क्या हैं मुंहासे के कारण और इलाज? (Acne in Hindi)

मुंहासे (Acne) की समस्या किसी भी व्यक्ति को हो सकती है। चूंकि, यह मुख्य रूप से चेहरे पर ही होती है, इसी कारण इसके होने पर व्यक्ति काफी परेशान हो जाता है और वे इसे ठीक करने के लिए हर तरह के प्रयास करता है।

इसके बावजूद लोग मुंहासे को गंभीरता से नहीं लिया जाता है और इसके संबंध में ऐसा सोचा जाता है कि देर-सवेर यह समस्या अपने आप ठीक हो जाएगी।

इसी रवैया के कारण यह समस्या समय के साथ घातक रूप ले लेती है और इसका असर व्यक्ति के मानसिकता पर पड़ता है।

इसी कारण किसी भी व्यक्ति को इस समस्या की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करनी चाहिए ताकि वे समय रहते इससे निजात पा सके।

यदि आप भी मुंहासे की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस लेख को जरूर पढ़ें।

क्या है मुंहासे? (Meaning of Acne in Hindi)

मंहुासे से तात्पर्य ऐसी त्वचा की समस्या है, जो उस स्थिति में होती है, जब केश कूप (Hair follicles) वसा और मृत कोशिकाओं से ब्लॉक हो जाते हैं।

इस स्थिति में चेहरे, कंधे, गर्दन, बांह इत्यादि पर फुंसी, सफेद दाने, दब्बे इत्यादि हो जाते हैं।

मुंहासे कितने प्रकार के होते हैं? (Types of Acne in Hindi)

मुंहासे मुख्य रूप से 5 प्रकार के होते हैं, जो निम्नलिखित हैं-

  1. सफेद दब्बों का होना- यह मुंहासों का एक सामान्य प्रकार है, जो उस स्थिति में होता है, जब त्वचा के छिद्र सीबम और मृत कोशिकाओं से भर जाता है।

    सफेद दब्बों (Whiteheads) का उपचार करना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि इस स्थिति में छिद्र पूरी तरह से बंद हो जाता है और तब ऐसे उत्पाद उपयोगी साबित हो सकते हैं, जिनमें अधिक मात्रा में सैलिसिलिक एसिड होता है।

  2. काले दब्बों का होना- काले दब्बे (Blackheads) तब होते हैं जब त्वचा के छिद्र सीबम और मृत त्वचा कोशिकाओं के संयोजन से भरा होता है।

    बाकी भाग भरा होने के बावजूद, छिद्र का सामने वाला भाग खुला रहता है। इसके परिणामस्वरूप त्वचा का रंग काला पड़ जाता है।

  3. फुंसी का होना- यह मुंहासे का सबसे लोकप्रिय प्रकार है, जो उस स्थिति में होती है जब फैट ग्लैंड संक्रमित हो जाती है और इसके कारण त्वचा में सूजन, लाल दब्बे पड़ जाते हैं।

  4. सिस्ट का होना- सिस्ट की समस्या मुख्य रूप से उस स्थिति में होती है, जब छिद्र में बैक्टीरिया, सीबम और मृत कोशिकाएं इकट्ठा हो जाते हैं।

    इसकी वजह से त्वचा पर लाल दब्बे पड़ सकते हैं, जिन्हें छूने पर दर्द भी हो सकता है।

  5. छालों का पड़ना- जब आपके छिद्रों के चारों ओर की दीवारें टूट जाती हैं, तो छाल हो जाते हैं। ये मवाद (Pus) से भरे हुए होते हैं।

    ये धब्बे त्वचा से उभर आते हैं और इसकी वजह से त्वचा लाल रंग की हो जाती है। ये आमतौर पर पीले या सफेद रंग के होते हैं।

मुंहासे के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Acne in Hindi)

किसी भी अन्य समस्या की तरह मुंहासे के भी कुछ लक्षण होते हैं, जो इसके होने के संकेत देते हैं।

