जानें! ब्रेन सर्जरी की पूर्ण जानकारी(Brain Surgery in Hindi)

ब्रेन सर्जरी (Brain Surgery) को मस्तिष्क सर्जरी के नाम से भी जाना जाता है।

मस्तिष्क की सर्जरी को लेकर लोगों के मन में काफी डर रहता है क्योंकि इसका संबंध मानव शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग अर्थात् मस्तिष्क से होता है।

मस्तिष्क कई सारे कार्यों जैसे रक्त प्रवाह को सभी अंगों तक पहुंचना, चेतन और अवचेतन मन को संतुलित रखना, ज्ञान, स्मरणशक्ति को बनाए रखना इत्यादि को करता है।

इसी कारण यदि मस्तिष्क को किसी कारणवश कोई नुकसान पहुंचता है तो उसका सीधा असर शरीर पर पड़ता है।

वैसे तो मस्तिष्क का इलाज कई तरीकों से किया जा सकता है, लेकिन जब कोई तरीका काम नहीं आता है, तब उस स्थिति में डॉक्टर इस सर्जरी को करते हैं।

ब्रेन सर्जरी के महत्व को इस बात से भी समझा जा सकता है, कि यदि इसे सही समय पर न किया जाए तो इसके परिणास्वरूप व्यक्ति कोमा में जा सकता है या फिर उसकी मौत भी हो सकती है।

इसी कारण लोगों को मस्तिष्क की सर्जरी के बारे में उचित जानकारी प्राप्त करनी चाहिए, ताकि वे इस सर्जरी को बिना किसी डर के करा सकें।

तो आइए, इस लेख के माध्यम ब्रेन सर्जरी के बारे में विस्तार से जानते हैं।

ब्रेन सर्जरी क्या होती है? (Meaning of Brain Surgery in Hindi)

ब्रेन सर्जरी से तात्पर्य ऐसी सर्जरी से है, जिसे मस्तिष्क या उसके आस-पास के अंग जैसे आंख, नाक, इत्यादि से संबंधित समस्याओं का समाधान करने के लिए किया जाता  है।

मस्तिष्क की सर्जरी को करना काफी मुश्किल भरा काम होता है, इसलिए इसे अनुभवी डॉक्टरों द्वारा ही किया जाता है, ताकि इस दौरान किसी तरह का जोखिम न हो।

ब्रेन सर्जरी कितने प्रकार की होती है? (Types of Brain Surgery in Hindi)

ब्रेन सर्जरी कई प्रकार की होती है, जो मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करती है कि इसे किस तरह की समस्या का समाधान करने के लिए जाना है।

ब्रेन सर्जरी के प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं-

  • क्रानिओटोमी सर्जरी- क्रानिओटोमी सर्जरी (Craniotomy Surgery) से तात्पर्य ऐसी सर्जरी से है, जिसे ब्रेन ट्यूमर का उपचार करने के लिए किया जाता है।

    मस्तिष्क की सर्जरी में खोपड़ी में कट को लगाया जाता है और बोन फ्लेप में छेद लगाया जाता है, ताकि वहां से ट्यूमर को निकाला जाए।

  • बायोप्सी सर्जरी- बायोप्सी सर्जरी (Biopsy Surgery) को मुख्य रूप से मस्तिष्क के टिशू को निकालने के लिए किया जाता है।

    इस प्रक्रिया को माइक्रोस्कोप की निगरानी में किया जाता है।

  • मिनिमली इनवेसिव एंडोनसल एंडोस्कोपिक सर्जरी- मस्तिष्क की सर्जरी को एंडीस्कोप उपकरण की सहायता से किया जाता है, जिसकी सहायता से मस्तिष्क के अंग तक बिना कट लगाए पहुंचा जाता है।

    मिनिमली इनवेसिव एंडोनसल एंडोस्कोपिक सर्जरी (Minimally invasive endonasal endoscopic surgery) को मस्तिष्क के नीचले हिस्से में विकसित ट्यूमर को निकालने के लिए किया जाता है।

  • डीप ब्रेन स्टिमुलेशन- डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (Deep brain stimulation) से तात्पर्य ऐसी सर्जरी से है, जिसे पार्किसन नामक बीमारी का इलाज करने के लिए किया जाता है।

