ब्लड कैंसर: लक्षण, कारण, उपचार, इत्यादि (Blood Cancer in Hindi)

ब्लड कैंसर (Blood Cancer) के मरीजों की संख्या काफी तेज़ी से बढ़ रही है क्योंकि जब उन्हें ब्लड कैंसर होता है, तो उन्हें यह पता ही नहीं चलता है कि उन्हें रक्त कैंसर है और जब उन्हें इसका पता चलता है तो काफी देर हो जाती है।

इंडिया टूडे पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 41 प्रतिशत लोग कैंसर रोगी हैं, जिनमें से  अधिकांश लोगों को ब्लड कैंसर है। ये आकंडे रक्त कैंसर की भयावह स्थिति को बयां करने के  लिए काफी है। इस पर आगे बात करने से पहले यह जान लेते हैं कि कैंसर क्या है क्योंकि लोगों में कैंसर को लेकर काफी सारी गलतफहमिया होती हैं और इसी कारण वे इसका सही इलाज नहीं करा पाते हैं। कैंसर से तात्पर्य ऐसी स्थिति से होती है,जब मानव-शरीर के किसी अंग जैसे ब्रेस्ट, फेफड़े, प्रोस्टेट इत्यादि में कोशिकाओं का विकास असामान्य तरीके से हो जाता है। इसी आधार पर कैंसर का नाम रखा जाता है उदाहरण के लिए ब्रेस्ट कैंसर,फेफड़ोंं का कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर इत्यादि शामिल हैं।

यदि आप भी ब्लड कैंसर की आवश्यक जानकारी से वंचित हैं तो आपको इस लेख को जरूर पढ़ना  चाहिए क्योंकि इसमें हमने इस कैंसर की पूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है।

क्या है ब्लड कैंसर? (What is Blood Cancer – in Hindi)

हमारे रक्त का निर्माण 3 तरह के सेल होता है, जिन्हें लाल रक्त सेल (Red Blood Cells),  प्लेटलेट्स और सफेद रक्त सेल (White Blood Cell) के नामों से जाना जाता है। आमतौर पर, ये सेल स्टेम सेल से आते  हैं, जिसका काम किसी भी तरह के लाल  सेल को बनाना और उसे विकसित करना है। जब स्टेम सेल इस काम को नहीं कर पाता है, तो उसे ब्लड कैंसर कहा जाता है।

ब्लड कैंसर कितने प्रकार के होते हैं? (Symptoms of Blood Cancer in Hindi)

ब्लड कैंसर मुख्य रूप से 3 प्रकार के होते हैं, जो निम्नलिखित हैं-

  1. ल्यूकेमिया- यह ब्लड कैंसर का प्रमुख प्रकार है, जिसमें सफेद रक्त सेल की मात्रा लाल रक्त सेल की तुलना में काफी ज्यादा हो जाती है।

    अक्सर, ऐसा देखा गया है कि कुछ लोगों में ल्यूकेमिया कैंसर की शुरूआत धीरे-धीरे होती है और कुछ समय के बाद यह काफी घातक रूप ले लेता है।

  2. ल्यूमफोमा- जब किसी व्यक्ति के शरीर में लिम्फोसाइट का विकास असामान्य तरीके से हो जाता है, तो उस स्थिति को ल्यूमफोमा कहा जाता है।

    हालांकि, इसका इलाज दवाईयों अथवा रेडिएशन थेरेपी के द्वारा संभव है, लेकिन यदि यह लंबे समय तक लाइलाज रह जाता है तो उस स्थिति में इसके लिए सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बचता है।

  3. माइलोमा- माइलोमा कैंसर से तात्पर्य ऐसे कैंसर से है, जिसमें प्लासमा सेल प्रभावित होता है और इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।

    इस कैंसर की वजह से हड्डियां कमजोर हो जाती है और उस स्थिति में डॉक्टर कैल्शियम की गोलियां देते हैं ताकि उसके शरीर में कैल्शियम की मात्रा बढ़ सके।

ब्लड कैंसर के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Blood Cancer in Hindi)

