कैसे करें बोन कैंसर का इलाज? (Bone Cancer in Hindi)

बोन कैंसर का अवलोकन (Overview of Bone cancer)

मान लिजिए कि आपके घर में बहुत सारे लोग घुस आएं। आपके लिए यह चीज काफी बेकाबू हो जाए और वे आपके घर में तोड़ना शुरू कर दें। तो इस स्थिति में आपके मन में यह सवाल आएगें कि ये सभी लोग आपके घर में क्यों आ गए  है? तो आप ऐसी स्थिति में क्या करेंगे। ज़ाहिर सी बात है कि ऐसी स्थिति में हम सभी इन लोगों को निकालने के लिए पूरी कोशिश करेगें लेकिन अगर इस सब में आपका परिवार में पिस जाए, तो फिर आप क्या करेंगे?

कैंसर से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में भी ऐसा ही होता है। उसके शरीर में सेल्स का विकास काफी तेज़ी से होने लगता है। कैंसर से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में कैंसर की कोशिकाओं के विकसित होने से उसका शरीर काफी कमजोर हो जाता है और कुछ समय के बाद यह Situation काफी खराब हो जाती है।

अक्सर, ऐसा देखा जाता है कि स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि कैंसर से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में इस बात का पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि कौन-से कैंसर के सेल्स और कौन- से सामान्य सेल्स हैं। इसका परिणाम होता है कि उसके शरीर में दोनों तरह के सेल्स (कैंसरयुक्त और सामान्य सेल्स) खत्म हो जाते हैं लेकिन कुछ मामलों में कैंसर वाले सेल्स समाप्त नहीं होते हैं और वे शरीर में बचे रहते हैं, जिसकी वजह से शरीर के अन्य अंग खराब हो जाते हैं।

कुल मिलाकर कैंसर के सेल्स शरीर में फैल जाते हैं और इसके अलावा यह व्यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (Immunity System) को कमजोर करके उसे कमजोर बना देते हैं। यह बात बोन कैंसर पर भी लागू होती है क्योंकि यदि इसका इलाज समय न किया जाए तो फिर इसके लिए मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है। हो सकता है कि ज्यादातर लोगों को बोन कैंसर की जानकारी न हो और इसी कारण वे इसका इलाज सही तरीके से न करा पाएं।

यदि आपको भी बोन कैंसर की कम जानकारी है तो आपको इस लेख को जरूर पढ़ना  चाहिए क्योंकि इसमें हमने बोन कैंसर की आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

क्या है बोन कैंसर? (What is Bone Cancer?-in Hindi)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया जाता है कि बोन कैंसर की शुरूआत मानव-शरीर (Body) के बोन सेल्स में होती है। बोन कैंसर मुख्य रूप से कंधे और पैर की हड्डियों में होता है, लेकिन राहत की बात है कि यह कैंसर एडल्ड में काफी कम देखने को मिलता है। बोन कैंसर उस स्थिति में खतरनाक साबित होता है, जब यह काफी हद तक  बढ़ जाता है और इसके साथ में यह शरीर के अन्य अंगों में फैल जाता है।

इन स्थितियों में शरीर में कैंसरयुक्त सेल्स की ग्रोथ को कम करने और उसे समाप्त करने के लिए कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी की जरूरत पड़ती है। क्या आप यह जानते हैं कि इन सभी सर्जरी को कराने में LetsMD करा सकता है, जिससे कि बोन कैंसर का इलाज किया जा सके।

बोन कैंसर कितने प्रकार के हैं?(Types of Bone Cancer-in Hindi)

बोन कैंसर मुख्य रूप से 5 प्रकार के होते हैं-

  1.  आस्‍थिसार्कोमा (Osteosarcoma)- यह बोन कैंसर का सामान्य प्रकार है, जो 10 से 30 साल के लोगों में देखने को मिलता है।

    हालांकि, आस्थिसार्कोमा के होने की संभावना काफी कम होती है, लेकिन फिर भी लोगों  को आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा इस कैंसर के महिलाओं की तुलना में पुरूषों में होने की संभावना काफी अधिक  रहती है, जिसका इलाज कीमोथेरेपी या किसी अन्य सर्जरी संभव है।

