कैसे की जाती है बायोप्सी सर्जरी? (Biopsy Surgery in Hindi)

बायोप्सी सर्जरी (Biopsy Surgery) वर्तमान समय में काफी प्रसिद्ध हो रही है क्योंकि इसके द्वारा बहुत सारी बीमारियों जैसे कैंसर, ब्रेस्ट की गांठ इत्यादि का इलाज किया जाता है। इस प्रकार, यह सर्जरी  काफी लाभकारी लगती है, लेकिन इसके बावजूद यह काफी चौंकाने वाली बात है कि कुछ लोगों को बायोप्सी सर्जरी की पूर्ण जानकारी नहीं है और इसी कारण जब कोई डॉक्टर उन्हें बायोप्सी सर्जरी कराने की सलाह देते हैं, तो वे इसे कराने से हिचकते हैं। अत: यदि उन्हें इस सर्जरी की आवश्यक जानकारी होती तो शायद वे भी  इसका लाभ उठा पातें।

क्या आप भी बायोप्सी सर्जरी की पूर्ण जानकारी से वंचित हैं तो आपको इस लेख को पूरा पढ़ना चाहिए क्योंकि हमने इसमें इस सर्जरी से संबंधित आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

क्या है बायोप्सी सर्जरी? (What is Biopsy Surgery? – in Hindi)

बायोप्सी से तात्पर्य ऐसी प्रक्रिया से है जिसमें मानव-शरीर के किसी टिशू को निकालकर उसकी जांच प्रयोगशाला में की जाती है। इस सर्जरी को मुख्य रूप से उस स्थिति में किया जाता है, जब किसी व्यक्ति में कैंसर या किसी गंभीर बीमारी के लक्षण नज़र आते हैं। बायोप्सी सर्जरी के द्वारा डॉक्टर गंभीर बीमारी की संभावना को कम करते हैं और शख्स को बेहतर ज़िदगी देने की कोशिश करते हैं।

बायोप्सी सर्जरी के कितने प्रकार हैं? (Types of Biopsy Surgery in Hindi)

आमतौर पर, बायोप्सी सर्जरी के 5 प्रकार होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  1. बोन मैरो बायोप्सी- यह बायोप्सी सर्जरी का प्रमुख प्रकार है, जिसे मानव-शरीर की किसी हड्डी में किया जाता है।

    जब किसी डॉक्टर को ऐसा लगता है कि किसी व्यक्ति के खून में कोई समस्या है, जो उसकी हड्डियों में फैल सकती है, तो उस स्थिति में वे बोन मैरो बायोप्सी को कराने की सलाह देते हैं।

  2. एंडोस्कोपी सर्जरी- बायोप्सी का अन्य प्रकार एंडोस्कोपी सर्जरी है, जिसे तब किया जाता है कि जब मानव-शरीर में किसी टिशू की स्थिति का पता लगाना होता है।

    चूंकि, इस प्रक्रिया में एंडोस्कोप नामक उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए इसे एंडोस्कोपी सर्जरी के नाम जाना जाता है।

  3. नीडल बायोप्सिस- इस प्रक्रिया को मुख्य रूप से त्वचा के टिशू को इकट्ठा करने के लिए किया जाता है।

    नीडल बायोप्सिस स्तन की गांठ का पता लगाने का सबसे कारगर तरीका है और इसके आधार पर महिला को इस समस्या से निजात दिलाने का प्रयास किया जाता है।

  4. स्किन बायोप्सी- जब किसी व्यक्ति की त्वचा पर लाल दब्बे या खुजली की समस्या होती है, जिसे त्वचा कैंसर का कारण बन सकती है, तो उस स्थिति में डॉक्टर उसे स्किन बायोप्सी कराने की सलाह देते हैं।