किसी भी अन्य बीमारी की तरह ब्लड कैंसर के भी कुछ लक्षण होते हैं, जो उसके होने का संकेत देते हैं।

यदि किसी व्यक्ति को निम्नलिखित लक्षण नज़र आए तो उसे  तुरंत अपने स्वास्थ की जांच करानी चाहिए-

  • खांसी या सीने में दर्द होना- यह ब्लड कैंसर का प्रमुख लक्षण है, जिसमें व्यक्ति को खांसी होती है। इसके अलावा शख्स को सीने में दर्द भी रहता है।

    ज्यादातर लोग इसके लिए सामान्य दवाईयों का सेवनन करते हैं, लेकिन उनके लिए ऐसा करना सही नहीं  है क्योंकि इससे स्थित काफी बदतर हो सकती है।

  • बुखार होना- अक्सर, ऐसा भी देखा गया है कि ब्लड कैंसर होने से पहले व्यक्ति को बुखार भी हो जाता है।

    चूंकि, लोग इसे सामान्य बुखार समझते हैं  इसी कारण वे इसके असली वजह का पता नहीं लगा पाते हैं और इसके परिणामस्वपरूप वे कैंसर रोगी बन जाते हैं।

  • त्वचा पर खुजली होना- कई बार ब्लड कैंसर से रोगियों को त्वचा पर खुजली भी होती है। आमतौर पर, लोग इसके लिए क्रीम का उपयोग करते  हैं और फिर उस पर ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन लोगों का ऐसा रवैया उनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

    अत: किसी भी व्यक्ति को यह समस्या होती है, तो उसे डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए और अपना सही इलाज कराना चाहिए।

  • भूख न लगना- ब्लड कैंसर का अन्य लक्षण भूख न लगना भी होता है।

    आमतौर पर, इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता है, लेकिन कई बार यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। अत: यदि किसी व्यक्ति को अचानक से भूख लगना बंद हो गई है तो उसे इसकी जांच तुरंत करानी चाहिए।

  • कमजोरी महसूस होना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि ब्लड कैंसर का असर शारीरिक क्षमता पर भी पड़ता है।

    इसी कारण इस कैंसर से पीड़ित लोगों को काफी कमजोरी महसूस होती है।

ब्लड कैंसर क्यों होता है? (Causes of Blood Cancer in Hindi)

विभिन्न लोगों को ब्लड कैंसर अलग-अलग कारणों से हो सकता है,अत: यदि लोगों को इन कारणों की जानकारी हो तो वे समय रहते इसकी रोकथाम कर सकते हैं।

किसी भी व्यक्ति को ब्लड कैंसर मुख्य रूप से इन 5 कारणों से हो सकता है-

  1. रोग-प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना- ब्लड कैंसर की बीमारी ऐसे लोगों  में होनी की संभावना अधिक रहती है, जिनकी रोग-प्रतिरोधक (Immunity power) कम होती है।

    हालांकि, इस समस्या को कुछ सामान्य दवाईयों का सेवन करके ठीक किया जा सकता है,  लेकिन फिर भी किसी भी कदम को उठाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

  2. किसी तरह के संक्रमण का होना- कई बार, ब्लड कैंसर किसी तरह के संक्रमण का परिणाम भी हो सकता है।

    यदि कोई शख्स ऐसे किसी संक्रमण से पीड़ित है तो उसे इसका इलाज तुरंत  कराना चाहिए ताकि उसे कोई गंभीर बीमारी न हो।

  3. रेडिएशन थेरेपी का दुष्प्रभाव का पड़ना- अक्सर, कैंसर का इलाज करने के लिए रेडिएशन थेरेपी को किया जाता है, लेकिन कई बार यह थेरेपी असफल साबित हो जाती है।

    इसकी वजह से कई गंभीर बीमारियां भी हो सकती है, जिनमें ब्लड कैंसर भी शामिल हैं।

  4. आनुंविशिकी कारण का होना- बहुत सारी बीमारियां आनुंविशिकी की वजह से होती है। इनमें ब्लड कैंसर भी शामिल है। इसी कारण जब कोई व्यक्ति तबियत खराब होने पर डॉक्टर के पास जाते हैं तो उस समय डॉक्टर इस बात की जांच करते हैं  कि उस व्यक्ति के परिवार किसी और सदस्यों को तो ब्लड कैंसर नहीं है।

