क्या है अपेंडिक्स, कैसे करें उपचार? (Appendicitis in Hindi)

अपेंडिक्स (Appendicitis) की समस्या काफी तेज़ी से फैल रही है। इस बीमारी पर किए अध्ययनों के अनुसार भारत में पिछले कुछ सालों में इस पेट की बीमारी के कुल 130 मामलें देखने को मिले हैं।

इसके अलावा, यहां पर ध्यान देने योग्य बात यह है कि पेट की बीमारी मुख्य रूप से 31 से 40 उम्र के लोग ग्रस्त हैं।

ये आंकड़े सच में काफी चौंकाने वाले हैं, और इनसे इस बात की भी पुष्टि होती है कि लोगों में अपेंडिक्स की जानकारी कितनी कम है।

अत: लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करें ताकि वे इसके प्रति सर्तक रह सकें और अपना इलाज सही तरीके से करा सकें।

इस दृष्टि से आपको इस प्रस्तुत लेख को अंत तक पढ़ना चाहिए क्योंकि इसमें हमने इसमें अपेंडिक्स से संबंधित आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

क्या हैं अपेंडिक्स? (Meaning of Appendicitis in Hindi)

अपेंडिक्स या अपेंडिसाइटिस से तात्पर्य ऐसी स्थिति से है, जब किसी व्यक्ति की अपेंडिक्स ग्रंथि में सूजन हो जाती है।

अंपेडिक्स एक छोटी एवं पतली ट्यूब होती है, जिसकी लंबाई 5 से 10 सेंटीमीटर और यह बड़ी आंत से जुड़ी हुई होती है।

यह बीमारी मुख्य रूप से पेट के खराब होने की वजह से होती है, जिसका इलाज आरंभिक स्तर में ही संभव है।

अपंडेक्स की शुरूआत पेट के मध्य हिस्से में दर्द की वजह से होती है और यह दर्द कुछ समय के बाद शरीर के अन्य अंगों में भी फैल सकता है।

अपेंडिक्स के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Appendicitis in Hindi)

किसी भी अन्य बीमारी की तरह अपेंडिक्स के भी कुछ लक्षण होते हैं, जो अपेंडिक्स की शुरूआत का संकेत देते हैं।

अत: यदि किसी व्यक्ति को ये 5 लक्षण नज़र आए , तो उसे तुरंत सर्तक हो जाना चाहिए और उसका इलाज शुरू करा देना चाहिए-

  1. पेट के निचले हिस्से में अचानक से दर्द होना- यह अपेंडिक्स की समस्या में व्यक्ति के पेट के निचले में दर्द होता है।

    इस दर्द के अचानक से होने के कारण व्यक्ति इसके प्रति सर्तक नहीं रह पाता है।

    लेकिन, इस पेट के दर्द को सामान्य दर्द निवारक दवाई के सेवन से कम किया जा सकता है।

  2. कब्ज का होना- यदि किसी व्यक्ति को कब्ज की शिकायत है, तो उसे अपने पेट की जांच तुरंत करानी चाहिए क्योंकि यह अपेंडिक्स का लक्षण हो सकता है।

  3. पेट पर सूजन का होना- कई बार अपेंडिक्स होने पर व्यक्ति के पेट पर सूजन हो जाती है।

    हालांकि, इसे सिकाई के द्वारा ठीक किया जा सकता है, लेकिन किसी भी कदम को डॉक्टर की सलाह के बाद ही उठाना चाहिए।

  4. भूख न लगना- कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो हर बार यही शिकायत करते हैं कि उन्हें कुछ खाने का मन नहीं लगता है।

    ऐसे लोगों को अपने स्वास्थ की जांच जरूर करानी चाहिए क्योंकि भूख न लगना अपेंडिक्स का कारण बन सकता है।

  5. मूत्र करते समय दर्द होना- अपेंडिक्स का अन्य लक्षण मूत्र करते समय दर्द का दर्द का होना भी है।

    आमतौर पर, इसे मूत्र मार्ग संक्रमण न समझे क्योंकि ऐसा अपेंडिक्स की वजह से भी हो सकता है।

अपेंडिक्स होने के कारण क्या हैं? (Appendix Causes in Hindi)

अपेंडिक्स मुख्य कई वजह से हो सकती है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

  • अपौष्टिक भोजन करना- अपेंडिक्स से मुख्य रूप से वे लोग पीड़ित हैं, जो अपौष्टिक भोजन करते हैं।

    अत: सभी लोगों को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए और पेट दर्द को नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह गंभीर रूप भी ले सकता है।

  • शरीर में संक्रमण का होना- अपेंडिक्स की बीमारी कई बार शरीर में संक्रमण होने की वजह से भी हो सकती है।

    इसी कारण व्यक्ति को मेडिकल सहायता लेनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह अनुसार ही कार्य करना चाहिए।

  • अपेंडिक्स ग्रंथि में ब्लॉकेज का होना- अपेंडिक्स ग्रंथि में ब्लॉकेज होने पर अपेंडिक्स की बीमारी हो सकती है।

