स्तन में गांठ : लक्षण,कारण, उपचार (Breast Lump in Hindi)

​​​स्तन में गांठ (Breast Lump) की समस्या से आज कल अधिकांश महिलाएं पीड़ित हैं। यह ब्रेस्ट कैंसर का प्रमुख लक्षण होता है, जिसमें महिला के ब्रेस्ट में दर्द होता है।

इकनोमिक टाइम्स समाचार की रिपोर्ट के अनुसार भारत की 22 से हर 1 महिला ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित है, और इसकी वजह से 2 महिलाओं से 1 की मौत हो जाती है।

स्तन में गांठ की समस्या मुख्य रूप से युवतियों में देखने को मिलती है, और इनमें से अधिकांश गांठे कैंसररहित होती हैं।

इसके बावजूद किसी भी महिला को इसे नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह कैंसर की शुरूआत का संकेत दे सकता है।

 

इन दिनों, यह समस्या चर्चा का विषय बन गई है, महिलाएं इसके बारे में आवश्यक जानकारी प्राप्त करना चाहती हैं, ताकि वे इससे अपनी रक्षा कर सकें और यदि किसी महिला की चेस्ट की गांठ हो, तो वे उस स्थिति में अपना इलाज सही तरीके से करा सकें।

 

तो आइए, इस लेख के माध्यम से स्तन में गांठ के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।

 

 

स्तन में गांठ क्या है? (Breast Lump Meaning in Hindi)

 

चेस्ट की गांठ को फाइब्रोएडीनोमा (fibroadenoma) के नाम से भी जाना जाता है। इससे तात्पर्य उस स्थिति से है, जिसमें ब्रेस्ट के अंदर टिशू का विकास हो जाता है।

इस स्थिति में महिला के बूब्स के आस-पास सूजन या दर्द महसूस होता है, हालांकि, यह तकलीफ स्वयं ही ठीक हो जाती है, लेकिन जब यह काफी समय तक बनी रहती है, तब यह ट्यूमर या कैंसर का रूप ले सकती है।

 

स्तन में गांठ के लक्षण क्या हैं? (Breast Lump Symptoms in Hindi)

 

स्तन की गांठ के कुछ लक्षण होते हैं, जो इस समस्या की शुरूआत का संकेत देते हैं।
 


इस प्रकार यदि किसी महिला को ये 5 लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे इन्हें नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि ये उनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है-

 

 

  1. ब्रेस्ट में दर्द होना- यह स्तन में गांठ की समस्या का प्रमुख लक्षण है, जिसमें महिला के स्तन में गांठ बन जाती है।

    इस स्थिति में उसे ब्रेस्ट को छूने पर दर्द भी होता है।


     

  2. ब्रेस्ट के आकार में बदलाव का होना- जब किसी महिला के ब्रेस्ट के आकार में अचानक से बदलाव हो जाता है, तो उसे इस परिवर्तन को नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह स्तन में गांठ का संकेत हो सकता है।

    अत: इस समस्या से पीड़ित महिला को इस समस्या की सूचना अपने डॉक्टर को देनी चाहिए।


     

  3. मासिक धर्म के बाद भी गांठ का बने रहना- आमतौर पर, ब्रेस्ट की गांठ समय के साथ स्वयं ही ठीक हो जाती है।

    ऐसा मुख्य रूप से मासिक धर्म के होने पर होता है, लेकिन कई बार ऐसा भी देखा गया है, कि कुछ महिलाओं को यह गांठ मासिक धर्म होने के बावजूद भी ठीक नहीं होती है।

    ऐसी महिलाओं को बिना देरी किए, तुंरत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए।


     

  4. स्तन की त्वचा का लाल पड़ना- स्तन में गांठ होने का अन्य लक्षण ब्रेस्ट की त्वचा का लाल होना भी है।

    ऐसी स्थिति में बूब्स की त्वचा का यह लालपन केवल स्तन पर ही नहीं होता है अपितु यह उसके आस-पास के अंगों तक भी फैल जाता है।


     

  5. निप्पल से खून का निकलना- यदि किसी महिला के निप्पल से खून निकलने लगता है, तो उसे परेशान नहीं होना चाहिए अपितु इसकी सूचना अपने डॉक्टर को देनी चाहिए।

    निप्पल से खून का निकलना स्तन में गांठ का संकेत हो सकता है, इसी कारण इसकी जांच सही समय पर करानी चाहिए।