इसी कारण हर व्यक्ति इन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए और इनके होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

मुंहासे के मुख्य रूप से निम्नलिखित लक्षण होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  • त्वचा का लाल पड़ना- यदि किसी व्यक्ति की त्वचा की लाल पड़ जाती है, तो वह मुंहासे का लक्षण हो सकती है।

    इसी कारण इस लक्षण को नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए और इसका तुरंत इलाज करना चाहिए।

  • त्वचा में खुजली का होना- कई बार ऐसा देखा गया है कि मुंहासे होने पर त्वचा पर खुजली होने लगती है।

    हालांकि, इस स्थिति को समय रहते काबू में किया जा सकता है।

  • त्वचा में दर्द होना- यदि किसी व्यक्ति की त्वचा पर दर्द होता है तो उसे इसे नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह मुंहासे का लक्षण हो सकती है।

    इसी कारण इस स्थिति में किसी भी तरह के कदम को उठाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

  • गर्मी लगना- अधिक मात्रा में गर्मी लगाने को अधिकांश लोग सामान्य चीज समझते हैं और इसी कारण वे इसके कारण का पता लगाने की कोशिश नहीं करते हैं।

    यह मुंहासे का प्रमुख लक्षण हो सकती है, इसलिए इसे गंभीरता से लेना चाहिए

  • फुंसी होना- यदि किसी व्यक्ति को चेहरे, कांधे और पीठ इत्यादि पर फुंशी होती है, तो ऐसा होना मुंहासे का लक्षण हो सकती है।

मंहुासे किन कारणों से होते हैं? (Causes of Acne in Hindi)

मुंहासे या पिंपल्स (Pimples) की समस्या कई सारे कारणों से हो सकती है, जिनमें से प्रमुख 5 कारण इस प्रकार हैं-

  1. अधिक मात्रा में तेल का सेवन करना- मुहांसे की समस्या मुख्य रूप से उस स्थिति में होती है, जब किसी व्यक्ति के शरीर में तेल की मात्रा अधिक हो जाती है।

    इसी कारण डॉक्टर लोगों में कम मात्रा में तेल से भरपूर भोजन कम मात्रा में लेने की सलाह देते हैं।

  2. तनाव लेना- यदि कोई व्यक्ति अधिक तनाव लेता है, तो उसे मुंहासे होने की संभावना अधिक रहती है।

    इसी कारण व्यक्ति को अधिक तनाव नहीं लेना चाहिए क्योंकि इसका व्यक्ति की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।

  3. ध्रूमपान करना- कई बार ऐसा देखा गया है कि जो व्यक्ति ध्रूमपान करता है, उसे मुंहासे हो जाते हैं क्योंकि ध्रूमपान की वजह से उसके शरीर में गर्माहाट जाती है और इसके परिणामस्वरूप शरीर का तापमान बढ़ जाता है।

    इसी कारण किसी भी व्यक्ति को ध्रूमपान नहीं करना चाहिए।

  4. दवाई लेना- मुंहासे की समस्या उन लोगों को भी हो सकती है, जिनका कोई इलाज चल रहा होता है क्योंकि उनके द्वारा खाई जाने वाली दवाईयां का उनके शरीर पर बुरा असर पड़ता है।

    इसी कारण ऐसा कहा जाता है कि किसी भी दवाई को डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।

  5. हार्मोन बदलाव का होना- मुंहासे की समस्या मुख्य रूप से हार्मोन बदलाव के कारण भी होती है।

    कुछ लोगों में हार्मोन का बदलाव असमान्य तरीके से होते हैं, जिसकी वजह से बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

 मंहुासों का उपचार कैसे किया जा सकता है? (Treatments Of Acne in Hindi)

मुंहासे से पीड़ित व्यक्ति मुंहासे से निजात पाने के लिए कई सारे तरीकों से कर सकता है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

 