    स्किन बायोप्सी को एनेस्थीसिया के द्वारा या फिर त्वचा के उस हिस्से को शेव करके भी किया जा सकता है, इस प्रकार स्किन बायोप्सी इसे कराने वाले व्यक्ति के लिए सरल प्रक्रिया साबित होती है।

  5. सर्जिकल बायोप्सी- जब किसी शख्स को बायोप्सी के किसी भी तरीके से आराम नहीं मिलता है, तब डॉक्टर सर्जिकल बायोप्सी को अपनाते हैं।

    सर्जिकल बायोप्सी इस रूप में विशेष है, जिसका इस्तेमाल टिशू को असामान्य हिस्से को निकालने के लिए भी किया जा सकता है।

बायोप्सी सर्जरी को किन स्थितियों में किया जाता है? (Indications of Biopsy Surgery in Hindi)

हालांकि, बायोप्सी सर्जरी एक लाभकारी प्रक्रिया है, लेकिन इसके बावजूद डॉक्टर सभी लोगों को इसे कराने की सलाह नहीं देते हैं बल्कि वे केवल उन्हीं लोगों को इस सर्जरी की सलाह देते हैं, जो इन 5 समस्याओं से पीड़ित होते हैं-

  1. कैंसर का पता लगाना- बायोप्सी सर्जरी को मुख्य रूप से कैंसर का पता लगाने के लिए किया जाता है।

    आमतौर पर, कैंसर को लाइलाज बीमारी समझा जाता है और इसके साथ में ऐसा माना जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को एक बार कैंसर हो जाता है, तो फिर ठीक होना असंभव है। लेकिन, यदि कैंसर का पता समय रहते लग जाए तो फिर किसी भी व्यक्ति को बचाया जा सकता है। इसी प्रकार बायोप्सी सर्जरी कैंसर का पता लगाने और व्यक्ति को नई ज़िदगी देने में कारगर साबित होती है।

  2. किडनी या लिवर की सूजन को कम करना- बायोप्सी सर्जरी को शख्स की किडनी या लिवर की सूजन को कम करने के लिए भी किया जाता है।

    इस तरह बायोप्सी सर्जरी किडनी प्रत्यारोपण या लिवर ट्रांसप्लांट की संभावाओं को कम करने में सहायक साबित होती है।

  3. किसी तरह के संक्रमण को कम करना- वर्तमान समय में काफी सारी बीमारियां संक्रमण की वजह से भी हो जाती है।

    हालांकि, इन बीमारियों का इलाज संभव है, लेकिन यदि यह लंबे समय तक लाइलाज रह जाए तो फिर यह गंभीर रूप ले सकती हैं। लेकिन, बायोप्सी सर्जरी की सहायता से संक्रमण से संबंधित किसी भी बीमारी का इलाज आसानी से किया जा सकता है।

  4. त्वचा संबंधी बीमारी का इलाज करना- अक्सर, बायोप्सी सर्जरी को त्वचा संबंधी बीमारी का इलाज करने के लिए भी किया जाता है।

    इसी कारण यदि किसी व्यक्ति किसी तरह की स्किन बीमारी से पीड़ित है, तो वह उसके लिए बायोप्सी सर्जरी को करा सकता है।

  5. शरीर में किसी तरह की गांठ का पता लगाना- बायोप्सी सर्जरी उन महिलाओं के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होती है, जो स्तन में गांठ से पीड़ित होती हैं क्योंकि इस सर्जरी के द्वारा वे इस समस्या का पता समय रहते लगा सकते हैं और इसका सही इलाज करा सकते हैं।

बायोप्सी सर्जरी को कैसे किया जाता है? (Procedure of Biopsy Surgery in Hindi)

बायोप्सी सर्जरी काफी लाभकारी प्रक्रिया होतती है, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण स्टेप शामिल होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  • स्टेप 1: शारीरिक जांच करना- बायोप्सी सर्जरी की शुरूआत व्यक्ति की शारिरीक जांच के साथ होती है।

