाने न पचना या अपच (Indigest) की समस्या पेट से जुड़ी परेशानी समझा जाता है और इसी कारण इसका इलाज सही तरीके से नहीं हो पाता है।

    अत: यह जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति स्वास्थ संबंधी किसी समस्या को नज़रअदाज़ न करें और उसका सही इलाज कराए।

कोरोनरी धमनी रोग किन कारणों से होता है? (Coronary Artery Disease Causes in Hindi)

यह रोग किसी भी व्यक्ति को हो सकता है, जिसका निम्नलिखित कारण हो सकते हैं-

  • फैमली हिस्ट्री का होना- किसी भी अन्य बीमारी की तरह कोरोनरी धमनी रोग फैमली हिस्ट्री के कारण भी हो सकती है।

    इसी कारण, यदि किसी व्यक्ति के परिवार में किसी और शख्स को कोरोनरी धमनी रोग हो तो उसे अपना हेल्थ चेकअप कराना चाहिए ताकि इस बात को सुनिश्चित किया जा सके कि वह पूरी तरह से हेल्थी है।

  • धूम्रपान करना- कोरोनरी धमनी रोग के होने की संभावना उन लोगों में अधिक रहती है, जो धूम्रपान करते हैं।

    अत: ऐसे लोगों को अपना हेल्थचेकअप कराना चाहिए और जितना जल्दी हो सके धूम्रपान को छोड़ देना चाहिए।

  • डायबिटीज से पीड़ित होना- अक्सर, कोरोनरी आर्टरी डिजीज डायबिटीज से पीड़ित लोगों को भी हो सकती है।

    अत: शुगर की बीमारी होने पर शख्स को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए और शुगर को कंट्रोल करने की कोशिश करनी चाहिए।

  • अनहेल्थी डाइट करना- ऐसा माना जाता है कि हमारे खानपान का हमारे शरीर पर काफी गहरा असर पड़ता है।

    यह बात कोरोनरी आर्टरी डिजीज पर भी लागू होती है क्योंकि इस बीमारी का अन्य कारण अनहेल्थी डाइट भी है।

  • तनाव लेना- कोरोनरी धमनी की बीमारी अत्याधिक तनाव या स्ट्रेस लेने वाले व्यक्ति को भी हो सकती है।

कोरोनरी आर्टरी डिजीज का इलाज कैसे करें? (Coronary Artery Disease Treatments in Hindi)

हो सकता है कि कुछ लोगों को कोरोनरी आर्टरी डिजीज एक लाइलाज बीमारी लगे और इसी कारण वे इसका इलाज न करा पाएं।

लेकिन, यदि उन्हें यह पता हो कि वे इलाज के इन 5 तरीकों से कोरोनरी धमनी की बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं तो शायद वे भी बेहतर ज़िदगी जी पातें-

  1. दवाई लेना- कोरोनरी आर्टरी डिजीज को ठीक करने का सबसे आसान तरीका दवाई लेना है।

    इसी कारण डॉक्टर कोरोनरी धमनी की बीमारी से पड़ित शख्स को दवाई देते हैं ताकि कोरोनरी धमनी रोग उसके शरीर में न फैले।

  2. ई.सी.जी कराना- कई बार, डॉक्टर कोरोनरी आर्टरी डिजीज का इलाज करने के लिए ई.सी.जी भी करते हैं।

    इस टेस्ट के द्वारा डॉक्टर इस  बात का पता लगाते हैं कि कोरोनरी आर्टरी डिजीज से पीड़ित  शख्स की दिल की धड़कन सही गति से चल रही है या नहीं।

  3. सी.टी स्कैन कराना- ई.सी.जी के अलावा कोरोनरी धमनी की बीमारी का इलाज सी.टी स्कैन के द्वारा भी किया जाता है।

    सी.टी स्कैन के द्वारा मानव-शरीर की आंतरिक तस्वीर लेकर किसी भी शख्स का इलाज किया जाता है।

  4. कोरोनरी एंजियोग्राफी कराना- कई बार, कोरोनरी आर्टरी डिजीज का इलाज कोरोनरी एंजियोग्राफी के द्वारा भी किया जाता है।

    कोरोनरी एंजियोग्राफी के द्वारा दिल के ब्लड वेसल में मौजूद ब्लॉकेज को ठीक किया जाता है।

  5. बाईपास सर्जरी कराना- जब कोरोनरी धमनी रोग से पीड़ित व्यक्ति को किसी भी तरीके से आराम नहीं मिलता है, तब डॉक्टर उसे बाईपास सर्जरी कराने की सलाह देते हैं।

बाईपास सर्जरी की कीमत कितनी है? (Bypass Surgery Cost in Hindi)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि ह्रदय की धमनी को ठीक करने का बेस्ट तरीका बाईपास सर्जरी है।

लेकिन, इसके बावजूद जब कोई डॉक्टर किसी व्यक्ति को बाईपास कराने की सलाह देते हैं, तो उस समय उसके मन में सबसे पहला सवाल इस सर्जरी की कीमत को लेकर ही आता है।

हो सकता है कि  कुछ लोगों को बाईपास एक मंहगी प्रक्रिया लगे और इसी कारण वे इसे न करा पाएं, लेकिन यदि उन्हें यह पता हो कि बाईपास सर्जरी उनके लिए काफी किफायदी प्रक्रिया साबित होगी, जिसे वे मात्र 1.5 लाख से 2.75 लाख के खर्च पर करा सकते हैं तो शायद वे भी इसका लाभ उठा सकें।