 

चेस्ट में गांठ होने के कारण क्या हैं? (Breast Lump Causes in Hindi)

 

यह समस्या मुख्य रूप से कई सारे कारणों से होती है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

 

  • स्तन में संक्रमण का होना- स्तन की गांठ की समस्या उस स्थिति में हो सकती है, जब किसी महिला के स्तन में संक्रमण हो जाता है।

    अत: प्रत्येक महिला में अपनी ब्रेस्ट का विशेष ध्यान रखना चाहिए और उसमें किसी भी तरह की परेशानी के होने पर उसका इलाज तुंरत कराना चाहिए।


     

  • चोट लगना- स्तन में गांठ का अन्य कारण किसी तरह की चोट लगना भी होता है।

    चूंकि, कुछ चोटों का असर शारीरिक के साथ-साथ अंदरूनी भी होता है, इसी कारण ये चोटे गांठ का रूप ले सकती हैं।


     

  • ब्रेस्ट कैंसर का होना- ऐसा देखा गया है कि यदि कोई महिला ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित होती है, तो उसे स्तन की गांठ की समस्या हो सकती है।

    इस स्थिति में उस महिला को मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है।


     

  • ब्रेस्ट सिस्ट का होना- यह समस्या ब्रेस्ट सिस्ट या स्तन पुटी होने के कारण भी हो सकती है।

    ब्रेस्ट सिस्ट मुख्य रूप से नरम, द्रव से भरे थैली की तरह होते हैं और इसकी वजह से महिला को दर्द भी महसूस होता है।

 

 

ब्रेस्ट में गांठ का इलाज कैसे किया जा सकता है? (Breast Lump Treatment Options in Hindi)

 

यह सवाल हर महिला के लिए मायने रखता है, जो इस समस्या से पीड़ित होती है और इससे निजात पाने के लिए सर्वोत्तम तरीके की तलाश करती रहती है।
 


चेस्ट में गांठ से पीड़ित महिला इन 5 तरीकों को अपनाकर इस समस्या का इलाज कर सकती है-

 

  1. स्तन में गांठ के घरेलू नुस्खे अपनाना- किसी भी समस्या की तरह स्तन में गांठ की समस्या में भी घरेलू नुस्खे काफी लाभदायक साबित होते हैं।

    ऐसा देखा गया है कि चूंकि, कई सारी महिलाएं अपनी ब्रेस्ट के अनुकूल ब्रा नहीं पहनती हैं, इसी कारण उन्हें कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

    इसी कारण स्तन में गांठ का इलाज करने के लिए महिला को सही ब्रा पहननी चाहिए और इसके साथ में कभी-भी सोते समय ब्रा नहीं पहननी चाहिए क्योंकि इसका दुष्प्रभाव उसकी सेहत पर पड़ सकता है और उसे ब्रेस्ट संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं।


     

  2. कैफीन से परहेज करना- इस समस्या का इलाज कैफीन का परहेज करके भी किया जा सकता है, ऐसा करके महिला स्वास्थ संबंधी कई सारे जोखिमों को कम कर सकती है।

     

  3. दर्द निवारक दवाई का सेवन करना- यदि किसी महिला को ब्रेस्ट में दर्द होता है, तो उसे कोई भी दवाई को लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

    ऐसी स्थिति में किसी भी महिला के लिए दर्द-निवारक दवाई को लेना सबसे सही उपाय हो सकता है।


     

  4. बायोप्सी को कराना- स्तन में गांठ के इलाज में बायोप्सी भी लाभदायक उपाय साबित हो सकती है।

    इसके द्वारा स्तन के आस-पास मौजूद नुकसानदायक टिशू को अलग किया जाता है और उन्हें बाहर निकाला जाता है।


     

  5. लुम्पेक्टोमी को कराना- जब स्तन की गांठ का उपचार किसी भी अन्य तरीके से संभव नहीं हो पाता है, तो फिर लुम्पक्टोमी सर्जरी को किया जाता है।

    लु्म्पक्टोमी (lumpectomy) सर्जरी से तात्पर्य ऐसी सर्जरी से है, जिसमें स्तन की गांठ को सर्जिकल तरीके से निकाला जाता है।

 


लुम्पेक्टोमी सर्जरी को कैसे किया जाता है? (Lumpectomy Surgery Procedure in Hindi)
 