    मस्तिष्क की सर्जरी के दौरान डॉक्टर खोपड़ी से टिशू को बाहर नहीं निकालते हैं अपितु मस्तिष्क के अंदरूनी हिस्से पर इलेक्ट्रो़ड को डाल देते हैं।

    यह इलेक्ट्रोड छाती पर लगी हुई बैक्ट्री से जोड़ा होता है और पार्किसन जैसी मानसिक बीमारी के लक्षणों का संकेत सिंग्नल के रूप में देता है।

ब्रेन सर्जरी को कब किया जाता है? (Indications of Brain Surgery in Hindi)

चूंकि, ब्रेन सर्जरी काफी संवेदनशील प्रक्रिया होती है, इसी कारण इसे इन 5 स्थितियों में किया जाता है, जो इस प्रकार हैं-

  1. ब्रेन ट्यूमर का इलाज करना- ब्रेन सर्जरी को मुख्य रूप से ब्रेन ट्यूमर का इलाज करने के लिए किया जाता है क्योंकि यह सर्जरी ब्रेन ट्यूमर का सर्वोत्तम इलाज होती है।

  2. पार्किसन का उपचार करना- मस्तिष्क की सर्जरी को उस स्थिति में भी किया जाता है, जब कोई व्यक्ति पार्किसन नामक बीमारी से पीड़ित होता है।

    यह सर्जरी इस बीमारी के उपचार का बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।

  3. असमान्य रक्त वाहिकाओं को ठीक करना- यदि किसी व्यक्ति की रक्त वाहिकाएं (Blood Vessel) असमान्य होती हैं, तो उन्हें सामान्य करने के लिए मस्तिष्क की सर्जरी को किया जाता है।

  4. ब्लड क्लोट्स को ठीक करना- कई बार ब्रेन सर्जरी को ब्लड क्लोट्स को ठीक करने के लिए भी किया जाता है।

    कई बार किसी सर्जरी के कारण किसी व्यक्ति के मस्तिष्क में ब्लड क्लोट्स हो जाता है, उस स्थिति में ब्रेन सर्जरी लाभकारी साबित हो सकती है।

  5. ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को कम करना- कई बार मस्तिष्क की सर्जरी को उस स्थिति में किया जाता है, जब किसी व्यक्ति में ब्रेन स्ट्रोक के होने का खतरा रहता है।

    मस्तिष्क की सर्जरी के माध्यम से ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को कम किया जाता है।

ब्रेन सर्जरी को कैसे किया जाता है? (Procedure of Brain Surgery in Hindi)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि ब्रेन सर्जरी को मस्तिष्क संबंधी समस्याओं का समाधान करने के लिए किया जाता है।

इस प्रक्रिया में कुछ स्टेप शामिल होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  • स्टेप 1: मेडिकल टेस्ट करना- मस्तिष्क की सर्जरी को करने से पहले डॉक्टर कुछ मेडिकल टेस्ट जैसे ब्लड टेस्ट, एम आई आर, सी.टी स्कैन इत्यादि को करते हैं।

    वे इन टेस्टों के द्वारा इस बात की पुष्टि करते हैं कि व्यक्ति मस्तिष्क की सर्जरी के अनुकूल है।

  • स्टेप 2: बालों को शैव करना- जब वे इस बात को लेकर संतुष्ट हो जाते हैं कि व्यक्ति पर मस्तिष्क की सर्जरी का कोई नुकसान नहीं होगा।

    इसके बाद वे मस्तिष्क की सर्जरी की शुरूआत करते हैं, जिसमें वे सिर के उस हिस्से के बालों को शैव करते हैं।

  • स्टेप 3: सर्जिकल कट लगाना- सिर के बालों को शैव करने के बाद वे वहां पर सर्जिकल कट को लगाते हैं।

    डॉक्टर छोटे से सर्जिकल कट को ही बनाते हैं, ताकि इसका बुरा असर व्यक्ति की सेहत पर न पड़े।

  • स्टेप 4: बोन फेल्प को निकालना- सर्जिकल कट को बनाते के बाद डॉक्टर बोन फेल्प को निकालते हैं।

  • स्टेप 5: एंडोस्कोप उपकरण का इस्तेमाल करना- बोन फ्लेप को निकालने के बाद डॉक्टर एंडोस्कोप के साथ ट्यूब को डालते हैं, ताकि इस प्रक्रिया को किया जा सके।