  2. कॉन्ड्रोसार्कोमा (Chondroscaroma)- किसी व्यक्ति की जांघ, कूल्हे और कंधों की हड्डियों में होने वाले कैंसर को कॉन्ड्रोसार्कोमा कहा जाता है।

    कॉन्ड्रोसार्कोमा कैंसर होने की संभावना 20 साल से कम उम्र के लोगों में अधिक रहती है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ यह कैंसर भी बढ़ाता रहता है और कुछ मामलों में इसकी वजह से पूरी बोन खराब हो जाती है।

  3. इविंग ट्यूमर (Ewing Tumour)- इविंग ट्यूमर शरीर की किसी भी बोन में हो सकता है।

    यह बोन कैंसर मुख्य रूप से जवान लोगों में देखने को मिलता है लेकिन फिर भी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है।

  4. फाइब्रोसार्कोमा और मैलिग्नेंट फाइब्रोस हिस्टियो कोमा (Fibrosarcoma and malignant fibrous histiocytoma)- किसी व्यक्ति के जबड़े, पैर और कंधे की हड्डियों में पाए जाने वाले कैंसर को फाइब्रोसार्कोमा और मैलिग्रेंट फाइब्रोस हस्टियो कोमा कहा  जाता है।

  5. जायंट सेल ट्यूमर ऑफ बोन (Giant Cell Tumour of Bone)- इस तरह का बोन कैंसर कैंसरयुक्त या नॉनकैंसर युक्त हो सकते हैं।

    जायंट सेल ट्यूमर ऑफ बोन कैंसर बच्चों से लेकर जवान लोगों में होने की संभावना सबसे अधिक रहती है। हालांकि, इस ट्यूमर को समय रहते निकाला जा सकता है लेकिन यदि यह लंबे समय तक रह जाए तो यह गंभीर रूप ले सकता है।

बोन कैंसर के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Bone Cancer-in Hindi)

हालांकि, बोन कैंसर की वजह से कई सारे लोगों की मौत हो जाती है, लेकिन अगर वे तोड़े सर्तक रहें तो वे इसका सही इलाज करा सकते हैं।

अत: यदि किसी व्यक्ति को ये 5 लक्षण नज़र आए, तो उन्हें अपना हेल्थ चेकअप कराना चाहिए क्योंकि ये बोन कैंसर के लक्षण हो सकते हैं-

  1. हड्डियों में दर्द होना- यह बोन कैंसर का प्रमुख लक्षण है, जिसमें व्यक्ति की हड्डियों (पैर या जांघ) में दर्द होना शुरू हो जाता है।

    हो सकता है कि कुछ लोगों को यह जोड़ों का दर्द लगे, लेकिन कुछ समय के बाद यह काफी गंभीर रूप ले सकता है।

  2. हड्डियों में सूजन या गांठ का बनना- यदि किसी शख्स (पुरूष और महिला) की हड्डियों में सूजन या गांठ बन जाती है, तो उसे इसे नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए बल्कि इसकी जानकारी डॉक्टर को देनी चाहिए।

  3. हड्डियों का कमजोर होना- चूंकि, बोन कैंसर का संबंध हड्डियों से है, इसी कारण जब लोगों में बोन कैंसर की शुरूआत होती है, तो इसकी वजह से उनकी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।

  4. चलने-फिरने में तकलीफ होना- बोन कैंसर के बढ़ जाने पर इससे पीड़ित व्यक्ति को चलने-फरने में भी तकलीफ होने लगती है।

  5. वजन का कम होना- बोन कैंसर का अन्य लक्षण वजन का कम होना भी है।

    अत: किसी व्यक्ति को यह  समस्या नज़र आती है तो उसे इसकी जानकारी डॉक्टर को देनी चाहिए।

बोन कैंसर किन कारणों से होता है? (Causes of Bone Cancer-in Hindi)