लुम्पेक्टोमी स्तन की गांठ के उपचार का सर्वोत्तम तरीका है, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण स्टेप शामिल होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

 

  • स्टेप 1: एनेस्थीसिया देना- इस सर्जरी की शुरूआत महिला के स्तन में एनेस्थीसिया इंजेक्शन देने के साथ होती है।

    ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान महिला को किसी तरह का दर्द न हो।

     

  • स्टेप 2: स्तन में कट को लगाना- ब्रेस्ट में एनेस्थीसिया इंजेक्शन को लगाने के बाद डॉक्टर वहां पर छोटे से कट को बना देते हैं, ताकि वहां मौजूद नुकसानदायक टिशू को निकाला जा सके।
     

  • स्टेप 3: सेहतमंद टिशू को लगाना- स्तन पर नुकसानदायक टिशू को निकालने के बाद उसकी जगह पर सेहतमंद टिशू को लगाया जाता है।
     

  • स्टेप 4: स्तन के कट को बंद करना- स्तन पर सेहतमंद टिशू को लगाने के बाद डॉक्टर वहां पर बनाए गए कट को बंद कर देते हैं।

     

  • स्टेप 5: ब्रेस्ट को सामान्य आकार देना- यह इस प्रक्रिया का अंतिम स्टेप होता है, जिसमें स्तन को सामान्य आकार प्रदान किया जाता है।

 

 

दिल्ली-NCR में लुम्पेक्टोमी की कीमत क्या है? (Breast Lump Removal Surgery Cost in Hindi)

 

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि स्तन में गांठ के इलाज का सर्वोत्तम तरीका लुम्पेक्टोमी सर्जरी है। ऐसे में जब कोई डॉक्टर किसी महिला को इस सर्जरी को कराने की सलाह देते हैं, तो उस स्थिति में उस महिला के मन में इस सर्जरी की कीमत और इसके सर्वोत्तम अस्पताल/क्लीनिक को लेकर कई सारे प्रश्न आते हैं।
 

संभवत: कुछ महिलाएं इस सर्जरी को एक महंगी प्रक्रिया समझे और इसी कारण वे इसे न करा पाए, लेकिन यदि उसे यह पता हो कि उसके लिए यह एक किफायदी प्रक्रिया साबित होगी, जिसके लिए उसे मात्र 57,000 से 60,000 रूपये खर्ज करने होंगे, तो शायद वे भी इससे बेहतर ज़िदगी जी पाएं।

 

यह भी देखें- लुम्पेक्टोमी के सर्वोत्त्म अस्पताल/क्लीनिक
 

 

स्तन में गांठ के जोखिम क्या हो सकते हैं? (Breast Lump Side-Effects in Hindi)

 

ऐसा माना जाता है कि किसी भी समस्या (चाहे बड़ी या छोटी) को नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए और इसका इलाज सही समय पर शुरू कराना चाहिए। यह बात स्तन पुटी (Breast Lump)के संदर्भ में भी लागू होती है।
 

यदि कोई महिला इसका इलाज सही समय पर नहीं कराती है, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है और उसे कई सारे जोखिमों का भी सामना करना पड़ सकता है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

 

  • ब्रेस्ट में असहनीय दर्द का होना- स्तन में गांठ के लाइलाज रहने पर ब्रेस्ट में होने वाला दर्द बढ़ सकता है और यह दर्द किसी भी दर्द-निवारक दवाई से ठीक नहीं होता है।

    ऐसी स्थिति में उस महिला को मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ती है।

     

  • स्तन में सूजन का होना- जब स्तन में गांठ का इलाज सही समय पर नहीं हो पाता है, तो इसकी वजह से महिला के स्तन पर सूजन बढ़ जाती है।

    हालांकि, इस सूजन को सिकाई के माध्यम से किया जा सकता है, लेकिन कई बार इसे कम करने के लिए दवाई का भी सहारा लेना पड़ता है।

     

  • स्तन में संक्रमण का होना- स्तन की गांठ का इलाज न होने पर स्तन पर कई सारे संक्रमण हो सकते हैं।

    इसी कारण डॉक्टर हर महिला को अपनी सेहत का विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।

     

  • ब्रेस्ट के आकार में बदलाव का होना- इस समस्या के दुष्परिणाम कुछ समय के बाद नज़र आने लगते हैं।