    एंडोस्कोप उपकरण के द्वारा डॉक्टर मस्तिष्क के अंदरूनी हिस्से पर निगरानी रखते हैं और वहां पर मौजूद खतरनाक टिशूओं को बाहर निकालते हैं।

  • स्टेप 6: बोन फेल्प को फिर से लगाना- मस्तिष्क के अंदरूनी हिस्से से टिशू को बाहर निकालने के बाद बोन फेल्प को फिर से लगा दिया जाता है।

  • स्टेप 7: दवाई देना- मस्तिष्क की सर्जरी के बाद व्यक्ति को दर्द हो सकता है, तो उस दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर उसे दर्द-निवारक दवाई देते हैं।

  • स्टेप 8: फिजिकल थैरेपी कराना- व्यक्ति को दर्द-निवारक दवाई देने के साथ-साथ डॉक्टर उसे फिजिकल थैेरेपी भी कराते हैं, जो उसे जल्दी से ठीक होने में सहायता करती है।

  • स्टेप 9: डिस्चार्ज करना- ब्रेन सर्जरी के बाद व्यक्ति को लगभग एक हफ्ते तक अस्पताल में रखा जाता है और जब व्यक्ति की सेहत में सुधार हो जाता है, तो फिर उसे डिस्चार्ज कर दिया जाता है।

ब्रेन सर्जरी की कीमत क्या है? (Cost of Brain Surgery in Hindi)

यह सवाल हर उस व्यक्ति के मन में आता है, जिसे डॉक्टर ब्रेन सर्जरी कराने की सलाह देते हैं।

इसका उत्तर उसके लिए काफी मयाने रखता है क्योंकि वह उसकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है।

ज्यादातर लोग इसे एक महंगी प्रक्रिया समझते हैं, इसी कारण वे मस्तिष्क की सर्जरी को कराने से हिचकते हैं, लेकिन यदि उन्हें यह पता होता कि यह एक किफायदी प्रक्रिया है, जिसकी औसतन कीमत मात्र होती है, तो शायद वे भी ब्रेन सर्जरी का लाभ उठा पाते।

यह भी देखें- ब्रेन सर्जरी के सर्वोत्तम अस्पताल/क्लीनिक

ब्रेन सर्जरी के लाभ क्या होते हैं? (Benefits of Brain Surgery in Hindi)

यह प्रक्रिया उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो मस्तिष्क संबंधी समस्या से परेशान रहते हैं।

ब्रेन सर्जरी को कराने के मुख्य रूप से 4 लाभ होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  1. नई ज़िदगी देना- ब्रेन सर्जरी का प्रमुख लाभ यह होता है, कि मस्तिष्क की सर्जरी के माध्यम से व्यक्ति को नई ज़िदगी मिलती है।

  2. मस्तिष्क संबंधी समस्याओं का उपचार करना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि मस्तिष्क की सर्जरी को मस्तिष्क संबंधी समस्याओं का उपचार करने के लिए किया जाता है।

    इस प्रकार मस्तिष्क की सर्जरी के द्वार एक समय पर कई सारी समस्याओं का उपचार किया जा सकता है।

  3. ब्रेन ट्यूमर को निकालने का सर्वोत्तम तरीका- जब किसी व्यक्ति को ब्रेन ट्यूमर को समस्या हो जाती है, तो इसका समाधान मस्तिष्क की सर्जरी के द्वारा ही किया जा सकता है।

    इस प्रकार यह सर्जरी ब्रेन ट्यूमर का इलाज का सर्वोत्तम तरीका होती है।

  4. मस्तिष्क की अन्य समस्याओं की संभावना को कम करना- जहां एक ओर ब्रेन सर्जरी के द्वारा मस्तिष्क की कई सारी समस्याओं का समाधान किया जाता है, वहीं दूसरी ओर मस्तिष्क की सर्जरी के माध्यम से कई सारी अन्य समस्याओं के होने के खतरे को कम किया जा सकता है।

ब्रेन सर्जरी के जोखिम क्या हो सकते हैं? (Risks of Brain Surgery in Hindi)

निश्चित रूप से यह सर्जरी एक लाभकारी प्रक्रिया है, जिसके द्वारा कई सारे लोगों की ज़िदगी खुशियों से भर गई है, इसके बावजूद किसी भी अन्य सर्जरी की तरह ब्रेन सर्जरी के भी कुछ जोखिम होते हैं, जिनके बारे में जानना महत्वपूर्ण होता है।