    इस टेस्ट के द्वारा डॉक्टर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वह पूरी तरह से सेहतमंद हैं।

  • स्टेप 2: इमेजिंग टेस्ट करना- शख्स की शारीरिक जांच करने के बाद उसका इमेजिंग टेस्ट किया जाता है।

    इस टेस्ट के द्वारा उसके शरीर की आंतरिक स्थिति का पता लगाया जाता है।

  • स्टेप 3: कट लगाना – इमेजिंग टेस्ट के बाद व्यक्ति के शरीर में छोटे से कट को लगाया जाता है।

    इस कट के साथ ही बायोप्सी सर्जरी की वास्तविक प्रक्रिया शुरू होती है।

  • स्टेप 4: सुई डालना- व्यक्ति के शरीर में कट को लगाने के बाद उस कट में विशिष्ट सुई को डाला जाता है।

    इस सुई के माध्यम से मानव-शरीर के आंतरिक तस्वीर ली जाती है और इसके अनुसार इस प्रक्रिया को किया जाता है।

  • स्टेप 5: टिशू को निकालना- व्यक्ति के शरीर में कट को बनाने के बाद सुई के माध्यम से शरीर के खराब टिशू को बाहर निकाला जाता है।

  • स्टेप 6: कट को बंद करना- शरीर के टिशू को निकालने के बाद कट को बंद कर दिया जाता है और उस जगह पर टांके लगाए जाते हैं।

    टांके लगाने के साथ ही बायोप्सी सर्जरी समाप्त हो जाती है और व्यक्ति को सुधार कक्ष में ले जाया जाता है।

बायोप्सी सर्जरी की लागत कितनी है? (Cost of Biopsy Surgery in Hindi)

जब कोई डॉक्टर किसी व्यक्ति को बायोप्सी सर्जरी कराने की सलाह देते हैं, तो उसके मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि बायोप्सी सर्जरी की लागत कितनी है। उस शख्स के लिए बायोप्सी सर्जरी की लागत का पता लगाना काफी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसका संबंध उसकी आर्थिक स्थिरता से होता है। हो सकता है कि कुछ लोगों को बायोप्सी सर्जरी महंगी प्रक्रिया लगे और इसी कारण वे  इसे कराने से हिचकते हो, लेकिन यदि उन्हें यह पता होता कि यह किफायदी प्रक्रिया है जिसकी लागत मात्र 52 हजार होती है, तो शायद वे भी बायोप्सी सर्जरी का लाभ उठा पातें।

बायोप्सी सर्जरी के जोखिम क्या हो सकते हैं? (Side-Effects of Biopsy Surgery in Hindi)

निश्चित रूप, से बायोप्सी सर्जरी के द्वारा कई सारे लोगों को आराम मिला है और वे बेहतर ज़िदगी जी रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद किसी भी अन्य प्रक्रिया की तरह बायोप्सी सर्जरी के भी कुछ जोखिम होते हैं, जिसकी जानकारी सभी लोगों को होनी चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति को उसके डॉक्टर ने बायोप्सी सर्जरी कराने की सलाह कराई है, जो उसे बायोप्सी सर्जरी को कराते समय निम्नलिखित जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है-

  • अधिक मात्रा में रक्तस्राव का होना- हालांकि, बायोप्सी सर्जरी के दौरान थोड़ा बहुत रक्तस्राव (Bleeding) होता है, लेकिन, अक्सर ऐसा देखा गया है कि कुछ लोगों में रक्तस्राव काफी अधिक हो जाता है।

    यदि इस स्थिति को समय रही नियंत्रित न किया जाए तो इसकी वजह से व्यक्ति के शरीर में खून की कमी हो सकती है।

  • संक्रमण का होना- कई बार बायोप्सी सर्जरी के बाद इसे कराने वाले व्यक्ति को सर्जरी वाली जगह पर संक्रमण हो सकता।