हालांकि,अभी तक इस बात का पता नहीं चला है कि बोन कैंसर किन कारणों से होता है, लेकिन फिर भी डॉक्टरों और अध्ययनों के माध्यम से ऐसे कारणों का पता लगाने की कोशिश की है, जिनकी वजह से बोन कैंसर हो सकता है।

अत: बोन कैंसर निम्नलिखित कारणों से हो सकता है-

  • जैनेटिक कारण होना- ज्यादातर बीमारियां जैनेटिक कारण से भी हो सकती हैं, इनमें बोन कैंसर भी शामिल है।

    अत: किसी शख्स के परिवार में किसी दूसरे व्यक्ति को बोन कैंसर है, तो उसे अपनी हेल्थ का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

  • रेडियोथेरेपी के साइड इफेक्टस होना- बोन कैंसर की बीमारी उन लोगों को भी हो सकती है, जिन्होंने हाल ही में रेडियोथेरेपी कराई हो।

    इसी कारण इसे कराने वाले व्यक्ति को सावधानियां बरतनी चाहिए और सेहत संबंधी किसी भी तरह की समस्या होने पर उसकी सूचना अपने डॉक्टर को देनी चाहिए।

  • ली-फ्रामुनी सिंड्रोम से पीड़ित होना- बोन कैंसर होने का अन्य कारण ली-फ्रामुनी सिंड्रोम (Leigh Syndrome) भी है।

    ली-फ्रामुनी सिंड्रोम ऐसी बीमारी है, जो मुख्य रूप से छोटों बच्चों (0-1 साल के बच्चों) में देखने को  मिलता है। यदि इसका इलाज सही समय पर न किया जाए तो इसकी वजह से कुछ बच्चों की मौत इस बीमारी से भी हो सकती है।

  • पेजेट की बीमारी का होना- यदि कोई शख्स पेजेट नामक बीमारी से पीड़ित है, तो उसे बोन कैंसर होने की संभावना काफी अधिक होती है।

    इसे लोगों को अपनी हेल्थ का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि उसकी ज़िदगी खतरे में न पड़े।

  • कार्टिलेज में ट्यूमर का होना- बोन कैंसर के बहुत सारे मामले देखने को मिलते हैं, जिनमें इस कैंसर की शुरूआत कार्टिलेज में ट्यूमर के साथ होती है।

    अत: कार्टिलेज ट्यूमर से पीडित लोगों को अपना इलाज सही तरीके से करना चाहिए।

बोन कैंसर के इलाज कैसे करें? (How to treat Bone Cancer-in Hindi)

हो सकता है कि ज्यादातर लोगों को बोन कैंसर का इलाज के सही तरीके न पता हो और इसी कारण वे इससे निजात न पा पाएं।

लेकिन, यदि उन्हें  यह जानकारी हो कि वे इन 5 तरीकों से बोन कैंसर से छुटकारा पा सकते हैं, तो शायद उनकी ज़िदगी जी पातें-

  1. एक्सराइज़ करना- बोन कैंसर का इलाज करने का सबसे आसान तरीका एक्सराइज़ करना है।

    एक्सराइज़ हड्डियों को मजबूत करने और व्यक्ति को एक्टिव रहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

  2. दवाई लेना- एक्सराइज़ करने के अलावा बोन कैंसर का इलाज दवाई के द्वारा भी संभव है।

    ये दवाईयां बोन कैंसर को कम करने के साथ-साथ उसे शरीर के अन्य अंगों में फैलने से भी रोकती हैं।

  3. थेरेपी लेना- अक्सर, बोन कैंसर का इलाज करने के लिए डॉक्टर उसे थेरेपी लेने को भी कहते हैं।

    यह थेरेपी उसके शरीर में Healthy cells को बनने में मदद करती है, जिससे कि वह जल्दी से ठीक हो सकता है।

  4. रेडिएशन थेरेपी लेना- कई बार,बोन कैंसर का इलाज रेडिएशन थेरेपी के द्वारा भी किया जाता है।

    रेडिएशन थेरेपी में रेडिएशन किरणों (Radiation Rays) से कैंसर सेल्स को नष्ट किया जाता है।

