जल्दी घटाना है वजन ! तो कराएं, बेरियाट्रिक सर्जरी( Bariatric Surgery Hindi )

रमेश के मित्र सुरेश को खाने-पीने का बहुत शौक है। वह घर के खाने के साथ-साथ बाहर का खाने को भी बड़े चाव से खाता है।


सुरेश को इस बात का गर्व है कि अगर किसी व्यक्ति को खाने की अच्छी जगह का पता करना होता है, तो वह सीधे उससे संपर्क करता है।

लेकिन, दिन-ब-दिन सुरेश को स्वास्थ से संबंधी कई समस्याएं जैसे मोटापा, शुगर, रक्तचाप (बी.पी) इत्यादि हो गई, इसके इलाज कराने के लिए उसने कई सारे उपायों जैसे व्यायाम करना, योगा करना, दवाईयां लेना इत्यादि को अपनाया, लेकिन जब उसे इनसे कोई लाभ नहीं पहुंचा तब वह सर्जन के पास गया। सर्जन ने उसकी स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उसे बेरियाट्रिक सर्जरी कराने की सलाह दी।

जब लोगों ने उसे इस सर्जरी के बाद देखा तो सब बहुत भौंचका रह गए क्योंकि उसका वजन इस सर्जरी से काफी कम हो गया था और वह बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद काफी आकर्षक दिखाई देने लग गया था।

इस अवसर पर सभी लोगों का सुरेश से सिर्फ यही प्रश्न था कि यह चमत्कार कैसे हुआ? तो सुरेश ने उन्हें बताया कि ऐसा केवल बेरियाट्रिक सर्जरी के द्वारा ही संभव हो पाया है। फिर लोगों ने उससे पूछा कि यह बेरियाट्रिक सर्जरी क्या है? अगर आप भी यह जानना चाहते हैं तो बेरियाट्रिक सर्जरी क्या है तो फिर इस लेख को ज़रूर पढ़े।

 

बेरियाट्रिक सर्जरी क्या होती है? (Bariatric Surgery in Hindi)

 

 

आज कल बहुत सारे लोग मोटापे की समस्या से परेशान हैं। हालांकि, वे इसे कम करने के लिए बहुत सारे उपायों जैसे डायटिंग, जिम जॉइन करना, योगा करना इत्यादि को अपनाते हैं, लेकिन फिर भी उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं होता है क्योंकि वे इसे पूर्ण रूप से अपना नहीं पाते हैं और इस समस्या से परेशान रहते हैं।

इस स्थिति में उनकी समस्या का समाधान केवल बेरियाट्रिक सर्जरी से ही किया जा सकता है।
बेरियाट्रिक सर्जरी ऐसी सर्जरी होती है, जिसे मोटापे को कम करने के लिए किया जाता है। इस सर्जरी में पेट के 80 प्रतिशत हिस्से को अलग किया जाता है।यह वजन कम करने की सर्जरी है, जिसमें पेट की चर्बी का ऑपरेशन किया जाता है।


 

बेरियाट्रिक सर्जरी के कितने प्रकार होते हैं? (Types of Bariatric Surgery in Hindi)



बेरियाट्रिक सर्जरी मुख्य से तीन प्रकार की होती हैं, ये कुछ इस प्रकार हैं।

1. गैस्ट्रिक स्लीव सर्जरी: गैस्ट्रिक स्लीव सर्जरी ऐसी सर्जरी होती है, जिसे उस व्यक्ति पर किया जाता है, जो अत्याधिक मोटापे की समस्या से पीड़ित होता है।

गैस्ट्रिक स्लीव सर्जरी में लैपरोस्कोपी उपकरण का उपयोग किया जाता है और उसकी सहायता से पेट के आकार को कम किया जाता है।

 

 

2. गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी: गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी का तात्पर्य वजन कम करने की सर्जरी से है, जिसमें पेट के ऊपरी हिस्से को बांध दिया जाता है और निचले हिस्से को छोटी आंत से जोड़ दिया जाता है, ताकि भोजन सीधा छोटी आंत में पहुंच जाए।

गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी से व्यक्ति को भूख लगती है।

 

