बाईपास सर्जरी क्या है और कैसे होती है? (Bypass Surgery in Hindi)

बाईपास सर्जरी दिल के रोगियों के लिए कारगर उपाय साबित हो रही है क्योंकि इसके माध्यम से वे बेहतर ज़िदगी जी सकते हैं।

यह बात जगजाहिर है कि इन दिनों बहुत सारी समस्याएं बढ़ रही हैं, जिनका सीधा असर दिल पर पड़ता है।

सौभाग्यवश मेडिकल सांइस में दिल से संबंधित समस्याओं का इलाज करने के कई सारे तरीके हैं, उन्हीं में से एक बाईपास सर्जरी भी है।

चूंकि, ज्यादातर लोगों को बाईपास सर्जरी (Bypass Surgery) की पूरी जानकारी नहीं होती है, इसलिए वे इस सर्जरी का लाभ नहीं उठा पाते हैं।

यदि आप भी बाईपास सर्जरी कराना चाहते हैं, तो आपको इससे पहले इसकी संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए।

 


बाईपास सर्जरी क्या है? (Bypass Surgery in Hindi)

 

 

बाईपास सर्जरी का पूरा नाम कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग सर्जरी (Coronary Artery Bypass Grafting surgery) है, जिसका तात्पर्य ऐसी सर्जरी है, जिसे मुख्य रूप से हृदय की मांसपेशियों के रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।

बाईपास सर्जरी में दिल में मौजूद ब्लॉकेज (Blockage) के आसपास के रक्त-प्रवाह (Blood Flow) को सही किया जाता है।


 

आप नीचे दी गई वीडियो को देखकर भी बाईपास सर्जरी के बारे में विस्तार से जान सकते हैं-


 

 

 

बाईपास सर्जरी कराने के संकेत कौन-कौन से होते हैं? (Indications of Bypass Surgery in Hindi)
 

 

जिस व्यक्ति के शरीर में निम्नलिखित संकेत होते हैं, उसे डॉक्टर बाईपास सर्जरी कराने की सलाह देते हैं-

 

  • छाती में दर्द होना- जब किसी व्यक्ति को दिल की धमनियों में ब्लॉकेज होने के कारण एनजाइना (Angina) की समस्या होती है, तो डॉक्टर उसे बाईपास सर्जरी कराने की सलाह देते हैं।

     

  • कोरोनरी धमनी का रोग होना- कोरोनरी धमनी में परेशानी होने की स्थिति में बाईपास सर्जरी की सलाह दी जाती है।

     

  • दिल का दौरा पड़ना- यदि किसी व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ा हो, तो उस स्थिति में बाईपास सर्जरी की जाती है।

     

  • कोरोनरी हार्ट डिजीज (Coronary Heart Disease) के लक्षण को रोकना-  किसी व्यक्ति में कोरोनरी हार्ट डिजीज के लक्षण होने की स्थिति में बाईपास सर्जरी को किया जाता है।

     

  • कोरोनरी धमनी का ब्लॉक होना- बाईपास सर्जरी को कोरोनरी धमनी की ब्लॉक होने की स्थिति में किया जाता है।

 

 

बाईपास सर्जरी कैसे होती है? (Procedure of Bypass Surgery in Hindi)

 


आमतौर पर, बाईपास सर्जरी को करने में तीन से छह घंटों का समय लगता है। इसमें कई सारे स्टेप शामिल होते हैं, जो इस प्रकार हैं-


 

  • स्टेप 1: व्यक्ति को एनेस्थीसिया देना: इस सर्जरी की शुरूआत व्यक्ति को एनेस्थीसिया देने के साथ होती है।

     

  • स्टेप 2: श्वास नली को मुंह में डालना: व्यक्ति को एनेस्थीसिया देने के बाद, उसके मुंह में श्वास नली को डाला जाता है। यह ट्यूब एक वेंटिलेटर से जुड़ी होती है, जो सर्जरी के दौरान और तुरंत बाद उस व्यक्ति को सांस प्रदान करती है।

     

  • स्टेप 3: छाती के बीच में कट लगाना: इसके बाद छाती के मध्य भाग में एक कट को लगाया जाता है।

     

  • स्टेप 4: दिल की धड़कनों को रोकने की दवाई देना: छाती के मध्य भाग में कट लगाने के बाद व्यक्ति को दिल की धड़कनों को रोकने की एक दवाई दी जाती है, ताकि इस प्रक्रिया को सही से किया जा सके।

     

  • स्टेप 5: स्वस्थ रक्त वाहिका को लेना: इसके बाद शरीर के अन्य भागों से स्वस्थ रक्त वाहिकाओं (Blood Vessel) को लिया जाता है और उन्हें दिल की धमनियों के आस-पास लगाया जाता है।

     

  • स्टेप 6: दिल की धड़कनों को समान्य स्थिति में लाना: इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद, सर्जन आपके दिल की धड़कन को सामान्य गति में ले आते हैं और वेंटिलेटर मशीन में लगी गई श्वास नली को हटा देते हैं।

 


दिल्ली-NCR में बाईपास सर्जरी का खर्च कितना होता है? (Cost of Bypass Surgery in Hindi)