    ब्रेस्ट के आकार में बदलाव इस समस्या के लाइलाज रहने का परिणाम हो सकता है।

     

  • ब्रेस्ट कैंसर का होना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि ब्रेस्ट लंप ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण होता है, इसी कारण यदि इसका उपचार न किया जाए, तो इसका परिणाम ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है।

    ब्रेस्ट कैंसर का उपचार केवल कैंसर सर्जरी के द्वारा ही संभव होता है।

 

 

स्तन में गांठ की रोकथाम कैसे की जा सकती है? (Breast Lump Prevention in Hindi)

 

हो सकता है कि अधिकांश महिलाओं के मन में स्तन में गांठ की समस्या को लेकर बहुत सारी शंकाएं हो और वे ऐसा सोचती हों कि वे इसकी रोकथाम नहीं कर सकती हैं, लेकिन ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है क्योंकि किसी भी अन्य समस्या की तरह इसकी भी रोकथाम संभव है।
 

यदि कोई महिला इन 5 आदातों को अपनाएं, तो वे स्तन में गांठ की रोकथाम कर सकती है-

 

  1. वजन की अनियमित जांच कराना- अक्सर ऐसा कहा जाता है कि हर व्यक्ति के लिए प्रमुख लक्ष्य सेहतमंद वजन ही होना है।

    ऐसा मुख्य रूप से इसलिए कहा जाता है क्योंकि अधिक वजन की वजह कई सारी स्वास्थ संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।

    यह बात स्तन में गांठ की समस्या के संदर्भ में भी लागू होती है क्योंकि इस स्थिति में वजन के अधिक होने पर स्वास्थ संबंधी कई सारी बीमारियों के होने की संभावना बढ़ सकती है।

     

  2. व्यायाम करना- नियमित रूप से व्यायाम करना सेहतमंद जीवन की कुंजी होती है।

    यदि कोई महिला दिन में केवल 30 मिनट व्यायाम करती है तो उसमें महिला स्वास्थ संबंधी परेशानियों के होने की संभावना काफी कम रहती है।

     

  3. हेल्दी डाइट अपनाना- हेल्दी डाइट ब्रेस्ट कैंसर की संभावना को कम करने में सहायक साबित हो सकती है।

    इसी कारण हर महिला को भरपूर मात्रा में फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए।

     

  4. गर्भनिरोधक गोलियां न खाना- गर्भनिरोधक गोलियों के लेने के अपने लाभ और नुकसान होते हैं।

    एक ओर, जहां ये अनचाहे गर्भ से मुक्ति दिलाने में सहायक होती हैं, वहीं दूसरी ओर इनका अधिक मात्रा में सेवन करने से महिला को कई सारी समस्याएं जैसे ब्रेस्ट कैंसर, दिल का स्ट्रोक, दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ सकती है।

     

  5. शराब एवं ध्रूमपान न करना- हर महिला को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए और उसे शराब एवं ध्रूमपान का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इनकी वजह से उसे बहुत सारी परेशानियां हो सकती हैं।

    इन पदार्थों का सेवन करने से महिलाओं की जान का खतरा ही नहीं होता है बल्कि इनकी वजह से उन्हें कई सारी बीमारियां जैसे दिल का दौरा पड़ना, ब्रेस्ट कैंसर इत्यादि भी हो सकती हैं।

    अत: समझदारी इसी में है कि कोई भी व्यक्ति (पुरूष और महिला) इन नशीले पदार्थों का सेवन न करें क्योंकि हर किसी के लिए ज़िदगी अनमोल होती है।

 

 

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि आज के दौर में ब्रेस्ट लंप (Breast Lump) अधिकांश महिलाओं में देखने को मिल रही है।

चूंकि, अधिकांश महिलाओं को इसकी संपूर्ण जानकारी नहीं है, इसी कारण वे इसका सही इलाज नहीं करा पाती हैं।

 

यदि सभी महिलाओं को स्तन में गांठ की पूर्ण जानकारी होती तो वे इसके प्रति सर्तक रह पाती और इसका इलाज सही तरीके से कर पातीं।

 

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें स्तन की गांठ से संबंधित आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई महिला स्वास्थ संबंधी किसी भी समस्या और उसके उपचार के संभावित तरीके की अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहती हैं तो वे इसके लिए 95558-12112 पर Call करके उसकी मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकती है।