3. एडजस्टेबल गैस्ट्रिक बैंड (लैप बैंड): एडजस्टेबल गैस्टिक बैंड (लैप बैंड) सर्जरी में पेट के ऊपरी हिस्से पर अलास्टिक बैंड लगाया जाता है और उसकी सहायता से पेट पर मौजूद एक्सट्रा फैट को निकाला जाता है।
 

 

4. ड्यूडेनल स्विच सर्जरी: ड्यूडेनल स्विच सर्जरी  ऐसी वेट लॉस सर्जरी है, जिसमें ड्यूडेनम को छोटी आंत से जोड़ा जाता है, जिससे भोजन सीधे छोटी आंत पर पहुंचता है।

 

बेरियाट्रिक सर्जरी किन व्यक्तियों को कराने की सलाह दी जाती है? (Indications of Bariatric Surgery in Hindi)

 

मोटापा सर्जरी को कराने की सलाह ऐसे व्यक्तियों को दी जाती है, जिनमें निम्नलिखित चीज़े होती हैं-

  • असमान्य BMI का होना: जब कोई व्यक्ति अपने मोटापे की समस्या को लेकर किसी सर्जन के पास जाता है तो सर्जन सबसे पहले उसके BMI की जांच करते हैं। इस जांच में अगर उसका BMI 35-40 के बीच आता है, तभी सर्जन उसे मोटापा सर्जरी कराने की सलाह देते हैं।
     

  • अन्य बीमारियों का होना: अगर किसी व्यक्ति को कुछ बीमारियां जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचारप, मेटाबॉलिक सिंड्रोम, दिल की बीमारी इत्यादि होती हैं, तो उस स्थिति में सर्जन उसे मोटापा सर्जरी कराने की सलाह दे सकते हैं।

     

  • वजन कम करने के तमाम तरीकों का असफल होना: मोटापे से परेशान व्यक्ति इसे कम करने के लिए हर संभव कोशिश करता है और इसके लिए सभी तरीकों जैसे व्यायाम, योगा, डाइटिंग इत्यादि को अपनाता है, लेकिन जब उसे इन सभी तरीकों से कोई लाभ नहीं पहुंचता है, तो उसे सर्जरी कराने की आवश्यकता पड़ती है।

    इस स्थिति में सर्जन उसे मोटापा सर्जरी कराने की सलाह देते हैं।

 


 

बेरियाट्रिक सर्जरी से पहले कौन- कौन से कार्य किए जाते हैं? (Pre- Procedure of Bariatric Surgery in Hindi)


 

हालांकि, बेरियाट्रिक सर्जरी मोटापे की समस्या का समाधान करने का सबसे करागर तरीका है, लेकिन यह बात जरूरी नहीं है कि यह सर्जरी सभी तरह के अधिक वजन वाले लोगों के लिए उपयोगी साबित हो।

अत: इस सर्जरी को करने से पहले सर्जन व्यक्ति के स्वास्थ की अच्छी तरह से जांच करते हैं, इसके लिए वे कुछ टेस्ट भी करते हैं ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि इस व्यक्ति के लिए बेरियाट्रिक सर्जरी उपयुक्त है या नहीं।

 

इस मोटापा सर्जरी के द्वारा पेट की चर्बी का ऑपरेशन करने से पहले निम्नलिखित कार्यों को किया जाता है-

पूर्ण रूप से स्वस्थ होना (मेडिकल फिट होना)-
किसी भी व्यक्ति पर इस सर्जरी को करने से पहले सर्जन इस बात को सुनिश्चित करते हैं कि उस व्यक्ति पर इस सर्जरी का कोई तो दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके लिए वे उस व्यक्ति की चिकित्सा इतिहास (मेडिकल हिस्ट्री) की जांच करते हैं।

रक्त की जांच (ब्लड टेस्ट) करना- जब सर्जन बेरियाट्रिक सर्जरी को किसी व्यक्ति पर करते हैं तो वे इसे करने से पहले उसके रक्त की जांच करते हैं।

ECG टेस्ट करना- बेरियाट्रिक सर्जरी को करने से पहले व्यक्ति का ECG टेस्ट करते हैं ताकि उसके दिल के कार्य करने की स्थिति का पता लगाया जा सके।