  • घरेलू नुस्खे अपनाना- मुंहासों का उपचार कई सारे घरेलू नुस्खों से किया जा सकता है।

    मुंहासों का उपचार करने के लिए एलो विरा, सिरका इत्यादि का सेवन किया जा सकता है और इसके साथ में शहद और दालचीनी का मास्क बनाकर उसे चेहर पर लगाया जा सकता है।

  • दवाई लेना- यदि किसी व्यक्ति को घरेलू नुस्खों को अपनाने के बावजूद मुंहासे की समस्या से छुटकारा नहीं मिलता है, तो वह इसके लिए दवाई से संपर्क कर सकता है।

    डॉक्टर उसे कुछ दवाईयां देते हैं, जो मुंहासे को बढ़ने से रोकने में सहायक होती हैं।

  • क्रीम लगाना- कई बार मुंहासों के उपचार के लिए क्रीम का भी इस्तेमाल किया जाता है।

    इस क्रीम को मुंहासे वाली जगह पर लगाया जाता है, जिससे मुंहासे समाप्त हो जाते हैं।

  • अधिक मात्रा में पानी पीना- मुंहासे होने का अन्य कारण शरीर में पानी की कमी भी होती है, इसी कारण मुंहासे से पीड़ित व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।

    यदि कोई व्यक्ति मुंहासे से परेशान है, तो उसे दिन में 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए।

  • हेल्थी डाइट अपनाना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि खराब या तले हुए भोजन को खाने से भी मुंहासे होते हैं, इसी कारण व्यक्ति को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

    उसे पौष्टिक से भरपूर भोजन करना चाहिए, जो उसके शरीर में आवश्यक पदार्थ पहुंचाए और इसके साथ में यह उसकी रोग-प्रतिरोग क्षमता को भी बढ़ाए।

  • लेज़र तकनीक का इस्तेमाल करना- जब किसी व्यक्ति को किसी तरीकों से इस समस्या से आराम नहीं मिलता है, तब उसे मेडिकल सहायता लेनी चाहिए।

    इस स्थिति में लेज़र तकनीक का सहारा लिया जाता है, जो मुंहासों पर सीधे तौर पर उसे समाप्त कर देती है।

    इस प्रकार लेज़र तकनीक मुंहासों का उपचार करने में सर्वोत्तम तरीका साबित हो सकता है।

मुंहासों के जोखिम क्या हो सकते हैं? (Complications of Acne in Hindi)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि तमाम परेशानियां झेलने के बाद भी बहुत सारे लोग पिंपल्स की समस्या को गंभीरता से नहीं लेते हैं, इसी कारण उन्हें कई सारी परेशानियों से गुजरना पड़ता है।

 

यदि मुंहासों (Muhasho) का सही समय पर उपचार न किया जाए, तो स्थिति और खराब हो सकती है और इसकी वजह से 5 जोखिम हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं-

 

  1. त्वचा का असामान्य तरीके से छिलना- यदि मुंहासों का इलाज समय रहते न किया जाए, तो यह परेशानी काफी बढ़ सकती है।

    मुंहासे की वजह से त्वचा असामान्य तरीके से छिल जाती है और उस स्थिति में व्यक्ति को त्वचा पर क्रीम लगाने की जरूरत पड़ती है।

  2. रूखी त्वचा का होना- कई बार ऐसा भी देखा गया है कि कुछ लोगों की त्वचा रूखी हो जाती है, और उस स्थिति में उसे मेडिकल सहायता की जरूरत होती है।

    इसी कारण मुंहासे की समस्या का समाधान समय रहते कराना ही बेहतर होता है।

  3. गर्मी महसूस होना- चूंकि, मुंहासे शरीर में तेल की मात्रा के अधिक होने के कारण होती है, जिसकी वजह से शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है, और मुंहासे से पीड़ित व्यक्ति को काफी गर्मी भी लगती है।

