जाने सेरोगेसी से पहले पेशेवर सलाह क्यों लेनी चाहिए

सेरोगसी को चुनने से पहले पेशेवर सलाह लेना हमेशा सहायक क्यों होती है?

सरोगेसी संतान प्राप्ति का चिकिसा विकल्प है, फिर भी इसे समाज द्वारा पूरी तरह से अपनाया नहीं गया है। यह नि:संतान दंपत्तियों के लिए वरदान है।

लेकिन बहुत सारे दंपत्ति इसकी पूरी जानकारी न होने के कारण इसे अपनाते नहीं हैं। उनके दिमाग में केवल सरोगेट मां से अपने बच्चे की अभिरक्षा (कस्टडी) हासिल करने की ही चिंता रहती है, अगर यह आसानी से नहीं मिलती है तो इसे पाने के लिए उन्हें कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ती है।

ऐसी स्थिति में पेशेवर सलाह काम आती है, यह दंपत्ति को इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी देते हैं और उनके सभी प्रशनों के उत्तर देते हैं। पेशेवर सलाह इन स्थितियों में भी सहायक होती है:

सेरोगेसी के मामलों में पेशेवर सलाह लेने का सुझाव क्यों दिया जाता है?

सेरोगेसी आपकी ज़िदगी में महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है और इसलिए जब भी आप ऐसा कोई बड़ा कदम उठाते हैं तो इसके लिए आपका दुविधा में होना स्वाभाविक है। पेशेवर सलाह इस प्रक्रिया को आसान बनाती है क्योंकि इसमें आपके सभी प्रश्नों के उत्तर दिए जाते हैं।

सेरोगेसी के बारे में सबसे अधिक पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्र: क्या दंपत्तियों को इस बात की चिंता रहती है कि उनकी संतान का सेरोगेट मां के साथ खून का रिश्ता है?

उ: इसका कोई स्पष्ट उत्तर नहीं है। सरोगेसी के लिए ऐसे कई विकल्प मौजूद हैं, जिनमें इस बात का पता लगाया जा सकता है कि क्या अंडाणु (एग) और शुक्राणु (स्पर्म) दंपत्तियों से ही संबंधित हैं या शुक्राणु (स्पर्म) को अनजान डोनर से लिया गया है या फिर अंडाणु (एग) और शुक्राणु (स्पर्म) को इंफर्टिलिटी बैंक में मौजूद डोनर से लिया गया है।

ऐसे मामलों में आप यह देख सकते हैं कि अजन्में बच्चे का सेरोगेट मां से कोई भी संबंध नहीं होता है (गर्भावधि/जेस्टेशनल सरोगसी)। कुछ दंपत्ति, सेरोगेट मां द्वारा उपयोग किए जाने वाले अंडाणु (एग) को चुन सकते हैं। ऐसे मामलों में सेरोगेट मां (परंपरागत सेरोगेसी) से संबंधित बच्चे का ही जन्म होता है।

प्र: बच्चे की कानूनी अभिरक्षा (कस्टडी) हासिल करने में कौन-कौन सी मुश्किलें आती हैं?

उ: ऐसी स्थिति में दंपत्तियों को प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि सेरोगेट मां का बच्चे पर कानूनी कोई अधिकार नहीं होता है। उसे भी मनोवैज्ञानिक रूप से प्रशिक्षित किया जाता है ताकि उनका अजन्मे बच्चे से कोई भी भावनात्मक जुड़ाव न हो, जिससे बच्चे के जन्म के बाद उसेके लिए उससे अलग होना आसान हो।

परामर्शदाता इस तरह से दंपत्ति का मार्गदर्शन करता है कि आप अपने परिवार को इस विकल्प के लिए कैसे राज़ी कर सकते हैं या जब आप उन्हें यह बताते हैं कि सेरोगेट मां आपके बच्चे की मां बनने वाली है।

प्र: सेरोगेसी में प्रसव (डिलीवरी) का सही समय कौन-सा होता है?

उ: सेरोगेसी में प्रसव (डिलीवरी) का सही समय लगभग डेढ़ साल का होता है क्योंकि यह कानूनी औपचारिकताओं और IVF के सफल उपचार पर निर्भर करता है।

अगर आप चाहे तो सेरोगेट मां के साथ हर बार डॉक्टर के पास जा सकते हैं और उसके अल्ट्रासाउंड और यहां तक कि खून की जांच में भी शामिल हो सकते हैं ताकि आप अजन्में बच्चे के साथ अधिक जुड़ाव महसूस कर सकें और इस पूरी प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें।

प्र: क्या कभी दंपत्ति बच्चे से अलग महसूस करते हैं?

उ: कभी-कभी बॉयोलॉजिकल मां बच्चे से अलग महसूस कर सकती है क्योंकि वह उसे खुद जन्म नहीं देती है। पेशेवर सलाह उसे इस भावना से उभरने में सहायता करती है और इससे आपको अपने बच्चे को हाथों में लेने का बेसब्री से इंतजार रहता है।

इसमें आपको प्रसव (डिलीवरी) के बाद सेरोगेट मां के साथ रिश्ते रखने के बारे में भी बताया जाता है जैसे कि क्या आपको अपने बच्चे की बात उससे करानी होगी, क्या आपको उसके साथ रिश्ता रखना होगा आदि।

इस लेख में कुछ ऐसे प्रश्नों की चर्चा की गई है, जो आमतौर पर सेरोगसी के विकल्प को चुनने वाले दंपत्ति के दिमाग में उठते हैं और जिन्हें अनुभवी परामर्शता की सलाह से सुलझाया जा सकता है।
मां-बाप बनना किसी भी दंपत्ति की ज़िदगी को बदलने वाली घटना होती है, ऐसे में यह सलाह दी जाती है कि इस फैसले को सोच समझकर ही लेना चाहिए।

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