खाली पेट रहना- सर्जन बेरियाट्रिक सर्जरी कराने वाले व्यक्ति को यह सलाह देते हैं कि उसे इस सर्जरी से पहले (लगभग 24 घंटे पहले) कुछ नहीं खाना चाहिए ताकि इस मोटापा सर्जरी को सही ढंग से किया जा सके।


बेरियाट्रिक सर्जरी को कैसे किया जाता है? (Procedure of Bariatric Surgery in Hindi)

 

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बेरियाट्रिक सर्जरी में कुछ बिंदू शामिल होते हैं, जिनके लिए काफी सावधानी से करना काफी जरूरी होता है। ये बिंदू इस प्रकार हैं-

 

मरीज़ को एनेस्थीसिया देना- यह बेरियाट्रिक सर्जरी का सबसे पहला बिंदू होता है, जिसमें मरीज को एनेस्थीसिया दिया जाता है, ताकि उसे इस संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार का दर्द महसूस न हो।
 

रक्तचाप को मॉनिटर करना- जैसे ही एनेस्थीसिया का असर शुरू हो जाता है , वैसे ही मोटापा सर्जरी को आरंभ कर दिया जाता है।


इस दौरान व्यक्ति के रक्तचाप (BP) को मॉनिटर किया जाता है।


 

एंटीसेप्टिक क्रीम लगाना- रक्तचाप को मॉनिटर करते हुए व्यक्ति के पेट पर एंटीसेप्टिक क्रीम लगाई जाती है।

 

पेट के हिस्से को शेव करना-  पेट पर एंटीसेप्टिक क्रीम लगाने के बाद उस हिस्से को शेव कर दिया जाता है।

लैप्रोस्कोपी से वसा को हटाना- यह इस सर्जरी का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील बिंदू होता है, जिसे काफी सावधानी से किया जाता है। इस दौरान लैप्रोस्कोपी उपकरण से पेट पर मौजूद अतिरिक्त वसा को हटाया जाता है। इसके साथ ही यह वजन कम करने की सर्जरी समाप्त हो जाती है।


 

बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद कौन-कौन से कार्य किए जाते हैं? ( Post- Procedure of Bariatric Surgery in Hindi)


 

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि बेरियाट्रिक सर्जरी की काफी सावधानी से किया जाता है, इसके बाद भी कुछ प्रक्रिया को किया जाता है, जो इस प्रकार हैं-

 

सुधार कक्ष (रिकवरी रूम) में ले जाना : बेरियाट्रिक सर्जरी के समाप्त होने के बाद व्यक्ति को सुधार कक्ष (रिकवरी रूम) ले जाया जाता है।
 

फिजिकल एग्जामिनेशन करना- व्यक्ति को रिकवरी रूम में ले जाने के बाद उसका फिजिकल एग्जामिनेशन किया जाता है।  यह इस बात का पता लगाने के लिए किया जाता है कि वह व्यक्ति मोटापा सर्जरी के बाद शरीर सही तरह से काम कर रहा है।
 

रक्तचाप (B.P) की जांच करना- वजन कम करने की सर्जरी के बाद व्यक्ति के रक्तचाप (B.P) की जांच की जाती है।

 

दवाईयां देना-  मोटापा सर्जरी के बाद व्यक्ति को कुछ दवाईयां दी जाती हैं ताकि उसे किसी तरह का संक्रमण या दर्द न हो।


 

बेरियाट्रिक सर्जरी की कितनी कॉस्ट होती है? (Cost of Bariatric Surgery in Hindi)

 

 

जब बेरिएट्रिक सर्जरी कराने की बात आती है, तो इसके लिए भारत में दिल्ली से बेहतर और कोई जगह हो नहीं सकती।

 

भारत की राजधानी होने के कारण, दिल्ली में बेरियाट्रिक सर्जरी के लिए सबसे अच्छे अस्पताल और सर्जन मौजूद हैं।

 

औसतन रूप से दिल्ली- NCR में बेरियाट्रिक सर्जरी की लागत 2.5 लाख से 7 लाख रूपये के बीच में होती है।
 

आईयूआई सर्जरी की लागत कई सारे तत्वों पर निर्भर करती है, जो इस प्रकार हैं-

 

  1. बेरियाट्रिक सर्जरी का प्रकार- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि बेरियाट्रिक सर्जरी मुख्य रूप से 3 प्रकार की होती हैं।इसलिए बेरियाट्रिक सर्जरी की कॉस्ट इस बात पर भी निर्भर