    हालांकि, इस समस्या को एंटीबायोटिक दवाईयों के सेवन के द्वारा ठीक किया जा सकता है।

  • सर्जरी वाली जगह के आस-पास अंग का खराब होना- हो सकता है कि बायोप्सी सर्जरी के बाद सर्जरी वाली जगह के आस-पास अंग खराब हो सकते हैं।क्या है बायोप्सी सर्जरी

    हालांकि, इस स्थिति में अन्य मेडिकल प्रक्रिया की आवश्यकता पड़ सकती है।

  • बायोप्सी सर्जरी वाली जगह की आस-पास वाली त्वचा का सुन्न होना- अक्सर, ऐसा देखा गया है कि बायोप्सी सर्जरी को कराने के बाद शरीर के कुछ हिस्से सुन्न पड़ जाते हैं।

    यदि किसी व्यक्ति को यह समस्या होती है, तो उसे इसकी सूचना अपने डॉक्टर को देनी चाहिए और इसका इलाज शुरू कराना चाहिए।

  • असहनीय दर्द होना- निश्चित रूप से बायोप्सी सर्जरी दर्द-रहित प्रक्रिया है, लेकिन, कुछ लोगों को बायोप्सी सर्जरी को कराने के बाद असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है।

    हालांकि, इस समस्या को दर्द-निवारक दवाईयों का सेवन करके कम ठीक किया जा सकता है, लेकिन, फिर भी किसी भी व्यक्ति को किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

बायोप्सी सर्जरी के लाभ क्या हैं? (Benfits of Biopsy Surgery in Hindi)

हालांकि, बायोप्सी सर्जरी के कई सारे जोखिम होते हैं और इसके साथ में इसे कराने वाले व्यक्ति को काफी परेशानी भी होती है।

लेकिन, राहत की बात यह है कि बायोप्सी सर्जरी काफी लाभकारी प्रक्रिया है, जिसके मुख्य रूप से ये 5 लाभ होते हैं-

  1. किसी तरह का दर्द न होना- यह बायोप्सी सर्जरी का प्रमुख लाभ है, जिसमें इसे कराने वाले शख्स को किसी तरह का दर्द नहीं होता है।

    इसी कारण अधिकांश लोग बायोप्सी सर्जरी को कराना पसंद करते हैं ताकि वे बिना किसी तकलीफ के इस सर्जरी को करा सकें।

  2. गंभीर समस्या का पता लगाना- बायोप्सी सर्जरी कराने का अन्य लाभ यह है कि इसके माध्यम से कैंसर जैसी किसी भी गंभीर समस्या का पता लगाया जा सकता है।

    इस प्रकार, बायोप्सी सर्जरी के माध्यम से डॉक्टर समय रहते उस बीमारी का इलाज करा सकते हैं और लोगों को नई ज़िदगी दे सकते हैं।

  3. कैंसर की संभावना को कम करना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि बायोप्सी सर्जरी के द्वारा कैंसर का पता लगाया जाता है।

    इस प्रकार, बायोप्सी सर्जरी कैंसर की संभावना को कम करने में भी सहायक साबित होती है।

  4. व्यक्ति को नई ज़िदगी देना- ऐसा माना जाता है कि ज़िदगी अनमोल होती है, इसी कारण सभी लोगों को ज़िदगी सबसे प्यारी होती है।

    वे किसी भी कीमत पर इसे गवाना नहीं चाहते हैं, लेकिन जब किसी व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी हो जाती है, तो इसका सीधा असर उसकी ज़िदगी पर पड़ता है। लेकिन, बायोप्सी सर्जरी इस स्थिति को बदल सकती है और व्यक्ति को नई ज़िदगी देती है।

  5. जल्दी ठीक होना- बायोप्सी सर्जरी का अन्य लाभ यह है कि बायोप्सी सर्जरी के बाद व्यक्ति की सेहत में काफी तेज़ सुधार होता है और वह काफी कम समय में पहले जैसा सेहतमंद हो जाता है।