 

यदि किसी व्यक्ति ने ब्रेन सर्जरी कराई है, तो उसे निम्नलिखित जोखिमों का सामना कर पड़ सकता है-

  • मस्तिष्क में सूजन का होना- कई बार ऐसा देखा गया है कि मस्तिष्क की सर्जरी के बाद कुछ लोगों के मस्तिष्क में सूजन हो जाती है।

    हालांकि, यह सूजन समय के साथ स्वयं ही ठीक हो जाती है, लेकिन यदि समस्या काफी लंबे समय तक रहते हैं तो उस स्थिति में व्यक्ति को मेडिकल सहायता की जरूरत हो पड़ सकती है।

  • कोमा में जाना- ब्रेन सर्जरी के बाद व्यक्ति के कोमा में जाने की भी संभावना रहती है।

    कोमा से तात्पर्य उस स्थिति से है, जब किसी व्यक्ति का शरीर के अन्य अंगों के बजाय केवल मस्तिष्क ही क्रियाशील रहता है। यदि डॉक्टर की माने तो इस स्थिति से ठीक होने का कोई निश्चित समय नहीं होता है। इसी कारण डॉक्टर मस्तिष्क की सर्जरी को करते समय विशेष सावधानी बरतते हैं।

  • मस्तिष्क में रक्तस्राव का होना- हालांकि, मस्तिष्क की सर्जरी के दौरान काफी छोटे कट को लगाया जाता है, लेकिन कई बार ऐसा भी देखा गया है कि इस सर्जरी के बाद कुछ लोगों के मस्तिष्क में रक्तस्राव हो जाता है।

  • बोलने, स्मरण शक्ति, दृष्टि संबंधी परेशानी का होना- कई सारे लोगों में ब्रेन सर्जरी के कई सारे जोखिम हो सकते हैं।

    इस वजह उसे सामान्य कार्यों जैसे बोलने, स्मरण शक्ति (Memory Power), दृष्टि (Vision) इत्यादि संबंधी परेशानी हो सकते हैं।

    हालांकि, ऐसा काफी कम मामलों में होता है, लेकिन फिर भी मस्तिष्क की सर्जरी के बाद व्यक्ति को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए और स्वास्थ संबंधी किसी भी तरह की समस्या की सूचना डॉक्टर को देनी चाहिए।

  • ब्रेन स्ट्रोक का होना- हालांकि, मस्तिष्क की सर्जरी को ब्रेन स्ट्रोक का उपचार करने के लिए किया जाता है, कई बार ऐसा देखा गया है कि इस सर्जरी के बाद भी कुछ लोगों में भी ब्रेन स्ट्रोक की समस्या हो सकती है।

    यदि किसी व्यक्ति को यह समस्या होती है, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और इस समस्या का संभावित इलाज शुरू कराना चाहिए।

    यदि इस समस्या का समय रहते समाधान न किया जाए, तो स्थिति बद-से-बदतर हो सकती है और उस स्थिति में व्यक्ति को फिर से ब्रेन सर्जरी को कराने की जरूरत पड़ सकती है।

यदि किसी व्यक्ति को मानसिक समस्या होती है, तो लोग उसकी इस समस्या को गंभीरता से नहीं लेते हैं और वे उसका मज़ाक बनाते हैं।

इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति को मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ता है और वह इसी निराशा में अपने जीवन को बीता देता है।

इसी रवैया के कारण कई सारे लोग मानसिक समस्या का उपचार नहीं करा पाते हैं। इसी कारण लोगों को अपने रवैया को बदलना चाहिए और इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए ताकि वे इस समस्या से निकलने की कोशिश कर सकें।

लेकिन यदि उन्हें यह पता होता कि वे ब्रेन सर्जरी (Brain Surgery) से मानसिक समस्या से निजात पा सकते हैं, तो शायद वे भी बेहतर ज़िदगी जी सकते।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें ब्रेन सर्जरी से संबंधित आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति मस्तिष्क संबंधी किसी समस्या और उसके उपचार के संभावित तरीके के बारे में जानना चाहता है, तो वह इसके लिए 95558-12112 पर Call करके यह जानकारी प्राप्त कर सकता है।

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