    ऐसी स्थिति में मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है।

  • गहरे जख्म का होना- कई बार अपेंडिक्स चोट लगने की वजह से भी हो सकती है।

    अक्सर, किसी व्यक्ति को अंदरूनी चोट लग जाती है, जिसका पता उसे लंबे समय तक नहीं चल पाता है।

    इस स्थिति का परिणाम अपेंडिक्स हो सकती है।

  • ट्यूमर का होना- इस अपेंडिक्स की संभावना उस व्यक्ति में अधिक रहती है, जो किसी तरह के ट्यूमर से पीड़ित होता हो।

    अत: ट्यूमर के इलाज से अपेंडिक्स की संभावना को कम करें।

अपेंडिक्स का इलाज कैसे किया जा सकता है? (Appendix Treatments in Hindi)

यह सवाल हर उस व्यक्ति के लिए मायने रखता है, जो अपेंडिक्स से पीड़ित होता हो।

चूंकि, उसे इसकी वजह से काफी सारी परेशानियों से जूझना पड़ता है, इसलिए बेहतर यही है कि इसका इलाज जल्द से जल्द कराएं।

ऐसे लोगों को यह जानकर खुशी होगी कि वे इन 5 तरीकों को अपनाकर अपेंडिक्स से निजात पा सकते हैं –

  1. ब्लड टेस्ट कराना- यह अपेडिंक्स का इलाज करने का सामान्य तरीका है, जिसके माध्यम से अपेंडिक्स से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में इसकी स्थिति का पता लगाया जाता है।

  2. यूरिन टेस्ट कराना- ब्लड टेस्ट करने के अलावा अपेंडिक्स का इलाज करने के लिए डॉक्टर यूरिन टेस्ट को भी करते हैं।

    यूरिन टेस्ट के द्वारा इस बीमारी की वजह से यूरिन में आए बदलावों और इसके इलाज के तरीकों का पता लगाते हैं।

  3. हेल्दी डाइट को अपनाना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि यह बीमारी अपौष्टिक भोजन की वजह से भी होती है।

    अत: इसके लिए हेल्दी डाइट को भी अपनाएं।

  4. एंटीबोयटिक दवाई लेना- अपेंडिक्स की बीमारी बैक्टीरिया या वाइरस के कारण भी हो सकती है।

    इसी कारण इसके इलाज में एंटीबायोटिक दवाई को लेना भी बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

  5. अपेंडिक्स सर्जरी- जब अपेंडिक्स से पीड़ित व्यक्ति को किसी भी तरीके से आराम नहीं मिलता है, तब डॉक्टर उसे सर्जरी कराने की सलाह देते हैं।

    इस स्थिति में ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी को किया जाता है, जिसमें अपेंडिक्स को मेडिकल तरीके से हटाया जाता है।

    आप नीचे दी गई वीडियों को देखकर ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी (Appendectomy Video) की प्रक्रिया के बारे में जान सकते हैं-

    IFrame

ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी की कीमत क्या है? (Appendectomy Cost in Hindi)

अपेंडिक्स का इलाज ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी के द्वारा बेहतर तरीके से किया जा सकता है।

ऐसे में जब कोई डॉक्टर किसी व्यक्ति को इस सर्जरी को कराने की सलाह देते हैं, तब उसके मन में सबसे पहला सवाल इसकी कीमत को लेकर ही आता है।

ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी को कराने से पहले किसी भी व्यक्ति के लिए इस सर्जरी की कीमत के प्रति चिंतित होना स्वाभाविक है क्योंकि इसका असर व्यक्ति की आर्थिक स्थिरता पर पड़ता है।

हो सकता है कि ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी को एक महंगी प्रक्रिया समझते हो और इसी कारण वे इसी समय पर इसे न करा पाएं, लेकिन यदि  उन्हें यह पता हो कि ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी एक किफायती प्रक्रिया है, जिसकी कीमत मात्र 50 हजार है, तो शायद वे भी अपेंडिक्स की समस्या से निजात पा सकें।

यह भी देखें- ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी के लिए सर्वोत्तम अस्पताल/क्लीनिक

ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी के जोखिम क्या हो सकते हैं? (Appendectomy Complications in Hindi)

निश्चित रूप से, ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी लाभकारी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से अपेंडिक्स का सफल इलाज किया जा सकता है, लेकिन इसके बावजूद किसी भी अन्य प्रक्रिया की भांति इस सर्जरी के भी जोखिम होते हैं, जिसकी जानकारी महत्वपूर्ण है।

यदि किसी व्यक्ति ने हाल ही में ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी को कराया है या फिर भविष्य में ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी को कराने की योजना करा रहा है, जो उसे निम्नलिखित जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है-

 

  • रक्तस्राव का होना- अपेंडिक्स सर्जरी के बाद कुछ हद तक रक्तस्राव का होना सामान्य चीज है, लेकिन कई बार यह अधिक मात्रा में हो सकता है, जो गंभीर स्थिति का कारण बन सकता है।