बायोप्सी सर्जरी के बाद कौन-सी सावधानियां बरतें? (Precautions of Biopsy Surgery in Hindi)

बायोप्सी सर्जरी की प्रक्रिया के दौरान काफी सारे उतार-चढ़ाव आते हैं, जो किसी भी शख्स को भयभीत कर सकते हैं, लेकिन, इन सब के बावजूद अच्छी बात यह है कि यदि कोई शख्स कुछ सावधानियां बरते तो वह बायोप्सी सर्जरी के जोखिमों को कम कर सकता है।

यदि किसी व्यक्ति ने हाल ही में बायोप्सी सर्जरी को कराया है तो उसे निम्नलिखित सावधानियों को बरतना चाहिए-

  • दर्द-निवारक दवाई का सेवन करना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि बायोप्सी सर्जरी के बाद कुछ लोगों को असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता है।

    लेकिन, राहत की बात यह है कि वे दर्द निवारक दवाईयों का सेवन करके इस दर्द से निजात पा सकते हैं।

  • टांकों को साफ रखना- बायोप्सी सर्जरी के द्वारा शख्स के शरीर में टांकों को लगाया जाता है, जिन्हें ठीक होने में थोड़ा समय लग सकता है।

    अत: बायोप्सी सर्जरी कराने वाले व्यक्ति को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह टांकों का विशेष ध्यान रखे और जब तक यह ठीक नहीं हो जाते हैं तब तक उन्हें साफ रखें ताकि उसे किसी तरह का संक्रमण न हो।

  • भारी-भरकम चीज़ों को न उठाना- चूंकि, बायोप्सी सर्जरी के बाद का समय काफी संवेदनशील होता है, जिसमें संक्रमण होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

    इसी कारण बायोप्सी सर्जरी को कराने वाले शख्स को अपने स्वास्थ का विशेष ध्यान रखना चाहिए और भारी-भरकम चीज़ों को नहीं उठाना चाहिए क्योंकि इसका असर उसकी शारीरिक क्षमता पर भी पड़ सकता है।

  • व्यायाम करना- ऐसा माना जाता है कि सभी लोगों के लिए नियमति रूप से व्यायाम करना काफी फायदेमंद होता है क्योंकि यह न सिर्फ व्यक्ति को सेहतमंद रखना है इसके साथ में यदि कोई शख्स बीमार होता है, तो वह उसे जल्दी से ठीक होने में भी सहायता करता है।

    इसी कारण यदि किसी शख्स ने हाल ही में बायोप्सी सर्जरी को कराया है, तो उसे नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए ताकि वह जल्दी से ठीक हो सके। लेकिन, उसे इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि वह किसी भी व्यायाम को डॉक्टर की सलाह के बिना न करे क्योंकि ऐसा करना उसके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

  • डॉक्टर के संपर्क में रहना- यह सबसे महत्वपूर्ण चीज है कि जिसका ख्याल हर उस शख्स को रखना चाहिए, जिसने हाल ही में बायोप्सी सर्जरी को कराया है।

    उसे तब तक डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए जब तक वे उसे पूरी तरह सेहतमंद घोषित न कर दें।

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि वर्तमान समय में काफी सारी बीमारियां फैल रही हैं, जिनकी वजह से ज्यादातर लोगों की मौत भी हो जाती है। लेकिन, राहत की बात है कि इलाज के ऐसे बहुत सारे तरीके मौजूद हैं, जिनके द्वारा व्यक्ति को बचाना संभव है। इनमें बायोप्सी सर्जरी भी शामिल है, जो कैंसर जैसी घातक बीमारी की संभावना को भी कम कर सकती है।

इस प्रकार हमें उम्मीद है कि इस लेख में दी गई जानकारी ऐसे लोगों के लिए उपयोगी साबित होगी, जो  किसी तरह की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।

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