  5. धूम्रपान करना- ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति नशीले पदार्थों का सेवन या धूम्रपान करते हैं, उसमे कई गंभीर बिमारियां होने की संभावना काफी अधिक रहती है।

    यह बात ब्लड कैंसर पर भी लागू होती है और इसी कारण सभी लोगों को ऐसी चीजों से दूर रहना चाहिए।

ब्लड कैंसर का इलाज कैसे किया जा सकता है? (How blood cancer is treated)

यह सवाल हर उस व्यक्ति के लिए मायने रखता है, जो ब्लड कैंसर से ग्रस्त होता है। चूंकि,उसे इस दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसी कारण वह हमेशा ऐसे तरीकों की तलाश में रहता है जिनके द्वारा वह इस बीमारी से निजात पा सके। हो सकता है कि ज्यादातर लोगों  को ब्लड कैंसर एक लाइलाज बीमारी लगे और इसी कारण वे इसका सही इलाज न करा पाए, लेकिन यदि उन्हें पता हो कि वे उपचार के निम्नलिखित तरीकों के द्वारा ब्लड कैंसर का इलाज करा सकते हैं, तो शायद वे भी बेहतर ज़िदगी जी पाए-

  • दवाई लेना- यह ब्लड कैंसर का इलाज करने का सबसे आराम करने का तरीका है। डॉक्टर ब्लड कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को कुछ दवाईयां देते हैं।

    ये दवाईयां कैंसरयुक्त को विकसित होने से रोकती हैं ताकि भविष्य में ब्लड कैंसर का इलाज आसानी से किया जा सके।

  • रेडिएशन थेरेपी कराना- हालांकि, रेडिएशन थेरेपी कई बार असफल  हो जाती है, लेकिन फिर भी इसका उपयोग डॉक्टर द्वारा किया जाता है क्योंकि यह एक प्रभावी प्रक्रिया है,  जिसका द्वारा ब्लड कैंसर का इलाज बेहतर तरीके से किया जा सकता है।

  • कीमोथेरेपी कराना- अक्सर, डॉक्टर ब्लड कैंसर का इलाज करने के लिए कीमोथेरेपी का भी इस्तेमाल करते हैं।

    कीमोथेरेपी सर्जरी में कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है ताकि यह शरीर के अन्य अंगों  में न फैले तो इससे पीड़ित शख्स बेहतर ज़िदगी जी सके।

  • मॉनिटरिंग करना- कई बार,ब्लड कैंसर का इलाज करने के लिए मॉनिटरिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाता है।

    इस प्रक्रिया में शरीर के अंदरूनी हिस्सा की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाती है और फिर उसके अनुसार ब्लड कैंसर का इलाज किया जाता है।

  • कैंसर सर्जरी कराना- जब ब्लड कैंसर का इलाज किसी और अन्य तरीकों से नहीं होता है, तो डॉक्टर कैंसर सर्जरी करने की सलाह देते हैं।

    कैंसर सर्जरी ब्लड कैंसर का इलाज करने का सर्वोत्तम तरीका है, जिससे कई सारी लोगों की ज़िदगी खुशियों से भर गई है।

कैंसर सर्जरी की लागत कितनी है? (Cost of Cancer Surgery in Hindi)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि ब्लड कैंसर का इलाज कैंसर सर्जरी के द्वारा बेहतर तरीके से  किया जाता है। ऐसे में जब कोई डॉक्टर किसी व्यक्ति को कैंसर सर्जरी कराने की सलाह देते हैं, तो उस स्थिति में उसके मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि कैंसर सर्जरी की लागत कितनी होती है। इस सवाल उसके लिए काफी मायने रखता है क्योंकि इसका सीधा संबंध उसकी आर्थिकता स्थिरता पर पड़ता है। हो सकता है कि कुछ लोगों को कैंसर सर्जरी एक मंहगी प्रक्रिया लगे और इसी कारण वे इसे कराने से  हिचकते हैं, लेकिन यदि उन्हें यह पता हो कि यह काफी किफायती प्रक्रिया है, जिसका लागत मात्र 5 से 6 लाख होती है, तो शायद वे भी इसका लाभ उठा पातें।