 

 

बाईपास सर्जरी (CABG) को कराने से पहले इसमें लगने वाले खर्च के बारे में जानना जरूरी होता है। यह जानकारी आपको इस निर्णय को लेने में सहायता करती है कि आपको इस सर्जरी को कराना है या नहीं।


आमतौर पर हार्ट बाईपास सर्जरी का खर्च 1.5 लाख से 2.75 लाख होता है। यह खर्च मुख्य रूप से कई सारे तत्वों पर निर्भर करता है,जो इस प्रकार हैं-


 

  1. अस्पताल

     

  2. जगह

     

  3. व्यक्ति के स्वास्थ की स्थिति

     

  4. इलाज का तरीका


 

बाईपास सर्जरी को दिल्ली-NCR के इन सर्वोत्तम अस्पतालों में कराया जा सकता है।
 

 

बाईपास सर्जरी को कराने के लाभ कौन-कौन से होते हैं? (Cost of Bypass Surgery in Hindi)

 

 

बाईपास सर्जरी दिल के रोगियों के लिए एक लाभदायक सर्जरी है, जिसके निम्नलिखित लाभ होते हैं-


 

  1. नई ज़िदगी देना- यह सर्जरी दिल की रोगी को नई ज़िदगी देती है।

     

  2. दिल के दौरे के खतरे को कम करना- इस सर्जरी के द्वारा दिल के दौरे (Heart Attack) के खतरों को कम किया जाता है।

     

  3. एनजाइना का इलाज करना- बाईपास सर्जरी से एनजाइना का इलाज किया जाता है।

     

  4. शारीरिक गतिविधि करने की ऊर्जा प्रदान करना- बाईपास सर्जरी का अन्य लाभ यह है कि इसके बाद व्यक्ति को शारीरिक गतिविधि करने की ऊर्जा प्राप्त होती है।

 

 

बाईपास सर्जरी के कौन-कौन से जोखिम होते हैं? (Risks/ Side-Effects of Bypass Surgery in Hindi)
 

 

दिल की बाईपास सर्जरी निश्चित रूप से एक लाभकारी प्रक्रिया है, लेकिन इसके भी अपने कुछ जोखिम होते हैं, जो इस प्रकार हैं-


 

  1. किडनी की समस्या का होना- कई बार बाईपास सर्जरी के बाद व्यक्ति को किडनी की समस्या हो सकती है।

    हालांकि, उस स्थिति में किडनी डायलिसिस या किडनी ट्रांस्प्लांट को किया जा सकत है।


     

  2. स्ट्रोक का खतरा होना- बाईपास सर्जरी के दौरान स्ट्रोक होने का भी खतरा रहता है।

     

  3. छाती की चोट का संक्रमण होना- इस सर्जरी के दौरान किए गए कट का संक्रमण भी हो सकता है।

     

  4. सूजन होना- कुछ लोगों के उस अंग पर सूजन हो जाती है, जहां पर इस सर्जरी को किया गया था।

 

 

बाईपास सर्जरी के बाद कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए? (Precautions of Bypass Surgery in Hindi)

 

 

बाईपास सर्जरी के दौरान या इसके बाद होने वाले जोखिमों को निम्नलिखित सावधानियों को बरतकर कम किया जा सकता है-


 

  1. सर्जरी वाले अंग की देखभाल करना- इस सर्जरी के बाद व्यक्ति को उस अंग का ख्याल रखना चाहिए, जहां पर इस सर्जरी को किया गया है।

     

  2. दर्द-निवारक दवाई लेना- यदि किसी व्यक्ति को बाईपास सर्जरी के बाद दर्द होता है, तो उसे दर्द-निवारक दवाई का सेवन करना चाहिए।

     

  3. पौष्टिक भोजन करना- इस सर्जरी के बाद व्यक्ति को पौष्टिक भोजन करना चाहिए।

     

  4. भरपूर नींद लेना- अक्सर डॉक्टर व्यक्ति को भरपूर नींद लेने की भी सलाह देते हैं क्योंकि ऐसा करना उसे जल्दी से ठीक होने में सहायता करता है।

     

  5. व्यायाम करना- बाईपास सर्जरी के बाद व्यक्ति को हल्के-फुल्के व्यायाम करने चाहिए ताकि वह जल्दी से ठीक हो सके।



 

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि आज कल दिल से संबंधित समस्याएं काफी फैल रही हैं। सौभाग्यवश इन समस्याओं का समाधान के लिए कई सारी तकनीक मौजूद हैं।

 

इन तकनीकों में बाईपास सर्जरी (Bypass Surgery) भी शामिल हैं, जिसे मुख्य रूप से दिल की धमनियों के आस-पास रक्त प्रवाह को ठीक किया जाता है।

चूंकि, ज्यादातर लोगों को इस ह्दय की सर्जरी की पूर्ण जानकारी नहीं होती है, इसलिए वे इस सर्जरी का समय रहते लाभ नहीं उठा पाते हैं।

 

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इस लेख में बाईपास सर्जरी से संबंधित आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

 

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति बाईपास सर्जरी के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह इसके लिए 95558-12112 पर Call करके इसके बारे में मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है।