  5. कीमोथेरेपी लेना- बोन कैंसर का सबसे सही इलाज कीमोथेरेपी करना है।

    कीमोथेरेपी से लोगों को कैंसर से छुटकारा दिलाने और उसे नई ज़िदगी देने की कोशिश की जाती है।

कीमोथेरेपी की कीमत कितनी है? (Cost of Chemotherapy-in Hindi)

जब बोन कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को किसी भी इलाज के तरीकों से आराम नहीं मिलता है, तब डॉक्टर उसे कीमोथेरेपी कराने की सलाह देते हैं। इस स्थिति में व्यक्ति के मन में सबसे पहला सवाल कीमोथेरेपी की कीमत को लेकर आता है। हो सकता है कि उसे कीमोथेरेपी मंहगी प्रक्रिया लगे और इसी कारण वह इसे न करा पाएं।

लेकिन, यदि उसे यह जानकारी हो कि यह काफी किफायदी प्रक्रिया है, जिसकी कीमत मात्र 20,00,000 से 22,00,000 रूपये है तो शायद वे भी बेहतर ज़िदगी जी पातें।

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बोन कैंसर की रोकथाम कैसे करें? (How to prevent Bone Cancer-in Hindi)

यदि बोन कैंसर के सटीक कारणों की जानकारी नहीं है तो इसका मतलब यह नहीं है कि इसकी रोकथाम न की जा सके। बोन कैंसर की रोकथाम साल में एक बार अस्पताल में अपने हेल्थचेकअप पर निर्भर करती है। इस तरह आप लोग आपकी डेली रूटीन पर होने वाले साइड इफेक्टस को काफी हद तक कम करके, बेहतर ज़िदगी जी सकते हैं।

बोन कैंसर से पीड़ित लोगों को निम्नलिखित चीजों का ध्यान रखना चाहिए ताकि वे जल्दी से ठीक हो सकें-

  • दूध पीना- ऐसा माना जाता है कि हड्डियों को मजबूत करने में  दूध काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    इसी कारण सभी लोगों को चाय या कॉफी की तुलना दूध पीना चाहिए ताकि उसे बोन कैंसर होने की संभावना न हो।

  • हरी सब्जियां खाना- दूध पीना के साथ-साथ लोगों को हरी सब्जिया भी खानी चाहिए।

    हरी सब्जियां उनके शरीर में Energy Level बढ़ाती है, जिसकी वजह से वह अपने काम को अच्छी तरह से कर सकता है।

  • शराब का सेवन न करना- शराब को किसी भी व्यक्ति के लिए अच्छा नहीं माना जाता है क्योंकि इसका असर उसकी सेहत बुरा पड़ता है।

    अत: सभी लोगों को शराब का सेवन नहीं करना चाहिए ताकि वे  Healthy रह सकें।

  • वजन को कंट्रोल करना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि बोन कैंसर का Symptoms वजन का कम होना भी है।

    इसी कारण, लोगों को अपने वजन को कंट्रोल करना चाहिए ताकि उसे किसी तरह की बीमारी न हो।

  • जॉगिंग करना- एक्सराइज़ करने के अलावा बोन कैंसर की रोकथाम जॉगिंग करके भी किया जा सकता है।

    जॉगिंग शरीर की मासपेशियों को मजबूत करने और व्यक्ति की Immunity Power को बढ़ाने में  सहायक साबित हो सकती है।

इन छोटे-छोटे कदमों को उठाकर हम खुद को सेहतमंद रख सकते हैं और खुशहाल ज़िदगी जी सकते हैं। चूंकि, ज्यादातर लोगों को बोन कैंसर की जानकारी नहीं होती है, इसी कारण वे इसका सही इलाज नहीं  करा पाते हैं।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़कर बोन कैंसर की जानकारी मिल गई होगी और अब आपके खुद और अपने साथ-साथ अपने प्रियजनों को सुरक्षित रख सकते हैं।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति किसी बीमारी और उसके संभावित इलाज के तरीकों  की अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह इसके लिए 08448398633 पर Call करके उसकी  मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है।

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