ब्लड कैंसर के जोखिम क्या हो सकते हैं? (Complications of Blood Cancer in Hindi)

ऐसा माना जाता है कि किसी भी व्यक्ति को किसी भी समस्या को छोटा नहीं समझना चाहिए और उसका इलाज सही समय पर कराना चाहिए क्योंकि अगर वह काफी समय तक लाइलाज रह जाए तो वह घातक रूप ले सकती है और फिर यह किसी भी व्यक्ति के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

यह बात ब्लड कैंसर पर भी लागू होती है, अक्सर ऐसा देखा गया है कि इस कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को  इसके लक्षणों का पता नहीं चलता है और इसी कारण वह इसका सही तरीके से नहीं करा पाता है और फिर उन्हें इन 5 जोखिमों का सामना करना पड़ता है-

  1. हाथ पैरों में सूजन का होना-  यह ब्लड कैंसर का प्रमुख जोखिम है, जिसमें व्यक्ति के हाथ-पैरों में सूजन हो जाती है।

    ऐसा मुख्य रूप से रक्त प्रवाह का हाथ पैरों तक नहीं पहुंचता है। हालांकि, इस सूजन को हाथ-पैरोंं की सकाई करके कम किया जा सकता  है।

  2. रोग-प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि ब्लड कैंसर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होने की वजह से होती है।

    इसी कारण यदि इसका इलाज काफी समय तक न हो तो यह समस्या काफी बढ़ सकती है।

  3. कमजोरी महसूस होना- चूंकि, ब्लड कैंसर का असर रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है और इसकी वजह से व्यक्ति को कमजोरी महसूस होती है।

  4. बेडिड्रिन होना- जब ब्लड कैंसर अपने अंतिम और चौथे चरण पर पहुंच जाता है, तो उसका शारीरिक संरचना पर पड़ता है और व्यक्ति बेडिड्रिन हो जाता है।

    बेडिड्रिन से तात्पर्य ऐसी स्थिति से है, जब कोई व्यक्ति पूरी तरह से बिस्तर पर आ जाता है  और उसे छोटी-छोटी चीजों को करने के लिए दूसरे लोगों की सहायता की जरूरत पड़ती है।

  5. मौत होना- यह ब्लड कैंसर का अंतिम जोखिम है, जिसमें व्यक्ति की मौत हो जाती है। हालांकि, ऐसा काफी कम मामलों में होता है, लेकिन फिर भी लोगों को इसके लिए नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए।

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि विश्वभर में कई सारे लोगों की मौत ब्लड कैंसर (Blood Cancer) की वजह से हो जाती है। ऐसा मुख्य रूप से लोगों में ब्लड कैंसर की पर्याप्त जानकारी न होने के कारण होता है। हालांकि, विश्व स्वास्थ संगठन से अपनी तरफ से लोगों में रक्त कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कई सारे प्रयास किए हैं। इसका सशक्त उदाहरण हर साल 28 मई को विश्व रक्त कैंसर दिवस (World Blood Cancer) के रूप में मनाना है ताकि लोगों को इस कैंसर के बारे में पूर्ण जानकारी देना है, ताकि वे इसके प्रति सर्तक रह सकें और यदि कभी उन्हें यह कैंसर हो जाता है, तो वह इसका इलाज सही तरीके से करा सकें।
लेकिन, इसके बावजूद यह दुर्भाग्यपूर्ण है लोगों में इस कैंसर के बारे में अब भी पूरी जानकारी नहीं है और इसी कारण इसके मरीजों की संख्या दिन-प्रति-दिन बढ़ती जा रही है।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि इसमें हमने ब्लड कैंसर की पूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि  आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति किसी बीमारी और उसके उपचार  के संभावित तरीकों की अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह इसके लिए +91-8448398633 पर Call करके उसकी मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है।

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