कोरोनरी आर्टरी डिजीज के साइड-इफेक्टस क्या हो सकते हैं? (Coronary Artery Disease Side-Effects in Hindi)

ऐसी आम धारणा है कि यदि किसी बीमारी का इलाज सही समय पर न किया जाए तो वह गंभीर रूप ले सकती है और उसके कई सारे साइड इफेक्ट्स भी हो  सकते हैं।

यह बात कोरोनरी आर्टरी डिजीज पर भी लागू होती है क्योंकि इसकी वजह से लोगों को निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स का सामना करना पड़ सकता है-

  • दिल का खराब होना- चूंकि, कोरोनरी आर्टरी डिजीज का संबंध दिल से होता है, इसी कारण यदि इसका इलाज सही समय पर न किया जाए तो यह बीमारी दिल के खराब होने या हार्ट फेलियर का कारण बन सकती है।

  • दिल का दौरा पड़ना- कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारणवश कुछ लोगों को दिल का दौरा (हाई अटैक) भी पड़ सकता है।

  • दिल की धड़कनों का अनियमित तरीके से चलना- अक्सर, कोरोनरी धमनी की बीमारी दिल की धड़कनों के अनियमित तरीके से चलने का कारण भी बन सकती है।

  • एनजाइना की बीमारी होना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि कोरोनरी आर्टरी डिजीज का एक लक्षण सीने में दर्द होना भी है।

    लेकिन, यदि यह समस्या काफी लंबे समय तक लाइलाज रहे तो यह एनजाइना का कारण बन सकती है और उस स्थिति में इससे पीड़ित व्यक्ति को मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है।

  • मौत होना- यह कोरोनरी आर्टरी डिजीज के लाइलाज रहने पर यह गंभीर  रूप ले सकती है और इसकी वजह से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।

    अत: कोरोनरी धमनी की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को अपना इलाज सही तरीके से कराना चाहिए ताकि उसे अपनी ज़िदगी से हाथ न धोना पड़े।

कोरोनरी आर्टरी डिजीज की रोकथाम कैसे करें? (Coronary Artery Disease Precautions in Hindi)

हालांकि, कोरोनरी आर्टरी डिजीज की वजह से लोगों को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है और अक्सर यह बीमारी ज्यादातर लोगों की मौत का कारण भी बनती है।

लेकिन, इसके बावजूद यह राहत की बात है कि यदि लोगों  में कोरोनरी धमनी की बीमारी की सही जानकारी हो तो वे इसकी रोकथाम कर सकते हैं।

अत: यदि कोई व्यक्ति इन 5 चीजों का पालन करे तो वह कोरोनरी आर्टरी डिजीज की रोकथाम कर सकता है-

  1. धूम्रपान न करना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि कोरोनरी आर्टरी डिजीज के होने का प्रमुख कारण धूम्रपान करना भी है।

    इसी कारण सभी लोगों को यह कोशिश करनी चाहिए कि वे धूम्रपान न करें ताकि वे सेहतमंद रह सकें।

  2. अन्य बीमारियों को कंट्रोल करना- यदि किसी शख्स को अन्य बीमारियां जैसे डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या हाई ब्लड प्रेशर इत्यादि हैं,तो उसे इन्हें कंट्रोल करना चाहिए ताकि उसे कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी कोई गंभीर बीमारी न हो।

  3. एक्सराइज़ करना- सभी लोगों के लिए एक्सरसाइज़ करना काफी जरूरी होता है क्योंकि यह उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता (Immunity Power) को सुधारने और उन्हें सेहतमंद रहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    अत: हर व्यक्ति को नियमति रूप से एक्सराइज़ करना चाहिए ताकि उसे किसी तरह की बीमारी न हो।

  4. हेल्थी डाइट करना- कोरोनरी आर्टरी डिजीज अनहेल्थी डाइट के कारण भी होती है।

    अत: सभी लोगों को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए और हेल्थी डाइट का सेवन ही करना चाहिए।

  5. हेल्थ चेकअप कराना- यह सबसे महत्वपूर्ण चीज है जिसका पालन सभी लोगों को करना चाहिए।

    सभी लोगों को रेगुलर हेल्थ चेकअप कराना चाहिए ताकि इस बात को सुनिश्चित किया जा सके कि वे पूरी तरह से हेल्थी हैं।

    इसके साथ में अगर उनमें किसी बीमारी के लक्षण नज़र आते हैं तो समय रहते  उस बीमारी का इलाज शुरू कराया जा सके।

 

वर्तमान समय के तनावपूर्ण दौर में काफी सारी बीमारियां फैल रही हैं। इनमें कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary Artery Disease) भी शामिल है, जिसकी शुरूआत बी.पी से होती है और इसके इलाज लंबे समय तक न  होने पर इसकी वजह से किसी भी व्यक्ति की डेथ हो सकती है।

ऐसा मुख्य रूप से लोगों में कोरोनरी धमनी की रोग की जानकारी की कमी के होता है।

लेकिन, यदि कोई व्यक्ति कोरोनरी धमनी की बीमारी की वजह से उसके शरीर में होने वाले लक्षणों को नज़अदाज़ न करें और उसका इलाज सही समय पर कराए तो वह इस बीमारी से छुटकारा पा सकता है।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें कोरोनरी आर्टरी डिजीज की पूरी जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में  कोई व्यक्ति किसी हेल्थ प्रॉब्लम और उसके इलाज के सही तरीके  की अधिक जानकारी पाना चाहता है तो वह इसके लिए 95558-12112 पर Call उसकी मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है।

 

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