गर्भावस्था (प्रेग्नेंसी) के दौरान खाने के लिए सेहतमंद भोजन

गर्भावस्था (प्रेग्नेंसी) के समय में, जब आपकी गर्भावस्था (प्रेग्नेंसी) के लक्षण दिखने शुरू होते हैं, तो आपके शरीर को अधिक पोषण की आवश्यकता होती है, जो इस स्थिति में आपको और आपके शरीर में विकसित हो रहे गर्भ को उर्जा प्रदान करता है। अत: इस अवस्था में आपके लिए सेहतमंद भोजन करना अनिवार्य हो जाता है।

इस लेख में कुछ ऐसे बुनियादी बिंदू दिए गए हैं, जो आपको अपनी गर्भावस्था के दौरान उचित आहार (डाइट) लेने में सहायता करेंगे।

 

गर्भावस्था आहार (प्रेग्नेंसी डाइट) में किस तरह का भोजन करना चाहिए?

 

गर्भावस्था आहार (प्रेग्नेंसी डाइट) पूरी तरह से संतुलित होना चाहिए, जिसमें अधिक मात्रा में प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइड्रेट होने चाहिए:

  1. गर्भवती महिला के लिए सेहतमंद खाना पोषण से भरपूर होना चाहिए, जिसमें अधिक कैलोरी, आयरन, कैल्शियम और पत्ते हो। लेकिन, यदि गर्भावस्था के शुरूआती दौर में आपका वजन सही है, तो आपको अतिरिक्त कैलोरी की आवश्यकता नहीं है। पहले तिमाही के बाद, दूसरे तिमाही में 340 अतिरिक्त कैलोरी प्रति दिन और 450 अतिरिक्त कैलोरी प्रति दिन की आवश्यकता होती है।

  2. अपने वजन बढ़ने की दर को बनाए रखें, जो पहले तिमाही में 1 से 2 किलोग्राम, दूसरे तिमाही और तीसरे तिमाही के दौरान 2 किलोग्राम प्रति माह होनी चाहिए। औसतन, सेहतमंद महिला के लिए लगभग 10 से 13 किलोग्राम के वजन की बढ़ोतरी को सामान्य माना जाता है। गर्भावस्था के दौरान वजन का बढ़ना आपके गर्भवती होने के बाद से आपके बीएमआई पर निर्भर करता है।

  3. गर्भावस्था के दौरान होने वाली कब्ज की समस्या से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीना सामान्य सुझाव होता है। खट्टे फल शरीर को जलयुक्त (हाइड्रेटेड) रखते हैं और उसमें रक्त की मात्रा को बढ़ाने में भी सहायता करते हैं, जो गर्भावस्था के दौरान केवल 50 प्रतिशत ही विकसित होती है।

  4. गर्भावस्था के दौरान मूत्र संक्रमण (यूरिन इन्फेक्शन) / जलन और निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) से बचने के लिए पोषणायुक्त तल पदार्थ, इसमें दिन में आठ से दस गिलास पानी पीना भी शामिल है । गर्भावस्था के दौरान कई पोषणायुक्त तल पदार्थ जैसे नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी को भी काफी फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इनमे कम कैलोरी होती है।

  5. अपने आसान प्रसव और प्रसूति के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें। वह महिला जो गर्भावस्था के दौरान क्रियाशील रहती है और नियमित रूप से व्यायाम करती है, उनमें आसान प्रसव और शिशु को सामान्य रूप से जन्म देने की अधिक संभावना होती है।

  6. गर्भावस्था, पेट अम्ल (स्टमक एसिड) के कार्य करने के तरीके को बदल देती है। अपच (सीने की जलन) से बचने के लिए दिन में 2 से 3 बार भारी खाना खाने के बजाय 5 से 6 बार हल्का खाना खाएं। खाने को थोड़ी-थोड़ी देर में खाने से आप तरोताज़ा महसूस करती हैं। असहज महसूस होने की स्थिति में आपके लिए अम्लतत्वनाशक (एंटासिड) सहायक हो सकते हैं, लेकिन सही सुझाव के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

  7. आयरन हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण तत्व है, जो गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ्य रहने के लिए आवश्यक होते हैं। इस दौरान खट्टे फलों और जूस के सेवन को बढ़ाना चाहिए क्योंकि इनमें विटामिन सी होता है, जो आयरन के अवशोषण में सहायता करते हैं। खट्टे फल बच्चों को सुबह होने वाली कमजोरी को दूर करने में सहायक हो सकते हैं।

  8. यदि आप पहले से ही अपनी आहार योजना (डाइट प्लेन) बना लेती हैं, तो आपके लिए गर्भावस्था के दौरान काम करना आसान हो सकता है। जितना हो सके उतना घर का खाना ही खाएं और हमेशा अपने साथ घर के स्नैकों को रखें। खूब पानी पीएं और दिन में कुछ समय पैदल चलने की भी कोशिश करें।

इस लेख में उन चीजों के बारे में बताया गया है, जो गर्भावस्था के दौरान कुछ खाने की तीव्र इच्छा और भोजन करने के समय में आपको तरोताज़ा और स्वस्थ रखती  हैं।

 

 

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