    इसी कारण यदि मुंहासे की समस्या लाइलाज रह जाए तो व्यक्ति को अधिक गर्मी लगती है और फिर उसे लोशन की जरूरत पड़ती है।

  4. त्वचा का लाल पड़ना- मुंहासे के लाइलाज रहने पर त्वचा पर इसका बुरा असर पड़ता है और उसकी वजह से त्वचा का रंग लाल पड़ जाता है।

    कई बार त्वचा के लाल होने के साथ-साथ दर्द भी हो सकता है।

    हालांकि, इस स्थिति में दर्द-निवारक दवाईयां सहायक साबित हो सकती हैं।

मुंहासों की रोकथाम कैसे की जाती है? (Prevention of Acne in Hindi)

आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि मुंहासों की रोकथाम नहीं किया जाता है, इसी कारण मुंहासे की समस्या अधिकांश लोगों में देखने को मिलती है।

यदि कोई व्यक्ति निम्नलिखित तरीकों को अपनाए तो वह इसकी रोकथाम कर सकता है-

 

  • चेहर को दो बार धोना- हर व्यक्ति को अपने चेहरे का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि उसे दिनभर की धुल मिट्टी, प्रदूषण इत्यादि का सामना करना पड़ता है।

    इसी कारण व्यक्ति को दिन में दो बार चेहरे को साफ पानी से धोना चाहिए ताकि उसका चेहरे अच्छी तरह से साफ हो सके और वहां से सभी नुकसानदायक पदार्थ निकाल जाए।

  • हार्मोन की दवाई लेना– जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया है कि मुंहासे की समस्या हार्मोन परिवर्तन के कारण भी होती है।

    इसी कारण व्यक्ति को हार्मोन की दवाई लेनी चाहिए ताकि शरीर पर इसका बुरा असर न पड़े।

  • हेल्थी डाइट का सेवन करना- ऐसा माना जाता है कि भोजन का असर शरीर पर पड़ता है।

    यह बात मुंहासे के संदर्भ में सही साबित होती है और इसी कारण व्यक्ति को अपने भोजन का विशेष ध्यान रखना चाहिए और हेल्थी डाइट का ही सेवन करना चाहिए।

  • सन्सक्रीम का इस्तेमाल करना- कई बार ऐसा कहा जाता है कि ज्यादा देर तक धूप में रहने से त्वचा पर बुरा असर पड़ता है।

    इसी कारण मुंहासे से बचने के लिए व्यक्ति को घर से बाहर जाते समय सन्सक्रीम का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि उसके शरीर पर कोई दुष्प्रभाव न हो।

  • बालों को साफ रखना- मुंहासों की समस्या बालों का विशेष ध्यान न रखने के कारण भी होता है।

    हर व्यक्ति को अपने बालों का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि वे इस समस्या से अपनी रक्षा कर सके।

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि हर व्यक्ति की आकर्षक शरीर की कामना रहती है और इसे बनाए रखने के लिए हर मुमकिन कोशिश करता है, लेकिन जब उसे कोई समस्या हो जाती है, जो उसके सौंदर्य पर दाग लगा देती है तो वह उसे लेकर परेशान हो जाता है।

मुहांसे (Acne) या पिंपल्स भी ऐसी ही समस्या है, जो हर व्यक्ति को किसी-न-किसी उम्र में होती है, इसी कारण लोगों के बीच में यह चर्चा का विषय बन गई है।

लोग इसके बारे में ज्यादा-से-ज्यादा जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, ताकि वे मुंहासे से अपनी रक्षा कर सकें। इस प्रकार हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख को पढ़ना उपयोगी साबित हुआ होगा क्योंकि हमने इसमें मुहांसे से संबंधित आवश्यक जानकारी देने की कोशिश की है।

यदि आप या आपकी जान-पहचान में कोई व्यक्ति त्वचा संबंधी किसी भी समस्या और उसके संभावित इलाज के तरीकों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है तो वह इसके लिए 95558-12112 पर Call करके उसकी मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है।

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