    हालांकि, इस स्थिति को कुछ सावधानियों को बरतकर कम किया जा सकता है, लेकिन फिर भी सभी लोगों यह कोशिश करनी चाहिए कि उन्हें इस स्थिति से गुजरना न पड़े।

  • घाव का होना- ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी के बाद कुछ लोगों के शरीर में गहरे घाव हो सकते हैं।

    उन्हें ऐसी स्थिति में मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है।

  • पेट का संक्रमण का होना- अक्सर ऐसा देखा गया है कि इस सर्जरी के बाद कुछ लोगों के पेट में संक्रमण हो जाता है।

    हालांकि, इस स्थिति को चिकित्सा सहायता के द्वारा कम किया जा सकता है।

  • पेट पर लाल दब्बों का पड़ना- यदि किसी व्यक्ति ने हाल ही अपेंडिक्स सर्जरी को कराया है, तो इस सर्जरी के बाद उसके पेट पर लाल दब्बे हो सकते हैं।

    इस अवस्था में डॉक्टर उस व्यक्ति को क्रीम लगाने को देते हैं, जिसके माध्यम से ये दब्बे ठीक हो सकते हैं।

  • पेट दर्द होना- अपेंडिक्स सर्जरी को कराने के बाद कुछ लोगों को पेट दर्द हो सकता है।

    इस समस्या को पेट की दवाई के द्वारा ठीक किया जा सकता है।

अपेंडिक्स की रोकथाम कैसे की जाती है? (Appendix Precautions in Hindi)

 

यकनीन रूप से अपेंडिक्स की बीमारी अधिकांश लोगों में देखने को मिल रही है और उन्हें इसकी वजह से कई सारे जोखिमों का भी सामना करना पड़ता है, लेकिन इन सब के बावजूद राहत की बात

है कि किसी भी अन्य बीमारी की तरह अपेंडिक्स की भी रोकथाम संभव है।

यदि कोई व्यक्ति इन 5 तरीकों को अपनाए, तो वह अपेंडिक्स की रोकथाम कर सकता है-

  1. उच्च फाइबर युक्त भोजन करना- ऐसा माना जाता है कि भोजन का हमारे सेहत पर सीधा असर पड़ता है।

    यह बात अपेंडिक्स के संदर्भ में सही प्रतीत होती है क्योंकि यह अनहेल्दी भोजन का सेवन की वजह से भी होता है।

    अत: यदि कोई व्यक्ति हेल्दी भोजन (विशेषकर फाइबर युक्त) का सेवन करता है तो वह अपेंडिक्स की संभावना को काफी हद तक कम कर सकता है।

  2. व्यायाम करना- किसी भी अन्य बीमारी की तरह अपेंडिक्स के इलाज भी व्यायाम करना बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

    व्यायाम के द्वार व्यक्ति की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और इसके साथ में यह रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।

  3. अत्याधिक तनाव न लेना– तनाव भी कई सारी बीमारियों का कारण हो सकता है। ऐसा अपेंडिक्स के मामले भी होता है।

    कई बार ऐसा पाया गया है कि यह बीमारी अधिकांश ऐसे लोगों को होती है, जो अत्याधिक तनाव लेते हैं।

    इस प्रकार सभी लोगों को तनाव प्रबंधन करना चाहिए, ताकि वे शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से भी स्वस्थ रह सकें।

  4. सप्लीमेंट लेना- यदि किसी व्यक्ति के लिए व्यायाम करना संभव नहीं है तो वह सप्लीमेंट भी ले सकता है।

    ये सप्लीमेंट उसके शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे वह किसी भी बीमारी से जल्दी ठीक हो सकता है।

    लेकिन, इस बात ध्यान सभी लोगों को रखना चाहिए कि वे किसी भी सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें, ताकि इनका, उनकी सेहत पर कोई दुष्प्रभाव न पड़े।

  5. नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कराना- यह सबसे महत्वपूर्ण चीज है, जिसका पालन सभी लोगों को करना चाहिए।

    हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ की जांच नियमित समय पर करानी चाहिए ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि वह पूरी तरह से स्वस्थ है।

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि वर्तमान समय में स्वास्थ संबंधी कई सारी समस्याएं फैल रही हैं, जिनसे कई सारे लोग पीड़ित रहते हैं। इनमें अपेंडिक्स (Appendix) भी शामिल है।

पहले के जमाने में इस समस्या को एक लाइलाज बीमारी समझा जाता है और इसी कारण लोग इसका सही तरीके से इलाज नहीं करा पाते थे, लेकिन अब यह स्थिति बदल चुकी है और इसका इलाज ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी के माध्यम से संंभव हो चुका है।

चूंकि, लोगों में ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी (Appendectomy Surgery) को लेकर जागरूकता की कमी है, इसी कारण इसके मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए हमने इस लेख को लिखा है, जिसमें अपेंडिक्स और ऍपेन्डेक्टमी सर्जरी की आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति स्वास्थ संबंधी किसी समस्या और उसके उपचार के संभावित तरीकों की अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह इसके लिए 95558-12112 पर Call करके उसका मुफ्त परामर्श प्राप्त कर सकता है।

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