    करती है, कि किसी व्यक्ति को कौन-सी बेरियाट्रिक सर्जरी करानी है।

  2. व्यक्ति के स्वास्थ की स्थिति- बेरियाट्रिक सर्जरी की कॉस्ट व्यक्ति के स्वास्थ की स्थिति पर भी निर्भर करती है।

  3. अस्पताल- बेरियाट्रिक सर्जरी की कॉस्ट अस्पताल पर भी काफी हद तक निर्भर करती है।
     

  4. सर्जन- हर किसी सर्जन का बेरियाट्रिक सर्जरी को करने का अलग तरीका होता है।

    इसलिए बेरियाट्रिक सर्जरी की कॉस्ट मुख्य रूप से सर्जन के अनुभव पर भी निर्भर करती है।


 

बेरियाट्रिक सर्जरी कराने के कौन-कौन से लाभ होते हैं? (Benefits of Bariatric Surgery in Hindi)


 

बेरियाट्रिक सर्जरी मुख्य रूप से उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो अधिक वजन से परेशान रहते हैं।

बेरियाट्रिक सर्जरी के कई सारे लाभ होते हैं, जिनमें से प्रमुख 5 लाभ इस प्रकार हैं-

 

  1. फैट को लॉस करना- बेरियाट्रिक सर्जरी का सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह होता है कि यह शरीर के फैट को लॉस कर देती है।
     

  2. मधुमेह को कम करना- बेरियाट्रिक सर्जरी के द्वारा शरीर पर मौजूद अतिरिक्त फैट के कम होने से वह व्यक्ति कई सारी बीमारियों जैसे मधुमेह के खतरे से भी बच जाता है।
     

  3. डिप्रेशन को कम करना- अधिक वेट से पीड़ित व्यक्ति इससे काफी परेशान रहता है।

    इस प्रकार बेरियाट्रिक सर्जरी के द्वारा उसकी यह परेशानी दूर हो जाती है और उसके डिप्रेशन में जाने की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाती है।

     

  4. रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) और शुगर को कंट्रोल करना- बेरियाट्रिक सर्जरी रक्तचाप(ब्लड प्रेशर) और शुगर को कंट्रोल कर देती है।
     

  5. महिलाओं में मासिक धर्म में वृद्धि करना- कई सारी महिलाओं में अधिक वजन के कारण स्वास्थ संबंधी कई सारी समस्याएं जैसे मासिक धर्म का कम आना इत्यादि हो जाती है।

    बेरियाट्रिक सर्जरी द्वारा इस समस्या को दूर किया जाता है।

 

 

बेरियाट्रिक सर्जरी के साइड इफेक्ट्स कौन-कौन से हैं? (Side-Effects of  Bariatric Surgery in Hindi)

 

बेरियाट्रिक सर्जरी जोेखिम


 

हालांकि, बेरियाट्रिक सर्जरी से बहुत सारे लोगों की ज़िदगी खुशियों से भर गई है इसलिए बेरियाट्रिक सर्जरी नि:संदेह रूप से काफी लाभकारी प्रतीत होती है, लेकिन बेरियाट्रिक सर्जरी के साइड इफेक्ट्स भी होते हैं, जिसके बारे में जानना जरूरी है, यह कुछ इस प्रकार है-

 

  • एसिडिटी का होना: चूंकि, बेरियाट्रिक सर्जरी को पेट पर किया जाता है, इससे उसकी कार्य-प्रणाली काफी प्रभावित होती है और कई बार लोगों को इसकी वजह से भोजन को पचाने में परेशानी होती है। इसकी वजह से उन्हें एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
     

  • अत्याधिक रक्तस्राव का होना: कई बार ऐसा देखा गया है कि बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद कुछ लोगों को अत्याधिक रक्तस्राव होता है।
     

  • संक्रमण का होना- कभी-कभी बेरियाट्रिक सर्जरी से इसे कराने वाले व्यक्ति को संक्रमण भी हो सकता है।
     

  • गॉल्स्टोन का होना- चूंकि, बेरियोट्रिक सर्जरी से बड़ी तेज़ी से वजन में कमी आती है, जिसके कारण गॉल्स्टोन की समस्या हो सकती है।
     

  • फैफड़ों या सांस से संबंधित समस्या का होना- कई बार ऐसा देखा गया है कि कुछ लोगों को बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद फैफड़ों की समस्या होती है, अथवा उन्हें सांस लेने की समस्या से गुजरना पड़ता है।
     

  • ब्लड शुगर का कम होना- बेरियाट्रिक सर्जरी का एक गंभीर जोखिम यह है कि इस सर्जरी के कारण लोगों का ब्लड शुगर काफी कम हो जाता है।

    जिसके कारण लोगों को काफी कमज़ोरी महसूस होती है।


 

बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए ? (Precautions In Bariatric Surgery  in Hindi)


 

बेरियाट्रिक सर्जरी के कुछ जोखिम तो होते हैं, लेकिन कुछ सावधानियों को बरत के उनसे बचा जा सकता है, जो  इस प्रकार हैं-

 

  • सर्जरी वाली जगह को सूखा रखना- जिस व्यक्ति ने बेरियाट्रिक सर्जरी कराई है, उसे शरीर के उस अंग को सूखा रखना चाहिए, जहां पर इस सर्जरी को किया गया है।
     

  • पट्टी को बदलना- बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद एक पट्टी को पेट के ऊपरी हिस्से पर बांधकर रखा जाता है ताकि उस हिस्से को सुरक्षित रखा जा सके।

    इसलिए उस पट्टी को समय-समय पर बदलवाते रहना चाहिए।

     

  • फॉलो अप कराना- इस सर्जरी को करने वाले व्यक्ति को इस सर्जरी के बाद निश्चित अवधि में सर्जन से फॉलो अप कराना चाहिए, जिसमें उसके वजन की जांच की जाती है।

     

  • डाइट प्लान बनाना- इस सर्जरी के बाद व्यक्ति को अपने खान-पान का ध्यान रखना चाहिए  ताकि उसे किसी तरह की परेशानी न हो।

    इसके लिए उसे सर्जन से परामर्श लेना चाहिेए और डाइट प्लान बनाना चाहिए और इसका सख्ती से पालन करना चाहिए।

     

  • व्यायाम करना- सर्जन अक्सर यह सलाह देते हैं कि बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद व्यक्ति को छोटे-छोटे व्यायाम जैसे चलना, हाथ-पैरों को हिलाना-ढुलाना इत्यादि करना चाहिए क्योंकि ऐसा करना उसकी सेहत में सुधार लाता है।



जैसा कि हम सभी यह जानते है कि मोटापा या अधिक वजन की समस्या काफी आम बन गई है।

वर्ष 1999 से 2000 तक दुनिया भर में 13.9 प्रतिशत बच्चे और 30.5 प्रतिशत युवाओं में मोटापे या अधिक वजन की समस्या देखने को मिली है।

मोटापे या अधिक फैट की समस्या से स्वास्थ संबंधी अन्य समस्याएं जैसे बी.पी, दिल की बीमारी, शुगर इत्यादि भी होती है।

हालांकि, अधिक वजन से पीड़ित व्यक्ति वेट लॉस करने के लिए कई सारे तरीकों जैसे व्यायाम करना, आहार भी प्रोटीन को शामिल करना, दवाई लेना इत्यादि को अपनाते हैं, लेकिन जब इन तरीकोें से उनका वजन कम नहीं होता है, तब उन्हें सर्जरी कराने की आवश्यकता पड़ती है।

बेरियाट्रिक सर्जरी एक वेट लॉस सर्जरी है, जो वजन को कम करने में मदद करती है।

बेरियाट्रिक सर्जरी से कई सारे लोगों को फिटनेस प्राप्त हुई है।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति अपने अधिक वजन से परेशान है तो किसी भी कदम को उठाने से पहले इसके विशेषज्ञ से मिलें और इसका इलाज कराएं।

 

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति बेरियाट्रिक सर्जरी के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है वह 95558-12112 पर Call करके इसकी मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है और इसके साथ में यदि वह बेरियाट्रिक सर्जरी को कराने में आर्थिक रूप से असमर्थ है तो वह Letsmd से आसान ब्याज दर पर मेडिकल लोन ले सकता है।